Saturday, October 27, 2012

क्या होती है 4-जी तकनीक

4G क्या है और ये 3G तकनीक से कितना बेहतर है..?
-रामसिंह, इन्दौर
इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस यूनियन के मानकों के अनुसार वाइड एरिया वायरलेस वॉइस टेलीपोन, मोबाइल इंटरनेट एक्सेस, वीडियो कॉल्स और मोबाइल टीवी वगैरह तीसरी पीढ़ी में शामिल किए जाते हैं। इसे इंटरनेशनल मोबाइल टेलीकम्युनिकेशंस-2000 या आईएमटी-2000 भी कहते हैं। चौथी पीढ़ी यानी 4जी में सुविधाएं और बढ़ जाएंगी यानी मोबाइल अल्ट्रा ब्रॉडबैंड की स्पीड बढ़ेगी, हाई डेफिनीशन और थ्री डी टीवी, गेमिंग डिवाइस बेहतर हो जाएंगी। मोबाइल वायमैक्स 100 मेगाबिट्स प्रति सेकंड और फिक्स्ड लाइन में एक गीगाबाइट प्रति संकंड डेटाट्रांसफर हो सकेगा। इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस यूनियन ने 4जी के जो मानक तैयार किए हैं उन्हें आईएमटी एडवांस्ड (International Mobile Telecommunications Advanced ) कहते हैं।

फूलों में अलग अलग खुशबू और रंग कहां से आते हैं..? -अभय दुबे, जबलपुर

रासायनिक यौगिकों का एक गुण गंध भी है। फूलों में ही नहीं आप जीवन के प्रायः तमाम तत्वों में गंध पाते हैं। आपको भोजन, शराब, फलों, मसालों, सब्जियों वगैरह में गंध मिलती है। फूल देखने में ही सुन्दर नहीं होते उनमें खुशबू भी होती है। हालांकि सभी फूलों में खुशबू नहीं होती। कुछ फूल गंधहीन होते हैं और कुछ दुर्गंध भी देते हैं। गुलाब की खुशबू जेरनायल एसीटेट नामक रासायनिक यौगिक के कारण होती है। चमेली की खुशबू नेरोलायडॉल के कारण होती है।पुराने ज़माने में फूलों से ही इत्र बनता था। फूलों की मुख्य भूमिका प्रजनन में है। एक फूल से परागकण दूसरे में जाते हैं। इसमे हवा के अलावा मधुमक्खियों, तितलियों तथा इसी प्रकार के दूसरे प्राणियों की होती है। उन्हें आकर्षित करने में भी इनके रंग और सुगंध की भूमिका होती है।

आसमानी बिजली क्यों चमकती है.. क्या ये जितनी बार चमकती है.. उतनी बार गिरती है.. इसकी रफ्तार कितनी होती है..? -अंकिता गोयल, जयपुर

हवा, आर्द्रता, रगड़ और वायुमंडल के दवाब से बादलों के भीतर पॉज़ीटिव और निगेटिव चार्ज अलग हो जाते हैं। इससे इलेक्ट्रिकडिस्चार्ज होता है, जिसमें तेज चमक और गर्जन पैदा होता है। यह दो लाख 20 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है। दुनिया में हर रोज करीब एक करोड़ 60 लाख बार बिजली गिरती है।

भारत का संविधान कब पारित हुआ और कब से प्रभावी हुआ?
-विनोद शर्मा, सीकर 

हालांकि संविधान सभा ने 26 नवम्बर 1949 को संविधान के प्रूप को अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया था, पर यह तय किया गया कि इसे 26 जनवरी से लागू किया जाए क्योंकि 26 जनवरी 1930 के लाहौर कांग्रेस-अधिवेशन में पार्टी ने पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पास किया था और अध्यक्ष पं जवाहर लाल नेहरू ने अपने भाषण में इसकी माँग की थी। संविधान के नागरिकता, चुनाव और संसद जैसी व्यवस्थाएं तत्काल लागू हो गईं थीं। राष्ट्रीय संविधान सभा ने ध्वज 22 जुलाई 1947 को ही स्वीकार कर लिया था। और वह 15 अगस्त 1947 से औपचारिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज बन चुका था।

राजस्थान पत्रिका के 19 अगस्त 2012 के अंक में प्रकाशित नॉलेज कॉर्नर में 

Friday, October 26, 2012

मक्का शहर में अब्राज अल बेयत टावर्स दुनिया की सबसे बड़ी इमारत है


दुनिया की सबसे बड़ी इमारत कौन सी है?-लता शर्मा, लक्ष्मीनगर, दिल्ली 
सऊदी अरब के मक्का शहर में अब्राज अल बेयत टावर्स दुनिया की सबसे बड़ी इमारत है जिसमें तकरीबन 15 लाख वर्गमीटर एरिया है। यह इमारत ऊँचाई के लिहाज से दुनिया की दूसरी सबसे ऊँची इमारत है। 601 मीटर या 1972 फुट है। दुनिया की सबसे ऊँची इमारत है दुबई की बुर्ज खलीफा जो 828 मीटर ऊँची है।


कम्प्यूटर की ईज़ाद किसने की और कब?-सीमा सिन्हा, फरीदाबाद
कम्पयूटर वस्तुतः ऐसी मशीन है, जिसे प्रोग्राम किया जा सके और जो दी गई गणितीय तथा तार्किक क्रियाओं को क्रम से अपने आप करने में समर्थ हो। मशीन से हिसाब किताब कई सदियों पहले से होता रहा है, पर हम आज बिजली से चलने वाले जिस कम्प्यूटर से परिचित हैं, वह बीसवीं सदी की देन है। तब से अब तक यह साइज़ में छोटा काम में काफी तेज़ होता चला गया है। पहले इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कम्प्यूटर ब्रिटेन और अमेरिका में 1940 और 1945 के बीच विकसित किए। वे एक बड़े कमरे के आकार के थे,जो की कई सौ आधुनिक पर्सनल कम्प्यूटरों के बराबर बिजली खाते थे और काम आज के मामूली कम्प्यूटर से भी कम करते थे। संगणक (पीसी) के बराबर शक्ति की खपत करते थे। आपका सवाल है इसे किसने और कब ईज़ाद किया। इसका जवाब देने के पहले यह समझना ज़रूरी है कि आपका आशय किस कम्प्यूटर से है। अलबत्ता सन 1837 में गणित के एक ब्रिटिश प्रोफेसर चार्ल्स बैबेज ने एक एनैलिटिकल एंजिन का आइडिया दिया, जो स्टीम एंजिन से चलता और जो पंचकार्ड का इस्तेमाल करके मिकैनिकल करघों का काम प्रोग्राम्ड करता। पैसे की कमी से और कुछ दूसरे कारणों से यह मशीन नहीं बनी, जबकि सिद्धांततः वह बन सकती थी। सन 1939 में अमेरिका की आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी में जॉन वी एटेनासॉफ और क्लिफर्ड बैरी ने मिलकर एटेनासॉफ-बैरी कम्प्यूटर (एबीसी), जिसे पहला इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कम्प्यूटर कह सकते हैं। फिर भी सन 1943 में अमेरिका में बने इलेक्ट्रॉनिक न्यूमैरिकल इंटीग्रेटर एंड कम्प्यूटर यानी एनियैक को पहला इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कम्प्यूटर कह सकते हैं। तबसे विकास होता जा रहा है।

हमारे दादा कहते थे कि मुम्बई शहर दहेज में आया था। क्या यह सच है?-अभिषेक वासवानी, रजिन्दर नगर
मुम्बई या बॉम्बे का माहिम वाला इलाका तकरीबन एक हजार साल पहले बस गया था। 1348 में मुस्लिम सेनाओं ने इस द्वीप को जीत लिया और यह गुजरात राज्य का हिस्सा बन गया। इसके बाद पुर्तगालियों ने सन 1507 में इस इलाके को जीतने की कोशिश की, पर वह सफल नहीं हुई। लेकिन 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुरशाह ने यह द्वीप पुर्तग़ालियों को एक समझौते के तहत सौंप दिया। 1661 में इंग्लैंड के किंग चार्ल्स द्वितीय व पुर्तग़ाल के राजा की बहन कैथरीन आफ़ ब्रैगेंज़ा के विवाह के बाद यह एक तरह से पुर्तगालियों ने यह तोहफे के तौर पर अंग्रेजों को सौंप दिया। राजा ने इसे 1668 में ईस्ट इंडिया कम्पनी को सौंप दिया।



वो दो दिन कौन से होते हैं, जब दिन और रात बराबर होते हैं? –तबस्सुम हाशमी, जामियानगर
विषुव अंग्रेज़ी में इसे इक्विनॉक्स कहते हैं। यानी ऐसा समय-बिंदु, जिसमें दिन और रात बराबर। किसी इलाके में दिन और रात की लंबाई पर असर डालने वाली कई बातें होतीं हैं। धरती अपनी धुरी पर २३½° झुककर सूर्य के चक्कर लगाती है, इस प्रकार वर्ष में एक बार पृथ्वी इस स्थिति में होती है, जब वह सूर्य की ओर झुकी रहती है, व एक बार सूर्य से दूसरी ओर झुकी रहती है। इसी प्रकार वर्ष में दो बार ऐसी स्थिति भी आती है, जब पृथ्वी का झुकाव न सूर्य की ओर ही होता है, और न ही सूर्य से दूसरी ओर, बल्कि बीच में होता है। इसे इक्विनॉक्स कहा जाता है। इन दोनों तिथियों पर दिन और रात की बराबर लंबाई लगभग बराबर होती है। ऐसा भूमध्य रेखा पर होगा। आजकल ऐसा 20/21 मार्च और 22/23 सितम्बर को होता है। पर यह भी अलग-अलग अक्षांश यानी लैटीट्यूड पर अलग-अलग दिन होता है।

रेनबो डाइट क्या होती है?-इन्दु सैनी, मेहरौली
रेनबो डाइट का शाब्दिक अर्थ है इन्द्रधनुषी डाइट। यानी इन्द्रधनुष को रंगों का भोजन। व्यावहारिक मतलब है तरह-तरह के रंगों के फलों और सब्जियों का भोजन जो स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन होता है। फलों और सब्जियों के तमाम रंग होते हैं और हर रंग का अपना गुण होता है।

मैकमहोन लाइन क्या होती है?-कपिल गोसाईं, पानीपत 
मैकमहोन रेखा भारत और तिब्बत के बीच सीमा रेखा है। सन् 1914 में भारत की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार और तिब्बत के बीच शिमला समझौते के तहत यह रेखा तय की गई थी। 1914 के बाद कई साल तक इस रेखा को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ, पर 1937 में ओलफ केरो नामक एक अंग्रेज प्रशासनिक अधिकारी ने तत्कालीन अंग्रेज सरकार को इसे आधिकारिक तौर पर लागू करने का अनुरोध किया। 1937 में सर्वे ऑफ इंडिया के एक मानचित्र में मैकमहोन रेखा को आधिकारिक भारतीय सीमारेखा के रूप में पर दिखाया गया था। इस सीमारेखा का नाम सर हैनरी मैकमहोन के नाम पर रखा गया था, जिनकी इस समझौते में महत्त्वपूर्ण भूमिका थी। वे भारत की तत्कालीन अंग्रेज सरकार के विदेश सचिव थे।

महाभारत में अक्षय पात्र क्या था?-परिक्षित मेहता, गुड़गाँव
महाभारत मे अक्षय पात्र का जिक्र आता है| पांचों पांडव द्रौपदी के साथ बारह वर्षों के लिए वनवास जाते हैं। जंगल में प्रवास करते हुए सैकडों साधु-संत और धर्मात्मा पुरूष उनके साथ हो जाते हैं। वे छ: प्राणी अकेले भोजन कैसे करें, और उन सैकडों हजारों के लिए भोजन कहां से आए? पुरोहित धौम्य उन्हें सूर्य की आराधना करने के लिए सूरज के 108 नाम देकर कहते हैं- युधिष्ठिर इन नामों का जाप करते हैं। युधिष्ठिर बडी आस्था से जाप करते हैं। सूर्य प्रसन्न होकर पूजा अर्चना के पीछे युधिष्ठिर की इच्छा जानना चाहते हैं। युधिष्ठिर हजारों लोगों को भोजन कराने की अपनी असमर्थता व्यक्त करते हैं। वे सूर्य देवता से अन्न की अपेक्षा रखते हैं। उन्हें खिलाने के साधन मांगते हैं। सूर्यदेव एक ताम्बे का पात्र देकर उन्हें कहते हैं- "युधिष्ठिर! तुम्हारी कामना पूर्ण हो। मैं बारह वर्ष तक तुम्हें अन्नदान करूंगा। यह ताम्बे का बर्तन मैं तुम्हें देता हूं। तुम्हारे पास फल, फूल, शाक आदि चार प्रकार की भोजन सामग्रियां तब तक अक्षय रहेंगीं, जब तक द्रौपदी परोसती रहेगी।" ताम्बे का वह अक्षय पात्र लेकर युधिष्ठिर धन्य हुए। कथा के अनुसार द्रौपदी हजारों लोगों को परोस कर ही भोजन ग्रहण करती थी, जब तक वह भोजन ग्रहण नहीं करती, पात्र से भोजन समाप्त नहीं होता था।

नोबेल प्राइंज़ की शुरूआत किसने की और यह किन श्रेणियों में दिया जाता है?-अख्तर, निजामुद्दीन वेस्ट 
नोबेल पुरस्कार की स्थापना स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड बर्नाड (बर्नहार्ड) नोबेल की याद में 1901 में की गई थी। उनका जन्म 1833 ई. में स्वीडन के शहर स्टॉकहोम में हुआ था। उन्होंने 1866 में डाइनामाइट की खोज की। स्वीडिश लोगों को 1896 में उनकी मृत्यु के बाद ही पुरस्कारों के बारे में पता चला, जब उन्होंने उनकी वसीयत पढ़ी, जिसमें उन्होंने अपने धन से मिलने वाली सारी वार्षिक आय पुरस्कारों की मदद करने में दान कर दी थी। अपनी वसीयत में उन्होंने आदेश दिया था कि "सबसे योग्य व्यक्ति चाहे वह स्केडीनेवियन हो या ना हो पुरस्कार प्राप्त करेगा।" उनके द्वारा छोड़े गए धन पर मिलने वाला ब्याज उन व्यक्तियों के बीच वार्षिक रूप से बाँटा जाता है। शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान करने वालों को हर साल यह पुरस्कार दिया जाता है। पहले नोबेल पुरस्कार पाँच विषयों में कार्य करने के लिए दिए जाते थे। अर्थशास्त्र के लिए पुरस्कार स्वेरिजेश रिक्स बैंक, स्वीडिश बैंक द्वारा अपनी 300वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में 1967 में आरम्भ किया गया और इसे 1969 में पहली बार प्रदान किया गया। इसे अर्थशास्त्र में नोबेल स्मृति पुरस्कार भी कहा जाता है।

दुनिया में सात अजूबे हैं कि आठ? नाम बताएं।–अमित भाटिया, मेरठ, यूपी 
1.गीज़ा का विशाल पिरामिड (मिस्र), 2.बेबीलोन के झूलते बागीचे (इराक), 3.सिकन्दरिया का प्रकाश स्तम्भ (मिस्र), 4.ओलम्पिया में जियस की मूर्ति (यूनान), 5 हैलिकारनेसस का मकबरा (तुर्की), 6.आर्तिमिस का मंदिर (तुर्की), 7. रोड्‌स के कोलोसस की मूर्ति (यूनान)।

दुनिया में सबसे पहली किताब किसने लिखी?-फिरदौस कामिल, नजीबाबाद 
फिरदौस साहब यह कहना मुश्किल है कि दुनिया की पहली किताब किसने लिकी, क्योंकि हमारे पास जानकारी का जो ज़रिया है वह ऐतिहासिक जानकारी है। अलबत्ता बुल्गारिया के नेशनल म्यूज़ियम ऑफ हिस्ट्री में सोने के पन्नों पर लिखी एक किताब रखी है जो तकरीबन ढाई हजार साल पुरानी है। पर किताबें इसके काफी पहले लिखी गईं होंगी। पेड़ की छालों, पत्तों, मिट्टी की पट्टियों और पत्थरों पर भी। भारत में किताबें याद की गईं। जैसे ऋग्वेद और महाभारत जैसी किताबों सैकड़ों साल तक मुँह-ज़बानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को हस्तांतरित होती रहीं। इंसान ने लिखना सभ्यताओं के पहले शुरू कर दिया था।

पूरे विश्व में कितने देश हैं?- मुहम्मद असलम, बलजीत नगर नई दिल्ली 
दुनिया के पूर्ण सम्प्रभुता सम्पन्न देशों की संख्या 194 है। इनमें से 192 संयुक्त राष्ट्र-सदस्य हैं। वैटिकन सिटी को सम्प्रभुता सम्पन्न राज्य की मान्य परिभाषाओं में रखा जा सकता है, पर वह संयुक्त राष्ट्र का सदस्य नहीं केवल स्थायी पर्यवेक्षक है। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के अलावा कुछ राजव्यवस्थाएं और हैं, जिन्हें पूर्ण देश नहीं कहा जा सकता । उनके नाम हैं अबखाजिया, कोसोवो, नागोर्नो–कारबाख, उत्तरी सायप्रस, फलस्तीन, सहरावी गणराज्य, सोमालीलैंड, दक्षिण ओसेतिया, ताइवान, और ट्रांसनिस्ट्रिया। इनकी संख्या 12 है। ये देश किसी न किसी वजह से राष्ट्रसंघ के पूर्ण सदस्य नहीं हैं। हाल में अफ्रीका में एक नए देश का जन्म हुआ है, जिसका नाम है दक्षिणी सूडान। लम्बे अर्से से गृहयुद्ध के शिकार सूडान में पिछले साल जनवरी में एक जनमत संग्रह हुआ, जिसमें जनता ने नया देश बनाने का निश्चय किया है। यह फैसला देश के सभी पक्षों ने मिलकर किया है। नए देश ने 9 जुलाई 2011 को औपचारिक ऱूप से जन्म लिया। यह भी संयुक्त राष्ट्र सदस्य है।
एफएमगोल्ड के कार्यक्रम बारिश सवालों की में शामिल



Wednesday, October 24, 2012

पुलिस का नम्बर 100 क्यों है?


कभी किसी रिमोट एरिया में फंस जाने पर सही दिशा का पता कैसे चलेगा..अमित वर्मा, इन्दौर
दिन में आप सूरज के निकलने और पश्चिम की ओर जाने से दिशा का पता लगा सकते हैं। रात में आप ध्रुव तारे के आधार पर उत्तर दिशा का ज्ञान कर सकते हैं। इसके अलावा एक तरीका यह है कि जमीन पर एक लकड़ी गाड़कर उसके सबसे आगे वाली नोंक को किसी सितारे की सीध में कर दें। फिर इंतजार करें। थोड़ी देर बाद वह तारा लकड़ी की सीध में नहीं रहेगा। यदि वह लकड़ी के ऊपर चला गया है तो आप पूर्व की ओर मुँह करके खड़े हैं। यदि तारा नीचे चला गया है तो आप पश्चिम की ओर मुँह करके खड़े हैं।
पुलिस का नम्बर 100 क्यों है? क्या हर देश में पुलिस का यही नम्बर होता है?-रोहन श्रीवास्तव, भोपाल
इसे आपतकालीन सहायता नम्बर कहते हैं। आमतौर पर यह ऐसा नम्बर होता है जो आसानी से याद रहे। भारत में पुलिस कंट्रोल रूम का नम्बर 100 होता है। यूरोप के तमाम देशों में यह 112 है। इंग्लैंड में 999 और अमेरिका तथा कनाडा में 911। पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी 999 है। जापान, चीन और इंडोनेशिया में 110, पाकिस्तान में 15, श्रीलंका में 118 और 119। 

यूटोपिया किसे कहते हैं?
अंकिता खंडेलवाल, जयपुर
यूटोपिया का शाब्दिक अर्थ है कल्पनालोक या ऐसा संसार जो कल्पना में सम्भव है। इसका अर्थ आदर्श समाज, देश या ऐसी काल्पनिक व्यवस्था है जो हर लिहाज से अच्छी है। यह ग्रीक शब्द यू यानी नहीं और टोपिया यानी स्थान से बना है। यानी ऐसी जगह जो है नहीं। अंग्रेजी में इसे यू से लिखते हैं, पर इसे ईयू से शुरू करें तो इयूटोपिया का मतलब होगा अच्छी जगह। बहरहाल दुनिया के उन दार्शनिकों ने ऐसे संसार की कल्पना की है जहाँ शेर और बकरी एक घाट पर पानी पीते हैं तो उसे यूटोपिया कहा जाता है। 
बंद कमरे में रेफ्रिजरेट का दरवाजा कुछ समय के लिए खुला छोड़ देने पर कमरा थोड़ा गर्म हो जाता है। ऐसा क्यों?
-दिव्यांशु, जबलपुर
दरअसल रेफ्रिजरेटर बाहर से हवा अंदर ले जाता है। ऐसा करते हुए वह हवा से गर्मी को सोख लेता है। इस गर्मी को भी कहीं न कहीं जाना होता है। आपने देखा होगा कि रेफ्रिजरेटर का पिछला हिस्सा गर्म होता है। जब आप रेफ्रिजरेटर का दरवाजा खुला छोड़ देंगे तो उसकाकम्पेशर ज्यादा चलेगा जिससे और ज्यादा गर्मी पैदा होगी। 
राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में 5 अगस्त. 2012 को प्रकाशित

अब तक का सबसे लम्बा इनसान


दुनिया में अब तक कोई आदमी कितना लम्बा हुआ है। यदि वह जीवित है तो
उसके बारे में बताएं।
विजय नारंग या नन्हे पहलवान, बाज़ार सीताराम, दिल्ली
हालांकि पुराने ज़माने के रिकॉर्ड तो पास में नहीं हैं, पर गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अनुसार अब तक का सबसे लम्बे पुरुष अमेरिका के रॉबर्ट बैडलो थे, जिनकी लम्बाई 8 फुट 11 इंच थी। इनका जन्म 1918 में हुआ था और केवल 22 साल की म्रे 1940 में इनका निधन हो गया था।


बॉलीवुड शब्द कब अस्तित्व में आया? इसे किसने शुरू किया?
सत प्रकाश संथोलिया, रोहिणी, दिल्ली
बॉलीवुड में बॉ अक्षर बॉम्बे से लिया गया है, जो एक ज़माने में मुम्बई का नाम होता था। और हॉलीवुड से हॉ हटाकर बॉलीवुड बना लिया गया। यह शब्द सत्तर के दशक से इस्तेमाल हो रहा है, पर इसे लोकप्रियता नब्बे के दशक में मिली जब हमारे देश ने बाहर देखना शुरू किया। तब तक हम हिन्दी सिनेमा का प्रयोग ही करते थे। पिछले साल सलमान खान ने ट्वीट किया था कि मुझे बॉलीवुड शब्द पसंद नहीं। अमिताभ बच्चन भी इसके कायल नहीं। पर यह चल रहा है। यह भी सच है कि कोलकाता के बांग्ला सिनेमा को 1932 के आसपास टॉलीवुड कहना शुरू कर दिया गया था। उसकी वजह थी टॉलीगंज जहाँ ज्यादातर स्टूडियो थे।

हुज़ूर रफी साहब ने किस फिल्म में एक्टिंग की? नाम बताएं।
स्काई, नई दिल्ली
मोहम्मद रफी साहब ने दो फिल्मों में एक्टिंग भी की। पहली फिल्म थी 1945 में बनी लैला मजनू जिसके गीत तेरा जलवा जिसने देखा में उन्होंने अभिनय किया। इसके बाद सन 1947 में बनी फिल्म जुगनू में भी उन्होंने एक्टिंग की।

पहले ग्रामोफोन रिकॉर्ड चकली की तरह घूमते थे। उनमें से आवाज़ कैसे निकलती थी, ज़रा बताएं।
सईद अब्बासी, बुलंदशहर, उप्र
ग्रामोफोन आवाज़ पैदा करने वाला यंत्र हैजो सूई के दोलन या ऑसीलेशन को हवा में संचारित कर ध्वनि उत्पन्न करता है। सूई एक घूमते हुए रिकार्ड में बने घुमावदार खाँचे के संपर्क में होती है। यूनानी भाषा में "ग्रामो" का अर्थ है अक्षर और "फोन" का अर्थ है ध्वनि। इस तकनीक में आवाज़ को रिकॉर्ड करने और फिर उसे सुनने के लिए चकली का इस्तेमाल होता है। सबसे पहले लियन स्काट नाम के फ्रांसीसी सज्जन ने सन् 1857 में एक ऐसे यंत्रफोनाटोग्राफका आविष्कार किया जिसके द्वारा आवाज़ की तरंगों को कागज़ पर रेखाओं के रूप में दर्ज किया जा सकता था। पर आवाज़ को रिकॉर्ड करके दुबारा सुनानो लायक यंत्र बनाया टॉमस अल्वा एडिसन ने सन् 1876 में। एडिसन ने अपने यंत्र को फोनोग्राफ नाम दिया। धीरे-धीरे मोम के बेलन पर आवाज़ को दर्ज किया जाने लगा। ताँबे, निकल और दूसरे धातुओं से रिकॉर्ड बनाए गए। उनमें भी कुछ कमियाँ थीं। इन कमियों में से कुछ को दूरकर एमाइल बर्लिनर ने सन् 1887 में एक यंत्र बनायाजिसे ग्रामोफोन नाम दिया।

आईएमई का फुलफॉर्म क्या है?
कमलेश स्वामी, नन्दग्राम, उत्तर प्रदेश
आपका आशय मोबाइल टेलीफोन के आईएमई से है जिसका फुल फॉर्म है International Magnetospheric Explorer.

सभी महानुभावों को शुभ नमन। कृपया बताएं कि ये हॉर्स पावर की पावर को किसी और जानवर, पक्षी या जीव की तुलना क्यों नहीं की जाती?
कुलदीप मल्होत्रा, ओम विहार, दिल्ली
हॉर्स पावर शक्ति की एक माप है। बिजली के मामले में आमतौर पर 746 वॉट को एक हॉर्स पावर मानते हैं। अठारहवीं सदी में स्कॉटिश इंजीनियर जेम्स वॉट ने स्टीम इंजन की तुलना माल ढोने वाले घोड़े या ड्राफ्ट हॉर्स से की तो यह चलन शुरू हुआ। इसके बाद टर्बाइन और इलेक्ट्रिक मोटर के इंजनों से इसकी तुलना शुरू हो गई। आप समझ गए होंगे कि घोड़े का इस्तेमाल उसकी भार वहन क्षमता के कारण था।
  
प्रियंका चोपड़ा की पहली फिल्म और आने वाली फिल्म का नाम बता दीजिए। 
मनोहर लाल गांधी, चाणक्य चौक, गाज़ियाबाद
प्रियंका चोपड़ा की पहली फिल्म तमिल में थी। सन 2002 में बनी इस फिल्म का नाम था तमिषन। उनकी फहली हिन्दी फिल्म थी 2003 में बनी हीरो। आने वाली फिल्मों में तो एक है दीवाना मैं दीवाना। इसके बाद अगले साल कृष3, ज़ंजीर और मिलन टॉकीज़ आएंगी।


Tuesday, October 23, 2012

गालों में गड्ढे फेशियल मसल्स की डिफॉर्मिटी है

मुस्कराते समय कुछ लोगों के गालों में गड्ढे क्यों पड़ते हैं? सभी के क्यों नहीं?
मनोहर लाल गांधी, गाज़ियाबाद
गालों के गड्ढे फेशियल मसल्स की डिफॉर्मिटी है। कोई कमी रह जाती है गाल की मसल में कि गड्ढा बन जाता है, पर हम इसे सौन्दर्य के रूप में देखते हैं। सभी के इसलिए नहीं पड़ते क्योंकि कुदरत ने सबके गाल जैसे बनाने चाहे वैसे ही बने। कही-कहीं उससे गलती हो गई।

दिल्ली भारत की राजधानी कब बनी और इसका नाम कैसे पड़ा?
मुहम्मद वायेस, किला कदम शरीफ, नबी करीम, नई दिल्ली
दिसम्बर 1911 में दिल्ली में इंग्लैंड के सम्राट जॉर्ज पंचम का दरबार हुआ। कुछ महीने पहले उसी साल इंग्लैंड में वे राजगद्दी पर बैठे थे। दिल्ली दरबार के साथ ही देश की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली लाने की घोषणा की गई। 15 दिसम्बर 1911 को राजधानी बनाने की आधार शिला रखी गई। सर एडविन लुट्यंस और सर हरबर्ट बेकर दो विश्व प्रसिद्ध आर्किटेक्ट्स ने इसकी योजना बनाई। सन 1927 में इस नए इलाके का नाम नई दिल्ली रखा गया और 13 फरवरी 1931 में नई दिल्ली के नए निर्माण कार्यों का उद्घाटन वायसरॉय लॉर्ड इरविन ने किया।  
दिल्ली का नाम कैसे पड़ा इस बारे में कईं तरह की कहानियाँ हैं। ज्यादातर इतिहासकारों का मानना है कि वर्ष 50 ईसा पूर्व (BC) में मौर्य राजा हुआ करते थे धिल्लु या दिलु। उन्होंने इस शहर का निर्माण किया और इसका नाम दिल्ली पड़ गया। कुछ कहते हैं कि तोमरवंश के राजा ने इस जगह का नाम "ढीली" रखा क्योंकि राजा धव का बनाया हुआ लोहे का खम्बा कमजोर था और उसको बदला गया। यही "ढीली" शब्द बाद में बदल का दिल्ली हो गया। तोमरवंश  के दौरान जिन सिक्कों की परम्परा थी उन्हें "देहलीवाल" कहा करते थे। तो कुछ जानकार दिल्ली को "दहलीज़" का अपभ्रंश मानते हैं। क्योंकि गंगा की शुरुआत इसी "दहलीज़" से होती है यानी दिल्ली के बाद होती है। कुछ का मानना है कि दिल्ली का नाम पहले धिल्लिका था।कुछ इतिहासकारों का यह मानना है कि यह देहली का एक विकृत रूप है, जिसका हिन्दुस्तानी में अर्थ होता है 'चौखट',जो कि इस नगर के सम्भवतः सिन्धु-गंगा समभूमि के प्रवेश-द्वार होने का सूचक है।

दुनिया की सबसे गर्म जगह कौन सी है?
इदरीस सैफी, मुल्ला हीरा गाँव, दिल्ली
डल्लोल शहर
                                     
उत्तरी इथोपिया का डल्लोल शहर दुनिया का सबसे गर्म आबाद स्थान माना जाता है। यहाँ 1960 से 1966 के बीच औसत दैनिक तापमान 34.4 डिग्री सैल्शियस दर्ज कया गया। इस दौरान औसत अधिकतम तापमान 41 डिग्री और किसी-कसी दिन 55 डिग्री से ऊपर चला जाता है। इस शहर के पास मशहूर डल्लोल ज्वालामुखी है। अमेरिका की डैथवैली में 1913 में तापमान 56.7 डिग्री दर्ज किया गया। डेनमार्क के अधीन ग्रीनलैंड प्रायः हर समय बर्फ की चादर से ढका रहता है इसलिए सबसे ठंडा इलाका कह सकते हैं। अलबत्ता कनाडा और रूस दूसरे और तीसरे नम्बर के देश कहे जा सकते हैं जहाँ -5 और -6 डिग्री औसत तापमान होता है।  दुनिया की सबसे ठंडी जगह यों तो अंटार्कटिक में रिज ए मानी जाती है। वहाँ का न्यूनतम तापमान -90 डिग्री सेल्शियस से भी नीचे चला जाता होगा। यह अनुमान है, क्योंकि इस 15000 मीटर ऊँची पहाड़ी पर मनुष्य के पैर आजतक नहीं पड़े हैं। अंटार्कटिक में ही रूस के स्टेशन वोस्तोक में -89.2 डिग्री सेल्शियस तक दर्ज किया गया है। रूस के साखा गणराज्य के गाँव ओमायाकोन को दुनिया का सबसे ठंडा आबाद क्षेत्र माना जाता है। आर्कटिक के पास के इस इलाके में जनवरी में तापमान -50 से -65 डिग्री के बीच रहता है। यों 6 फरबरी 1933 को यहाँ का तापमान -69.2 दर्ज किया गया था, जो दुनिया के किसी भी बसे हुए क्षेत्र का न्यूनतम दर्ज तापमान है।

केबीसी में कैसे हिस्सा लें प्लीज़ बताएं।
रोशन लाल, रोहिणी, दिल्ली
इसके लिए केबीसी देखें और जैसा अमिताभ बच्चन बताएं वैसा करें।

रफी साहब का लास्ट गाना कौन सा था?
सुहेल, कस्बा-औरंगाबाद यूपी
मुहम्मद रफी का आखिरी गीत था फिल्म आस-पास का शाम फिर क्यों उदास है दोस्त। 31 जुलाई 1980 की रात को दिल का दौरा पड़ने से रफी साहब का निधन हुआ। उसके कुछ घंटे पहले ही लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इस गीत को रिकॉर्ड कराया था।

प्रेम चोपड़ा की पहली फिल्म कौन सी थी?
प्रेम चोपड़ा की पहली फिल्म सन 1962 में बनी पंजाबी की चौधरी करनैल सिंह थी। इसके बाद उन्हें कँवारी, डोली और मैं शादी करने चला में कुछ छोटे रोल मिले। पर जब तीसरी मंज़िल और वोह कौन थी में उन्होंने विलेन की भूमिका की तब उनका नाम सामने आया।

हुज़ूर आप बताएं कि ये जो ब्रेक का चलन कब से शुरू हुआ?
स्काई, नई दिल्ली
रेडियो और टीवी पर विज्ञापन चालीस के दशक के आखिरी दिनों में अमेरिकी प्रसारण माध्यमों से शुरू हुए थे। शुरू में इन्हें बम्पर कहा जाता था। अब आप इन्हें ब्रेक कहते हैं।

भूरे इंसान को दिन में कम क्यों दिखाई देता है? क्या वह अपनी आँखें दान कर सकता है?
मुहम्मद सईद अब्बासी, बुलंदशहर उप्र
विटिलाइगो त्वचा का रोग है। इसमें रंग बनाने वाली कोशिकाएं जिन्हें मेलानोसाइट्स कहा जाता है, नष्ट हो जाती हैं। कई बार इसका असर आँख तक होता है। इससे रेटिना के आसपास तक पिंगमेंटेशन प्रभावित होता है। पर इससे आँख की रोशनी कम होती है यह नहीं कहा जा सकता। ऐसी आँख दान करने में भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए। पर किसी भी व्यक्ति की स्थिति को देखने के बाद ही कोई बात कही जा सकती है।

दुनिया में सबसे पहला मनुष्य कौन और कहाँ हुआ?
कन्हैया खत्री, शिकारनगर, इन्दौर
चूंकि हमारे पास उसका बर्थ सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं है इसलिए उसका नाम बताने की स्थिति में हम नहीं हैं, पर इतना ज़रूर है कि सन 1967 में इथोपिया के किबिश नामक स्थान पर एक लाख तीस हजार साल पुराने मनुष्ट की हड्डियाँ मिली थीं। उसके कुछ साल बाद उसी इलाके में एक लाख साठ साल पुरानी हड्डियाँ मिलीं। और अब माना जाता है कि तकरीबन दो लाख साल पहले अफ्रीका में होमो सीपियंस यानी मनुष्य के पूर्वज रहते थे। अभी यह निश्च्त रूप से नहीं कहा जा सकता कि वे सबसे पहले अफ्रीका में ही जन्मे। दुनिया के दूसरे इलाकों में भी ऐसी हड्डियाँ मिलीं हैं।
  
क्रिकेट में एलबीडब्ल्यू की फुल फॉर्म क्या है?
श्रवण प्रजापति, गांधी नगर, दिल्ली
लेग बिफोर विकेट।

महात्मा गांधी के बेटे थे या नहीं? थे तो उनके नाम क्या थे?
निर्मल, वैशाली, गाजियाबाद
गांधी जी के चार बेटे थे। हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास गांधी। एक शिशु का बचपन में निधन हो गया था।

सभी हस्तियों को प्रणाम और शीश नमन। उल्का पिंड क्या होते हैं और ये धरती पर कब गिरते हैं?
दीपक मलहोत्रा, ओम विहार, दिल्ली
हमारे सौरमंडल में बड़े पिंडों के अलावा बड़ी तादाद में छोटे पिंड भी मौज़ूद दैं। आकाश में कभी-कभी एक ओर से दूसरी ओर अत्यंत वेग से जाते हुए अथवा पृथ्वी पर गिरते हुए जो पिंड दिखाई देते हैं उन्हें उल्का (meteor) और साधारण बोलचाल में 'टूटते हुए तारेकहते हैं । धरती के वायुमंडल की रगड़ से ये यों भी नहीं बचते पर कई बार छोटे पत्थर के टुकड़े के रूप में ये धरती तक आ जाते हैं। उल्काओं का जो अंश वायुमंडल में जलने से बचकर पृथ्वी तक पहुँचता है उसे उल्कापिंड (meteorite) कहते हैं। प्राय: प्रत्येक रात्रि को उल्काएँ अनगिनत संख्या में देखी जा सकती हैं, किंतु इनमें से पृथ्वी पर गिरनेवाले पिंडों की संख्या अत्यंत अल्प होती है। वैज्ञानिक दृष्टि से इनका महत्व बहुत अधिक है क्योंकि एक तो ये अति दुर्लभ होते हैं, दूसरे आकाश में विचरते हुए विभिन्न ग्रहों इत्यादि के संगठन और संरचना (स्ट्रक्चर) के ज्ञान के प्रत्यक्ष स्रोत केवल ये ही पिंड हैं। इनके अध्ययन से हमें यह भी बोध होता है कि भूमंडलीय वातावरण में आकाश से आए हुए पदार्थ पर क्या-क्या प्रतिक्रियाएँ होती हैं। इस प्रकार ये पिंड ब्रह्माण्डविद्या और भूविज्ञान के बीच संपर्क स्थापित करते हैं।

राष्ट्रपति भवन कब बना था?
गुर बचन सिंह हनी, सदर बाज़ार, दिल्ली
नई दिल्ली को राजधानी बनाने का फैसला 1911 में होने के बाद नए निर्माण कार्य शुरू हुए। नए वायसरॉय भवन का काम सन1912 में शुरू हुआ और वह 1929 में बनकर तैयार हुआ।यही वायसरॉय भवन 1947 के बाद राष्ट्रपति भवन कहलाया।

Monday, October 22, 2012

हेलीकॉप्टर के रोटर और हवाई जहाज़ के प्रोपैपलर का काम एक सा नहीं होता


 हेलीकॉप्टर की पंखड़ी ऊपर होती है और हवाई जहाज़ की सामने, जबकि दोनों एक ही काम करते हैं। ऐसा क्यों?-मुहम्मद सईद अब्बासी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश
दोनों हवा में उड़ने का काम करे हैं, पर दोनों के सिद्धांत अलग होते हैं। हैलीकॉप्टर के पंखे रोटर कहलाते हैं जो घूमते हैं। हवाई जहाज के पंख बाईं और दाईं ओर होते हैं और स्थिर रहते हैं। घूमते नहीं हैं। हवाई जहाज अपने पंखों के सहारे हवा में तैरता है और उसके इंजन उसे आगे ले जाते हैं। हलीकॉप्टर के रोटर उसे ऊपर उठाने और आगे पीठे ले जाने का काम भी करते हैं। हैलीकॉप्टर आगे-पीठे और दाएं बाएं जा सकता है। एक जगह रुका भी रह सकता है। हवाई जहाज ऐसा नहीं कर सकता है। वह सीधा चलता है और उसे दाएं या बाएं जाने के लिए घूमना पड़ता है। उसके सामने लगे प्रोपैपलर ब्लेड उसे आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। हवाई जहाज का इंजन हवा खींचकर उसे पीछे की ओर फेंकता है तो वह आगे बढ़ता। पंखों पर हवा के दबाव से वह ऊपर उठता है।

हमारे देश से जुड़े पड़ोसी मुल्क कितने हैं?-मनोहर लाल गांधी, गाज़ियाबाद
चीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव। श्रीलंका और मालदीव पड़ोसी हैं, जमीन से जुड़े नहीं हैं।

कृपया बताएं स्वर्गीय दारा सिंह साहेब ने किसी ओलिम्पिक स्पर्धा में भाग लिया और कोई पदक भी हासिल किया?-कुलदीप मलहोत्रा, ओम विहार, दिल्ली
नहीं उन्होंने किसी ओलिम्पिक प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया। दरअसल उन्होंने शुरूआत से ही अमेरिकी फ्रीस्टाइल शैली को अपनाया, जो पेशवर शैली थी। यानी वे कुश्ती से पैसा प्राप्त करते थे। उन दिनों ओलिम्पिक खेलों में वही खिलाड़ी भाग लेते थे, जो शौकिया खेलते थे। व्यावसायिक खिलाड़ियों को हाल में ही जगह मिली है।

गायक मुकेश ने पहला गाना कौन सी फिल्म में गाया था?-प्रेम गुरु, बाज़ार सीताराम, दिल्ली
मुकेश ने पहला गीत फिल्म निर्दोष में गाया जो 1941 में बनी थी। इस फिल्म  उन्होंने अभिनय भी किया था। फिलम् के संगीतकार थे अशोक घोष। गीत था दिल ही हो बुझा हुआ हो तो..। इस गीत को लिखा था नीलकंठ तिवारी ने।

पूरे विश्व में कितने देश हैं?- मुहम्मद असलम, बलजीत नगर नई दिल्ली
दुनिया के पूर्ण सम्प्रभुता सम्पन्न देशों की संख्या 194 है। इनमें से 192 संयुक्त राष्ट्र-सदस्य हैं। वैटिकन सिटी को सम्प्रभुता सम्पन्न राज्य की मान्य परिभाषाओं में रखा जा सकता है, पर वह संयुक्त राष्ट्र का सदस्य नहीं केवल स्थायी पर्यवेक्षक है। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के अलावा कुछ राजव्यवस्थाएं और हैं, जिन्हें पूर्ण देश नहीं कहा जा सकता । उनके नाम हैं अबखाजिया, कोसोवो, नागोर्नोकारबाख, उत्तरी सायप्रस, फलस्तीन, सहरावी गणराज्य, सोमालीलैंड, दक्षिण ओसेतिया, ताइवान, और ट्रांसनिस्ट्रिया। इनकी संख्या 12 है। ये देश किसी न किसी वजह से राष्ट्रसंघ के पूर्ण सदस्य नहीं हैं। हाल में अफ्रीका में एक नए देश का जन्म हुआ है, जिसका नाम है दक्षिणी सूडान। लम्बे अर्से से गृहयुद्ध के शिकार सूडान में पिछले साल जनवरी में एक जनमत संग्रह हुआ, जिसमें जनता ने नया देश बनाने का निश्चय किया है। यह फैसला देश के सभी पक्षों ने मिलकर किया है। नए देश ने 9 जुलाई 2011 को औपचारिक ऱूप से जन्म लिया। यह भी संयुक्त राष्ट्र सदस्य है।

सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नाम बताएं-मनीष कुमार बैलस्टर, मदनपुर खादर, दिल्ली
1.आंध्र प्रदेश-एन किरन कुमार रेड्डी, 2.अरुणाचल प्रदेश-नाबम तुकी, 3.असम-तरुण गोगोई, 4.बिहार-नीतीश कुमार, 5.छत्तीसगढ़-रमन सिंह, 6.दिल्ली-श्रीमती शीला दीक्षित, 7. गोवा-मनोहर पर्रिकर, 8.गुजरात-नरेन्द्र मोदी, 9.हरियाणा-भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, 10.हिमाचल प्रदेश-प्रेम कुमार धूमल, 11.जम्मू-कश्मीर-उमर अब्दुल्ला, 12.झारखंड-अर्जुन मुंडा, 13.कर्नाटक-जगदीश शेट्टार, 14.केरल-ऊमन चैंडी, 15.मध्य प्रदेश-शिवराज सिंह चौहान, 16.महाराष्ट्र-पृथ्वीराज चह्वाण, 17.मणिपुर-ओक्रम इबोबी सिंह, 18.मेघालय-मुकुल संगमा, 19.मिज़ोरम-लल थनहवला, 20.नगालैंड-नीफ्जु रियो, 21.उड़ीसा-नवीन पटनायक, 22.पुदुच्चेरी-एन रंगास्वामी, 23.पंजाब-प्रकाश सिंह बादल, 24.राजस्थान-अशोक गहलत, 25.सिक्किम-पवन कुमार चमलिंग, 26.तमिलनाडु-जे जयललिता, 27.त्रिपुरा-मनिक सरकार, 28.उत्तराखंड-विजय बहुगुणा, 29.उत्तर प्रदेश-अखिलेश कुमार, 30.पश्चिम बंगाल-ममता बनर्जी

दिल्ली के पिनकोड किस तरह तरह बनाए बनाए गए हैं?-रीना, चाँदनी चौक, दिल्ली
पिनकोड यानी पोस्टल इंडेक्स नम्बर भारतीय डाकव्यवस्था के वितरण के लिए बनाया गया नम्बर है। छह संख्याओं के इस कोड में सबसे पहला नम्बर क्षेत्रीय नम्बर है। पूरे देश को आठ क्षेत्रीय और नवें फंक्शनल जोन में बाँटा गया है। इसमे दूसरा नम्बर उप क्षेत्र का नम्बर है। तीसरा नम्बर सॉर्टिंग डिस्ट्रिक्ट का नम्बर है। अंतिम तीन संख्याएं सम्बद्ध डाकघरों से जुड़ी हैं। दिल्ली को शुरूआती नम्बर मिला है 11। 12 और 13 नम्बर हरियाणा को मिले हैं, 14, 15 नम्बर पंजाब को इसी तरह 20 से 28 नम्बर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिले हैं। दिल्ली के आठ जिलों के पिनकोड भौगोलिक स्थित के अनुसार बाँटे गए हैं। नई दिल्ली के कनॉट प्लेट, बंगाली मार्केट के आसापास के इलाकों के नम्बर 110001 से शुरू होते हैं, मिंटो रोड, अजमेरी गेट और दरियागंज वगैरह का नम्बर है 110002, इसके बाद लोदी रोड, सफदरगंज एयरपोर्ट और पंडारा रोड वगैरह का नम्बर है 110003। अंत में यमुना पार इलाके में मयूर विहार के फेज़ 1 में 110091 से होता हुआ गाज़ीपुर, मयूर विहार फेज़ 3 और वसुन्धरा एन्क्लेव में यह 110096 हो जाता है। 

गारंटी शब्द की हिन्दी बताएं।–हबीब अहमद, कबीर नगर, दिल्ली
गारंटी का मतलब है ज़मानत लेना, जिम्मा लेना, वादा करना , निश्चिंत करना

प्रकाश की गति क्या होती है?-अनिल, रमेश नगर, दिल्ली
वैक्यूम या शून्य में प्रकाश की गति 2 लाख 99 हजार 792.458 किलोमीटर प्रति सेकंड होती है।

सवाई माधो सिंह महाराज में सवाई क्यों कहा गया?-अनु, मुम्बई
सवाई आदरसूचक शब्द है। इसका मतलब है सवा यानी सामान्य व्यक्ति से सवा गुना बेहतर। राजस्थान में राजाओं के नाम के पहले सवा लगाने की परम्परा है।

क्या रेलगाड़ी के इंजन में टॉयलेट होते हैं?
भारतीय रेलवे के इंजनों में अभी तक टॉयलेट नहीं होते हैं। पर अब अमेरिकन कम्पनी इलेक्ट्रोमोटिव डीजल और भारतीय रेलवे के अनुसंधान, विकास एवं अभिकल्प संस्थान आरडीएसओ ने मिलकर डब्ल्यूडीजी 5 नाम से जो इंजन तैयार किया है उसमें एयरकंडीशनिंग और टॉयलेट की सुविधाएं हैं जो इंजन चलाने वालों की दिक्कतों को कम करेंगे। भारतीय रेलगाड़ियों के सवारी डिब्बों में अभी तक ओपन टाइप टॉयलेट होते हैं जो ट्रैक को खराब करते हैं। इस साल रेलवे बजट में 2500 कोचों में बायो टॉयलेट लगाने का कार्यक्रम है। 

Sunday, October 21, 2012

पाकिस्तान में भी हिन्दू मंदिर हैं


 मेरा नाम निर्मल है और मेरा सवाल है कि क्या पाकिस्तान में मंदिर हैं?
पाकिस्तान के बलूचिस्गतान में हिंगलाज देवी का मंदिर

हिंगलाज मंदिर
पाक अधिकृत कश्मीर में शारदा पीठ
हाँ पाकिस्तान में बड़ी संख्या में मंदिर हैं। मसलन पाक अधिकृत कश्मीर में शारदा पीठ है। बलूचिस्तान में हिंगलाज देवी का मंदिर है, जिसमें स्थानीय मुसलमान भी चढ़ावा चढ़ाते हैं, उसे नानी मंदिर कहते हैं।  इस्लामाबाद में सैदपुर मंदिर है, मनसेहरा में शिव मंदिर है,पेशावर में नंदी मंदिर है। वहाँ सिखों के गुरद्वारे भी हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध गुरुनानक देव जी का जन्मस्थल ननकाना साहिब है। वहाँ सैकड़ों मंदिर थे, पर कुछ मंदिर अब भी सुरक्षित है।

ओलिम्पिक में हमने कुल कितने पदक जीते? डिटेल में बताएं।–दीपक कुमार, मनेठी, रेवाड़ी
सबसे पहला गोल्ड मेडल किन्हें मिला?-अजय वर्मा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश
हालांकि भारत सन 1900 से ओलिम्पिक खेलों में हिस्सा लेता रहा है, पर हमने अब तक कुल 26 मेडल जीते हैं। इनमें नौ गोल्ड मेडल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 11 मेडल हॉकी में हैं। आठ स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक। इसके अलावा शूटिंग में एक स्वर्ण और दो रजत, एक कांस्य, एथलेटिक्स में दो रजत पदक, कुश्ती में एक रजत और तीन कांस्य पदक, वेट लिफ्टिंग में एक कांस्य पदक, टेनिस में एक कांस्य पदक और बॉक्सिंग में दो कांस्य पदक है और बैडमिंटन में एक कांस्य पदक है। इस प्रकार नौ स्वर्ण, पाँच रजत और बारह कांस्य पदक हमने जीते हैं। हमारे देश ने पहला स्वर्ण पदक 1928 में एम्सटर्डन ओलिम्पिक में हॉकी में जीता।
               
सूचना के अधिकार में आरटीआई का फुल फॉर्म क्या है?-मुहम्मद उमर कुरेशी, कस्बा सिकन्दरा राऊ, यूपी
आरटीआई माने राइट टु इनफॉरमेशन यानी सूचना पाने का अधिकार। आरटीआई का अर्थ है राइट टु इनफॉर्मेशन। यानी जानकारी पाने का अधिकार। लोकतांत्रिक पद्धति में यह एक नागरिक का बुनियादी अधिकार है कि वह जाने कि सार्वजनिक जीवन में जो जानने योग्य है उसकी जानकारी उसे हो। भारत में संसद ने 15 जून 2005 को इस आशय का कानून पास किया, जो 13 अक्टूबर 2005 से प्रभावी हुआ।
  
अगर भारत पूरी तरह आज़ाद है तो हमारी माताएं-बहनें क्यों सुरक्षित नहीं हैं?-मुहम्मद सईद अब्बासी
इसकी वजह है हमारे सामाजिक-सांस्कृतिक विकास और शिक्षा में कोई कमी रह गई है। वास्तव में हम पूरी तरह आज़ाद हैं, पर जब तक हमारे बीच गरीबी, अशिक्षा और अंधविश्वास वगैरह हैं तब तक यह आज़ादी अधूरी है। 

राम कृष्ण, भोला नगर, कोटला मुबारकपुर, नई दिल्ली ने पूछा है कि गैसवाला गुब्बारा ज्यादा से ज्यादा कितना ऊपर जाता है?
गैस के गुब्बारे में हीलियम गैस भरी जाती है। यह गुब्बारा इसलिए ऊपर उठता है क्योंकि हीलियम गैस हवा से हल्की होती है। चूंकि हमारे वायुमंडल में आप जैसे-जैसे ऊपर जाएंगे हवा हल्की होती जाएगी। आमतौर पर एक छोटा गुब्बारा चार पाँच सौ मीटर से ज्यादा ऊँचाई तक जाता है। साथ ही वह हवा के प्रवाह के साथ बहने लगता है। धीरे-धीरे गुब्बारे में भरी हीलियम निकलती जाती है और वह नीचे आने लगता है।

कांग्रेस का अर्थ क्या है?
Surjeet bhati.  vill-Falaida, Gautam Budh Nagar.
आपका आशय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से है। भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना, 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ 28 दिसंबर 1885 को बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में हुई थी। इसके प्रथम महासचिव(जनरल सेक्रेटरी) एओ ह्यूम थे एवं कोलकता के वोमेश चंद्र बैनर्जी प्रथम पार्टी अध्यक्ष थे। अपने शुरुवाती दिनों में कॉंग्रेस का दृष्टिकोण एक कुलीन वर्गीय संस्था का था। इसके शुरुवाती सदस्य मुख्य रूप से बॉम्बे और मद्रास प्रैज़िडेनसी से थे। स्वराज का लक्ष्य सबसे पहले बाल गंगाधर तिलक ने अपनाया था। 1907 में काँग्रेस में दो दल बन चुके थे, गरम दल एवं नरम दल। गरम दल का नेतृत्व बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय एवं बिपिन चंद्र पाल(जिन्हें लाल-बाल-पाल भी कहा जाता है) कर रहे थे। नरम दल का नेतृत्व गोपाल कृष्ण गोखले, फिरोज़शाह मेहता एवं दादा भाई नौरोजी कर रहे थे। गरम दल पूर्ण स्वराज की मांग कर रहा था परन्तु नरम दल ब्रिटिश राज में स्वशासन चाहता था। प्रथम विश्व युद्ध के छिड़ने के बाद सन 1916 की लखनऊ बैठक में दोनों दल फिर एक हो गए और होम रूल आंदोलन की शुरुवात हुई जिसके तहत ब्रिटिश राज में भारत के लिए अधिराज्य अवस्था(डॉमिनियन स्टेटस) की मांग की जा रही थी। 1916 में गांधी जी के भारत आगमन के साथ काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलताएँ मिली। 1919 में जालियाँवाला बाग हत्याकांड के पश्चात गांधी जी कॉंग्रेस के महासचिव बने। गांधीजी के मार्गदर्शन में कॉंग्रेस जनांदोलन के रास्ते पर चली।

संसार में पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग कब से शुरू हुआ ?
सत प्रकाश सनोथिया, फेसबुक में सवाल पूछा है
पेट्रोलियम शब्द चट्टान के लिए इस्तेमाल होने वाले ग्रीक शब्द  पेट्रा और तेल के लिए प्रयुक्त होने वाले शब्द इलायोन से मिलकर बना है। दसवीं सदी की अंग्रेजी में इसकी स्पेलिंग "petraoleum" होती थी। इसका मतलब है उस समय भी ज़मीन के नीचे और चट्टानों के पीछे से किसी न किसी शक्ल में ये पदार्थ मिलते थे। तकरीबन 4000 साल पहले यूनानी लेखकों हैरोडोटस और डायोडोरस सिक्युलस के विवरणों के अनुसार कोलटार का इस्तेमाल बेबीलोन में इमारतों को बनाने में होता था। बेबीलोन के पास पेट्रोलियम में कुंड थे। प्राचीन फारस में भी पेट्रोलियम पदार्थों के ईँधन और औषधि के रूप में इस्तेमाल का विवरण मिलता है। ईसा से करीब साढञे तीन सौ साल पहले चीन में बाँसों की मदद से पेट्रोलियम कुएं खओदने का विवरण मिलता है। पर पेटेर्लियम का भारी इस्तेमाल इंटरनल कॉम्ब्युशन इंजन बन जाने के बाद बढ़ा। 1840 के दशक में स्कॉटलैंड के जेम्स यंग ने कच्चे तेल से मिट्टी तेल निकालने का आविष्कार किया। इससे ह्वेल के तेल की जगह एक सस्ता ईंधन मिल गया। पेट्रोलियम में मुख्यतः कई प्रकार के हाइड्रोकार्बन होते हैं। धीरे-धीरे पेट्रोलियम के कई प्रकार के उत्पाद बनने लगे और इसके शओधन की तकनीक का विकास लगातार जारी है।    
राजेश खन्ना की आखिरी फिल्म कौन सी थी?
उनकी आखिरी फिल्म सन 2008 में रिलीज़ हुई वफा को माना जा सकता है। पर निधन के पूर्व वे एक और फिल्म की शूटिंग कर चुके थे। यह फिल्म है अशोक त्यागी की रियासत जो इस साल दिसम्बर में रिलीज़ होगी। 
जुगनू क्यों चमकता है?
जुगनू एक प्रकार का उड़ने वाला कीड़ा है, जिसके पेट में रासायनिक क्रिया से रोशनी पैदा होती है। इसे बायोल्युमिनेसेंस कहते हैं। यह कोल्ड लाइट कही जाती है इसमें इंफ्रा रेड और अल्ट्रा वॉयलेट देनों फ्रीक्वेंसी नहीं होतीं।
श्रीलंका को अलग देश के रूप में कब मान्यता मिली?
इतिहासकारों में इस बात की आम धारणा थी कि श्रीलंका के आदिम निवासी और दक्षिण भारत के आदिम मानव एक ही थे। पर अभी ताजा खुदाई से पता चला है कि श्रीलंका के शुरुआती मानव का सम्बंध उत्तर भारत के लोगों से था । भाषिक विश्लेषणों से पता चलता है कि सिंहली भाषा, गुजराती और सिंधी से जुड़ी है। तीसरी सदी ईसा पूर्व मौर्य सम्राट अशोक के पुत्र महेन्द्र के यहां आने पर बौद्ध धर्म का आगमन हुआ । सोलहवीं शताब्दी में यूरोपीय शक्तियों ने श्रीलंका में कदम रखा और श्रीलंका व्यापार का केन्द्र बनता गया । पहले पुर्तगाल ने कोलम्बो के पास अपना दुर्ग बनाया । धीरे धीरे अपना प्रभुत्व आसपास के इलाकों में बना लिया । श्रीलंका के निवासियों में उनके प्रति घृणा घर कर गई । उन्होने डच लोगो से मदद की अपील की । 1630 डचों ने पुर्तगालियों पर हमला बोला और उन्हे मार गिराया । पर उन्होने आम लोगों पर और भी जोरदार कर लगाए । 1660 में एक अंग्रेज का जहाज गलती से इस द्वीप पर आ गया । उसे कैंडी के राजा ने कैद कर लिया । उन्नीस साल तक कारागार में रहने के बाद वह यहां से भाग निकला और उसने अपने अनुभवों पर आधारित एक पुस्तक लिखी जिसके बाद अंग्रेजों का ध्यान भी इसपर गया । उन्होने डच इलाकों पर अधिकार करना आरंभ कर दिया । 1800 इस्वी के आते आते तटीय इलाकों पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया । 1818 तक अंतिम राज्य कैंडी के राजा ने भी आत्मसमर्पण कर दिया और इसतरह सम्पूर्ण श्रीलंका पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया । 1930 के दशक में स्वाधीनता आंदोलन तेज हुआ । द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद 4 फरवरी 1948 को देश को संयुक्त राजशाही से पूर्ण स्वतंत्रता मिली ।
दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन कौन सा है?
न्यूयॉर्क शहर का ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन इस आधार पर माना जा सकता है कि इसमें सबसे ज्यादा 44 प्लेटफॉर्म हैं। इनके साथ 67 ट्रैक जुड़े हैं। ये प्लेटफॉर्म दो मंजिलों पर बने हैं।

Saturday, October 20, 2012

ओलिम्पिक स्वर्ण पदक में सोने का पानी होता है, ठोस सोना नहीं


एक ओलिम्पिक गोल्ड मेडल में कितना प्योर गोल्ड होता है?
पहले यह बताना बेहतर होगा कि 1896 और 1900 के ओलिम्पिक खेलों में गोल्ड मेडल नहीं दिए गए। उनमें चाँदी और ताँवे के मेडल क्रमशः विजेता और उपविजेता को दिए गए। 1904 में अमेरिका के मिज़ूरी में तीन मेडल का चलन शुरू हुआ। ओलिम्पिक के गोल्ड मेडल का आकार, डिजाइन और वज़न बदलता रहता है। लंदन ओलिम्पिक में काफी बड़े आकार के मेडल दिए गए जो 85 मिमी व्यास के थे। इनकी मोटाई 7 मिमी थी। सोने का मेडल भी चाँदी में ढाला जाता है और उसके ऊपर लगभग 6 ग्राम सोने की प्लेटिंग होती है। चाँदी का मेडल .925 शुद्धता की चाँदी को होता है और कांस्य पदक में ताँबे, टिन और ज़स्ते की मिलावट होती है।
भारत का सर्वश्रेष्ठ खेल कौन सा है? और किस ओलिम्पिक में खेला गया?
मेरे विचार से भारत का सर्वश्रेष्ठ खेल हॉकी है, जिसमें हम आठ स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। दुर्भाग्य है कि इस वक्त हम सर्वश्रेष्ठ नहीं है। शुद्ध भारतीय खेल को देखें तो कबड्डी और खो-खो ऐसे खेल हैं, जो भारत में सबसे ज्यादा खेले जाते हैं। कबड्डी को एशिया खेलों और कॉमनवैल्थ खेलों में शामिल किया जा चुका है। सन 1936 के बर्लिन खेलों में इसे डिमांस्ट्रशन गेम के रूप में प्रदर्शित भी किया गया। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि इसे ओलिम्पिक में भी शामिल किया जाए।
याददाश्त बढ़ाने के लिए क्या किया जा सकता है?
याददाश्त बढ़ाने का सर्वश्रेष्ठ तरीका ध्यान को केन्द्रित करना है। इसके लिए हमारे योगाचार्यों ने ध्यान के जो उपाय बताए हैं वे मददगार होंगे। पर मैं एक तरीका अपनी तरफ से बताता हूँ, शायद उपयोगी हो। हर रात सोने के पहले सुबह से शाम तक की घटनाओं को क्रम से याद करना शुरू करें। शुरूआत में घटनाएं याद नहीं आएंगी, पर धीरे-धीरे अभ्यास करते रहेंगे तो याद आने लगेंगी।
प्रमोद जी आपकी ज़िन्दगी में आपके लिए सबसे प्रभावशाली व्यक्ति कौन है? क्यों है?
दुनिया में महापुरुषों के सभी को प्रेणा मिलती है, पर हमारे व्यक्तिगत जीवन में माता-पिता, गुरू और सामान्यजन सबसे बड़े प्रेरणास्रोत होते हैं। वे लोग जो उपदेश नहीं देते, बल्कि अपने सत्कर्म के हमें उनके बताए रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं। मेरे जीवन में ऐसे ही लोग हैं। इनमें काफी बड़ी संख्या मुझ से उम्र में काफी छोटे लोगों की है।
विदेश में भारतीयों पर हिंसा के क्या कारण हैं?
भारतीयों पर हिंसा की घटनाएं यदा-कदा गलतफहमी के कारण होती हैं। जैसे हाल में अमेरिका के एक गुरद्वारे पर हमले में हुआ। हमलावर के मन में शायद 9/11 की पीड़ा थी। दाढ़ी और पगड़ी के कारण सिखों के बारे में उसने गलत अनुमान लगा लिए। कई बार इसलिए भी होता है कि भारतीय लोग कम वेतन पर भारी काम करने को तैयार हो जाते हैं। या जीवन में आगे बढ़ जाते हैं तो उनके पीछे ईर्ष्या का भाव पैदा हो जाता है।
संगीत का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार कौन सा है? किन लोगों को दिया गया है?
आपका आशय शायद देश के सबसे बड़े पुरस्कार से है। मेरे विचार से भारत रत्न और पद्म पुरस्कार देश के सबसे बड़े पुरस्कार हैं। उनमें संगीतकारों को भी पुरस्कृत किया जाता है। मसलन एमएस सुब्बुलक्ष्मी, पं रविशंकर, लता मंगेशकर, बिस्मिल्ला खां और भीमसेन जोशी को भारत रत्न से अलंकृत किया जा चुका है। इसके बाद संगीत-नाटक अकादमी के पुरस्कार हैं। कर्नाटक संगीत का संगीत कलानिधि पुरस्कार है। इसी तरह फिल्मी संगीत का फिल्मफेयर पुरस्कार है। ऐसे तमाम लोकप्रिय पुरस्कार हैं जिनमें अंतरराष्ट्रीय ग्रैमी पुरस्कार भी शामिल हैं। 
सत्यमेव जयते प्रतीक चिह्न कहाँ से लिया गया? यह क्यों और कहाँ इस्तेमाल होता है?
हमारे देश का प्रतीक चिह्न चार शेरों वाली प्रतिमा है जो अशोक स्तम्भ के शिखर पर लगी थी। इसे ईसवी सन शुरू होने के 250 साल पहले सम्राट अशोक ने बनवाया था। यह स्तम्भ सारनाथ में आज भी खड़ा है और प्रतिमा सारनाथ के संग्रहालय में रखी है। इन चारों शेरों के नीचे एक घेरे में एक हाथी, एक घोड़ा और एक नन्दी है। इसके बीच में धर्मचक्र है। इसके नीचे लिखा है सत्यमेव जयते, जो मुंडक उपनिषद से लिया गया है। इसे हमारे तमाम शासकीय कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है। उसमें स्थित धर्मचक्र हमारे तिरंगे झंडे के बीच में लगाया गया है। हर देश का कोई न कोई प्रतीक चिह्न होता है। हमारा प्रतीक चिह्न हमारे गौरवपूर्ण अतीत की कहानी कहता है।

राजेश खन्ना की आखिरी फिल्म कौन सी थी?
उनकी आखिरी फिल्म सन 2008 में रिलीज़ हुई वफा को माना जा सकता है। पर निधन के पूर्व वे एक और फिल्म की शूटिंग कर चुके थे। यह फिल्म है अशोक त्यागी की रियासत जो इस साल दिसम्बर में रिलीज़ होगी। 
क्या भारत पूरी तरह आज़ाद है?
आज़ादी एक व्यक्तिगत अवधारणा है। राजनीतिक दृष्टि से भारत आज़ाद है। उसका हर नागरिक आज़ाद है, पर यदि हम पर अज्ञान, गरीबी, गैर-बराबरी, बीमारियों और अंधविश्वासों का साया है तो हम कहीं न कहीं से दबाव में हैं। यानी हमारी स्वतंत्रता में कमी है। कहना मुश्किल है कि संसार में पूर्ण स्वतंत्रता कभी सम्भव भी है या नहीं। क्योंकि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता किसी दूसरे व्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधक हो सकती है। इसलिए पूरे समाज की स्वतंत्रता के लिए हमें व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं को छोड़ना पड़ता है।
क्या राजेश खन्ना की कोई फिल्म ऑस्कर पुरस्कार के लिए चुनी गई थी?
राजेश खन्ना ने 1966 में चेतन आनन्द की फिल्म आखिरी खत में काम किया था। इस फिल्म को 1967 में चालीसवें ऑस्कर पुरस्कारों के लिए विदेशी भाषाओं की सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए चुना गया था, पर उसका नामांकन नहीं हो पाया।