Wednesday, March 29, 2017

संसद और विधानसभाओं की सीटें किस आधार पर तय होती हैं?

जनगणना मुख्यतः आधार होती है, पर इस मामले में भी अलग-अलग इलाकों के अलग-अलग मानकों हो सकते हैं। लोकसभा में 543 सीटें हैं। संविधान के अनुच्छेद 82 के अनुसार हरेक जनगणना के बाद संसद संसदीय पुनर्सीमांकन कानून बनाती है। इसके लिए पुनर्सीमांकन आयोग का गठन किया जाता है। संसद ने सन 1976 में एक संशोधन किया कि अब संसदीय क्षेत्रों का पुनर्सीमांकन सन 2000 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आधार पर किया जाएगा। जनगणना सन 2001 में हुई। उसके पूरे परिणाम 2003 तक आए। उसके आधार पर पुनर्सीमांकन का काम किया गया।  संसद और विधानसभा क्षेत्रों का वर्तमान निर्धारण पुनर्सीमांकन अधिनियम-2002 के आधार पर किया गया है। इस संशोधन के अंतर्गत सन अब 2026 के बाद की पहली जनगणना तक क्षेत्रों का पुनर्सीमांकन नहीं होगा।
क्या सफेद हाथी भी होते हैं?
दक्षिण पूर्व एशिया के थाईलैंड, म्यांमार, लाओस और कम्बोडिया आदि में सफेद हाथी भी मिलते हैं। इनकी संख्या कम होने के कारण इन्हें महत्वपूर्ण माना जाता है। राजा महाराजा ही इन्हें रखते हैं। हिन्दू परम्परा में सफेद हाथी ऐरावत है इन्द्र की सवारी। पवित्र होने के नाते इस इलाके में सफेद हाथियों से काम भी नहीं कराते। हाथी रखना यों भी खर्चीला काम है, इसलिए सफेद हाथी एक मुहावरा बन गया है।
जैसे माउंट एवरेस्ट दुनिया की सबसे ऊंची जगह है, सबसे नीची जगह कौन सी है?
दक्षिण अफ्रीका एम्पोनेंग सोने की खान को आप सबसे नीची जगह कह सकते हैं जो समुद्र तल से 4000 मीटर नीचे है। पर इसे इंसान ने खोदा है। प्राकृतिक रूप से जॉर्जिया की वेरोन्या गुफा सबसे गहरी जगह है, जो 2193 मीटर गहरी है।
डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत कैसे निकाली जाती है?
विदेशी मुद्रा के विनिमय की एक व्यवस्था है। भारत में अभी विदेशी का बाजार खुला नहीं है। मुद्रा का भाव वैसे ही है जैसे किसी और चीज़ का भाव मसलन यदि बीस रुपए में पाँच नीबू आते हैं तो एक नीबू का भाव चार रुपए हुआ। ऐसे ही यदि एक डॉलर में दस नीबू मिलें तो एक नीबू का भाव उसी प्रकार निकलेगा। करेंसी का भाव देश की अर्थव्यवस्था के मानकों के साथ तय होता है। आमतौर पर वैश्विक व्यापार डॉलर में होता है। डॉलर सबसे मजबूत मुद्रा है। और जैसा की माँग के बढ़ने और घटने पर किसी दूसरी चीज़ के साथ होता है मुद्रा पर भी यही बात लागू होती है। हमें विदेश से तेल खरीदने के लिए डॉलर की ज़रूरत होती है। जब ज़रूरत ज्यादा होती है तब हम ज्यादा रुपए देकर उसे खरीदते हैं।
विश्व की सबसे लम्बी कविता कौन सी है?
माना जाता है कि महाभारत दुनिया की सबसे लम्बी कविता है। इसमें एक लाख से ज्यादा श्लोक हैं और लगभग बीस लाख शब्द हैं। प्रसिद्ध ग्रीक महाकाव्य इलियाड और ओडिसी को एक साथ मिला लें तब भी महाभारत उनका दस गुना बड़ा ग्रंथ साबित होगा। 
राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Friday, March 24, 2017

EVM का पहली बार कब इस्तेमाल हुआ?

भारत में सन 1998 में कुछ विधानसभा क्षेत्रों में, फिर 1999 के लोकसभा चुनाव में आंशिक रूप से और 2004 के चुनाव में पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया था. उस चुनाव में 10 लाख से ज्यादा वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया था. वोटिंग मशीनें बनाने की कोशिशें उन्नीसवीं सदी से चल रहीं थीं. चुनाव आयोग ने पहली बार 1977 में इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (ईसीआईएल) से ईवीएम को प्रोटोटाइप (नमूना) बनाने के लिए संपर्क किया. छह अगस्त 1980 को चुनाव आयोग ने प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ईवीएम का प्रोटोटाइप दिखाया. उस समय ज्यादातर पार्टियों का रुख इसे लेकर सकारात्मक था. उसके बाद चुनाव आयोग ने भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बीईएल) को ईवीएम बनाने का जिम्मा दिया.

वस्तुतः इस मशीन का पहला प्रयोगात्मक इस्तेमाल 1982 में केरल के पारावुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में हुआ था. जन प्रतिनिधित्व कानून-1951 के तहत चुनाव में केवल बैलट पेपर और बैलट बॉक्स का इस्तेमाल हो सकता था. पर आयोग ने पारावुर विधान सभा के कुल 84 पोलिंग स्टेशन में से 50 पर ईवीएम का इस्तेमाल किया. इस सीट से कांग्रेस के एसी जोस और सीपीआई के सिवान पिल्लै के बीच मुकाबला हुआ. सिवान पिल्लई ने केरल हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करके मशीन के इस्तेमाल पर सवाल खड़ा किए. जब चुनाव आयोग ने हाई कोर्ट के मशीन दिखाई तो अदालत ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया. लेकिन जब पिल्लै 123 वोटों से चुनाव जीत गए तो कांग्रेसी जोस अदालत चले गए और अंततः सुप्रीम कोर्ट ने बैलट पेपर से चुनाव कराने का आदेश दिया. दुबारा हुए चुनाव में जोस जीत गए.

इस फैसले के बाद चुनाव आयोग ने ईवीएम का इस्तेमाल बंद कर दिया. सन 1988 में कानून में संशोधन करके ईवीएम के इस्तेमाल को कानूनी बनाया गया. वर्ष 1989-90 में निर्मित इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का प्रयोगात्मक आधार पर पहली बार नवम्बर, 1998 में आयोजित 16 विधान सभा क्षेत्रों के चुनाव में इस्तेमाल किया गया. इन 16 क्षेत्रों में से मध्य प्रदेश में 5, राजस्थान में 5, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली में 6 विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्र थे.

क्या बैलट पेपर वोटिंग अब भी सम्भव है?

ईवीएम की एक बैलटिंग यूनिट में 16 प्रत्याशियों के लिए प्रावधान है. यदि उनकी संख्या 16 से अधिक हो जाए तो पहली बैलटिंग यूनिट के साथ-साथ एक दूसरी बैलटिंग यूनिट जोड़ी जा सकती है. 32 से अधिक हो तो तीसरी और यदि 48 से अधिक हो तो चौथी यूनिट अधिकतम 64 प्रत्याशियों के लिए जोड़ी जा सकती है. यदि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की संख्या 64 से अधिक हो जाए तो ऐसे निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. ऐसे में मत पेटी एवं मत पत्र के माध्यम से पारम्परिक प्रणाली को अपनाना पड़ेगा.

तेलंगाना नाम कैसे पड़ा?

भारत के आन्ध्र प्रदेश से अलग करके एक नया राज्य बना है तेलंगाना. इस इलाके में मान्यता है कि इस इलाके में लिंग के रूप में शिव तीन पर्वतों पर प्रकट हुए. ये हैं कालेश्वरम, मल्लिकार्जुन और द्राक्षाराम. ये पर्वत इस इलाके की सीमा बनाते हैं और इसीलिए इसे त्रिलिंग देश कहा जाता है जो तेलंगाना हो गया है. तेलुगू शब्द की उत्पत्ति भी इसी त्रिलिंग से है. यहाँ की भाषा त्रिलिंग (तेलुगु) कहलाई. 'तेलंगाना' शब्द का अर्थ है- 'तेलुगु भाषियों की भूमि'.

तेनालीराम कौन थे?

तेनाली रामकृष्ण, तेनाली रामलिंगम या तेनाली राम तमिल, तेलुगु और कन्नड़ लोककथाओं का एक पात्र है. सोलहवीं सदी में दक्षिण भारत के विजयनगर राज्य में राजा कृष्णदेव राय हुआ करते थे. तेनालीराम उनके दरबार के कवि थे और वे अपनी समझ-बूझ और हास-परिहास के लिए प्रसिद्ध थे. उनकी खासियत थी कि गम्भीर से गम्भीर विषय को भी वह हंसते-हंसते हल कर देते थे. विजयनगर के राजा के पास नौकरी पाने के लिए उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा. कई बार उन्हें और उनके परिवार को भूखा भी रहना पड़ा, पर उन्होंने हार नहीं मानी और कृष्णदेव राय के पास नौकरी पा ही ली. तेनालीराम की गिनती राजा कृष्णदेव राय के आठ दिग्गजों में होती थी.

सबसे लंबी और सबसे छोटी उम्र वाले जीव कौन हैं?
जापानी मछली कोई 250 साल तक, विशाल कछुआ (जाइंट टर्टल) पौने दो सौ से दो सौ साल तक, ह्वेल मछली दो सौ साल तक जीती है. मे फ्लाई नाम की मक्खी की उम्र 24 घंटे होती है. इसी तरह जल में रहने वाले एक नन्हे प्राणी गैस्ट्रोटिच की उम्र होती है तीन दिन.

हमारे शरीर में कितना पानी होता है?
शरीर-विज्ञानी आर्थर गायटन की पाठ्य पुस्तक ‘मेडिकल फिज़ियॉलॉजी’ के अनुसार एक सामान्य व्यक्ति के शरीर के वजन का लगभग 57 फीसदी भाग पानी के रूप में होता है. इस हिसाब से 70 किलोग्राम वजन के व्यक्ति के शरीर में लगभग 40 लिटर पानी होता है. नवजात शिशु के शरीर में तो 75 फीसदी तक भार पानी का होता है. इसके बाद दस साल की उम्र तक यह पानी कम होता जाता है और ठोस पदार्थ बढ़ता जाता है. कुछ व्यक्तियों के शरीर में यह घटकर 45 फीसदी तक रह जाता है. शरीर के तरल पदार्थ का आकलन औसत में होता है, इसमें कम-ज्यादा भी हो सकता है.प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Thursday, March 16, 2017

आकाशीय बिजली क्या होती है?

बादलों में नमी होती है. यह नमी बादलों में जल के बहुत बारीक कणों के रूप में होती है. हवा और जलकणों के बीच घर्षण होता है. घर्षण से बिजली पैदा होती है और जलकण आवेशित हो जाते हैं यानी चार्ज हो जाते हैं. बादलों के कुछ समूह धनात्मक तो कुछ ऋणात्मक आवेशित होते हैं. धनात्मक और ऋणात्मक आवेशित बादल जब एक-दूसरे के समीप आते हैं तो टकराने से अति उच्च शक्ति की बिजली उत्पन्न होती है. इससे दोनों तरह के बादलों के बीच हवा में विद्युत-प्रवाह गतिमान हो जाता है. विद्युत-धारा के प्रवाहित होने से रोशनी की तेज चमक पैदा होती है. आकाश में यह चमक अक्सर दो-तीन किलोमीटर की ऊँचाई पर ही उत्पन्न होती है.
बिजली चमकने के कुछ देर बाद गरज क्यों सुनाई पड़ती है?
वास्तव में हवा में प्रवाहित विद्युत-धारा से बहुत अधिक गरमी पैदा होती है. हवा में गरमी आने से यह अत्यधिक तेजी से फैलती है और इसके लाखों करोड़ अणु आपस में टकराते हैं. इन अणुओं के आपस में टकराने से ही गरज की आवाज उत्पन्न होती है. प्रकाश की गति अधिक होने से बिजली की चमक हमें पहले दिखाई देती है. ध्वनि की गति प्रकाश की गति से कम होने के कारण बादलों की गरज हम तक देर से पहुँचती है.
बिल्ली की चाल क्यों प्रसिद्ध है?
पंजों पर चलने के कारण बिल्लियों की पदचाप काफी हल्की होती है. बिल्लियाँ ही नहीं कुत्ते भी पंजों पर चलते हैं. रीढ़ की हड्डी वाले प्राणियों में शेर, बिल्लियाँ, लोमड़ी, कुत्ते और ज़मीन पर चलने वाले ज्यादातर पक्षी अंगुलचारी होते हैं. इन्हें अंग्रेजी में डिजिटिग्रेड्स कहा जाता है यानी डिजिट या पंजों पर चलने वाले. मनुष्य और भालू प्लैंटीग्रेड यानी पादतलचारी होते हैं. इसी तरह खुरों पर चलने वाले अनगुलेट्स होते हैं. बिल्लियों की बात चली है तो उनके बारे में यह बताना उपयोगी होगा कि उनकी चाल में बला की सफाई होती है. उनमें सिफत होती है कि जिस जगह उसके अगले पैर का पंजा पड़े ठीक उसी जगह उसके पिछले पैर का पंजा गिरता है. उसकी दूसरी खासियत है कि वह अपनी चाल बदल सकती है. वह पेसिंग गेट यानी पदनियमन चाल से भी चल सकती है, जिसमें शरीर के एक तरफ के दोनों पैर एक दिशा में और दूसरे हिस्से के दोनों पैर दूसरी दिशा में चलते हैं. इससे उसकी गति असाधारण रूप से बढ़ जाती है.
गाड़ी या कार में चलते समय हमें चक्कर क्यों आता है?
इसे मोशन सिकनेस या काइनेटोसिस कहते हैं. हमारे दिमाग का जो हिस्सा हमारे चलने-फिरने की व्यवस्था संचालित करता है, उसे वेस्टिब्यूलर सिस्टम कहते हैं. हमारा शरीर जिस गति और तरीके से रोज़ चलता है उसमें बदलाव आने पर मस्तिष्क के वेस्टिब्यूलर सिस्टम के साथ उसका सामंजस्य नहीं बैठ पाता. ऐसा कार में बैठने पर ही नहीं होता. समुद्री जहाज, हवाई जहाज, जाइंट ह्वील में बैठने या किसी बहुत ऊँची जगह से नीचे देखने पर भी होता है. इसके लक्षण हैं चक्कर आना, घबराना, थकान और उल्टी होना. मोशन या यह गति रुकती नहीं तो उल्टी होती है. आमतौर पर उल्टी शरीर की रक्षा व्यवस्था है. जब मतली आती है तो उल्टी होने से मतली रुक जाती है. पर मोशन सिकनेस में उल्टी होने से मतली बंद नहीं होती. वह तभी बंद होती है, जब मोशन रुक जाय. 
भारत में हॉकी की सर्वोच्च संस्था
भारत में लम्बे समय तक हॉकी के खेल के संचालन हेतु अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ नाम की संस्था मान्यता प्राप्त थी. उसका गठन सन 1928 में ग्वालियर में हुआ था. अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ से सम्बद्ध वह दुनिया की पहली गैर-यूरोपीय संस्था थी. इस संस्था को लेकर कई तरह के विवाद खड़े होने के बाद अप्रैल 2008 में इसे भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण भंग कर दिया गया. इसके बाद 20 मई 2009 को हॉकी इंडिया की स्थापना हुई. तबसे देश में हॉकी के संचालन का काम हॉकी इंडिया कर रही है.
भारतीय हॉकी महासंघ के भंग होने के बाद यह मामला अदालतों में गया और करीब ढाई साल तक देश में हॉकी की दो राष्ट्रीय संस्थाएं चलती रहीं. अंततः 25 जुलाई 2011 को भारतीय हॉकी महासंघ और हॉकी इंडिया के बीच एक समझौता हुआ, जिसके अंतर्गत दोनों की एक संयुक्त कार्यकारिणी की स्थापना हुई.
हाल तक नरेंद्र बत्रा इसके अध्यक्ष थे, पर वे अब अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष बन गए हैं. इसके कारण नवम्बर 2016 में मरियम्मा कोशी को हॉकी इंडिया ने अपने नए अध्यक्ष के रूप में चुन लिया. कार्यकारी बोर्ड की 41वीं बैठक में हॉकी इंडिया ने कोशी को नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की. साथ ही हॉकी इंडिया के महासचिव मोहम्मद मुश्ताक अहमद हॉकी इंडिया लीग यानी एचआईएल के संचालन बोर्ड के अध्यक्ष बनाए गए.
दुनिया के पहले कार्टूनिस्ट कौन थे?
सन 1841 में लंदन से प्रकाशित पत्रिका पंच में सबसे पहले कार्टून छपने शुरू हुए थे. इनमें जॉन लीच के बनाए स्केच प्रमुख थे. पत्रिका के पहले अंक का मुखपृष्ठ आर्किबाल्ड हैनिंग ने डिजाइन किया थ.। जॉन लीच के अलावा रिचर्ड डॉयल, जॉन टेनियल और चार्ल्स कीन के कार्टून भी पत्रिका में छपते थे. उन्हें भी पहले कार्टूनिस्ट मान सकते हैं.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Wednesday, March 15, 2017

फूलों में खुशबू कहाँ से आती है?

रासायनिक यौगिकों का एक गुण गंध भी है। फूलों में ही नहीं आप जीवन के प्रायः तमाम तत्वों में गंध पाते हैं। भोजन, शराब, फलों, मसालों, सब्जियों वगैरह में गंध होती है। सभी फूलों में खुशबू नहीं होती। कुछ फूल गंधहीन होते हैं। कुछ दुर्गंध भी देते हैं। गुलाब की खुशबू जेरनायल एसीटेट नामक रासायनिक यौगिक के कारण होती है। चमेली की खुशबू नेरोलायडॉल के कारण होती है। फूलों से ही इत्र भी बनता है। फूलों की मुख्य भूमिका वनस्पतियों के प्रजनन में है। एक फूल से परागकण दूसरे में जाते हैं। इसमें हवा के अलावा मधुमक्खियों, तितलियों तथा इसी प्रकार के दूसरे प्राणियों की होती है। उन्हें आकर्षित करने में भी इनके रंग और सुगंध की भूमिका होती है।

हॉलीवुड क्या है?
अमेरिका के लॉस एंजेलस, कैलिफोर्निया में हॉलीवुड एक डिस्ट्रिक्ट है जो फिल्म उद्योग के लिए मशहूर है। इसे यह नाम एचजे ह्विटले ने दिया जिन्होंने 1870 के आसपास यहाँ 500 एकड़ जमीन खरीद कर बस्ती बसाने की योजना बनाई। 1902 में यहाँ मशहूर हॉलीवुड होटल खुला। 1906 में इस इलाके में बायोग्राफ कम्पनी ने एक फिल्म की शूटिंग की। धीरे-धीरे यह फिल्मों का शहर ही बन गया। बहरहाल हॉलीवुड का नाम दुनिया में फिल्म निर्माण के साथ जुड़ने के बाद फिल्म निर्माण से जुड़े शहरों ने अपने नाम के आगे वुड जोड़ना शुरू कर दिया। जैसे बॉलीवुड, कॉलीवुड, टॉलीवुड वगैरह।

चुनाव पांच साल बाद ही क्यों होते हैं?
सभी चुनाव पाँच साल बाद नहीं होते। अलबत्ता हमारे संविधान के अनुच्छेद 63(2) के अनुसार लोकसभा का कार्यकाल पाँच वर्ष है। इसलिए लोकसभा चुनाव पाँच साल में होते हैं। विधानसभाओं के साथ भी ऐसा ही है। लोकसभा पाँच साल के पहले भी भंग की जा सकती है और विशेष परिस्थितियों में उसका कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है। राज्यसभा में एक सदस्य का कार्यकाल छह साल होता है, पर चुनाव हर दो साल में होते हैं। लोकसभा का पुनर्गठन होता है। मसलन पंद्रहवीं लोकसभा, सोलहवीं लोकसभा। पर राज्यसभा निरंतर चलने वाली संस्था है।

दुनिया का सबसे लम्बा राष्ट्रीय हाइवे कहाँ है?
ऑस्ट्रेलिया का हाइवे नम्बर वन दुनिया का सबसे लम्बा हाइवे माना जाता है। इसकी लम्बाई 14,500 किलोमीटर है। यह हाइवे इस महाद्वीप के सागर तट के समांतर। यानी पूरे महाद्वीप का चक्कर लगाता है।

अंटार्कटिका की खोज किसने की?
करीब दो हजार साल पहले यह माना जाने लगा था कि कोई बड़ा इलाका दुनिया के दक्षिण में है। एक मान्यता यह भी थी कि ऑस्ट्रेलिया का दक्षिणी इलाका दक्षिण अमेरिका से जुड़ा है। पर 1773 में ब्रिटिश अन्वेषक कैप्टेन जेम्स कुक ने अपने दो जहाजों के साथ अंटार्कटिक सर्किल को पार करके उस सम्भावना को खारिज कर दिया। जबर्दस्त ठंड के कारण कैप्टेन कुक को अंटार्कटिक के सागर तट के 121 किलोमीटर दूर से वापस लौटना पड़ा। इसके बाद सन 1820 रूसी नाविकों फेबियन गॉतिलेब वॉन बेलिंगशॉसेन और मिखाइल लजारोव ने अंटार्कटिक को पहली बार देखा। उसके बाद कई नाविकों को इस बर्फानी ज़मीन को देखने का मौका मिला।
राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Sunday, March 12, 2017

बजट को बजट क्यों कहते हैं?

'बजट' शब्द ब्रिटिश संसद से आया है। सन 1733 में जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री (चांसलर ऑफ एक्सचेकर) रॉबर्ट वॉलपोल संसद में देश की माली हालत का लेखा-जोखा पेश करने आए, तो अपना भाषण और उससे संबद्ध दस्तावेज चमड़े के एक बैग (थैले) में रखकर लाए। चमड़े के बैग को फ्रेंच भाषा में बुजेट कहा जाता है। बस, इसीलिए इस परंपरा को पहले बुजेट और फिर कालांतर में बजट कहा जाने लगा। जब वित्त मंत्री चमड़े के बैग में दस्तावेज लेकर वार्षिक लेखा-जोखा पेश करने सदन में पहुंचते तो सांसद कहते-'बजट खोलिए, देखें इसमें क्या है।' या 'अब वित्त मंत्री जी अपना बजट खोलें।' इस तरह 'बजट' नामकरण साल दर साल मजबूत होता गया
भारत का पहला बजट कब और किसने पेश किया?
देश का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को आरके शण्मुगम चेट्टी ने पेश किया था। वे देश के पहले वित्तमंत्री थे और इस पद पर सन 1949 तक रहे।
मोबाइल ‘सिम’ कैसे कार्य करता है?
मोबाइल फोन को काम करने के लिए एक छोटे से माइक्रोचिप की आवश्यकता होती है, जिसे ग्राहक पहचान मापदंड (सब्स्क्राइबर आइडैंटिफ़िकेशन मॉड्यूल) या सिम कार्ड कहा जाता है। लगभग डाक टिकट के आकार के सिम कार्ड पर एक सिलिकन चिप लगी होती है। इस चिप पर ही सारी जानकारी डाली जाती है, जिससे मोबाइल नेटवर्क सिम कार्ड की पहचान कर सके। हर सिम कार्ड का अपना एक अलग पहचान कोड होता है जिससे फोन कंपनी का केंद्रीय डेटाबेस पहचान कर सके। सिम कार्ड सामान्यतया बैटरी के नीचे यूनिट के पीछे रखा जाता है और फोन के डेटा तथा फोन के बारे में जानकारी को संग्रहीत करता है। जब ग्राहक सिम कार्ड को हटा देता है, तो इसे पुन: दूसरे फोन में डाल कर सामान्य रूप से उपयोग किया जा सकता है। हर सिम कार्ड पर अलग-अलग जानकारी होती है और अलग नंबर होता है।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली क्यों की जाती है?
राजमार्ग पर खर्च की गई राशि को हासिल करने के लिए। रास्तों ने इंसान को प्रगति करना सिखाया। एक जगह से दूसरी जगह जाकर उसने न कई तरह की बातें सीखीं, बल्कि कमाई की। पर रास्ते बनाने में श्रम और साधन लगते हैं। आमतौर पर सरकारें रास्ते बनातीं हैं, पर उसके पास इतने साधन नहीं होते कि यह काम वह मुफ्त में कर सके। टोल एक प्रकार से रास्ते की कीमत है। इसे टैक्स भी कह सकते हैं जो उन लोगों से वसूला जाता है, जो उसका इस्तेमाल करते हैं। भारत में अब ज्यादातर राजमार्ग सरकार और निजी कम्पनियों के संयुक्त प्रयास से बनाए जा रहे हैं। ऐसे में निजी कम्पनियों को एक निश्चित अवधि तक टोल वसूलने की अनुमति दी जाती है। यह प्रथा दुनियाभर में है। केवल राजमार्गों पर ही नहीं पुलों और सुरंगों से गुजरने वालों से भी टोल वसूला जाता है।
इंदिरा गांधी को प्रियदर्शिनी क्यों कहा जाता है?
इंदिरा गांधी का पूरा नाम था इंदिरा प्रियदर्शिनी नेहरू। कहते हैं गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने उन्हें प्रियदर्शिनी नाम दिया था। फीरोज़ गांधी से विवाह के कारण उनके नाम के साथ गांधी शब्द जुड़ गया।
राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Thursday, March 9, 2017

सीबीआई क्या है?

सीबीआई भारत सरकार की प्रमुख जाँच एजेंसी है. आपराधिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हुए भिन्न-भिन्न प्रकार के मामलों की जाँच करने के लिए इसकी सेनाएं ली जाती हैं. इसके अधिकार एवं कार्य दिल्ली विशेष पुलिस संस्थापन अधिनियम (Delhi Special Police Establishment Act), 1946 से परिभाषित हैं. इसकी शुरुआत भारत सरकार द्वारा 1941 में स्थापित विशेष पुलिस प्रतिष्ठान (एस्टेब्लिशमेंट) से हुई है. उस समय विशेष पुलिस प्रतिष्‍ठान का काम द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय युद्ध और आपूर्ति विभाग में घूसखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करना था.
युद्ध के बाद भी, भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने हेतु एक केन्द्रीय सरकारी एजेंसी की जरूरत महसूस की गई. इसीलिए 1946 में दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्‍ठान अधिनियम लागू किया गया. इसके कामकाज का विस्तार करके भारत सरकार के सभी विभागों को कवर कर लिया गया. इस प्रतिष्‍ठान को नया नाम सीबीआई 1 अप्रेल 1963 में मिला. नए लोकपाल अधिनियम के अंतर्गत सीबीआई के नए निदेशक का चयन कॉलेजियम करता है. इसमें प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शामिल हैं. इस कॉलेजियम ने हाल में सीबीआई के नए निदेशक के रूप में आलोक वर्मा के नाम को स्वीकृति दी, जिसके बाद उनकी इस पद पर नियुक्ति हुई.
टोल फ्री नम्बर क्या होता है?
टोल फ्री नम्बर सेवा आमतौर पर 800, 0800 या 1800 जैसे नम्बरों से शुरू होती है. इसमें फोन करने वाले को पैसा नहीं देना होता है, बल्कि जिसके पास कॉल जा रही है उसे देना होता है. सबसे पहले इंग्लैंड के पोस्ट ऑफिस ने 1960 के दशक में इस तरह की सेवा शुरू की थी. व्यावसायिक तरीके से 2 मई 1967 को अमेरिका की एटीएंडटी टेलीफोन सेवा ने यह सर्विस शुरू की. शुरू में होटल किराए पर कार और टैक्सी सेवाओं ने इसका लाभ उठाया. अब तो ज्यादातर उपभोक्ता सामग्री बेचने वाली कम्पनियाँ आफ्टर सेल्स सर्विस के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं.
शीशे में हम खुद को कैसे देख पाते हैं?
दर्पण प्रकाश के सिद्धांत पर काम करता है. प्रकाश की किरण जब शीशे को पार कर जाती है तब हमें अपनी तस्वीर नज़र नहीं आती. पर जब वह उससे टकराकर वापस आती है तब तस्वीर दिखाई पड़ती है. जैसे कोई गेंद किसी सतह से टकराकर वापस आती है उसी तरह रोशनी की किरण के साथ भी होता है. रोशनी के छोटे कणों को फोटोन कहते हैं. जब ये फोटोन दर्पण से टकराते हैं तो एटमी क्रिया से उसी तरह के फोटोन बनते हैं. यह छवि उसी कोण से उसकी उल्टी दिशा में वापस जाती है. इसीलिए हूबहू उल्टी बनती है. इसका पता तब लगता है जब हम कोई शब्द लिखकर शीशे को सामने रखें तब वह उल्टा दिखाई पड़ता है.
दूध का रंग सफेद क्यों होता है?
दूध में एक खास प्रोटीन कैसीन काफी बड़ी मात्रा में होता है. इसमें जो चिकनाई है उसका रंग भी सफेद है. यह भी कि दूध कॉलॉइडल पार्टिकल्स से बना है. इसमें शामिल तत्वों के कण इतने सूक्ष्म और पारदर्शी हैं कि वे प्रकाश को जज्ब नहीं करते.
ब्लैकहोल क्या हैं?
ब्लैकहोल अंतरिक्ष का वह सिद्धांततः अनुमानित इलाका है जहाँ गुरुत्व शक्ति यानी ग्रेविटी इतनी ज्यादा होती है कि कोई चीज यहाँ तक कि रोशनी (इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन) भी बचकर जा नहीं सकती. ऐसा चुम्बक जो किसी चीज़ को नहीं छोड़ता. सवाल है कि तब इसका पता कैसे लगता है कि यहाँ ब्लैकहोल है. अंतरिक्ष के अनेक इलाके हैं जहाँ आसपास के नक्षत्रों की गतिविधियों से पता लगता है कि कोई शक्ति उन्हें अपनी ओर खींच रही है.
सुनामी क्या होती है?
सुनामी जापान से आया शब्द है जिसका अर्थ है समुद्र से उठी ऊँची-ऊँची लहरों की अनवरत श्रृंखला. ये लहरें सामान्य ज्वार जैसी नहीं होतीं, बल्कि उनसे कई गुना ऊँची और विध्वंसकारी होतीं हैं. हम अक्सर जापान में आई सुनामी की खबरें पढ़ते हैं. ऐसी ही सुनामी 26 दिसम्बर 2004 को हिन्द महासागर में भी आई थी. सुनामी आने के पीछे समुद्र तल पर आए भूकम्प या ज्वालामुखी होते हैं. सागर तल हिल जाने से उसका पानी जबर्दस्त तरीके से उफना जाता है और जैसे भरे बर्तन का पानी छलकता है वैसे ही यह पानी उछलता है.
छींकते समय आँखें बंद क्यों हो जाती हैं?
छींक हमारे शरीर की एक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है. कुदरत ने हमारा शरीर इस तरह बनाया है कि जब कभी नाक के सायनस क्षेत्र में कोई रुकावट पैदा होती है तो ट्रायजेमिनल नर्व इसका संदेश दिमाग को देती है. दिमाग की नर्व्स आँख और नाक के पास ऑक्सीजन का जबर्दस्त प्रेशर बनाती है. उस दबाव से आँख की पुतलियाँ निकलने का खतरा तो नहीं होता, पर उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पलकें अपने आप बंद हो जातीं हैं.
चमगादड़ पशु है या पक्षी?

चमगादड़ पक्षी नहीं हैं, बल्कि अकेले स्तनधारी प्राणी हैं जो उड़ सकते हैं.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Wednesday, March 8, 2017

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को क्यों?

महिला दिवस पहली बार सन 1909 में मनाया गया, हालांकि तब तारीख 8 मार्च नहीं थी, बल्कि 28 फरवरी थी. अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने पहली बार नेशनल महिला दिवस मनाया था. इसके एक साल पहले 1908 में न्यूयॉर्क की एक कपड़ा मिल में काम करने वाली करीब 15 हजार महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर तनख्वाह और वोट का अधिकार देने के लिए प्रदर्शन किया था.
पहले महिला दिवस को मनाए जाने के एक साल बाद अगस्त 1910  में डेनमार्क के कोपेनहेगन में महिलाओं की कॉन्फ्रेंस में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर महिला दिवस मनाने का फैसला किया गया और 1911 में पहली बार 19 मार्च को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया. सन 1913 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की तारीख 8 मार्च कर दी गई. तब से हर 8 मार्च को विश्व भर में महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है.
सन1917 में रुस की महिलाओं ने महिला दिवस पर रोटी, कपड़े के लिए हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया. उन दिनों रूस में जूलियन कैलेंडर चलता था और बाकी दुनिया में ग्रेगोरियन कैलेंडर. दोनों की तारीखों में कुछ अन्तर है. जूलियन कैलेंडर के मुताबिक 1917 की फरवरी का आखिरी रविवार 23 फरवरी को था, जबकि ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार उस दिन 8 मार्च था. इस समय पूरी दुनिया में ग्रेगोरियन कैलेंडर चलता है. इस तरह 8 मार्च का दिन महिला दिवस के रूप में मनाया जाने लगा. संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1975 का साल महिला वर्ष घोषित किया था और 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की थी.
भारत रत्न किन महिलाओं को दिया गया है?
अब तक देश में 45 व्यक्तियों को भारत रत्न से अलंकृत किया गया है. इनमें पाँच महिलाएं हैं जिनके नाम हैं इंदिरा गांधी, मदर टेरेसा, अरुणा आसफ अली, एमएस सुब्बुलक्ष्मी और लता मंगेशकर.
हैशटैग क्या होता है?
यह एक प्रतीक चिन्ह है. दो क्षैतिज समांतर रेखाओं को दो आड़ी रेखाएं काटती हैं जिनसे यह चिह्न बनता है #. इस निशान का इस्तेमाल नम्बर या संख्या को बताने के लिए और पौंड के लिए भी होता है, जो प्राचीन रोमन चिह्न लिब्रा पौंडो यानी पौंड वज़न के लिए इस्तेमाल होता था. यूके में इसका इस्तेमाल पौंड करेंसी में होता है.
सत्तर के दशक में कंप्यूटर की सी प्रोग्रामिंग भाषा में इसका इस्तेमाल किया गया. अब इसकी ग्लोबल स्वीकृति है. यानी सभी भाषाओं ने खासतौर से सोशल मीडिया के लिए इसे अपना लिया है. आज हैशटैग से सारी सोशल नेटवर्किंग साइट अटी पड़ी हैं. आप अपने किसी संदेश को हैशटैग कर देते हैं तो वह एक बड़े भंडार का हिस्सा बन जाता है. हैशटैग के सहारे हम कम समय में अपनी दिलचस्पी के विषय या विचार तक जा पहुँचते हैं. बहसों में शामिल हो सकते हैं.
किसी शब्द के पहले स्पेस दिए बगैर # जोड़ दें तो यह एक लिंक बन जाता है. जब इसे क्लिक करें तो वहाँ ले जाता है, जहाँ इस लिंक से जुड़ी सामग्री होती है. आज यह सोशल मीडिया के ज्यादातर प्लेटफॉर्म पर प्रयुक्त हो रहा है. मसलन आप इंस्टाग्राम पर #india लिखें तो भारत से जुड़ी तस्वीरों को दिखाएगा. ट्विटर में इसका इस्तेमाल 2009-10 में शुरू हुआ. अपने व्यापक इस्तेमाल के कारण इसे जून 2014 में ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में जगह दी गई.
संयुक्त अरब अमीरात क्या है?
इसे अंग्रेजी में कहते हैं युनाइटेड अरब एमीरेट्स (यूएई). यह पश्चिम एशिया में सात राजतंत्रों की संघीय व्यवस्था है. इसके पूर्व में ओमान और दक्षिण में सउदी अरब है. इसकी समुद्री सीमा पश्चिम में कतर से और उत्तर में ईरान से मिलती है. यह सात अमीरात का संघ है, जिसकी स्थापना 2 दिसम्बर 1971 को हुई थी. इसमें शामिल सात अमीरात हैं अबू धाबी (जो देश की राजधानी भी है), अजमान, दुबई, फुजइराह, रस-अल-खैमा, शारजाह और उम्म-अल-कुवैन. हरेक अमीरात के अलग-अलग शेख हैं और पूर्ण राजतंत्र है. इन सातों की एक संघीय सुप्रीम कौंसिल है. सातों में से कोई एक शेख देश के राष्ट्रपति के रूप में चुना जाता है. सन 1873 से 1947 तक यह ब्रिटिश भारत के अधीन रहा. उसके बाद इसका शासन लंदन के विदेश विभाग से संचालित होने लगा. सन 1971 में फारस की खाड़ी के सात शेख राज्यों को मिलाकर स्वतंत्र संयुक्त अरब अमीरात की स्थापना हुई. इसमें रस-अल-खैमा 1972 में शामिल हुआ. 1971 के संविधान के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात की राजनैतिक व्यवस्था आपस में जुड़े कई प्रबंधकीय निकायों से मिलकर बनी है. तेल भंडार के मामले में यह दुनिया का छठा सबसे बड़ा देश है.
भारत में राजनीतिक दलों की संख्या
सन 1951 के चुनाव में हमारे यहाँ 14 राष्ट्रीय और 39 अन्य मान्यता प्राप्त पार्टियाँ थीं. सन 2009 के लोकसभा चुनाव में 363 पार्टियाँ उतरीं थीं. इनमें 7 राष्ट्रीय, 34 प्रादेशिक और 242 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियाँ थीं. सन 2014 के लोकसभा चुनाव में जिन दलों ने हिस्सा लिया उनकी संख्या इस प्रकार थी-राष्ट्रीय दल 6 भाजपा, बसपा, भाकपा, माकपा, कांग्रेस और राकांपा. राज्य स्तर के दल 46 और पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त पार्टियाँ 464.
भारतीय क्रिकेट टीम ने अब तक कितने टेस्ट मैच खेले हैं?
ऑस्ट्रेलिया के साथ हाल में हुए टेस्ट मैच के पहले तक भारत ने कुल 508 टेस्ट मैच खेले थे. इनमें से 137 जीते, 157 हारे, 213 मैच ड्रॉ रहे और एक टाई रहा. भारत को सन 1932 में टेस्ट क्रिकेट खेलने का दर्जा मिला था. उस साल भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड गई और वहाँ की टीम के खिलाफ 25 से 28 जून के बीच तीन दिन का टेस्ट मैच खेला. लॉर्ड्स के मैदान में खेले गए इस मैच में इंग्लैंड की टीम 158 रन से जीती.
महात्मा गांधी के कितने भाई-बहन थे?
महात्मा गांधी, करमचन्द गांधी की चौथी पत्नी पुतलीबाई की सबसे छोटी संतान थे. करमचंद गांधी की पहली पत्नी से एक बेटी मूली बेन हुईं, दूसरी पत्नी से पानकुंवर बेन हुईं, तीसरी पत्नी से कोई संतान नहीं हुई और चौथी पत्नी पुतली बाई से चार बच्चे हुए. सबसे बड़े लक्ष्मीदास, फिर रलियत बेन, करसनदास और सबसे छोटे मोहनदास.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित