Tuesday, January 31, 2017

क्रिकेट में नेल्सन अंक क्या होता है?

नेल्सन, डबल नेल्सन और ट्रिपल नेल्सन क्रिकेट में 111, 222 और 333 के स्कोर को कहते हैं। यह एक लोक प्रयोग हैं और इसे ब्रिटेन की नौसेना के अठारहवीं सदी के मशहूर एडमिरल लॉर्ड होरेशियो नेल्सन के नाम से जोड़ते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस बहादुर फौजी की एक आँख, एक हाथ और एक पैर लड़ाई में जाता रहा। यह तथ्य पूरी तरह सही नहीं है। उनकी एक आँख और एक हाथ वाली बात तक ठीक है, पर उनके दोनों पैर थे। बहरहाल नेल्सन स्कोर के साथ अंधविश्वास है कि इसपर विकेट गिरता है। हालांकि यह भी सच नहीं है। ‘द क्रिकेटर’ नाम की मशहूर मैगज़ीन ने पुराने स्कोर की पड़ताल की तो इन स्कोरों पर विकेट ज्यादा नहीं गिरे हैं। सबसे ज्यादा विकेट 0 के स्कोर पर गिरते हैं। बहरहाल प्रसिद्ध अम्पायर डेविड शेफर्ड ने नेल्सन स्कोर को प्रसिद्ध बनाया। वे इस स्कोर पर या तो एक पैर उठा देते थे या तब तक दोनों पैरों पर खड़े नहीं होते थे, जब तक स्कोर आगे न बढ़ जाए। वे उछलते रहते थे। नेल्सन स्कोर से मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में 87 के स्कोर को लेकर अंधविश्वास है। 100 से 13 कम यानी 87 को खतरनाक माना जाता है। संयोग है कि ऑस्ट्रेलिया के काफी खिलाड़ी इस स्कोर पर आउट होते हैं।
रेटिंग एजेंसियाँ क्या करती हैं?
क्रेडिट रेटिंग एजेंसियाँ किसी भी देश, संस्था या व्यक्ति की ऋण लेने या उसे चुकाने की क्षमता का मूल्यांकन करती हैं। देशों की अर्थ-व्यवस्था की मजबूती और स्थिरता उनकी साख बढ़ाती है। देशों की रेटिंग करने वाली एजेंसियों में तीन बड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां—फिच, मूडीज़ और स्टैंडर्ड एंड पुअर हैं। इनमें सबसे पुरानी एजेंसी है स्टैण्डर्ड एंड पुअर। इसकी स्थापना 1860 में हेनरी पुअर ने की थी। देशों की आर्थिक स्थिति की मूल्यांकन करने के लिए ये एजेंसियां आंकड़ों और तथ्यों का इस्तेमाल करती हैं, जिनमें सरकार द्वारा दी गई रिपोर्टों और सूचनाओं आदि का इस्तेमाल किया जाता है। एजेंसियां उन बातों की जानकारी भी रखती हैं, जिनका पता सामान्य लोगों को नहीं होता। ये रेटिंग एएए, बीबीबी, सीए, सीसीसी, सी, डी वगैरह के रूप में होती हैं। सामान्यतः सबसे अच्छी रेटिंग है एएए। अच्छे मूल्यांकन का अर्थ है कम ब्याज पर आसानी से क़र्ज़ या निवेश। ख़राब मूल्यांकन का मतलब है ऊंची दरों पर मुश्किल से क़र्ज़।

मेहँदी से बालों का रंग सुनहरा क्यों हो जाता है?
मेहँदी का वनस्पति शास्त्रीय नाम है लॉसोनिया इनर्मिस। इसका हिना नाम अरबी से आया है। शरीर की त्वचा, सिर के बाल, रेशमी और ऊनी कपड़ों को रंगने के लिए इसका इस्तेमाल पाँच हजार साल से भी ज्यादा समय से होता आया है। भारत के अलावा मिस्री, अरबी, रोमन और पूर्वी एशिया की सभ्यताओं में इसका कॉस्मेटिक्स की तरह इस्तेमाल होता था। मेहंदी की पत्तियों का यह गुण उसमें उपस्थित पदार्थ लॉसोन के कारण होता है। पत्तियों को तोड़ने या पीसने पर यह प्रोटीन-युक्त पदार्थ त्वचा, बाल और रेशम से क्रिया कर उन्हें गहरा लाल-कत्थई रंग देता है। रासायनिक दृष्टि से लॉसोन अखरोट में पाए जाने वाले जगलोन जैसा ही होता है।
प्रॉक्सी युद्ध क्या होता है?
प्रॉक्सी माने किसी के बदले काम करना। मुख्तारी, किसी का प्रतिनिधित्व। वह चाहे वोट देना हो या युद्ध लड़ना। दूसरे के कंधे पर बंदूक रखकर लड़ना या लड़ाना। यह युद्ध दो गुटों के बीच हो सकता है। या एक किसी का प्रॉक्सी युद्ध दूसरे से लड़ा जाए।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Saturday, January 28, 2017

संसद में स्थगन प्रस्ताव क्या होता है?

भारतीय संसद में अवि‍लंबनीय लोक महत्व के मामले अध्‍यक्ष या सभापति की अनुमति ‍से पेश किए जा सकते हैं। इसका आशय होता है कि मामले के महत्व को देखते हुए सामान्य काम रोक कर पहले उल्लिखित विषय पर चर्चा की जाए। स्थगन प्रस्‍ताव का उद्देश्य अचानक हुई किसी घटनासरकार की किसी चूक अथवा विफलता या फौरी तौर पर गंभीर परिणाम देने वाले मामले पर ध्यान खींचना हो सकता है। कार्य स्थगन के अलावा ध्यानाकर्षण का इस्तेमाल भी इसी प्रकार के उद्देश्य के लिए किया जा सकता है। ध्यानाकर्षण प्रक्रिया भारतीय संसदीय व्यवस्था की देन है। इसमें अनुपूरक प्रश्न पूछना और संक्षिप्त टि‍प्‍पणि‍यां करना शामिल है। इस प्रक्रिया में सरकार को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिलता है। ध्यानाकर्षण मामलों पर सभा में मतदान नहीं किया जाता।
दुनिया की सबसे निचली जगह
दक्षिण अफ्रीका एम्पोनेंग सोने की खान को आप सबसे नीची जगह कह सकते हैं जो समुद्र तल से 4000 मीटर नीचे है। चूंकि इसे इंसान ने खोदा हैइसलिए इसे प्राकृतिक रूप से सबसे गहरी जगह नहीं कहा जा सकता। प्राकृतिक रूप से जॉर्जिया की वेरोन्या गुफा सबसे गहरी जगह हैजो 2193 मीटर गहरी है।
ऑस्ट्रेलिया को OZ और द अफ्रीका को PROTEAS क्यों कहते हैं?
आस्ट्रेलिया को संक्षेप में Aussie या ऑज़ी कहते हैं। इसे और छोटा करके OZ भी लिखते हैं। आमतौर पर हम जिसे जेड कहते हैं उसका उच्चारण ज़ी होता है। यानी ओज़ी। प्रोटिएस दक्षिण अफ्रीका में फूलों की एक प्रजाति है। इसे दक्षिण अफ्रीका का राष्ट्रीय फूल माना जाता है। दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के प्रतीक चिह्न में भी यह फूल शामिल है। पहले दक्षिण अफ्रीका की टीम को स्प्रिंगबोक भी कहा जाता था। स्प्रिंगबोक दक्षिण अफ्रीका के हिरनों की एक प्रजाति है। यह हिरन हवा में बहुत ऊँचा उठ जाता है। इसी तरह आस्ट्रेलिया की टीम को कैंगरू या कंगारू भी कहा जाता है।
 सिमी क्या है?
स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया का संक्षिप्त नाम SIMI या हिन्दी में सिमी है। यह संगठन देश के गैर-कानूनी गतिविधि (निषेध) अधिनियम 1967 के अंतर्गत अवैध घोषित है। यह संगठन इस्लामी देश के रूप में परिवर्तित कर ‘भारत को आजाद’ कराना है। इसके अंतर्गत या तो ताकत के बल पर या स्वेच्छया धर्मांतरण के जरिए यहाँ दारुल-इस्लाम (इस्लाम की भूमि) की स्थापना है। इसका गठन 25 अप्रैल 1977 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में किया गया था। इसके पहले अध्यक्ष थे वेस्टर्न इलिनॉय विवि के पत्रकारिता और जन-सम्पर्क विभाग के प्रोफेसर मुहम्मद अहमदुल्ला सिद्दीकी। इसमें 30 वर्ष तक की उम्र के व्यक्ति सदस्य बन सकते थे।
शुरू में यह संगठन जमात-ए-इस्लामी हिन्द की छात्र शाखा के रूप में बना था। यह गठबंधन सन 1981 तक चला। उस साल फलस्तीनी मुक्ति संगठन के अध्यक्ष यासर अरफात की भारत यात्रा के दौरान सिमी के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया और काले झंडे दिखाए। सिमी का कहना था कि अरफात पश्चिमी देशों की कठपुतली हैं, जबकि जमात के नेताओं ने उन्हें फलस्तीनी मुक्ति का नायक बताया। उसके बाद से जमात ने सिमी से पल्ला झाड़ लिया। भारत सरकार ने अमेरिका में हुए 9/11 हमले के बाद सन 2001 में इसे आतंकी संगठन बताते हुए अवैध घोषित कर दिया था। यह रोक 27 सितम्बर 2001 से 27 सितम्बर 2003 तक रही। पर इसके फौरन बाद इसपर रोक लगी जो 27 सितम्बर 2005 तक रही। इसके बाद 8 फरवरी 2006 को इसपर तीसरी बार रोक लगी। पर 5 अगस्त 2008 को दिल्ली हाईकोर्ट ने यह रोक हटा दी। इस निर्णय को अगले ही दिन सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दिया। एक विशेष न्यायाधिकरण ने अगस्त 2008 में इसपर लगी रोक हटा ली। इसके बाद एक विशेष न्यायाधिकरण ने इसपर लगी रोक को कानूनन सही घोषित किया।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Friday, January 20, 2017

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को क्यों मनाते हैं?

मोटे तौर पर हमारे गणतंत्र दिवस का मतलब है संविधान लागू होने का दिन. संविधान सभा ने 29 नवम्बर 1949 को संविधान को अंतिम रूप दे दिया था. इसे उसी रोज लागू किया जा सकता था या 1 दिसम्बर या 1 जनवरी को लागू किया जा सकता था. पर इसके लिए 26 जनवरी की तारीख मुकर्रर की गई. वह इसलिए कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दिसम्बर 1929 में हुए लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव पास किया गया और  26 जनवरी, 1930 को कांग्रेस ने भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरंभ किया. उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी ‘पूर्ण स्वराज्य दिवस’ के रूप में मनाया जाता रहा. पर स्वतंत्रता मिली 15 अगस्त को. 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए संविधान को 26 जनवरी 1950 से लागू करने का फैसला किया गया. यह गणतंत्र दिवस है. यों गणतंत्र माने जिस देश का राष्ट्राध्यक्ष चुना जाता है. युनाइटेड किंगडम लोकतंत्र है, गणतंत्र नहीं.
जल्लीकट्टू विवाद क्या है?
जल्लीकट्टू तमिलनाडु का एक परंपरागत खेल है, जिसमें बैल को काबू में किया जाता है. यह खेल काफी सालों से तमिलनाडु में लोगों द्वारा खेला जाता है. तमिलनाडु में मकर संक्रांति का पर्व पोंगल के नाम से मनाया जाता है. इस खास मौके पर जल्लीकट्टू के अलावा बैल दौड़ भी कई जगह होती है. जल्लीकट्टू तमिल शब्द सल्ली और कट्टू से मिलकर बना है. इनका मतलब सोना-चांदी के सिक्के होता है जो कि सांड के सींग पर टंगे होते हैं. बाद में सल्ली की जगह जल्ली शब्द ने ले ली
मीडिया के अनुसार 2010 से 2014 के बीच जल्लीकट्टू खेलते हुए 17 लोगों की जान गई थी और 1,100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे. वहीं पिछले 20 सालों में जल्लीकट्टू की वजह से मरने वालों की संख्या 200 से भी ज्यादा थी. इस वजह से साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने पशुओं के प्रति बर्बरता-निषेध अधिनियम के तहत इस खेल पर रोक लगा दी थी.
जल्लीकट्टू पर रोक लगाने की एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया और पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल (PETA), कॉम्पैशन अनलिमिटेड प्लस एक्शन (CUPA) ने की थी. उनके साथ पशुओं के अधिकार के लिए बने काफी सारे संगठन भी इसमें शामिल थे. तमिलनाडु सरकार और ज्यादातर राजनीतिक दल इस रोक के पक्ष में नहीं हैं. तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए मोदी सरकार से अध्यादेश जारी करने की अपील की. केंद्र सरकार ने कहा है कि अदालत का फैसला आने तक वह कुछ नहीं करेगी. अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है और अदालत ने इस साल भी पोंगल यानी 14 जनवरी से पहले फैसला सुनाने से इनकार कर दिया.
ऑस्ट्रेलिया को OZ और द अफ्रीका को PROTEAS क्यों कहते हैं?
आस्ट्रेलिया को संक्षेप में Aussie या ऑज़ी कहते हैं. इसे और छोटा करके OZ भी लिखते हैं. आमतौर पर हम जिसे जेड कहते हैं उसका उच्चारण ज़ी होता है. यानी ओज़ी. प्रोटिएस दक्षिण अफ्रीका में फूलों की एक प्रजाति है. इसे दक्षिण अफ्रीका का राष्ट्रीय फूल माना जाता है. दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के प्रतीक चिह्न में भी यह फूल शामिल है. पहले दक्षिण अफ्रीका की टीम को स्प्रिंगबोक भी कहा जाता था. स्प्रिंगबोक दक्षिण अफ्रीका के हिरनों की एक प्रजाति है. यह हिरन हवा में बहुत ऊँचा उठ जाता है. इसी तरह आस्ट्रेलिया की टीम को कैंगरू या कंगारू भी कहा जाता है.
पीबीएल क्या है?
प्रीमियर बैडमिंटन लीग भारत में बैडमिंटन की व्यावसायिक लीग प्रतियोगिता है. इसका संचालन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया करती है. इसकी शुरुआत सन 2013 में हुई थी. उस साल 14 से 31 अगस्त तक उसका आयोजन हुआ. तब इसका नाम था इंडियन बैडमिंटन लीग. सन 2016 में इसके दूसरे सत्र के पहले इसका नाम पीबीएल कर दिया गया. पिछले साल यह प्रतियोगिता 2 से 17 जनवरी के बीच हुई थी. इस साल इस प्रतियोगिता का तीसरा सत्र था, जो 14 जनवरी को पूरा हुआ.  
एटमी युद्ध में सेकंड स्ट्राइक का मतलब
इसका मतलब है यदि किसी देश पर एटमी हथियार से हमला हो जाए तो उसके पास जवाबी एटमी हमला करने की क्षमता होना. यह मानकर चलते हैं कि किसी देश पर एटमी हमला होगा तो वह तबाह हो जाएगा. इसलिए पनडुब्बियों पर एटमी हथियारों से लैस प्रक्षेपास्त्र तैनात किए जाते हैं, जिन्हें सेकंड स्ट्राइक क्षमता का माध्यम माना जाता है.
धारा और अनुच्छेद में अंतर
भारतीय दंड संहिता में धाराएं (सेक्शन) और संविधान में अनुच्छेद (आर्टिकल) होते हैं.
प्लास्टिक मनी

प्लास्टिक मनी आमतौर पर क्रेडिट या डैबिट कार्ड को कहते हैं. इसका साइज होता है 85.60 मिमी X 53.98 मिमी. इसके कोने गोल कटे होते हैं. इसका अंतरराष्ट्रीय मानक है ISO/IEC 7810 ID-1. 
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Friday, January 13, 2017

संसद के कितने सत्र होते हैं?

सामान्यतः हर साल संसद के तीन सत्र होते हैं. बजट (फरवरी-मई), मॉनसून (जुलाई-अगस्त) और शीतकालीन (नवंबर-दिसंबर).  बजट अधिवेशन को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया जाता है. इन दोनों के बीच तीन से चार सप्ताह का अवकाश होता है. इस दौरान स्थायी समितियाँ विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान माँगों पर विचार करती हैं. इस साल से बजट सत्र जनवरी के अंतिम सप्ताह से शुरू करने का फैसला किया गया है.
राष्ट्रपति दोनों सदनों को बैठक के लिए आमंत्रित करते हैं. हरेक अधिवेशन की अंतिम तिथि के बाद छह मास के भीतर आगामी अधिवेशन के लिए सदनों को बैठक के लिए आमंत्रित करना होता है. सदनों को बैठक के लिए आमंत्रित करने की शक्ति राष्ट्रपति में निहित है, पर व्यवहार में इस आशय के प्रस्‍ताव की पहल सरकार द्वारा की जाती है. इन तीन के अलावा संसद के विशेष सत्र भी बुलाए जा सकते हैं.
राष्ट्रपति का अभिभाषण
बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होती है जो संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों के समक्ष होता है. अभिभाषण में ऐसी नीतियों एवं कार्यक्रमों का विवरण होता है जिन्हें आगामी वर्ष में कार्य रूप देने का विचार हो. साथ ही, पहले वर्ष की उसकी गतिविधियों और सफलताओं की समीक्षा भी की जाती है. अभिभाषण चूंकि सरकार की नीति का विवरण होता है अंत: सरकार द्वारा तैयार किया जाता है. अभिभाषण पर चर्चा होती है और सदन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पास करता है.
श्वेत-पत्र किसे कहते हैं?
श्वेत-पत्र का मतलब होता है ऐसा दस्तावेज जिसमें सम्बदध विषय से जुड़ी व्यापक जानकारी दी जाती है. इस शब्द की शुरुआत ब्रिटेन से हुई है. सन 1922 में ‘चर्चिल ह्वाइट पेपर’ सम्भवतः पहला श्वेत पत्र था. यह दस्तावेज इस बात की सफाई देने के लिए था कि ब्रिटिश सरकार यहूदियों के लिए फलस्तीन में एक नया देश इसरायल बनाने के लिए 1917 की बालफोर घोषणा को किस तरह अमली जामा पहनाने जा रही है. कनाडा तथा दूसरे अन्य देशों में भी ऐसी परम्परा है. सन 1947 में जब कश्मीर पर पाकिस्तानी हमला हुआ था उसके बाद 1948 में भारत सरकार ने श्वेत-पत्र जारी करके अपनी तरफ से पूरी स्थिति को स्पष्ट किया था. मई 2012 में भारत सरकार ने काले धन पर और सन 2015 में रेलवे को लेकर श्वेत पत्र जारी किया. दूसरे विषयों पर भी श्वेत पत्र जारी हुए हैं.
सिल्क रोड क्या है?
सिल्क रोड या रेशम मार्ग प्राचीन और मध्यकाल में ऐतिहासिक व्यापारिक-सांस्कृतिक मार्गों का एक समूह था जिसके माध्यम से एशिया, यूरोप और अफ्रीका जुड़े हुए थे. इन मार्गों में सबसे ज्यादा प्रचलित हिस्सा उत्तरी रेशम मार्ग था जो चीन से होकर पश्चिम की ओर पहले मध्य एशिया में और फिर यूरोप तक जाता था. इसकी एक शाखा भारत की ओर आती थी. तकरीबन साढ़े छह हजार किलोमीटर लंबे इस रास्ते का नाम चीन के रेशम के नाम पर पड़ा जिसका व्यापार इस मार्ग की मुख्य विशेषता थी. इसके मार्फत मध्य एशिया, यूरोप, भारत और ईरान में चीन के हान राजवंश काल में पहुँचना शुरू हुआ.
सिल्क रोड के माध्यम से व्यापार के अलावा, ज्ञान, धर्म, संस्कृति, भाषाओं, विचारधाराओं, भिक्षुओं, तीर्थयात्रियों, सैनिकों, यायावरों और बीमारियों का प्रसार भी हुआ. एक तरह से यह वैश्वीकरण का रास्ता भी था.  हाल में चीन ने सिल्क रोड की तर्ज पर एक नई परियोजना शुरू की है. इसका नाम  है ‘वन बेल्ट वन रोड’ (ओबीओआर). यह प्राचीन सिल्क रोड का 21वीं सदी का संस्करण है. ओबीओआर का मक़सद है व्यापार के लिए समुद्री और ज़मीनी, दोनों तरह के रास्तों का विकास करना ताकि चीन को बाहरी दुनिया से जोड़ा जा सके.
क्या मुम्बई शहर दहेज में मिला था?
मुम्बई या बॉम्बे का माहिम वाला इलाका तकरीबन एक हजार साल पहले बस गया था. 1348 में मुस्लिम सेनाओं ने इस द्वीप को जीत लिया और यह गुजरात राज्य का हिस्सा बन गया. इसके बाद पुर्तगालियों ने सन 1507 में इस इलाके को जीतने की कोशिश की, पर वह सफल नहीं हुई. लेकिन 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुरशाह ने यह द्वीप पुर्तग़ालियों को एक समझौते के तहत सौंप दिया. 1661 में इंग्लैंड के किंग चार्ल्स द्वितीय व पुर्तग़ाल के राजा की बहन कैथरीन आफ़ ब्रैगेंज़ा के विवाह के बाद पुर्तगालियों ने यह तोहफे के तौर पर 1668 में ईस्ट इंडिया कम्पनी को सौंप दिया.
वे दो दिन जब दिन-रात बराबर होते हैं
हिंदी में इसे विषुव और अंग्रेज़ी में इक्विनॉक्स कहते हैं. यानी ऐसा समय-बिंदु, जिसमें दिन और रात बराबर हों. किसी इलाके में दिन और रात की लंबाई पर असर डालने वाली कई बातें होतीं हैं. धरती अपनी धुरी पर 23½° झुककर सूर्य के चक्कर लगाती है, इस प्रकार वर्ष में एक बार पृथ्वी इस स्थिति में होती है, जब वह सूर्य की ओर झुकी रहती है, व एक बार सूर्य से दूसरी ओर झुकी रहती है. इसी प्रकार वर्ष में दो बार ऐसी स्थिति भी आती है, जब पृथ्वी का झुकाव न सूर्य की ओर ही होता है, और न ही सूर्य से दूसरी ओर, बल्कि बीच में होता है. इसे इक्विनॉक्स कहा जाता है. इन दोनों तिथियों पर दिन और रात की बराबर लंबाई लगभग बराबर होती है. ऐसा भूमध्य रेखा पर होगा. सन 2017 में यह 20 मार्च और 22 सितम्बर को होगा। यह भी अलग-अलग अक्षांश यानी लैटीट्यूड पर अलग-अलग दिन होता है.
रेनबो डाइट
रेनबो डाइट का शाब्दिक अर्थ है इन्द्रधनुषी डाइट. यानी इन्द्रधनुष को रंगों का भोजन. व्यावहारिक मतलब है तरह-तरह के रंगों के फलों और सब्जियों का भोजन जो स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन होता है. फलों और सब्जियों के तमाम रंग होते हैं और हर रंग का अपना गुण होता है.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Sunday, January 8, 2017

डिग्री और डिप्लोमा में अंतर क्या है?

भारत में सामान्यतः एक शैक्षिक कार्यक्रम को सभी परीक्षणों के बाद सफलता के साथ पूरा करने के बाद दिया गया प्रमाणपत्र डिग्री है। स्नातक स्तर या उससे ऊपर की उपाधि विश्वविद्यालय देते हैं। उससे नीचे के कोर्स विभिन्न संस्थाएं देती हैं। विश्वविद्यालयों के अलावा कुछ दूसरे मान्यता प्राप्त संगठन भी शैक्षिक प्रमाणपत्र देते हैं। इन्हें डिप्लोमा कहते हैं। इसका अर्थ भी शैक्षिक कार्यक्रम को पूरा करने के बाद दिया गया प्रमाणपत्र है। इनका स्तर भी स्नातक या स्नातकोत्तर हो सकता है। पर यदि उनका गठन विश्वविद्यालय के रूप में नहीं है तो वे डिप्लोमा देते हैं जैसे कि पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बिजनेस मैनेजमेंट।

जाड़ों में स्वेटर पहनने से हमें सर्दी क्यों नहीं लगती ?

ऊनी कपड़ों में गर्मी नहीं होती, बल्कि वे हमें सर्दी लगने से रोकते हैं। ऊनी या मोटे कपड़े तापमान के कुचालक होते हैं। यानी बाहर की सर्दी से वे ठंडे नहीं होते। हमारे शरीर की गर्मी हमें गर्म रखती है। यही बात गर्मी पर भी लागू होती है। आपने देखा होगा कि रेगिस्तानी इलाकों के लोग मोटे कपड़े पहनते हैं। इसका कारण यह है कि मोटे कपड़े गर्मी को भीतर आने नहीं देते।

लोहे के जहाज पानी पर कैसे तैर जाते हैं?

पहले तैरने या उतराने का सिद्धांत समझ लें। आर्किमीडीज़ का सिद्धांत है कि कोई वस्तु जब पानी में डाली जाती है तब उसके द्वारा हटाए गए जल का भार उस वस्तु के भार के बराबर होता है। और हटाए गए पानी की ताकत उसे वापस ऊपर की ओर उछालती है। इसलिए लोहे का एक टुकड़ा जब पानी में डाला जाता है तब उसके द्वारा हटाए गए पानी की ऊपर को लगने वाली शक्ति को छोटा आकार मिलता है। यदि इसी लोहे के टुकड़े की प्लेट बना दी जाती तो उसका आकार बड़ा हो जाता और वह पानी के नीचे से आनी वाली ताकत का फायदा उठा सकती थी। यही नाव या जहाज के पानी पर उतराने का सिद्धांत है। पानी के ऊपर चलने के लिए या तो पतवार की ज़रूरत होती है अन्यथा किसी घूमने वाली चरखी की। जहाज के इंजन यह काम करते हैं।

रेड सी का रंग क्या लाल होता है?


लाल सागर का यूनानी नाम एरिथ्रा थलासा, लैटिन नाम मेयर रुब्रुम, और अरबी नाम टिग्रीन्या है। इस इलाके में पानी की सतह पर पैदा होने वाली वनस्पति के कारण हो सकता है इसे लाल नाम दिया गया हो। इस इलाके के पहाड़ों का नाम हरेई ईडाम है। हिब्रू भाषा में ईडाम लाल चेहरे वाले एक व्यक्ति का नाम है। इस इलाके में दिशाओं को रंग के नाम दिए गए हैं। लाल शब्द दक्षिण को और काला उत्तर को दर्शाता है। पुराने ज़माने में इसके पास के रेत को मिस्री लोग दशरेत कहते थे, जिसका अर्थ होता है लाल ज़मीन।

लायन्स क्लब क्या है?

लायंस क्लब की स्थापना 7 जून 1917 को अमेरिका में शिकागो के एक बिजनेसमैन मेल्विन जोन्स के प्रयास से हुई थी। मूलत: यह संस्था दूसरों की मदद के लिए सामुदायिक प्रयासों को बढ़ाने के लिए हुई थी। धीरे-धीरे यह अंतरराष्ट्रीय संस्था बन गई। अब इसकी 191 देशों में 44,500 के आसपास शाखाएं हैं। इसका नाम लायंस रखने के पीछे शेर की शक्ति, साहस और ओज को ध्यान में रखा गया था। यह नाम रखने के पहले बाकायदा मतदान किया गया था।

Thursday, January 5, 2017

रेटिंग एजेंसियाँ क्या करती हैं?

क्रेडिट रेटिंग एजेंसियाँ किसी भी देशसंस्था या व्यक्ति की ऋण लेने या उसे चुकाने की क्षमता का मूल्यांकन करती हैं. देशों की अर्थ-व्यवस्था की मजबूती और स्थिरता उनकी साख बढ़ाती है. देशों की रेटिंग करने वाली एजेंसियों में तीन बड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां—फिचमूडीज़ और स्टैंडर्ड एंड पुअर हैं. इनमें सबसे पुरानी एजेंसी है स्टैण्डर्ड एंड पुअर. इसकी स्थापना 1860 में हेनरी पुअर ने की थी. देशों की आर्थिक स्थिति की मूल्यांकन करने के लिए ये एजेंसियां आंकड़ों और तथ्यों का इस्तेमाल करती हैं, जिनमें सरकार द्वारा दी गई रिपोर्टों और सूचनाओं आदि का इस्तेमाल किया जाता है. एजेंसियां उन बातों की जानकारी भी रखती हैं, जिनका पता सामान्य लोगों को नहीं होता. ये रेटिंग एएएबीबीबीसीएसीसीसीसीडी वगैरह के रूप में होती हैं. सामान्यतः सबसे अच्छी रेटिंग है एएए. अच्छे मूल्यांकन का अर्थ है कम ब्याज पर आसानी से क़र्ज़ या निवेश. ख़राब मूल्यांकन का मतलब है ऊंची दरों पर मुश्किल से क़र्ज़.
क्रिकेट में नेल्सन अंक माने क्या?
नेल्सन, डबल नेल्सन और ट्रिपल नेल्सन क्रिकेट में 111, 222 और 333 के स्कोर को कहते हैं. यह एक लोक प्रयोग हैं और इसे ब्रिटेन की नौसेना के अठारहवीं सदी के मशहूर एडमिरल लॉर्ड होरेशियो नेल्सन के नाम से जोड़ते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस बहादुर फौजी की एक आँख, एक हाथ और एक पैर लड़ाई में जाता रहा. यह तथ्य पूरी तरह सही नहीं है. उनकी एक आँख और एक हाथ वाली बात तक ठीक है, पर उनके दोनों पैर थे. बहरहाल नेल्सन स्कोर के साथ अंधविश्वास है कि इसपर विकेट गिरता है. हालांकि यह भी सच नहीं है. ‘द क्रिकेटर’ नाम की मशहूर मैगज़ीन ने पुराने स्कोर की पड़ताल की तो इन स्कोरों पर विकेट ज्यादा नहीं गिरे हैं. सबसे ज्यादा विकेट 0 के स्कोर पर गिरते हैं. बहरहाल प्रसिद्ध अम्पायर डेविड शेफर्ड ने नेल्सन स्कोर को प्रसिद्ध बनाया. वे इस स्कोर पर या तो एक पैर उठा देते थे या तब तक दोनों पैरों पर खड़े नहीं होते थे, जब तक स्कोर आगे न बढ़ जाए. वे उछलते रहते थे. नेल्सन स्कोर से मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में 87 के स्कोर को लेकर अंधविश्वास है. 100 से 13 कम यानी 87 को खतरनाक माना जाता है. संयोग है कि ऑस्ट्रेलिया के काफी खिलाड़ी इस स्कोर पर आउट होते हैं.
सुपर कंप्यूटर क्या होता है
आधुनिक परिभाषा के अनुसार, वे कंप्यूटर, जो 500 मेगा-फ्लॉप की क्षमता से कार्य कर सकते हैं, सुपर कंप्यूटर कहलाते है. सुपर कंप्यूटर गति को फ्लॉप (फ्लोटिंग-पॉइंट ऑपरेशंस पर सेकंड) से नापते है. अब दुनिया में क्वॉड्रिलियन या पेटा-फ्लॉप (यानी एक हजार खरब) की गणना कर सकने में सुपर कंप्यूटर बन रहे हैं. सुपरकंप्यूटरों की शुरूआत साठ के दशक से मानी जा सकती है. अमेरिका के कंट्रोल डेटा कॉरपोरेशन के इंजीनियर सेमूर क्रे ने सबसे पहले सुपर कंप्यूटर बनाया. बाद में क्रे ने अपनी कम्पनी क्रे रिसर्च बना ली. यह कम्पनी सुपर कंप्यूटर बनाने के क्षेत्र में एक दौर तक सबसे आगे थी. आज भी क्रे के अलावा आईबीएम और ह्यूलेट एंड पैकर्ड इस क्षेत्र में शीर्ष कम्पनियाँ हैं. पर हाल में जापान और चीन इस मामले में काफी तेजी से आगे बढ़े हैं.
सबसे तेज सुपर कंप्यूटर कहाँ है?
सुपर कंप्यूटर के मामले में स्थिति बदलती रहती है. नवंबर 2016 में जारी सूची के अनुसार चीन का ‘सनवे ताएहूलाइट’ (Sunway Taihulight) विश्व के सबसे तेज सुपर कंप्यूटरों की श्रेणी में पहले स्थान पर है. यह कंप्यूटर आठवीं बार शीर्ष पर रहा है. उधर जापान सुपर कंप्यूटर की श्रेणी में पहले स्थान पर आने की तैयारी कर रहा है. जापान सरकार ने नए सुपर कंप्यूटर के लिए 19.5 बिलियन जापानी येन (लगभग 173 मिलियन डॉलर) खर्च करने की योजना बनाई है. इस कंप्यूटर की क्षमता 130 पेटा फ्लॉप्स की होगी. चीन के सुपर कंप्यूटर की क्षमता 93 पेटा फ्लॉप्स की है. दुनिया के टॉप 500 सुपर कंप्यूटरों की सूची यहाँ देखें https://www.top500.org/lists/2016/11/
डीएवीपी क्या होता?
भारत सरकार के दृश्य-प्रचार का काम करने वाली यह संस्था है. इसका अंग्रेजी में पूरा नाम है डायरेक्टरेट ऑफ एडवर्टाइज़िंग एंड विज़ुअल पब्लिसिटी. भारत सरकार के सभी मंत्रालयों तथा कुछ स्वायत्त संस्थाओं के विज्ञापन और प्रचार का काम यह संस्था करती है. इसकी पृष्ठभूमि दूसरे विश्व युद्ध के बाद बन गई थी, जब भारत सरकार ने एक प्रेस एडवाइज़र की नियुक्ति की थी. उसके पास ही विज्ञापन की ज़िम्मेदारी आई. जून 1941 में उनके अधीन एडवर्टाइज़िंग कंसल्टेंट का पद बनाया गया. 1 मार्च 1942 से यह सूचना और प्रसारण विभाग की एक शाखा के रूप में काम करने लगा. 1 अक्टूबर 1955 से यह मंत्रालय से सीधे जुड़ गया और इसका यह नाम भी तभी मिला.
जुगनू क्यों चमकते हैं?
जुगनू एक प्रकार का उड़ने वाला कीड़ा है, जिसके पेट में रासायनिक क्रिया से रोशनी पैदा होती है। इसे बायोल्युमिनेसेंस कहते हैं। यह कोल्ड लाइट कही जाती है इसमें इंफ्रा रेड और अल्ट्रा वॉयलेट दोनों फ्रीक्वेंसी नहीं होतीं।
मच्छर भनभनाते क्यों हैं?
मच्छरों के शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उनके पंख होते हैं. इन पंखों को वे तेजी से फड़फड़ाते हैं. इस फड़फड़ाने से जो आवाज होती है, वही इनका भनभनाना है. हमारी साँस के साथ बाहर निकलने वाली कार्बन डाईऑक्साइड इन्हें आकर्षित करती है. जब ये हमारे चेहरे के करीब आते हैं तब हमें इनकी भनभनाहट सुनाई पड़ती है.
हिचकी क्यों आती है?

हिचकी का कारण होता है अचानक डायफ्राम में ऐंठन आना. फेफड़ों में अचानक हवा भरने से कंठच्छद (एपिग्लॉटिस) बंद हो जाता है. इससे हिच या हिक् की आवाज आती है. इसीलिए इसे अंग्रेजी में हिक-अप कहते हैं. हिचकी आने की कई वजहें हैं. जल्दी-जल्दी खाना, बहुत गर्म या तीखा खाना, हँसना, खाँसना भी हिचकी का कारण बनता है. शराब पीने और धूम्रपान से भी आती है. इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस भी हिचकियाँ पैदा करता है. श्वसन पर रिसर्च करने वाले एक ग्रुप का कहना है कि मानव शरीर के विकास का एक लक्षण हिचकी है.