Sunday, September 25, 2016

तन्दूरी खाना बनाना कहाँ, कैसे शुरू हुआ?

तन्दूर शब्द फारसी शब्द तन्नूर से बना है। तन्दूर भारत-पाकिस्तान, पश्चिमी और मध्य एशिया के देशों में सबसे ज्यादा प्रचलित है। सबसे पुराने तन्दूरों के अवशेष सिंधु घाटी की सभ्यता में मिले हैं। उससे पुराने अवशेष भी इसी इलाके में मिले हैं। स्वाभाविक है कि तन्दूरी खाना इसी इलाके में शुरू हुआ होगा। पुराने ज़माने में आग के अलाव में खाना सीधे पकाया जाता था। उस आग को घेरकर चारों ओर मिट्टी की दीवारें बनाने का विचार आया होगा। धीरे-धीरे इन दीवारों का इस्तेमाल भी होने लगा।

क्या राष्ट्रीय चिह्न की तरह राज्यों के चिह्न भी हैं?

जिस तरह हमारे राष्ट्रीय चिह्न हैं लगभग उसी तर्ज पर कुछ राज्यों ने भी अपने राजचिह्न बनाए हैं और दूसरे प्रतीक भी तय किए हैं। कुछ राज्यों में अशोक चिह्न को राज्य का चिह्न बनाया है। उत्तर प्रदेश के राजकीय चिह्न में दो मछलियाँ, तीर कमान तथा दो नदियों का संगम दिखाया गया है। बिहार में दो स्वस्तिक चिह्नों के बीच बोधिवृक्ष राजचिह्न है। मध्य प्रदेश के राजचिह्न में अशोक स्तम्भ के साथ वटवृक्ष है। महाराष्ट्र के चिह्न में दीपाधार है। तमिलनाडु का राजचिह्न है श्रीविल्लिपुत्तूर अंडाल मंदिर।  इसी तरह राज्यों के अलग-अलग पक्षी, पशु, वृक्ष, फूल वगैरह हैं। कर्नाटक का अपना राज्य नृत्य यक्षगान और राज्य गान भी है।

 छुई-मुई की पत्तियों को स्पर्श करने से वे सिकुड़ क्यों जाती हैं?

लाजवंती को आमतौर पर छुई-मुई के नाम से जाना जाता है। इस पौधे का वानस्पतिक नाम मिमोसा प्यूडिका है। इस पौधे की पत्तियां अत्यंत संवेदनशील होती है। छुई-मुई की पत्तियां किसी बाहरी वस्तु के स्पर्श से मुरझाती हैं। ये पत्तियां कोई कीड़ा, लकड़ी यहां तक कि तेज हवा चलने और पानी की बूंदों के स्पर्श मात्र से ही मुरझा जाती है। आसपास ढोल बजाने से भी इसकी पत्तियाँ मुरझाने लगती है। यह संयुक्त पत्तियों वाला पौधा है। इसमे छोटी-छोटी पत्तियां या पर्णक होते हैं जिनको सामान्यतया पत्तियां ही समझा जाता है। ये छोटी-छोटी पत्तियां (पर्णक) मुख्य पत्ती के बीचों-बीच स्थित मध्य शिरा के दोनों तरफ लगी होती हैं। यह पौधा अपनी प्रतिक्रिया इन छोटी-छोटी पत्तियों को आपस में चिपका कर अथवा खोलकर व्यक्त करता है जिसे छुई-मुई का मुरझाना या शर्माना भी कहते हैं।

इसकी पत्तियाँ कई कोशिकाओं की बनी होती हैं। इनमें द्रव पदार्थ भरा रहता है। यह द्रव कोशिका की भित्ति को दृढ़ रखता है तथा पर्णवृन्त को खड़ा रखने में सहायक होता है। जब इन कोशिकाओं के द्रव का दाब कम ही जाता है तो पर्णवृन्त तथा पत्तियों की कोशिका को दृढ़ नहीं रख पाता। जैसे ही कोई व्यक्ति इसकी पत्तियों को छूता है एक संदेश पत्तियों और उनके आधार तक पहुँचता है। इससे पत्तियों के निचले भाग की कोशिकाओं में द्रव का दाब गिर जाता है जबकि ऊपरी भाग की कोशिका के दाब में कोई परिवर्तन नहीं होता है, अतः पत्तियाँ मुरझा जाती है।

देखा गया है कि इस पौधे में जहां पहले स्पर्श होता है, वहां की पत्तियां पहले बंद होती हैं इस गुण की वजह से छुई-मुई का पौधा पशुओं द्वारा चरने से बच जाता है क्योंकि पशु के किसी अंग के हल्के स्पर्श से ही पूरा पौधा मुरझा जाता है। इससे पशु पौधे को बेजान समझ कर आगे बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पौधा भी हमारी तरह रात को सोता है।


मोबाइल पोर्टेबिलिटी क्या है?

मोबाइल नम्बर पोर्टेबिलिटी उस सुविधा का नाम है, जिसके तहत आप अपने मोबाइल टेलीफोन सेवा प्रदाता को बदलने के बावजूद पुराने टेलीफोन नम्बर को अपने पास रख सकते हैं। यह सुविधा अब दुनिया भर में दी जा रही है। भारत में यह सुविधा जनवरी 2011 से दी जा रही है। उसके पहले यह अमेरिका, कनाडा, यूरोप के देशों, ऑस्ट्रेलिया, जापान, पाकिस्तान, ताइवान, थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर जैसे तमाम देशों में मिल रही थी।
  
राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Friday, September 23, 2016

आंग सान सू ची कौन हैं?

आंग सान सू ची (इनके नाम की अंग्रेजी वर्तनी में के अक्षर के इस्तेमाल के कारण कुछ लोग हिन्दी में इन्हें सू की भी लिखते हैं)  म्यांमार (बर्मा) की सर्वोच्च राजनेता हैं, जिन्होंने लोकतंत्र की स्थापना के लिए लम्बा संघर्ष किया. वे अब देश के राष्ट्रपति की मंत्री (व्यावहारिक रूप से प्रधानमंत्री) हैं. उनके पिता जनरल आंग सान देश के राष्ट्रपिता थे, जिन्होंने आधुनिक बर्मी सेना की स्थापना की थी. उनके नेतृत्व में ही अंग्रेजों के साथ 1947 में बर्मा की स्वतंत्रता पर बातचीत चली थी. उन्हीं दिनों उनके प्रतिद्वंद्वियों ने उनकी हत्या कर दी. नई बर्मी सरकार में सू ची की माँ खिन ची ने राजनीतिक शख्सियत के रूप में प्रसिद्धि हासिल की. उन्हें भारत और नेपाल में बर्मा का राजदूत नियुक्त किया गया. अपनी मां के साथ भारत में रहते हुए आंग सान सू ची ने लेडी श्रीराम कॉलेज, नई दिल्ली से 1964 में राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की. सू ची ने देश में लोकतंत्र की स्थापना के लिए लम्बा संघर्ष चलाया और 1989 से 2010 तक 21 साल तक नजरबंदी में रहीं. पिछले साल नवम्बर में हुए चुनाव में उनकी पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी को भारी विजय मिली. सर्वोच्च नेता होने के बावजूद संविधान की एक व्यवस्था के अनुसार वे देश की राष्ट्रपति नहीं बन सकतीं, क्योंकि उनके स्वर्गीय पति विदेशी थे. उन्हें 1991 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
चिकुनगुनिया’ शब्द का मतलब क्या है?
चिकुनगुनिया’ शब्द तंजानिया के मकांडो इलाके से आया है. वहाँ की भाषा में इसका मतलब होगा है ‘जो मरोड़कर रख दे.’ इस बीमारी में व्यक्ति का शरीर दर्द के कारण बुरी तरह दोहरा हो जाता है. इस बीमारी का सबसे पुराना विवरण 1779 में मिलता है. बीसवीं सदी में सन 1952 में अफ्रीका के मोज़ाम्बीक और तंगानिका की सीमा वाले इलाके में यह फैली। यह इलाका आधुनिक तंजानिया में पड़ता है. कुछ लोग इसे स्वाहीली भाषा का शब्द भी मानते हैं. चिकुनगुनिया के वायरस का इस्तेमाल जैविक हथियार बनाने में भी होता है।
भारत में कुल कितने जिले हैं?
भारत के 28 राज्यों और सात केन्द्र शासित क्षेत्रों में जिलों की संख्या नवीनतम अनुमान के अनुसार  687 है. 2011 की जनगणना में यह संख्या 640 थी. अब सितम्बर 2016 तक का संशोधित विवरण इस प्रकार हैः-
राज्य (663)- आंध्र 13, अरुणाचल 20, असम 35, बिहार 38, छत्तीसगढ़ 27, गोवा 02, गुजरात 33, हरियाणा 21, हिमाचल 12, जम्मू-कश्मीर 22, झारखंड 24, कर्नाटक 30, केरल 14, मध्य प्रदेश 51, महाराष्ट्र 36, मणिपुर 09, मेघालय 11, मिजोरम 08, नगालैंड 11, उड़ीसा 30, पंजाब 22, राजस्थान 33, सिक्किम 04, तमिलनाडु 32, त्रिपुरा 08, उत्तर प्रदेश 75, उत्तराखंड 13, पश्चिम बंगाल 20, तेलंगाना 10. केन्द्र शासित क्षेत्र(24)- अंडमान निकोबार 03, चंडीगढ़ 01, दादरा-नगर हवेली 02, दमण-दीव 02, लक्षद्वीप 01, दिल्ली 11, पुदुच्चेरी 04.
5-जी सेवा कब तक शुरू होगी?
आशा है कि 5-जी मोबाइल फोन सेवा सन 2020 तक दुनिया में शुरू होगी. इसे सबसे पहले कौन सा देश शुरू करेगा, यह अभी कहना सम्भव नहीं है. अलबत्ता जापान की डोकोमो सेवा ने घोषणा की है सन 2020 में तोक्यो में होने वाले ओलिम्पिक खेलों के दौरान इसे शुरू करेंगे. जापान के अलावा द. कोरिया और चीन में भी 5-जी सेवाओं की तैयारियाँ शुरू हो गईं हैं. फिफ्थ जेनरेशन सेवाओं में 4-जी के मुकाबले डेटा स्पीड बहुत ज्यादा होगी. अनुमान है कि इस सेवा के तहत एक ही दफ्तर के हजारों लोग एक साथ 1 जीबी प्रति सेकंड की रफ्तार से डेटा डाउनलोड कर सकेंगे. स्पीड के अलावा सेमी कंडक्टर निर्माता, चिप सेवाएं और इंटरनेट सेवाओं का इस्तेमाल करके सेवाएं देने-लेने वाले अभी से उसके इस्तेमाल के तरीकों पर काम कर रहे हैं.
विश्व अध्यापक दिवस कब मनाते हैं?
संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन युनेस्को ने सन 1994 में निर्णय किया कि हर साल 5 अक्टूबर को विश्व अध्यापक दिवस मनाया जाएगा.  
सौरमंडल के ग्रहों और सूर्य के द्रव्यमान का अनुपात क्या है?
पूरे सौरमंडल का 99.86 प्रतिशत द्रव्यमान सूर्य में है. यानी शेष सभी ग्रह और उनके चन्द्रमा और उल्का पिंड मिलाकर 0.14 प्रतिशत हैं. उसके इसी द्रव्यमान के कारण उसकी गुरुत्व शक्ति है कि सारे ग्रह उसके चारों ओर घूमते हैं.
काला जंगल कहाँ है?
ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मन : Schwarzwald), दक्षिण-पश्चिम जर्मनी के बाडेन-वुर्टेमबर्ग में स्थित एक वनाच्छादित पर्वत श्रृंखला है. इसकी दक्षिणी और पश्चिमी सीमाओं पर राइन घाटी है. श्वार्जवाल्ड (अर्थात ब्लैक फॉरेस्ट) नाम रोमनों ने दिया जो वहां के घने जंगलों वाले पर्वत को सिल्वा निग्रा अर्थात ब्लैक फॉरेस्ट कहते थे. घने पेड़ों के कारण वन में रोशनी प्रवेश नहीं कर पाती थी. अमेरिका के कोलोरेडो में भी ब्लैक फॉरेस्ट है. यह एक बस्ती है, पर चीड़ के सघन मन की वजह से इसे ब्लैक फॉरेस्ट कहते हैं.
क्या चीटियाँ अंधी होती हैं?
सभी चींटियाँ पूरी तरह अंधी नहीं होतीं. उनकी आँख होती है, पर ज्यादातर की नजर कमजोर होती है. अलबत्ता ऑस्ट्रेलिया में मिलने वाली बुलडॉग चींटी की नजर खासी अच्छी होती है. जमीन के नीचे ही रहने वाली कुछ चींटियाँ पूरी तरह अंधी भी होती हैं. उनका काम देखे बगैर चल जाता है.

प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Thursday, September 15, 2016

जी-20 के कितने शिखर सम्मेलन हो चुके हैं?

चीन के हांगचो शहर में हाल में हुआ 11 वाँ शिखर सम्मेलन था. 25 सितंबर 1999 को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में विश्व के सात प्रमुख देशों के संगठन जी-7 ने एक नया संगठन बनाने की घोषणा की थी. उभरती आर्थिक ताक़तों की बुरी वित्तीय स्थिति से बने चिंता के माहौल के बीच गठित इस संगठन का नाम दिया गया-जी 20. उस वक्त यह विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के संगठन के रूप में सामने आया था, जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल थे। इन देशों के अलावा इसके सम्मेलनों में दुनिया भर के तमाम संगठनों और देशों को समय-समय पर निमंत्रित किया जाता है. इस संगठन का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है, पर अब प्रयास किया जा रहा है कि स्थायी सचिवालय बने. इसकी अध्यक्षता हर साल बदलती है। इस समय चीन के पास है. अगले साल इसका शिखर सम्मेलन 7-8 जुलाई को हैम्बर्ग, जर्मनी में होगा. तब अध्यक्षता भी जर्मनी के पास होगी.
जी-4 देश कौन से हैं?
जी-4 देश हैं ब्राजील, जर्मनी, भारत और जापान जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए एक-दूसरे के दावों का समर्थन करते हैं. यह जी-20 या ब्रिक्स की तरह आर्थिक सहयोग का समूह नहीं है, बल्कि सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए बना समूह है.
गांधी के तीन बंदरों का प्रचलन कैसे शुरू हुआ?
वर्ष 1617 में जापान के निक्को स्थि‍त तोगोशु की समाधि पर ये तीनों बंदर बने हैं. माना जाता है कि यह बंदर जिन सिद्धांतों की ओर इशारा करते हैं, वे बुरा न देखो, बुरा न सुनो, बुरा न बोलो को दर्शाते हैं. मूलतः यह शिक्षा ईसा पूर्व के चीनी दार्शनिक कन्फ्यूशियस की थ. वहाँ से यह विचार जापान गया. उस समय जापान में शिंटो संप्रदाय का बोलबाला था. शिंटो संप्रदाय में बंदरों को काफी सम्मान दिया जाता है, शायद इसीलिए इस विचारधारा को बंदरों का प्रतीक दे दिया गया। ये बंदर युनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल है। जापानी में इन बंदरों के नाम हैं मिज़ारू, किकाज़ारू और इवाज़ारू। महात्मा गांधी ने इन तीन बंदरों के मार्फत नैतिकता की शिक्षा दी, इसलिए कुछ लोग इन्हें गांधी जी के बंदर भी कहते हैं.
भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कब होता है?
भारत में राष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है. वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सन 2012 में कार्यभार सम्हाला था. इस प्रकार अगले राष्ट्रपति का चुनाव 2017 में होगा. राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचन मंडल या इलेक्टोरल कॉलेज करता है. इसमें संसद के दोनों सदनों तथा राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं. दो केंद्रशासित प्रदेशों, दिल्ली और पुदुच्चेरी के विधायक भी चुनाव में हिस्सा लेते हैं जिनकी अपनी विधानसभाएँ हैं. चुनाव जिस विधि से होता है उसका नाम है–आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर एकल हस्तांतरणीय मत द्वारा.
सोलह संस्कार क्या हैं?
हिन्दू जीवन पद्धति में जीवन के अलग-अलग चरणों में व्यक्ति के अलग-अलग कर्तव्य निर्धारित हैं, इन्हें ही संस्कार कहते हैं. इन सोलह संस्कारों की कई तरह की सूचियाँ आपको मिलेंगी. सामान्य रूप से मान्य एक सूची यह है- 1. गर्भाधान, 2. पुंसवन, 3. सीमन्तोन्नयन, 4.जातकर्म, 5. नामकरण, 6. निष्क्रमण, 7. अन्नप्राशन, 8. चूड़ाकर्म, 9. विद्यारम्भ, 10. कर्णवेध, 11. यज्ञोपवीत, 12. वेदारम्भ, 13. केशान्त, 14. समावर्तन, 15. विवाह, 16. अन्त्येष्टि.
देश में नए आईआईटी कौन से हैं?
देश में अब 23 आईआईटी हो गए हैं. इस साल चार नए आईआईटी खुले हैं. ये हैं गोवा, भिलाई, जम्मू और धारवाड़. सन 1926 से चल रहे धनबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ माइंस को भी इस साल से आईआईटी का दर्जा दे दिया गया है. 
क्या इंसान की खोपड़ी एक हड्डी की बनी होती है?

नहीं इंसान की खोपड़ी को दो हिस्सों में बाँट सकते हैं. एक कपाल जिसमें मस्तिष्क रहता है और दूसरा चेहरा. कपाल की आठ हड्डियां होती हैं जिन्हें क्रेनियल बोन्स कहते हैं. चेहरे की कुल 14 हड्डियां (फेशियल बोन्स) होती हैं. इस प्रकार मनुष्य की खोपड़ी में 22 हड्डियां होती हैं.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Sunday, September 11, 2016

लायंस क्लब क्या है?

लायंस क्लब की स्थापना 7 जून 1917 को अमेरिका में शिकागो के एक बिजनेसमैन मेल्विन जोन्स के प्रयास से हुई थी। मूलत: यह संस्था दूसरों की मदद के लिए सामुदायिक प्रयासों को बढ़ाने के लिए हुई थी। धीरे-धीरे यह अंतरराष्ट्रीय संस्था बन गई। आज इसकी 191 देशों में 44,500 के आसपास शाखाएं हैं। इसका नाम लायंस रखने के पीछे शेर की शक्ति, साहस और ओज को ध्यान में रखा गया था। यह नाम रखने के पहले बाकायदा मतदान किया गया था।
भारतीय संस्कृति में संख्या ‘सात’ का महत्व क्यों है?
ऋग्वेद में सप्तसिंधु का उल्लेख मिलता है। हमारी संस्कृति में सात के अलावा भी संख्याएं हैं। पंचभूत, षड्दर्शन, सप्त ऋषि, अष्ट धातु और नवग्रह से लेकर चौंसठ कलाओं तक हर संख्या का कोई न कोई विशेष महत्व है। सात का विवरण इस प्रकार है। हिन्दू विवाह में सप्तपदी का महत्व है। सात कदम मिलकर चलना। प्रत्येक कदम के साथ एक-एक मन्त्र बोला जाता है। पहला कदम अन्न के लिए, दूसरा बल के लिए, तीसरा धन के लिए, चौथा सुख के लिए, पाँचवाँ परिवार के लिए, छठा ऋतुचर्या के लिए और सातवाँ मित्रता के लिए उठाया जाता है। विवाह होने के उपरान्त पति-पत्नी को मिलकर सात कार्यक्रम अपनाने पड़ते हैं। उनमें दोनों का उचित और न्याय संगत योगदान रहे, इसकी रूपरेखा सप्तपदी में निर्धारित की गई है। पूजा में जिस कलश की स्थापना की जाती है उसमें सात नदियों का पानी डाला जाता है। गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन सन्निधिं कुरु।
सप्त ऋषि हैं जो नक्षत्र के रूप में जगमगाते हैं। इनके नाम शतपथ ब्राह्मण के अनुसार हैं गौतम, भारद्वाज, विश्वमित्र, जमदग्नि, वसिष्ठ, कश्यप और अत्रि। महाभारत के अनुसार ये सात हैं मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलह, क्रतु, पुलस्त्य और वसिष्ठ। भू, भुव:, स्व:, मह:, जन, तप और सत्य नाम के सात लोक हैं। इसी तरह पृथ्वी पर सात द्वीप हैं जम्बूद्वीप, प्लक्षद्वीप, शाल्मलद्वीप, कुशद्वीप, क्रौंचद्वीप, शाकद्वीप और पुष्करद्वीप। पुराणों के अनुसार मोक्षदायी नगर सात हैं-अयोध्या, मथुरा, माया(हरिद्वार), काशी, कांची, अवंतिका(उज्जैन) और द्वारिका। सात पदार्थों का प्रात: दर्शन शुभ होता है। ये हैं गोरोचन, चंदन, स्वर्ण, शंख, मृदंग, दर्पण और मणि। सात नित्य क्रियाएं हैं शौच, दंतधावन, स्नान, ध्यान, भोजन, भजन और शयन। माता, पिता, गुरु, ईश्वर, सूर्य, अग्नि और अतिथि इन सातों का अभिवादन करना चाहिए।
 ई-बुक्स क्या हैं?
 ई-बुक्स (इलेक्ट्रॉनिक पुस्तक) का अर्थ है डिजिटल रुप में पुस्तक। ई-पुस्तकें और पत्रिकाएं कागज पर छपी होने के बजाय डिजिटल फाइल के रुप में होती हैं। इन्हें पढ़ने के लिए ई-बुक रीडर्स या ई-बुक डिवाइसेज़ भी उपलब्ध हैं। इन्हें कम्प्यूटर, मोबाइल एवं अन्य डिजिटल यंत्रों पर भी पढ़ा जा सकता है। इन्हें इन्टरनेट पर भी छापा, बांटा या पढ़ा जा सकता है। इंटरनेट के मार्फत ई-बुक्स पढ़ने की सुविधा देने वाली व्यवस्थाओं में 1971 से चल रहा प्रोजेक्ट गुटेनबर्ग सबसे अग्रणी है। ये पुस्तकें कई फाइल फॉर्मेट में होती हैं जिनमें पीडीऍफ (पोर्टेबल डॉक्यूमेण्ट फॉर्मेट), ऍक्सपीऍस आदि शामिल हैं, इनमें पीडीऍफ सर्वाधिक प्रचलित फॉर्मेट है। धीरे-धीरे पारंपरिक किताबों और पुस्तकालयों के स्थान पर पुस्तकों के नए रूप जैसे ऑडियो पुस्तकें, मोबाइल टेलीफोन पुस्तकें, ई-पुस्तकें आदि उपलब्ध हों रही हैं।

ई-पुस्तकों को पढ़ने के लिए उपकरण अलग से भी उपलब्ध हैं। इनमें अमेजन डॉट कॉम का किण्डल तथा ऐपल का आईपैड शामिल है। पाइ एक अन्य उपकरण है। नई-पुरानी किताबों सहित कई तरह की सामग्री इसमें ऑनलाइन स्टोर कर सकते हैं। मोबाइल के लिए एडोबी रीडर लाइट उपलब्ध है।
  
पहिया सबसे पहले कब और कहां बना ?

पहिए का विवरण मेसोपोटामिया, उत्तरी कॉकेशस, मध्य यूरोप, मिस्र से लेकर सिंध घाटी तक हर जगह मिलता है। इसलिए यह कहना मुश्किल है कि सबसे पहले यह कहाँ बना। ऐसा लगता है कि मनुष्य ने सबसे पहले लकड़ी के लट्ठों को लुढ़का कर उनके सहारे भारी चीजें खिसकाना सीखा। बाद में यही लट्ठा छोटा होकर पहिया बना।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

बुरकीनी क्या है और यह खबरों में क्यों है?

बुरकीनी महिलाओं के लिए स्विमसूट है, जिसे ऑस्ट्रेलिया की परिधान डिजाइनर आहेदा ज़ेनेटी ने डिजाइन किया है. सूट का उद्देश्य है इस्लामी परम्परा का पालन करना. यह चेहरे, हाथ और पैर के कुछ हिस्सों को छेड़कर पूरे शरीर को कवर करता है. सन 2014 में मोरक्को के पर्यटन स्थलों के कुछ प्राइवेट पूलों में बुरकीनी पहनने पर आपत्ति व्यक्त की गई. इसका कारण तब हाईजीन यानी स्वच्छता बताया गया. इसके पहले अगस्त 2009 में फ्रांस में एक महिला को बुरकीनी पहन कर स्विमिंग करने से यह कहकर रोका गया कि फ्रांस के नियम पूर्ण वस्त्र पहन कर स्विमिंग से रोकते हैं. फ्रांस में तब से बुरकीनी पर पाबंदी किसी न किसी रूप में जारी थी. 12 अगस्त 2016 को कान के मेयर ने इस्लामी कट्टरतावाद से जोड़कर इसपर पाबंदी लगा दी. इसके बाद कम से कम 20 शहरों में और पाबंदियाँ लगाई गईं. इधर 26 अगस्त को फ्रांस की कौंसिल ऑफ स्टेट ने इन पाबंदियों को हटाने की घोषणा की है. 
दिलीप ट्रॉफी में इसबार क्या खास बात है?
दिलीप ट्रॉफी भारत की प्रथम श्रेणी की घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता है. देश में क्रिकेट के सीजन की शुरुआत इससे ही होती है. सौरभ गांगुली समिति के सुझाव को मानते हुए इस साल बीसीसीआई ने इसे नया रूप दिया है. इसमें भारत की तीन टीमें रेड, ग्रीन और ब्लू बनाई गई हैं, जो एक-दूसरे से खेल रहीं हैं. तीनों में सबसे ज्यादा अंक लेने वाली दो टीमों के बीच पाँच दिन फाइनल मैच 10 सितम्बर से खेला जाएगा. प्रतियोगिता में पहली बार भारत में पिंक बॉल से मैच खेले जा रहे हैं. सभी मैच डे-नाइट हैं.
टी-20 मैच में बारिश होने पर फैसला कैसे होता है?
एक टीम अपने पूरे 20 ओवर खेल लेती है और दूसरी टीम पूरे 20 ओवर नहीं खेल पाती है, तो एक नियम के तहत बचे हुए ओवरों में नया लक्ष्य निर्धारित किया जाता है. इस लक्ष्य निर्धारण को एक स्टैटिस्टिकल टेबल की मदद से निकाला जाता है. इस नियम का विकास इंग्लैंड के दो सांख्यिकी विद्वानों फ्रैंक डकवर्थ और टोनी लुईस ने किया था. इसलिए इसे डकवर्थ-लुईस पद्धति कहा जाता है. टी-20 में इसका सहारा तभी लिया जाता है जब दूसरी पाली में 20 में से कम से कम 5 ओवरों का खेल हो चुका हो.
अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव क्या किसी खास दिन होता है?
अमेरिका में नवम्बर महीने के पहले सोमवार के बाद आने वाला मंगलवार यानी 2 से 8 नवम्बर के बीच का मंगल चुनाव दिवस के रूप में माना जाता है. इस दिन आम वोटर अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं, जिनकी कुल संख्या 538 होती है. इन प्रतिनिधियों को चुनाव से ही स्पष्ट हो जाता है कि राष्ट्रपति कौन बनने वाला है.
हुर्रियत क्या है?
ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस जम्मू और कश्मीर के 23 विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों का गठबंधन है, जो अब दो धड़ों में बँट चुका है. एक धड़े का नेतृत्व मीरवाइज़ उमर फारूक करते हैं और दूसरे का सैयद अली शाह गिलानी. यह मोर्चा कश्मीर के भारत से अलगाव की वकालत करता है और राज्य विधानसभा चुनावों में शामिल नहीं होता. इसकी स्थापना 9 मार्च 1993 को की गई थी. हुर्रियत 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस के समारोहों का बहिष्कार भी करती है. कश्मीर के अलगाव को लेकर हुर्रियत के प्रमुख नेताओं में आम राय नहीं है. कुछ नेता कश्मीर के पाकिस्तान में विलय की मांग करते हैं वहीं जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट कश्मीर की स्वतंत्रता की बात करता है.
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या होता है?
सामान्यतः यह मोटर वाहनों के इंश्योरेंस से जुड़ा है. यह वाहन के स्वामी या वाहन का बीमा नहीं है, बल्कि यदि वाहन के कारण किसी तीसरे व्यक्ति को चोट लग जाए या उनकी मृत्यु हो जाए या किसी और तरीके का नुकसान हो जाए उसकी क्षतिपूर्ति का बीमा है.
सीनियर सिटिजन की परिभाषा क्या है
अमेरिका में रिटायरमेंट की उम्र 65 साल है. भारत में सामान्यतः 60 साल के व्यक्ति को सीनियर सिटिजन मानते हैं. भारतीय बैंक 60 साल से ऊपर के व्यक्ति को ज्यादा ब्याज देते हैं. भारतीय रेलवे में महिला वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायत लेने हेतु न्यूनतम आयु 58 वर्ष है और रियायत का तत्व मूल किराए में 50 प्रतिशत है. पुरुष वरिष्ठ नागरिकों के मामले में रियायत के लिए न्यूनतम आयु 60 वर्ष है और रियायत मूल किराए की 40 प्रतिशत है.
कुइज़ीन Cuisine का क्या मतलब होता है?
कुइज़ीन फ्रांसीसी शब्द है, जिसका अर्थ है खाना बनाने की कला. इसके लिए लैटिन शब्द है कोकरे. कुइज़ीन शब्द का इस्तेमाल किसी स्थान विशेष या किसी  विशेष भोजन के लिए किया जाता है. जैसे जापानी व्यंजन, बंगाली, दक्षिण भारतीय, गुजराती वगैरह.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित