Wednesday, September 27, 2023

एशियाड में खेले जा रहे हैं भविष्य के खेल ई-स्पोर्ट्स


इंडोनेशिया में 2018 में हुए एशिया खेलों में पहली बार ई-स्पोर्ट्स को डिमांस्ट्रेशन स्पोर्ट्स के रूप में शामिल किया गया था। कहा गया कि 2022 में हैंगज़ाऊ, चीन में होने वाले 19वें एशिया खेलों में ई-स्पोर्ट्स प्रतियोगिता के रूप में शामिल होंगे। चीन के कोरोना-प्रतिबंधों के कारण 2022 के एशियाड नहीं हो पाए। इस साल हो रहे खेलों में ई-स्पोर्ट्स भी हो रहे हैं। इनका मतलब है इलेक्ट्रॉनिक स्पोर्ट्स। यानी वीडियो गेमिंग, प्रोफेशनल वीडियो गेमिंग।

मंगलवार को एशियाई खेलों में थाईलैंड ने पहला ई-स्पोर्ट्स पदक हासिल किया। इस मोबाइल फोन गेम में वियतनाम के खिलाफ प्लेऑफ में उसने कांस्य पदक जीता। इस खेल को ओलिंपिक में स्थान दिलाने के लिए वीडियो गेम उद्योग का दबाव बढ़ता जा रहा है। हैंगज़ाऊ में पबजी से डेटा-2 और मल्टी-प्लेयर बैटल एरेना गेम सहित विभिन्न खिताबों के लिए टीमें और व्यक्ति कुल सात स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबलों में हैं।

ये नए किस्म के खेल हैं, जिनमें व्यक्ति की प्रत्युत्पन्नमति मति और शूटिंग जैसी प्रतिभाओं की परीक्षा होती है। दुनिया में अब इन खेलों की प्रतियोगिताएं होने लगी हैं। सबसे ज्यादा प्रचलित खेल है रियल टाइम स्ट्रैटजी (आरटीएस), फर्स्ट पर्सन शूटर (एफपीएस) और फाइटिंग एंड मल्टीप्लेयर ऑनलाइन बैटल एरेना (एमओबीए)। इनकी लीग ऑफ लीजेंड्स वर्ल्ड चैम्पियनशिप, इवॉल्यूशन चैम्पियनशिप सीरीज और इंटेल एक्स्ट्रीम मास्टर्स जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होती हैं।

द हिंदू में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार ये भविष्य के खेल हैं। हैंगज़ाऊ में आए यूएई के हरीब सामी का कहना है कि भविष्य में लोग दूसरे खेल नहीं, सिर्फ इन्हें खेलेंगे। इन खेलों में टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी भूमिका होगी। हैंगज़ाऊ में बनाया गया ई-स्पोर्ट्स सेंटर स्पेसशिप जैसा लगता है। दक्षिण अफ्रीका के ली सैंग ह्योक इस खेल के स्टार खिलाड़ी हैं। वे फ़ेकर के नाम से मशहूर हैं।

प्रसिद्ध ईए स्पोर्ट्स एफसी ऑनलाइन खिताब में 20 देशों के कुल 36 एथलीट भाग ले रहे हैं। सभी मैच डबल एलिमिनेशन और बेस्ट-ऑफ-थ्री (बीओ3) प्रारूप में खेले जा रहे हैं। ईए स्पोर्ट्स एफसी ऑनलाइन के फिक्स्चर के शुरू होने के बाद, भारत के दो सबसे प्रतिष्ठित स्ट्रीट फाइटर वी: चैंपियन संस्करण एथलीट, मयंक प्रजापति (एमआईकेवाईआरओजी) और अयान बिस्वास (एवाईएएन01) ने 26 सितंबर को अपने संबंधित खिताब में पदक के लिए प्रयास शुरू किए, पर वे हार गए। दक्षिण और पूर्वी एशिया के लिए सीडिंग ईवेंट में, मयंक ने पांचवीं वरीयता प्राप्त की और अयान ने छठी वरीयता प्राप्त की थी, इसलिए उन्होंने  राउंड ऑफ़ 32 चरण से अपना अभियान शुरू किया था। हांगकांग के ये मान हो के मुकाबले पराजित होने के पहले अयान बिस्वास शीर्ष 16 चरण में पहुंच गए थे। मयंक प्रजापति पहले दिन राउंड 16 मुकाबले में कतर के अल-मनई अब्दुल्ला से हारे।

अपने पहले मैच में अयान ने वियतनाम के ग्वेन खान हंग चाऊ के खिलाफ 2-0 से सनसनीखेज जीत हासिल कर अपने अभियान की विजयी शुरुआत की थी। उन्हें विनर्स ब्रैकेट राउंड 1 में सऊदी अरब के अलरायफ़ल अब्दुलरहमान सलेम ए के खिलाफ कड़े मुकाबले में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने लूज़र्स ब्रैकेट राउंड 2 में वियतनाम के गुवेन को 2-0 से फिर से हरा दिया। बाद में वे लूज़र्स ब्रैकेट राउंड 3 में हांगकांग के ये मान हो के खिलाफ पिछड़ गए और टूर्नामेंट से बाहर हो गए।

मयंक ने अपने टूर्नामेंट की शुरुआत सऊदी अरब के राजिखान तलाल फुआद टी के खिलाफ की और कड़े मुकाबले में 1-2 से हार का सामना किया। इसके बाद उन्हें कतर के अल-मन्नाई अब्दुल्ला के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए।

इस बीच, भारत की सितारों से सजी लीग ऑफ लीजेंड्स टीम, जिसे सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है, बुधवार को अपना अभियान शुरू करेगी। हाल ही में आयोजित मध्य और दक्षिण एशिया सीडिंग इवेंट में दबदबा बनाने और शीर्ष वरीयता प्राप्त करने के परिणामस्वरूप, टीम ने टूर्नामेंट के शीर्ष-8 में सीधे प्रवेश प्राप्त कर लिया है और अपने पहले मैच में वियतनाम से भिड़ेगी।

इंडियन लीग ऑफ लीजेंड्स टीम में अक्षज शेनॉय (कप्तान), समर्थ अरविंद त्रिवेदी, मिहिर रंजन, आदित्य सेल्वराज, आकाश शांडिल्य और सानिन्ध्य मलिक शामिल हैं।

Sunday, September 24, 2023

सिक्स्थ सेंस क्या है?

सिक्स्थ सेंस के कई अर्थ होते हैं। एक अर्थ है व्यक्ति की मानसिक शक्ति। किसी चीज़ की अनुभूति शारीरिक अंगों से न होकर मानसिक अनुभूति। पूर्वाभास, टेलीपैथी जैसे कई नाम इसे दिए जाते हैं। इसे अतीन्द्रिय अनुभूति भी कहते हैं। इसे यह नाम जर्मन मनोविज्ञानी रुडॉल्फ टिशनर ने दिया और ड्यूक विश्वविद्यालय के मनोविज्ञानी जेबी राइनर ने चलाया। बहुत लोगों की मान्यता है कि इस दृश्य जगत से परे भी एक लोक है। इस अनुभूति का सम्बन्ध उस लोक से जोड़ते हैं। इसे परा-मनोविज्ञान का नाम देकर इसका अध्ययन भी करते हैं। कुछ लोग ऐसी शक्तियाँ पास होने का दावा करते हैं। कुछ लोग भविष्य में होने वाली बातों को देख सकने की क्षमता का दावा करते हैं। कई बार सामान्य लोगों को भी अच्छी या बातों का पूर्वाभास हो जाता है। कुछ लोग जमीन पर कान लगाकर बता देते हैं कि नीचे पानी है या नहीं। है तो कितनी गहराई पर है।

मनुष्यों के अलावा अन्य प्राणियों में ऐसी अनुभूति होती है या नहीं ऐसा तभी कहा जा सकता है जब कोई प्राणी ऐसा दावा करे। अलबत्ता पशु-पक्षियों, मछलियों, कीड़ों, चींटियों और कई बार वनस्पतियों के व्यवहार से लोग अनुमान लगाते हैं कि कुछ होने वाला है। बाढ़, आँधी-पानी, भूकम्प और सुनामी की पूर्व जानकारी पक्षियों के व्यवहार से लगती है। कुछ पक्षियों में दिशा ज्ञान जबर्दस्त होता है। वे मौसम बदलने पर एक जगह से दूसरी जगह की हजारों मील की यात्रा करते हैं।

अमेरिका के एक अस्पताल में विचरण करने वाले बिल्ले के बारे में दावा किया गया कि उसे मरीज के मरने का आभास हो जाता है। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसन ने जुलाई 2007 के अंक में रोड आयलैंड के स्टीयर हाउस नर्सिंग एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में विचरण करने वाले ऑस्कर नाम के इस बिल्ले के बारे में जानकारी दी गई कि यह बिल्ला जिस मरीज के बिस्तरे के नीचे जमा रहता है उसकी मौत हो जाती है। कम से कम 50 मरीजों के साथ ऐसा हुआ। इसी तरह भूकम्प के पहले चींटियों का निकलना, चूहों का भागना जैसी बातें हैं। इन बातों का तार्किक विवेचन यहाँ सम्भव नहीं है। 

@ का मतलब क्या?

अंग्रेज़ी के ऍट या स्थान यानी लोकेशन का यह प्रतीक चिह्न है। शुरू में इसका इस्तेमाल गणित में ‘ऍट द रेट ऑफ’ यानी दर के लिए होता था। ई-मेल में इसके इस्तेमाल ने इसके अर्थ का विस्तार कर दिया। ई-मेल में पते के दो हिस्से होते हैं। एक होता है लोकल पार्ट जो के पहले होता है। इसमें अमेरिकन स्टैंडर्ड कोड फॉर इनफॉरमेशन इंटरचेंज (एएससीआईआई) के तहत परिभाषित अक्षरसंख्या या चिह्न शामिल हैं। चिह्न के बाद डोमेन का नाम लिखा जाता है। यानी इस चिह्न के पहले व्यक्ति या संस्था का नाम बताने वाले संकेत और उसके बाद डोमेन नाम। कुछ लोगों को लगता है कि इस पते को केवल लोअर केस में लिखा जा सकता है। इसे अपर और लोअर दोनों केस में लिख सकते हैं।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में 23 सितंबर, 2023 को प्रकाशित

Monday, September 11, 2023

दवा की एक्सपायरी डेट कैसे तय होती है?

किसी भी दवा की समय सीमा एक वैज्ञानिक पद्धति से तय की जाती है। दवाइयों को सामान्य से कठिन परिस्थितियों में रखा जाता है जैसे 75 आरएच से अधिक आर्द्रता या 40 डिग्री से अधिक तापमान। फिर हर महीने या हर हफ़्ते उनकी प्रभावशीलता की जांच की जाती है। इसी आधार पर यह तय किया जाता है कि अमुक दवा की समय सीमा डेढ़ साल हो, दो साल या तीन साल। जब दवा बाज़ार में आ जाती है तो फिर उसका अध्ययन किया जाता है और उसकी प्रभावशीलता के अनुसार ही उसकी समय सीमा बढ़ाई जाती है।  

गणतंत्र-परेड में पाक मेहमान?

भारत दो बार पाकिस्तान के नेताओं को गणतंत्र दिवस में मेहमान के तौर पर आमंत्रित कर चुका है मगर 1965 के बाद से भारत ने कभी भी पाकिस्तान के किसी नेता को न तो गणतंत्र दिवस परेड में आमंत्रित किया ना ही भारत से कोई पाकिस्तान के इस तरह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने ही गया। 1955 में पाकिस्‍तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद और 1965 में वहाँ के मंत्री राना अब्दुल हमीद मुख्य अतिथि थे।

पहला ईमेल किसने भेजा?

ईमेल इलेक्ट्रॉनिक मेल का संक्षिप्त रुप है। दुनिया का पहला ई-मेल 1971 में अमेरिका के कैम्ब्रिज नामक स्थान पर रे टॉमलिंसन नामक इंजीनियर ने उसी कमरे में रखे दो कम्पयूटरों के बीच भेजा। वे कम्प्यूटर नेटवर्क अर्पानेट से जुड़े थे। अर्पानेट एक माने में इंटरनेट का पूर्वज है। ईमेल को औपचारिक रूप लेने में कई साल लगे। अलबत्ता भारतीय मूल के अमेरिकी वीए शिवा अय्यदुरई ने 1978 में एक कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया, जिसे 'ईमेल' कहा गया। इसमें इनबॉक्स, आउटबॉक्स, फोल्डर्स, मेमो, अटैचमेंट्स ऑप्शन थे। सन 1982 में अमेरिका के कॉपीराइट कार्यालय ने उन्हें इस आशय का प्रमाणपत्र भी दिया। इस कॉपीराइट के बावजूद उन्हें ईमेल का आविष्कारक नहीं माना जाता।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में 9 सितंबर, 2023 को प्रकाशित

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