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Sunday, April 3, 2011

भारत में कुल कितने जिले हैं?




भारत में कुल कितने जिले हैं? क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा और सबसे छोटा जिला कौन सा है? जिला-निर्माण, निर्धारण की अवधारणा क्या है?

भारत के 28 राज्यों और सात केन्द्र शासित क्षेत्रों में जिलों की संख्या नवीनतम अनुमान के अनुसार  687 है। यह पोस्ट जब 2011 में लिखी गई थी, तब 2011 के जनगणना आँकड़े प्राप्त नहीं हुए थे। तब इस पोस्ट में देश के जिलों की संख्या 638 लिखी गई थी। 2011 की जनगणना में यह संख्या 640 थी। 15 सितम्बर 2016 तक का संशोधित विवरण इस प्रकार हैः- 
राज्य (663)- आंध्र 13, अरुणाचल 20, असम 35, बिहार 38, छत्तीसगढ़ 27, गोवा 02, गुजरात 33, हरियाणा 21, हिमाचल 12, जम्मू-कश्मीर 22, झारखंड 24, कर्नाटक 30, केरल 14, मध्य प्रदेश 51, महाराष्ट्र 36, मणिपुर 09, मेघालय 11, मिजोरम 08, नगालैंड 11, उड़ीसा 30, पंजाब 22, राजस्थान 33, सिक्किम 04, तमिलनाडु 32, त्रिपुरा 08, उत्तर प्रदेश 75, उत्तराखंड 13, पश्चिम बंगाल 20, तेलंगाना 10। केन्द्र शासित क्षेत्र(24)- अंडमान निकोबार 03, चंडीगढ़ 01, दादरा-नगर हवेली 02, दमण-दीव 02, लक्षद्वीप 01, दिल्ली 11, पुदुच्चेरी 04।

Updated on Sep 15.2016

No. of districts in each state or UT
Map keyName of State or Union Territory (Italicized)Number of Districts
1Andhra Pradesh13
2Arunachal Pradesh20
3Assam35
4Bihar38
5Chhattisgarh27
6Goa  2
7Gujarat33
8Haryana21
9Himachal Pradesh12
10Jammu and Kashmir22
11Jharkhand24
12Karnataka30
13Kerala14
14Madhya Pradesh51
15Maharashtra36
16Manipur9
17Meghalaya11
18Mizoram8
19Nagaland11
20Odisha30
21Punjab22
22Rajasthan33
23Sikkim4
24Tamil Nadu32
25Tripura8
26Uttar Pradesh75[5]
27Uttarakhand13
28West Bengal20
29Telangana10
AAndaman and Nicobar3
BChandigarh1
CDadra and Nagar Haveli2
DDaman and Diu2
ELakshadweep1
FNCT Delhi11
GPuducherry4
36Total 687

भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में जिला एक महत्वपूर्ण इकाई है। केन्द्र सरकार के बाद होती है राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों के अधीन चलने वाली प्रशासनिक व्यवस्था। इसमें पहला स्तर होता है डिवीजन का जो कई जिलों को मिलकर बनता है। उसके नीचे जिला होता है, जो वस्तुतः प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। हालांकि डिलाधिकारी या डिप्टी कमिश्नर प्रदेश सरकार के अंतर्गत काम करते हैं, पर वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के सदस्य होते हैं। जिलाधिकारी का पद अंग्रेजी शासनकाल में सन 1772 में शुरू किया गया था. यह पद राजस्व संग्रह के लिए था, इसीलिए इसे डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर भी कहते हैं, पर अपने प्रारंभिक काल में जिलाधिकारी के पास राजस्व के अलावा नागरिक मामले, न्याय और फौजी ताकत भी थी। सन 1792 में जिला न्यायाधीश का पद बनाया गया।  

क्षेत्रफल के आधार पर देश का सबसे बड़ा जिला मेरे विचार से गुजरात का कच्छ होना चाहिए। इसका क्षेत्रफल 45, 652 वर्ग किलोमीटर है। यों भारत सरकार की वैबसाइट http://leh.nic.in/ में जम्मू कश्मीर के लेह को सबसे बड़ा जिला कहा गया है जिसका क्षेत्रफल 45110 वर्ग किलोमीटर बताया गया है। देश का सबसे छोटा जिला पुदुच्चेरी का माहे है, जिसका क्षेत्रफल 9 वर्ग किलोमीटर है।
राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Sunday, March 20, 2011

दुनिया में कुल कितने देश हैं?


दुनिया में कुल कितने देश हैंक्या सभी देश संयुक्त राष्ट्र-सदस्य हैं?

दुनिया के पूर्ण सम्प्रभुता सम्पन्न देशों की संख्या 193 है। इनमें से 192 संयुक्त राष्ट्र-सदस्य हैं। वैटिकन सिटी को सम्प्रभुता सम्पन्न राज्य की मान्य परिभाषाओं में रखा जा सकता है, पर वह संयुक्त राष्ट्र का सदस्य नहीं केवल स्थायी पर्यवेक्षक है। वस्तुतः वैटिकन सिटी नहीं रोम के कैथलिक चर्च की प्रशासनिक व्यवस्था, जिसे होली सी कहा जाता है प्राचीनकाल से चली आ रही है। वैटिकन सिटी का गठन 1929 में हुआ था। उसके 178 देशों के साथ राजनयिक सम्बन्ध भी हैं।

संयुक्त राष्ट्र के 192 सदस्य देशों के अलावा कुछ राजव्यवस्थाएं और हैं, जिन्हें पूर्ण देश नहीं कहा जा सकता । उनके नाम हैं अबखाजिया, कोसोवो, नागोर्नो–कारबाख, उत्तरी सायप्रस, फलस्तीन, सहरावी गणराज्य, सोमालीलैंड, दक्षिण ओसेतिया, ताइवान, और ट्रांसनिस्ट्रिया। ये देश किसी न किसी वजह से राष्ट्रसंघ के पूर्ण सदस्य नहीं हैं। हाल में अफ्रीका में एक नए देश का जन्म हुआ है, जिसका नाम है दक्षिणी सूडान। लम्बे अर्से से गृहयुद्ध के शिकार सूडान में इसी साल जनवरी में एक जनमत संग्रह हुआ, जिसमें जनता ने नया देश बनाने का निश्चय किया है। यह फैसला देश के सभी पक्षों ने मिलकर किया है। नया देश 9 जुलाई 2011 को औपचारिक ऱूप से जन्म लेगा।
  
दयामृत्यु क्या हैक्या किसी देश में व्यक्ति को अपनी इच्छा से मरने का अधिकार है?

दयामृत्यु का अर्थ है किसी व्यक्ति या प्राणी के जीवन का ऐसी स्थिति में अंत जब समझा जाय कि उसकी मृत्यु उसके जीवित रहने से बेहतर है। इसके कई रूप सम्भव है। मृत्यु का स्वयं वरण, सम्बंधियों और परिजन द्वारा निश्चय या किसी अन्य स्थिति में जीवन का अंत। मृत्यु का वरण निष्क्रिय या सक्रिय दोनों प्रकार से हो सकता है। व्यक्ति को जीवित रखने वाले उपकरण हटा लिए जाएं या इंजेक्शन आदि देकर अंत किया जाए।

हाल में सुप्रीम कोर्ट में अरुणा शानबाग के मामले का फैसला आने के पहले से देश में इस प्रश्न पर बहस चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने दया मृत्यु को कानूनी शक्ल दे दी है, साथ ही उम्मीद जाहिर की है कि देश की संसद इस मामले में कोई नियम बनाएगी।

दया मृत्यु पर सारी दुनिया में बहस चल रही है, पर इसे स्वीकार बहुत कम लोग करते हैं। युरोप में अल्बानिया, बेल्जियम, नीदरलैंड्स, आयरलैंड, जर्मनी और लक्जेमबर्ग में पूर्ण या आंशिक दया मृत्यु की अनुमति है। अमेरिका के ओरेगॉन, वॉशिंगटन और मोंटाना राज्यों में भी इसकी अनुमति है। इस व्यवस्था का अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में विरोध हुआ था, पर अंततः अदालत ने दया मृत्यु को स्वीकार कर लिया। इन राज्यों में अब भी इस कानूनी अधिकार के अनेक पहलू अस्पष्ट हैं। दया मृत्यु के समानांतर इच्छा मृत्यु की अवधारणा है। जैन समाज में संथारा एक पवित्र कर्म है। इसी तरह जापान के परम्परागत समाज में हाराकीरी को योद्धाओं का पवित्र कार्य माना जाता है।    


मोबाइल टेलीफोन सेवाओं को संदर्भ में जीएसएम, जीपीआरएस और सीडीएमए क्या होते हैं?

जीएसएम यानी ग्लोबल सिस्टम फऑर मोबाइल। मोबाइल टेलीफोन की यह सबसे ज्यादा प्रचलित पद्धति है। इनका दुनिया भर में नेटवर्क है और अधिकतर देशों में इसकी रोमिंग सुविधा है। जीएसएम एसोसिएशन इस तकनीक का इस्तेमाल करने वाले संगठनों की अंतरराष्ट्रीय संस्था है। इनकी वैबसाइट http://www.gsmworld.com/ पर जीएसएम पभोक्ताओं की लगातार बढ़ती संख्या आती रहती है। अनुमान है कि इस वक्त दुनिया में करीब पाँच अरब जीएसएम फोन हैं। जीएसएम की तरह सीडीएमए भी मोबाइन फोन की एक तकनीक है। इसका पूरा नाम है कोड डिवीजन मल्टिपल एक्सेस। इसे चैनल एक्सेस मैथड भी कहते हैं। जीपीआरएस यानी जनरल पैकेट रेडियो सर्विस एक प्रकार की तेज डेटा सर्विस है जैसे फिक्स्ड लाइन पर ब्रॉडबैंड सेवा होती है।

भारतीय मुद्रा में गांधी जी ग्यारह लोगों के साथ दांडी यात्रा पर दिखाए गए हैं। क्या ये ग्यारह सदस्य ही यात्रा पर गए थे?

महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा 12 मार्च 1930 को शुरू की थी। उनके साथ 78 यात्री और चले थे। 240 मील(करीब 325 किमी) की यह यात्रा 24 दिन में पूरी हुई। रास्ते में हजारों लोगों ने उनका स्वागत किया। बड़ी संख्या में नए लोग उनके साथ यात्रा में शामिल हुए। आपने करेंसी में जो चित्र देखा है वह दिल्ली में मदर टेरेसा क्रेसेंट और सरदार पटेल मार्ग के टी पॉइंट पर स्थापित ग्यारह मूर्तियों का है। यह प्रतीक चित्र है। इसमें सभी यात्रियों को शामिल नहीं किया गया है। इन मूर्तियों के पास यह विवरण भी नहीं है कि इनमें गांधी जी के साथ दूसरे यात्री कौन हैं। यह प्रतिमा प्रसिद्ध मूर्तिकार देवी प्रसाद रॉय चौधरी ने बनाई थी।  


राजस्थान पत्रिका के me next में प्रकाशित
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