Sunday, August 12, 2018

संयुक्त राष्ट्र का बजट कितना है?

हाल में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा था कि हमारे पास धन की कमी होती जा रही है। उन्होंने सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे अपने हिस्से का धन यथासम्भव जल्द से जल्द दें। उन्होंने इन देशों को भेजे अपने पत्र में लिखा है कि संयुक्त राष्ट के कोर बजट में इस साल 13.9 करोड़ डॉलर की कमी पड़ रही है। ऐसा संकट पहले कभी नहीं आया। दिसम्बर 2017 में संरा महासभा की बजट समिति ने 2018-19 के लिए 5.4 अरब डॉलर का बजट तैयार किया था। 2016-17 के बजट की तुलना में यह धनराशि यों भी 28.5 करोड़ डॉलर कम थी। संरा बजट दो साल के लिए होता है। कोर बजट में संरा शांति प्रयासों के लिए धनराशि शामिल नहीं होती। नवीनतम सूचना के अनुसार इस साल 193 सदस्य देशों में से 112 ने ही अपना अंशदान किया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका देता है, जो संरा के कुल बजट का करीब 22 फीसदी होता है। अमेरिकी अंश सबसे बाद में आता है, क्योंकि उसका वित्त वर्ष 1 अक्तूबर से शुरू होता है।, पर इस साल अमेरिका सहित संरा सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थायी सदस्यों का अंशदान आ चुका है। संरा में अमेरिका की राजदूत निकी हेली ने इस साल जनवरी में कहा था कि संयुक्त राष्ट्र को सुधार करना चाहिए और अपने खर्चों में कमी भी करनी चाहिए। निरर्थक खर्चों के लिए हम अमेरिकी नागरिकों के धन को बर्बाद नहीं करेंगे।

शांति-स्थापना बजट

संरा कोर बजट के मुकाबले शांति-स्थापना बजट ज्यादा बड़ा है। यह सालाना आधार पर होता है। 1 जुलाई 2018 से 30 जून 2019 के वर्ष के लिए 6.7 अरब डॉलर का बजट है। यह धनराशि संयुक्त राष्ट्र के 14 में से 12 शांति-स्थापना मिशनों के लिए है। शेष दो मिशन हैं संयुक्त राष्ट्र युद्धविराम अनुश्रवण संगठन (UNTSO) और भारत-पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सैन्य-पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP)। इन दोनों के लिए धनराशि संरा के मुख्य बजट से आती है। संरा शांति-स्थापना बजट दुनिया में हर साल होने वाले सैनिक व्यय (सन 2013 में जो 1,747 अरब डॉलर था) की तुलना में आधे से एक फीसदी के बीच है।

संरा सदस्य देशों की संख्या

संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की संख्या इस समय 193 है। इन सभी देशों को संरा महासभा में बराबरी का दर्जा मला हुआ है। किसी भी नए उस देश को सदस्यता दी जा सकती है, जो सम्प्रभुता सम्पन्न हो। इस सदस्यता के लिए संरा महासभा के अलावा सुरक्षा परिषद की अनुमति की जरूरत भी होती है। सदस्य देशों के अलावा संरा महासभा में पर्यवेक्षक के रूप में देशों को आमंत्रित किया जा सकता है। इस समय होली सी (वैटिकन) और फलस्तीन दो संरा पर्यवेक्षक हैं। पर्यवेक्षक महासभा की बैठकों में भाग लेने के अलावा अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं, पर मतदान में भाग नहीं ले सकते।

ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट किन्हें कहते हैं?
ग्रीनफील्ड शब्द औद्योगिक अर्थ में प्रयुक्त होता है। हाल में देश के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्व स्तरीय शिक्षा संस्थानों की रेस में छह भारतीय विश्वविद्यालयों को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा देने की घोषणा की। इनमें जियो इंस्टीट्यूट को ग्रीनफील्ड श्रेणी में रखा गया है। ग्रीनफील्ड पूरी तरह से नयी परियोजना को कहते हैं। यानी ऐसी जमीन पर कारखाना लगाना जो अभी नई या हरी है। जिसमें पहले के किसी निर्माण को ढहाना या विस्तार करना शामिल नहीं हो। आजकल सॉफ्टवेयर सहित विभिन्न उद्योगों में इस शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। एक शब्द और चलता है ब्राउनफील्ड परियोजना, जिसका मतलब है किसी मौजूदा प्लांट का विस्तार करके क्षमता बढ़ाना। ब्राउनफील्ड बिलकुल नई परियोजना नहीं होती।
राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Friday, August 10, 2018

संयुक्त राष्ट्र का जन्म


संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय अंतरसरकारी संगठन के निर्माण का विश्व का दूसरा प्रयास था. यह विचार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उभरा तथा 5 राष्ट्रमंडल सदस्यों तथा 8 यूरोपीय निर्वासित सरकारों ने 12 जून, 1941 को लंदन में हस्ताक्षरित अंतर-मैत्री घोषणा में पहली बार यह बात कही. इसके बाद अटलांटिक चार्टर पर 14 अगस्त, 1941 को दस्तखत हुए. फिर 1 जनवरी, 1942 को वाशिंगटन में अटलांटिक चार्टर का समर्थन करने वाले 26 देशों ने संयुक्त राष्ट्र की घोषणा पर हस्ताक्षर किए. यहां पहली बार संयुक्त राष्ट्र नाम का इस्तेमाल हुआ. फिर इंग्लैंड, चीन, सोवियत संघ तथा अमेरिका ने 30 अक्टूबर, 1943 को मॉस्को घोषणा पर हस्ताक्षर किए. सन 1944 में अगस्त से अक्टूबर तक सोवियत संघ, अमेरिका, चीन तथा ब्रिटेन के प्रतिनिधियों ने वाशिंगटन के डम्बर्टन ओक्स एस्टेट में कई बैठकें कीं. फिर 7 अक्टूबर, 1944 को संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्तावित ढांचे को प्रकाशित किया गया. इन प्रस्तावों पर याल्टा सम्मेलन (फरवरी 1945) में विचार-विमर्श किया गया. इसके बाद 25 अप्रैल, 1945 को सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन में 50 देशों के प्रतिनिधि शमिल हुए, जहाँ नए संगठन का संविधान तैयार किया गया. 26 जून, 1945 को सभी 50 देशों ने चार्टर पर हस्ताक्षर किए. पोलैंड सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले सका था किंतु थोड़े समय बाद चार्टर पर हस्ताक्षर करके वह भी संस्थापक सदस्यों की सूची में शामिल हो गया. इसके बाद 24 अक्टूबर, 1945 से चार्टर प्रभावी हो गया. 24 अक्टूबर को हर साल संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जाता है.

संरा मुख्यालय

संरा मुख्यालय न्यूयॉर्क में है. 14 दिसंबर, 1946 को संयुक्त राष्ट्र ने अपना मुख्यालय अमेरिका में रखने के पक्ष में मतदान किया. न्यूयॉर्क में ईस्ट नदी के किनारे सात हैक्टेयर भूमि खरीदने के लिए अमेरिका के जॉन डी रॉकफेलर जूनियर ने 85 लाख डॉलर की रकम दान में दी. नगर प्रशासन ने भी उस क्षेत्र में कुछ अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराई. संगठन की इमारत 1952 में बनकर तैयार हुई. न्यूयार्क के लांग आईलैंड में लेक सक्सेस पर अस्थायी मुख्यालय बनाया गया था. 10 जनवरी, 1946 को लंदन में महासभा का पहला सत्र आयोजित हुआ था.

सालाना अधिवेशन

संरा महासभा के नियमित, विशेष और आपात अधिवेशनों की व्यवस्था है. नियमित अधिवेशन हर साल सितंबर के तीसरे मंगलवार को शुरू होते हैं. इसके अगले हफ्ते के मंगलवार से नियिमित बहस नौ कार्य दिवसों में लगातार चलती है. इस साल संरा महासभा का 73वां वार्षिक अधिवेशन होगा, जो मंगलवार 18 सितंबर से शुरू होगा. सालाना नियमित बहस मंगलवार 25 सितंबर को शुरू होगी. 72वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इक्वेडोर की विदेश मंत्री मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा गार्सेस को 73वीं महासभा की अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया है. मारिया फर्नांडा संरा महासभा की चौथी महिला अध्यक्ष बनेंगी.

Sunday, August 5, 2018

संरा का बजट संकट


हाल में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा था कि हमारे पास धन की कमी होती जा रही है. उन्होंने सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे अपने हिस्से का धन यथासम्भव जल्द से जल्द दें. उन्होंने इन देशों को भेजे अपने पत्र में लिखा है कि संयुक्त राष्ट के कोर बजट में इस साल 13.9 करोड़ डॉलर की कमी पड़ रही है. ऐसा संकट पहले कभी नहीं आया. दिसम्बर 2017 में संरा महासभा की बजट समिति ने 2018-19 के लिए 5.4 अरब डॉलर का बजट तैयार किया था. 2016-17 के बजट की तुलना में यह धनराशि यों भी 28.5 करोड़ डॉलर कम थी. संरा बजट दो साल के लिए होता है. कोर बजट में संरा शांति प्रयासों के लिए धनराशि शामिल नहीं होती. नवीनतम सूचना के अनुसार इस साल 193 सदस्य देशों में से 112 ने ही अपना अंशदान किया है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका देता है, जो संरा के कुल बजट का करीब 22 फीसदी होता है. अमेरिकी अंश सबसे बाद में आता है, क्योंकि उसका वित्त वर्ष 1 अक्तूबर से शुरू होता है., पर इस साल अमेरिका सहित संरा सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थायी सदस्यों का अंशदान आ चुका है. संरा में अमेरिका की राजदूत निकी हेली ने इस साल जनवरी में कहा था कि संयुक्त राष्ट्र को सुधार करना चाहिए और अपने खर्चों में कमी भी करनी चाहिए. निरर्थक खर्चों के लिए हम अमेरिकी नागरिकों के धन को बर्बाद नहीं करेंगे.

शांति-स्थापना बजट
संरा कोर बजट के मुकाबले शांति-स्थापना बजट ज्यादा बड़ा है. यह सालाना आधार पर होता है. 1 जुलाई 2018 से 30 जून 2019 के वर्ष के लिए 6.7 अरब डॉलर का बजट है. यह धनराशि संयुक्त राष्ट्र के 14 में से 12 शांति-स्थापना मिशनों के लिए है. शेष दो मिशन हैं संयुक्त राष्ट्र युद्धविराम अनुश्रवण संगठन (UNTSO) और भारत-पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सैन्य-पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP). इन दोनों के लिए धनराशि संरा के मुख्य बजट से आती है. संरा शांति-स्थापना बजट दुनिया में हर साल होने वाले सैनिक व्यय (सन 2013 में जो 1,747 अरब डॉलर था) की तुलना में आधे से एक फीसदी के बीच है.

संरा सदस्य देशों की संख्या
संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की संख्या इस समय 193 है. इन सभी देशों को संरा महासभा में बराबरी का दर्जा मला हुआ है. किसी भी नए उस देश को सदस्यता दी जा सकती है, जो सम्प्रभुता सम्पन्न हो. इस सदस्यता के लिए संरा महासभा के अलावा सुरक्षा परिषद की अनुमति की जरूरत भी होती है. सदस्य देशों के अलावा संरा महासभा में पर्यवेक्षक के रूप में देशों को आमंत्रित किया जा सकता है. इस समय होली सी (वैटिकन) और फलस्तीन दो संरा पर्यवेक्षक हैं. पर्यवेक्षक महासभा की बैठकों में भाग लेने के अलावा अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं, पर मतदान में भाग नहीं ले सकते.