Sunday, June 18, 2017

मॉनसून का मतलब क्या?

अंग्रेज़ी शब्द मॉनसून पुर्तगाली शब्द 'मॉन्सैओ' से निकला है. यह शब्द भी मूल अरबी शब्द मॉवसिम (मौसम) से बना है. यह शब्द हिन्दी एवं उर्दू एवं विभिन्न उत्तर भारतीय भाषाओं में भी प्रयोग किया जाता है. आधुनिक डच शब्द मॉनसून से भी मिलता है. मॉनसून मूलतः हिन्द महासागर एवं अरब सागर की ओर से भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर आनी वाली हवाओं को कहते हैं जो भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि में भारी वर्षा करातीं हैं. यह ऐसी मौसमी पवन होती हैं, जो दक्षिणी एशिया क्षेत्र में जून से सितंबर तक, प्रायः चार महीने तक सक्रिय रहती है. इस शब्द का पहला इस्तेमाल अंग्रेजों के भारत आने के बाद बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से चलने वाली बड़ी मौसमी हवाओं के लिए हुआ था.

मार्शमैलो क्या होता है?एंड्रॉयड मार्शमैलो या ‘एम’ मोबाइल फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो 28 मई 2015 को जारी किया गया था. मूल रूप से यह फिंगरप्रिंट पहचान का समर्थन प्रदान करता है जिससे स्मार्टफोन को लॉक-अनलॉक किया जा सके और प्ले स्टोर पर सत्यापन के लिए उंगलियों के निशान के उपयोग से अनुमति दी जा सके. मूलतः मार्शमैलो भी एक प्रकार की मिठाई है. एंड्रॉयड के हर वर्ज़न का नाम मिठाई पर होता है. और यह भी कि यह नाम अल्फाबैटिक ऑर्डर में आगे बढ़ रहा है. कपकेक, डोनट, एक्लेयर, फ्रॉयो, जिंजरब्रैड, हनीकॉम्ब, आइसक्रीम सैंडविच, जैलीबीन और किटकैट से होते हुए यह मार्शमैलो को बाद यह सिलसिला नूगट तक जा पहुँचा है, जो मेवों और चीनी के मेल से बनती है. इसका अगला वर्ज़न ‘ओ’ होगा। क्या मिठाई बनेगी इस ‘ओ’ से, इसके बारे में सोचें। गूगल ने कभी यह स्पष्ट नहीं किया कि नामों का यह मिठास क्यों है.

जीएसएलवी और पीएसएलवी का अंतर?
दोनों भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रॉकेट हैं. एक का नाम है पोलर सैटेलाइट लांच वेहिकल और दूसरे का नाम है जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच वेहिकल। दोनों में बुनियादी फर्क है भारवहन क्षमता का. पोलर सैटेलाइट लांच वेहिकल का संक्षिप्त नाम है पीएसएलवी. मूल रूप में पीएसएलवी को भारत के दूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) सैटेलाइट को सौर समकालिक कक्षा (सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट) में प्रक्षेपण के लिए बनाया गया था. इसे केरल में तिरुवनंतपुर के पास स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में नब्बे के दशक में डिजाइन किया गया था. इसका पहला प्रक्षेपण 20 सितम्बर 1993 को हुआ. पीएसएलवी डेढ़ टन के आसपास का वज़न जीटीओ (जियोस्टेशनरी ट्रांसफर ऑर्बिट) तक पहुँचा सकता है. इसमें बूस्टर लगाकर इसकी क्षमता बढ़ाई जाती है. मंगलयान को इसी रॉकेट ने पृथ्वी की कक्षा में भेजा था. जीएसएलवी को इस प्रकार डिजाइन किया जा रहा है कि उसके इंजन बदल कर उसकी क्षमता बढ़ाई जा सके. उसमें क्रायोजेनिक इंजन भी लगा है. भविष्य में जीएसएलवी का स्थान यूनिफाइड लांच वेहिकल (यूएलवी) जो मॉड्यूलर लांचर होगा. यानी उसके इंजन और बूस्टर बदल कर अलग-अलग वज़न का भार अंतरिक्ष में भेजा जा सके. बहरहाल जीएसएलवी हमारे पहले अंतरिक्ष यात्री को लेकर जाएगा.

हमारे देश में इंग्लिश कैलेंडर क्यों चलता है?

लागू होने की वजह तो सरकारी है. सन 1757 में प्लासी की लड़ाई के बाद भारत में ईस्ट इंडिया कम्पनी का शासन स्थापित होने की शुरूआत हो गई और तभी अंग्रेजी कैलेंडर का चलन शुरू हो गया. धीरे-धीरे पूरा देश अंग्रेजी शासन के अधीन आ गया. उसके पहले तक भारत में या तो विक्रमी पंचांग चलता था या इस्लामी काल पद्धति. आज ग्रेगोरियन कैलेंडर दुनियाभर की मानक काल-गणना पद्धति बन गई है.

आईएमई का फुलफॉर्म?
आपका आशय मोबाइल टेलीफोन के आईएमई से है, जिसका फुल फॉर्म है International Magnetospheric Explorer

हॉर्स पावर माने क्या?
हॉर्स पावर शक्ति की एक माप है. बिजली के मामले में आमतौर पर 746 वॉट को एक हॉर्स पावर मानते हैं. अठारहवीं सदी में स्कॉटिश इंजीनियर जेम्स वॉट ने स्टीम इंजन की तुलना माल ढोने वाले घोड़े या ड्राफ्ट हॉर्स से की तो यह चलन शुरू हुआ. इसके बाद टर्बाइन और इलेक्ट्रिक मोटर के इंजनों से इसकी तुलना शुरू हो गई.

प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

जीएसटी और जीएसटी कौंसिल क्या है?

जीएसटी का पूरा नाम गुड्स एंड सर्विस टैक्स  है. यह केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए गए 20 से अधिक अप्रत्यक्ष करों के एवज में लगाया जा रहा है. जीएसटी 1 जुलाई 2019 से पूरे देश में लागू किया जाना है. इसे लगाने के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडीशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडीशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट/सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्ज़री टैक्स खत्म हो जाएंगे. वस्तुओं एवं सेवाओं पर केवल तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे. पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी, जो केंद्र सरकार वसूलेगी. दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी, जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी. तीसरा होगा वह जो कोई कारोबार अगर दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी वसूला जाएगा. इसे केंद्र सरकार वसूल करेगी और उसे दोनों राज्यों में समान अनुपात में बांट दिया जाएगा.

जीएसटी लागू करने के लिए पिछले साल संसद ने 122वें संविधान संशोधन विधेयक को पास किया था. इसके अंतर्गत महत्वपूर्ण नीति निर्णय जीएसटी कौंसिल करेगी. इसके केंद्र सरकार के अलावा सभी राज्यों के वित्तमंत्री प्रतिनिधि इसमें शामिल हैं. इसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्तमंत्री करते हैं और इसके उपाध्यक्ष किसी राज्य के वित्तमंत्री होते हैं. जीएसटी कौंसिल में सभी फैसले तीन चौथाई सदस्यों की स्वीकृति से होते हैं. सभी राज्यों के कुल वोट जीएसटी के दो तिहाई वोट के बराबर है.

नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली महिला?

पहली महिला नोबेल पुरस्कार विजेता मेरी क्यूरी थी, जिन्होंने 1903 में भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया. उनके साथ उनके पति पियरे क्यूरी को भी यह पुरस्कार दिया गया. यही नहीं सन 1911 में मैरी क्यूरी को रसायन शास्त्र का नोबेल मिला. इस प्रकार वे दो नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली महिला भी बनीं. सन 1935 में मैरी क्यूरी की बेटी आयरीन जोलियो क्यूरी को रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया. इस प्रकार वे पहली माँ और बेटी बनीं, जिन्हें यह पुरस्कार मिला. मेरी क्युरी (प्रारंभिक नाम मारिया स्कोलोडोवस्का) (7 नवंबर 1867- 4 जुलाई 1934) विख्यात भौतिकविद और रसायन शास्त्री थीं. मेरी ने रेडियम की खोज की थी.

अक्षय पात्र का मतलब क्या है?

महाभारत मे अक्षय पात्र का जिक्र आता है. पांचों पांडव द्रौपदी के साथ बारह वर्षों के लिए वनवास जाते हैं. जंगल में प्रवास करते हुए सैकडों साधु-संत और धर्मात्मा पुरुष उनके साथ हो जाते हैं. वे छह प्राणी अकेले भोजन कैसे करें, और उन सैकडों हजारों के लिए भोजन कहां से आए? पुरोहित धौम्य के कहने पर  युधिष्ठिर ने सूर्य के नाम का जाप किया. सूर्य प्रसन्न होकर युधिष्ठिर की इच्छा पूछते हैं. युधिष्ठिर ने कहा, इतने लोगों को मैं भोजन कैसे कराऊँ. सूर्यदेव ने एक ताँबे का पात्र देकर कहा- यह बर्तन मैं तुम्हें देता हूं. जब तक द्रौपदी परोसेंगी, तुम्हारे पास फल, फूल, शाक आदि चार प्रकार की भोजन सामग्रियां तब तक अक्षय रहेंगी. कथा के अनुसार द्रौपदी हजारों लोगों को परोस कर ही भोजन ग्रहण करती थीं. वे जब तक वह भोजन ग्रहण नहीं करतीं, पात्र से भोजन समाप्त नहीं होता था.

महात्मा गांधी के बेटे थे या नहीं?

गांधी जी के चार बेटे थे. हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास गांधी. एक शिशु का बचपन में निधन हो गया था.

ईफेल टावर का निर्माण किस वजह से किया गया?

फ्रांस के पेरिस शहर में सन 1889 में बनाई गई ईफेल टावर मूलतः 1989 वर्ल्ड फेयर के प्रवेश द्वार के रूप में बनी थी. इसका नाम इंजीनियर गुस्ताव ईफेल के नाम पर है, जिन्होंने इसे डिजाइन किया था.

एंटोमॉलोजी क्या है?

कीट विज्ञान (एंटोमॉलोजी Entomology) प्राणिविज्ञान का एक अंग है जिसके अंतर्गत कीटों अथवा षट्पादों का अध्ययन आता है. षट्पाद (षट्=छह, पाद=पैर) श्रेणी को ही कभी-कभी कीट की संज्ञा देते हैं.

ग्रेट विक्टोरिया रेगिस्तान कहाँ है?

द ग्रेट विक्टोरिया रेगिस्तान ऑस्ट्रेलियन रेगिस्तानों में से एक है. इस रेगिस्तान का क्षेत्रफल 338,000 वर्ग किमी है. इस विशाल रेगिस्तान में रेतीले टीलों की भरमार है, पर इसकी विशेषता है कि यहाँ वनस्पति बहुतायत से होती है. ब्रिटेन ने 1952 में जब एटम बम बनाया तो उसका परीक्षण यहाँ आकर किया.  
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

शंघाई सहयोग संगठन क्या है?

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग का संगठन है, जिसकी शुरुआत चीन और रूस के नेतृत्व में यूरेशियाई देशों ने की थी. अप्रैल 1996 में शंघाई में हुई एक बैठक में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान आपस में एक-दूसरे के नस्ली और धार्मिक तनावों से निबटने के लिए सहयोग करने पर राज़ी हुए थे. इसे शंघाई फाइव कहा गया था. शंघाई फाइव के साथ उज्बेकिस्तान के आने के बाद जून 2001 में शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना हुई. 2005 में कजाकिस्तान के अस्ताना में हुए सम्मेलन में भारत, ईरान, मंगोलिया और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने पहली बार इसमें हिस्सा लिया. अब भारत और पाकिस्तान भी इस संगठन के सदस्य बन गए हैं. इस संगठन का मुख्य उद्देश्य मध्य एशिया में सुरक्षा चिंताओं के मद्देनज़र सहयोग बढ़ाना है. पश्चिमी मीडिया मानता है कि एससीओ का मुख्य उद्देश्य नेटो के बराबर खड़ा होना है. अमेरिका ने 2005 में इस संगठन में पर्यवेक्षक देश बनने के लिए आवेदन किया था, जिसे नकार दिया गया था.
मुस्लिम ब्रदरहुड क्या है?
हाल में सउदी अरब, मिस्र, बहरीन, यमन, लीबिया और संयुक्त अरब अमीरात ने कतर के साथ जब अपने राजनयिक संबंध तोड़े, तब आरोप लगाया कि कतर चरमपंथ फैलाने वाले इस्लामिक संगठनों की मदद कर रहा है. सउदी अरब की आधिकारिक प्रेस एजेंसी ने कतर पर आरोप लगाया था कि वह मुस्लिम ब्रदरहुड, इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा को अपनाकर क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रहा है. इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा का नाम हमने हालांकि ज्यादा सुना है, पर द सोसाइटी ऑफ़ मुस्लिम ब्रदर्स या मुस्लिम ब्रदरहुड इन दोनों के मुकाबले ज्यादा पुराना संगठन है. यह कई अरब राष्ट्रों में सबसे बड़ा राजनीतिक प्रतिरोध संगठन है. इसकी स्थापना सन 1928 में एक इस्लामिक धर्म-शास्त्री हसन अल-बन्ना ने की थी. इसकी अनुमानित सदस्य संख्या 20 लाख है. जुलाई 2013 में मिस्र में मुहम्मद मुर्सी की सरकार के खिलाफ जनता सड़क पर उतर आई थी, जिसके बाद सेना ने उन्हें सत्ता से हटा दिया. मुर्सी के पीछे यही मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन था, जिसे उसके बाद आतंकी संगठन घोषित कर दिया गया. इस संगठन का ध्येय वाक्य है, कुरान ही हमारा संविधान है.
सलीम-अनारकली की कहानी क्या सच्ची है?
सलीम-अनारकली की कहानी इतिहास सम्मत नहीं है. न तो अकबरनामा में और न तुजुक-ए-जहाँगीरी में इसका जिक्र है. अगस्त 1608 में भारत आए एक अंग्रेज पर्यटक-व्यापारी विलियम फिंच ने एक पत्रिका में प्रकाशित अपने संस्मरणों में अनारकली की कहानी का जिक्र किया था. दंतकथा के रूप से यह कहानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी के बीच चलती रही. उर्दू के लेखक अब्दुल हलीम शरर ने सम्भवतः इस विषय पर पहली साहित्यिक रचना लिखी थी. उन्होंने अपनी किताब के शुरू में ही लिखा कि यह रचना पूरी तरह काल्पनिक है.  अलबत्ता यह कहानी इतनी लोकप्रिय है कि लोग उसे ऐतिहासिक मानते हैं. मान्यता है कि अनारकली पंजाब में लाहौर के आसपास की रहने वाली थी. लाहौर में अनारकली की एक मज़ार भी है. अनारकली की इस कब्र पर दो तारीख अंकित है, जिसमें से एक हैं 1008 हिजरी (1599 ई.), और दूसरी है 1025 हिजरी (1615 ई.)। पहली तारीख अनारकली की मौत की है और दूसरी मकबरे का काम पूरा होने की तारीख है। अकबर का निधन 1605 में हुआ था और जहाँगीर यानी सलीम का 1627 में। तारीखें उसी दौर की ओर इशारा करती है.
क्या सफेद हाथी भी होते हैं?
दक्षिण पूर्व एशिया के थाईलैंड, म्यांमार, लाओस और कम्बोडिया आदि में सफेद हाथी भी मिलते हैं. इनकी संख्या कम होने के कारण इन्हें महत्वपूर्ण माना जाता है. राजा महाराजा ही इन्हें रखते हैं. हिन्दू परम्परा में सफेद हाथी ऐरावत है इन्द्र की सवारी. पवित्र होने के नाते इस इलाके में सफेद हाथियों से काम भी नहीं कराते. हाथी रखना खर्चीला काम है, इसलिए सफेद हाथी मुहावरा बन गया है.
क्या जानवर कलर ब्लाइंड होते हैं?
जो देखता है उसे कोई न कोई रंग तो दीखता ही है. कलर ब्लाइंड का मतलब है सारी चीजें एक या दो रंगों में नजर आना. चमगादड़ को ध्वनि की तरंगे बेहतर तरीके से समझ आती है. पर वे कलर ब्लाइंड होते हैं. बंदरों में तीन रंग देखने की क्षमता होती है. इंसान एक करोड़ तक रंगों को अलग-अलग पहचान सकता है. कुछ पक्षियों में रंग देखने की बेहतरीन क्षमता होती है वे अल्ट्रा वॉयलेट रंग भी देख लेते हैं.
भारत की सीमा से जुड़े पड़ोसी मुल्क कितने हैं?
चीन, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान (कश्मीर का वह हिस्सा जो पाकिस्तानी नियंत्रण में है), नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव. श्रीलंका और मालदीव पड़ोसी हैं, जमीन से जुड़े नहीं हैं.
एमएमएस का फुलफॉर्म?
मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस.

Sunday, June 11, 2017

धरती के नीचे क्या है?


आप कभी पृथ्वी में गड्ढा करने की कोशिश करें तो बहुत सफल नहीं होंगे. उपकरणों की मदद से भी दुनिया के वैज्ञानिक 8 किमी की गहराई तक के नमूने ले पाए हैं. दुनिया की सबसे गहरी खानें 3 किमी तक गहरी हैं. अलबत्ता वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार धरती की सतह से उसके केन्द्र तक की दूरी तकरीबन 6400 किमी है. इसमें चार परतें खासतौर से हैं. सबसे ऊपरी परत को क्रस्ट कहते हैं. यह करीब 15 किमी गहरी है. उसके बाद है मेंटल जो करीब ढाई हजार किमी तक है. इसमें भी चट्टानें हैं, पर जैसे-जैसे गहराई पर जाएंगे चट्टानें गर्म होती जाएंगी. इसके बाद है बाहरी कोर जो पिघले लावा की है. लावा मुख्य रूप से लोहा और निकल है. इसके बाद सबसे अंदर की कोर ठोस लोहे और निकल की है.

वीजा-पासपोर्ट का इतिहास क्या है?

पासपोर्ट शब्द का अर्थ है पोर्ट से गुजरना. यहाँ पोर्ट का मतलब नगर के द्वार से है. यानी कि जब आप किसी शहर में प्रवेश करें तो अपना परिचय दें. माना जाता है कि इंग्लैंड के राजा हेनरी पंचम ने पहली बार ऐसे औपचारिक परिचय पत्र का आविष्कार किया, जिसे पासपोर्ट कह सकते हैं. इस प्रकार के दस्तावेज का सबसे प्राचीन विवरण सन 1414 के संसदीय अधिनियम के रूप में मिलता है. उसी समय पासपोर्ट शब्द का इस्तेमाल किया गया. उन्नीसवीं सदी में रेलवे के आविष्कार के बाद यूरोप में यात्राएं बढ़ गईं और उनकी तेज गति के कारण दस्तावेजों की जाँच मुश्किल काम हो गया तो लम्बे समय तक बगैर पासपोर्ट यात्राएं होती रहीं. पहले विश्व युद्ध तक पासपोर्ट की व्यवस्था लगभग समाप्त हो गई. विश्व युद्ध के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल उठे और उसके साथ पासपोर्ट की आधुनिक व्यवस्था का विकास हुआ.

हिब्रू साहित्य में ईसा से तकरीबन साढ़े चार सौ साल पहले का जिक्र मिलता है जब फारस के राजा ने नीहीमिया नाम के एक अधिकारी को जूडिया भेजा, जिसमें दूर-दराज के सरदारों से अनुरोध किया गया था कि उसकी यात्रा में मदद करें. मध्य युग में इस्लामी खिलाफत में केवल उन लोगों को देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करने की अनुमति थी जिनके पास ज़का और जिज़्वा की रसीद होती थी. एक तरह से यह पासपोर्ट था.

सन 1920 में लीग ऑफ नेशंस का पासपोर्ट और कस्टम की औपचारिकताओं के बाबत पेरिस सम्मेलन हुआ. इस सम्मेलन में पासपोर्ट की मानक बुकलेट डिजाइन स्वीकृत हुई. फिर 1926 और 1927 में इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुए. संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद 1963 में अंतरराष्ट्रीय यात्रा को लेकर सम्मेलन हुआ. अलबत्ता सन 1980 में जाकर अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ने मशीन रीडेबल पासपोर्ट का मानक रूप तैयार किया. हाल के वर्षों में बायोमीट्रिक्स पहचान को पासपोर्ट में शामिल किया जा रहा है. अब पासपोर्ट नागरिकता की निशानी हैं. सम्भव है कि भविष्य के पासपोर्ट स्मार्टकार्ड या किसी अन्य रूप में हों.

विदा लेते समय टाटा-बाय कहने का मतलब क्या है?

अंग्रेजी में विदाई के वक्त टाटा कहने का चलन है. यह शब्द बोली का है. इसका प्रचलन उन्नीसवीं सदी से हुआ है. ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार यह गुडबाय का नर्सरी संस्करण है. इसका इस्तेमाल पहली बार 1837 में दर्ज है. सन 1941 में बीबीसी के एक रेडियो प्रोग्राम में इस्तेमाल किया गया संक्षिप्त प्रयोग टीटीएफएन काफी लोकप्रिय हुआ था जिसका मतलब था टाटा फॉर नाउ.

डरने पर दिल की धड़कन तेज क्यों हो जाती है?

हमारा मस्तिष्क एक केन्द्रीय कम्प्यूटर की तरह शरीर के सारे कार्यों को संचालित करता है. यह काम नर्वस सिस्‍टम के मार्फत होता है. नर्वस सिस्‍टम का एक हिस्सा शरीर की साँस लेनेभोजन को पचानेपसीना निकालनेकाँपने जैसी तमाम क्रियाओं का संचालन करता रहता है. आपको उसमें कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं होती है. इसे ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्‍टम कहते हैं. इस सिस्‍टम के दो हिस्से होते हैं. सिम्पैथेटिक और पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्‍टम. जब आप कोई डरावनी चीज़ देखते हैं तब सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्‍टम हृदय की गति को बढ़ा देता है. उसका उद्देश्य शरीर के सभी अंगों तक ज्यादा रक्त पहुँचाना होता है. साथ ही यह किडनी के ऊपर एड्रेनल ग्लैंड्स से एड्रेनालाइन हार्मोन को रिलीज करता हैजिससे मसल्स को अतिरिक्त शक्ति मिलती है. यह इसलिए कि या तो आपको लड़ना है या भागना है. दोनों काम के लिए फौरी ऊर्जा मिल सके.

हमारे दिल की धड़कन की सामान्य गति क्या है?

आमतौर पर आराम की स्थिति में 60 से 80 बीपीएम यानी बीट्स पर मिनट

दुनिया का सबसे लम्बा व्यक्ति कौन है?

गिनीज़ बुक के अनुसार तुर्की का सुलतान कोसेन इस वक्त संसार का सबसे लम्बा व्यक्ति है. 10 दिस 1982 को जन्मे सुलतान की लम्बाई 251 सेमी यानी 8 फुट 3 इंच है. यह माप 8 फरवरी 2011 को ली गई थी.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Thursday, May 18, 2017

भारत में प्रशासनिक सेवाओं का इतिहास क्या है?


भारत में सन 1857 की लड़ाई के बाद ईस्ट इंडिया कम्पनी शासन के स्थान पर अंग्रेजी सरकार का शासन स्थापित हो गया था. गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1858 के तहत भारत में नागरिक सेवाओं के लिए अफसरों की नियुक्ति के नियम भी बनाए गए. इस सेवा को पहले इम्पीरियल सिविल सर्विस और बाद में इंडियन सिविल सर्विस का नाम दिया गया. शुरुआत में उनकी भरती की परीक्षाएं केवल लंदन में होती थीं. बाद में इलाहाबाद में भी होने लगीं. नीचे के पदों को भारतीय कर्मचारियों से भरा जाता था. सन 1923 में ब्रिटिश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थानीय भागीदारी के लिए एक आयोग बनाया जिसके अध्यक्ष थे लॉर्ड ली ऑफ फेयरहैम. इसके पहले इंस्लिंगटन कमीशन और मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड आयोग ने भी भारतीयों की भागीदारी के लिए सिफारिशें की थीं. बहरहाल ली आयोग ने सिफारिश की कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में 40 फीसदी ब्रिटिश, 40 फीसदी भारतीय सीधे और 20 फीसदी स्थान प्रादेशिक सेवाओं से प्रोन्नति देकर लाए गए अफसरों को दिए जाएं. ली आयोग ने भरती के लिए एक लोक सेवा आयोग बनाने की सिफारिश भी की. इसके बाद सन 1926 में संघ लोकसेवा आयोग की स्थापना हुई. स्वतंत्रता के बाद संविधान सभा ने अनुच्छेद 315 के तहत इसे एक स्वायत्त संस्था के रूप में संविधान में स्थान भी दिया.

सुल्तान अज़लान शाह कौन थे?
सुल्तान अज़लान शाह (19 अप्रैल 1928-28 मई 2014) मलेशिया की रियासत पेराक के 34वें सुल्तान और मलेशियाई राजतंत्र के नौवें राष्ट्राध्यक्ष (यांग दी-पैरतुआन अगोंग) थे. अपने स्कूली दिनों में वे हॉकी के अच्छे खिलाड़ी थे और उन्होंने पेराक की टीम का प्रतिनिधित्व भी किया था. उन्होंने कानून की शिक्षा प्राप्त की थी और वे देश की सर्वोच्च अदालत के प्रमुख भी रहे. दूसरी बातों के अलावा उन्होंने अपने देश में हॉकी के खेल जबर्दस्त बढ़ावा दिया और उनके प्रयास से ही मलेशिया में दो बार (1975 और 2002) विश्वकप हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन हो चुका है. सन 1983 में उन्होंने सुल्तान अज़लान शाह हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन शुरू किया. यह प्रतियोगिता इपोह में हर साल होती है.

धन विधेयक और वित्त विधेयक में क्या अंतर होता है?
संविधान के अनुच्छेद 109 के अनुसार धन विधेयक राज्यसभा में पुरःस्थापित (इंट्रोड्यूस) नहीं किया जाता. लोकसभा से उसके पास होने के बाद राज्यसभा की सिफारिशों के लिए भेजा जाता है, जहाँ से चौदह दिन की अवधि के भीतर राज्यसभा अपनी सिफारिशों के साथ उसे लोकसभा को लौटा देती है. लोकसभा उन सिफारिशों को स्वीकार कर भी सकती है और नहीं भी कर सकती है. अनुच्छेद 110 मे वर्णित एक या अधिक मामलों से जुड़ा धन विधेयक कहलाता है. ये मामले हैं -किसी कर को लगाना,हटाना, नियमन, धन उधार लेना या कोई वित्तीय जिम्मेदारी जो भारत की संचित निधि से धन की निकासी/जमा करना, संचित निधि से धन का विनियोग, ऐसे व्यय जिन्हें भारत की संचित निधि पर भारित घोषित करना हो, संचित निधि से धन निकालने की स्वीकृति लेना वगैरह.

वित्त विधेयक (फाइनेंशियल बिल) वह विधेयक जो धन विधेयक (मनी बिल) के एक या अधिक प्रावधानों से पृथक हो तथा गैर मनी मामलों से भी संबंधित हो. जो राजस्व और व्यय से जुड़ा हो सकता है. वित्त विधेयक में धन प्रावधानों के साथ सामान्य विधायन से जुड़े मामले भी होते है. इस प्रकार के विधेयक को पारित करने की शक्ति दोनों सदनों मे समान होती है. यदि यह प्रश्न उठता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं तो उस पर लोक सभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा.

दिल्ली में संसद भवन कब बना?
सन 1911 में घोषणा की गई कि भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली ले जाई जाएगी. मशहूर ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर एडविन लैंडसीयर लुट्यन्स ने दिल्ली की ज्यादातर नई इमारतों की रूपरेखा तैयार की. संसद भवन की इमारत 1927 में तैयार हुई.

दुनिया का सबसे छोटा हवाई अड्डा कहाँ है?

कैरीबियन सागर के डच अधिकार वाले द्वीप सबा का जुआंचो ई रॉस्किन हवाई अड्डा दुनिया का सबसे छोटा हवाई अड्डा माना जाता है. इसका रनवे 400 मीटर लम्बा है. इस हवाई अड्डे पर जेट विमान नहीं उतरते क्योंकि उनके लिए लम्बा रनवे चाहिए.

ह्वाइट कॉलर जॉब क्या है?
ह्वाइट कॉलर शब्द एक अमेरिकी लेखक अपटॉन सिंक्लेयर ने 1930 के दशक में गढ़ा. औद्योगीकरण के साथ शारीरिक श्रम करने वाले फैक्ट्री मजदूरों की यूनीफॉर्म डेनिम के मोटे कपड़े की ड्रेस हो गई. शारीरिक श्रम न करने वाले कर्मचारी सफेद कमीज़ पहनते. इसी तरह खदानों में काम करने वाले ब्लैक कॉलर कहलाते. सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े कर्मियों के लिए अब ग्रे कॉलर शब्द चलने लगा है.

किस फिल्म को पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था?
1954 में कथा-चित्र के लिए पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मराठी फिल्म ‘श्यामची आई’ को दिया गया.

Thursday, April 27, 2017

भारत में पिनकोड की शुरुआत कब से हुई?

पिनकोड माने पोस्टल इंडेक्स नम्बर. भारत में यह 15 अगस्त 1972 में लागू किया गया. इसके अंतर्गत देश को आठ भौगोलिक क्षेत्रों में बाँटा गया है. सेना डाकघर और फील्ड डाकघर नवाँ क्षेत्र है. पिनकोड की पहली संख्या भौगोलिक क्षेत्र को और पहली दो संख्याएं राज्य को, उसके बाद शहर या शहरी इलाके को, मुहल्लों, कॉलोनियों वगैरह को व्यक्त करतीं हैं. प्राय: बड़े राज्यों के नाम आबंटित पहली दो संख्याएं ही ज्यादा होतीं हैं. बिहार-झारखंड की पहली दो संख्याएं 80 से 85 हैं. इसी तरह उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के पिनकोड नम्बर 20 से 28 हैं.

आलू की खेती की शुरुआत कहां से हुई?

वैज्ञानिक अनुसंधानों से पता लगा है कि सबसे पहले लैटिन अमेरिकी देश पेरू के दक्षिणी हिस्से में सबसे पहले आलू पैदा हुआ. यह बात करीब दस-ग्यारह हजार साल पहले की है. यूरोप से स्पेन के लोगों ने जब इस इलाके पर विजय हासिल की तो वे अपने साथ यूरोप इसे लाए. भारत में भी आलू यूरोप से आया है.

मोबाइल फोन के संदर्भ में प्रयुक्त शब्द एसएआर (SAR) लेबल क्या है?


मोबाइल टेलीफोन सेवा के कारण मोबाइल टावरों और हैंडसेटों में भी इलेक्ट्रॉमैग्नेटिक रेडिएशन होता है. इस रेडिएशन को शरीर कितना जज्ब कर सकता है इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने कुछ मानक बनाए हैं। इन्हें स्पेसिफिक एब्जॉर्प्शन रेट (एसएआर) कहते हैं. अलग-अलग देशों में इसकी अलग-अलग सीमा है. इन फोनों की बिक्री राष्ट्रीय मानकों की सीमा के भीतर ही सम्भव है.

माया सभ्यता किस देश से संबंधित है?

लैटिन अमेरिका की प्राचीन माया सभ्यता ग्वाटेमाला, मैक्सिको, होंडुरास तथा यूकाटन प्रायद्वीप में स्थित थी. इसका कार्यकाल ईसा के 2000 साल पहले से लेकर सोलहवीं सदी तक का था. सत्रहवीं सदी में स्पेन ने इस इलाके में अपने उपनिवेश स्थापित किए. यह एक कृषि पर आधारित सभ्यता थी. आज की तारीख में भी मध्य अमेरिका के उष्णकटिबंधीय जंगलो में मानव जीवन संभव नहीं है, लेकिन मनुष्य ने इन जंगलो में एक ऐसी सभ्यता की रचना की थी, जिसे देखकर आश्चर्य होता है. माया सभ्यता के शहर, उनकी इमारतें और पिरामिड देखकर आश्चर्य होता है कि उन्हें किस तरह बनाया गया होगा.

कागज़ की खोज किसने की?

कागज़ चीन की देन है. इसके आविष्कार का श्रेय वहाँ के छाई-लुन नामक व्यक्ति को दिया जाता है. वह प्राचीन चीन के पूर्वी हान वंश (20-220 ई.) के दरबार में अधिकारी था. छाई-लुन ने पेड़ों की छाल, सन के चिथड़ों और मछली पकड़ने के जालों से काग़ज़ बनाने के तरीक़े की 105 ई. में जानकारी दी थी.

वास्तव में छाई-लुन से भी बहुत पहले चीन में पटसन के रेशे से कागज बनाया जाने लगा था. कच्चे माल के अभाव के कारण कागज बहुत महँगा था. छाई-लुन ने पुरानी तकनीक को सुधारकर आसानी से मिल सकने वाले पेड़ के छिलके,चीथड़े,जाल के टुकड़े और पटसन के छोटे रेशों से कागज बनाने का प्रयोग शुरू किया. अलबत्ता रेशम, बाँस और लकड़ी की पट्टियों जैसी परम्परागत लेखन-सामग्री के स्थान पर वहाँ काग़ज़ का व्यापक इस्तेमाल ईसा की चौथी सदी से ही सम्भव हो सका.

दूसरी सदी में काग़ज़ कोरिया में पहुँचा और तीसरी सदी में जापान. भारत में काग़ज़ का प्रवेश सम्भवतः ईसा की सातवीं सदी में हुआ. चीनी बौद्ध भिक्षु ई-चिंग ने 671-694 ई. में भारत की यात्रा की. उसके चीनी संस्कृत कोश में जानकारी दी गई है कि काग़ज़ के लिए चीनी शब्द त्वे के लिए संस्कृत में काकलि शब्द चलता था. कुछ विद्वानों ने काकलि शब्द को काग़द या काग़ज़ शब्द से जोड़ा है. मूलतः काग़ज़ अरबी शब्द है. इसी से फ़ारसी में ‘काग़द’ शब्द बना.

इंदिरा गांधी को प्रियदर्शिनी क्यों कहा जाता है?

इंदिरा गांधी का पूरा नाम था इंदिरा प्रियदर्शिनी नेहरू. कहते हैं गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने उन्हें प्रियदर्शिनी नाम दिया था. फीरोज़ गांधी से विवाह के कारण उनके नाम के साथ गांधी शब्द जुड़ गया. प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Sunday, April 23, 2017

हैशटैग क्या होता है?

यह एक प्रतीक चिन्ह है। दो क्षैतिज समांतर रेखाओं को दो आड़ी रेखाएं काटती हैं जिनसे यह चिह्न बनता है #। इस निशान का इस्तेमाल नम्बर या संख्या को बताने के लिए और पौंड के लिए भी होता है, जो प्राचीन रोमन चिह्न लिब्रा पौंडो यानी पौंड वज़न के लिए इस्तेमाल होता था। यूके में इसका इस्तेमाल पौंड करेंसी में होता है।
सत्तर के दशक में कंप्यूटर की सी प्रोग्रामिंग भाषा में इसका इस्तेमाल किया गया. अब इसकी ग्लोबल स्वीकृति है। यानी सभी भाषाओं ने खासतौर से सोशल मीडिया के लिए इसे अपना लिया है। आज हैशटैग से सारी सोशल नेटवर्किंग साइट अटी पड़ी हैं। आप अपने किसी संदेश को हैशटैग कर देते हैं तो वह एक बड़े भंडार का हिस्सा बन जाता है। हैशटैग के सहारे हम कम समय में अपनी दिलचस्पी के विषय या विचार तक जा पहुँचते हैं. बहसों में शामिल हो सकते हैं।
किसी शब्द के पहले स्पेस दिए बगैर # जोड़ दें तो यह एक लिंक बन जाता है। जब इसे क्लिक करें तो वहाँ ले जाता है, जहाँ इस लिंक से जुड़ी सामग्री होती है। आज यह सोशल मीडिया के ज्यादातर प्लेटफॉर्म पर प्रयुक्त हो रहा है। मसलन आप इंस्टाग्राम पर #india लिखें तो भारत से जुड़ी तस्वीरों को दिखाएगा। ट्विटर में इसका इस्तेमाल 2009-10 में शुरू हुआ। अपने व्यापक इस्तेमाल के कारण इसे जून 2014 में ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में जगह दी गई।
दुनिया का पहला उपन्यास कौन सा है?
आमतौर पर गेंजी मोनोगतारी या गेंजी की कहानी को दुनिया का पहला उपन्यास मानते हैं। जापानी लेखिका मुरासाकी शिकिबु ने इसे सन 1000 से सन 1008 के बीच कभी लिखा था। बेशक यह दुनिया के श्रेष्ठतम ग्रंथों में से एक है, पर इस बात पर एक राय नहीं है कि यह पहला उपन्यास था या नहीं। हमें पहले यह समझना चाहिए कि उपन्यास होता क्या है। उपन्यास गद्य में लिखा गया लम्बा आख्यान है, जिसकी एक कथावस्तु होती है और चरित्र-चित्रण होता है। कथावस्तु को देखें तो महाभारत, रामायण और तमाम भाषाओं में महाग्रंथ हैं। पर वे सब प्रायः महाकाव्य हैं। अलबत्ता संस्कृत में दंडी के दशकुमार चरित्र और वाणभट्ट के कादम्बरी को भी दुनिया के पहले उपन्यासों की सूची में रखा जा सकता है।
किस देश की डाक टिकट पर देश का नाम नहीं होता?
यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड आयरलैंड के डाक टिकटों पर देश का नाम नहीं होता। इसकी वजह यह है कि इन देशों में ही डाक टिकटों की शुरूआत हुई थी और इन्होंने तब अपने देशों के नाम टिकट पर नहीं डाले थे। हाँ इन टिकटों पर देश के राजतंत्र की छवि ज़रूर होती है।
कॉंटिनेंटल का मतलब क्या है?
कॉंटिनेंटल का हिन्दी में अर्थ होता है महाद्वीप। इसलिए इसका मतलब हुआ, महाद्वीपीय। व्यावहारिक अर्थ में इसे यूरोपीय मानते हैं। कॉंटिनेंटल डिश का मतलब यूरोपीय व्यंजन।

Saturday, April 22, 2017

संयुक्त राज्य अमेरिका के झंडे में 13 पट्टियाँ किस बात की प्रतीक हैं?

अमेरिका के झंडे में लाल और सफेद रंग की क्षैतिज पट्टियाँ उन 13 मूल उपनिवेशों की प्रतीक हैं, जिन्होंने सबसे पहले ग्रेट ब्रिटेन की राजशाही से स्वतंत्र होने की घोषणा की थी. इसके अलावा झंडे में बने 50 सितारे देश के वर्तमान 50 राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. झंडे का वर्तमान डिजाइन 27 वाँ है. इसके पहले सन 1777 से अब तक 26 बार इसमें बदलाव हुआ है. राज्यों की संख्या बढ़ने के साथ सितारों की संख्या बढ़ती गई. 50 सितारों वाले वर्तमान ध्वज को जुलाई 1960 में स्वीकार किया गया. यह अब तक सबसे लम्बी अवधि तक चला अमेरिकी ध्वज है. ध्वज में 13 मूल राज्यों का सम्मान करते हुए लाल-सफेद पट्टियों की संख्या बदली नहीं गई.

एशिया में कितने देश हैं?

एशिया में पूरी तरह स्वतंत्र और मान्यता प्राप्त देशों की संख्या 48 है. इनके अलावा 6 ऐसे देश हैं, जो आंशिक रूप से मान्यता प्राप्त हैं जैसे अबखाजिया, नागोर्नो कारबाख, उत्तरी सायप्रस, फलस्तीन, दक्षिण ओसेतिया और ताइवान। छह देश या इलाके ऐसे हैं जो किसी देश के अधीन हैं. ये हैं अक्रोती, ब्रिटिश इंडियन ओसन टेरीटरीज़, क्रिसमस द्वीप, कोको द्वीप, हांगकांग और मकाऊ। रूस का काफी इलाका एशिया में है, पर उसकी राजधानी और सघन बसा इलाका यूरोप में है, इसलिए उसे यूरोप का देश माना जाता है.

हॉलीवुड, बॉलीवुड, टॉलीवुड. फिल्म इंडस्ट्री को ऐसे नामों से क्यों बुलाते हैं?

अमेरिका के लॉस एंजेलस, कैलिफोर्निया में हॉलीवुड एक डिस्ट्रिक्ट है जो फिल्म उद्योग के लिए मशहूर है. इसे यह नाम एचजे ह्विटले ने दिया जिन्होंने 1870 के आसपास यहाँ 500 एकड़ जमीन खरीद कर बस्ती बसाने की योजना बनाई. 1902 में यहाँ मशहूर हॉलीवुड होटल खुला. 1906 में इस इलाके में बायोग्राफ कम्पनी ने एक फिल्म की शूटिंग की. धीरे-धीरे यह फिल्मों का शहर ही बन गया. बहरहाल हॉलीवुड का नाम दुनिया में फिल्म निर्माण के साथ जुड़ने के बाद फिल्म निर्माण से जुड़े शहरों ने अपने नाम के आगे वुड जोड़ना शुरू कर दिया. यह हाल की बात है.

ह्वाइट कॉलर जॉब क्या है?

ह्वाइट कॉलर शब्द एक अमेरिकी लेखक अपटॉन सिंक्लेयर ने 1930 के दशक में गढ़ा. औद्योगीकरण के साथ शारीरिक श्रम करने वाले फैक्ट्री मजदूरों की यूनीफॉर्म डेनिम के मोटे कपड़े की ड्रेस हो गई. शारीरिक श्रम न करने वाले कर्मचारी सफेद कमीज़ पहनते. इसी तरह खदानों में काम करने वाले ब्लैक कॉलर कहलाते. सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े कर्मियों के लिए अब ग्रे कॉलर शब्द चलने लगा है.

भारत में चुनाव लड़ने के लिए कितनी धनराशि जमानत में जमा होती है?

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 341 के अनुसार, प्रत्येक प्रत्याशी को लोक सभा निर्वाचनों के लिए 25,000 रुपए और विधान सभा के लिए 10,000 रुपए. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी को लोकसभा में 12,500 रुपए और विधानसभा चुनाव में 5,000 रुपए की राशि जमा करनी होगी.

किस प्रत्याशी की जमानत जब्त मानी जाती है?

एक हारा हुआ अभ्यर्थी, जो निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए मान्य मतों का छठा भाग प्राप्त करने में असफल रहता है, उसे प्रतिभूति जमा राशि गंवानी पड़ती है.

वैश्विक जनसंख्या में स्त्री-पुरुष अनुपात क्या है?
संयुक्त राष्ट्र वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स के अनुसार दुनिया की जनसंख्या में 50.4 फीसदी पुरुष और 49.6 फीसदी स्त्रियाँ हैं. इसे अनुपात में देखें तो 1.014:1 बनता है. प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Thursday, April 13, 2017

मंत्रियों की संख्या का भी कोई नियम है?

1 जनवरी 2004 के पहले तक भारत में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या से जुड़ा कोई नियम नहीं था. प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्रियों के विवेक पर निर्भर था कि वे कितने सदस्यों को मंत्रिपरिषद में शामिल करते हैं. उपरोक्त तिथि से लागू 91 वें संविधान संशोधन के बाद अब मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या, जिसमें प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, सदन के कुल सदस्यों की संख्या के 15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती. संविधान के अनुच्छेद 75 (1क) के अनुसार मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या सदन के सदस्यों की कुल संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी. इसी तरह संविधान के अनुच्छेद 164 (1क) के अनुसार राज्य में मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी.

सांसद-विधायक बने बगैर भी मंत्री बन सकते हैं?


हाँ बन सकते हैं. संविधान के अनुच्छेद 75 और 164 के अंतर्गत कोई व्यक्ति छह महीने तक संसद या विधान परिषद के किसी सदन का सदस्य बने बगैर मंत्रिपरिषद का सदस्य बना रह सकता है. इस दौरान या तो उसे किसी सदन की सदस्यता लेनी होगी, अन्यथा इस अवधि के बाद उसका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा.

नक्षत्र क्या होते हैं? क्या हम वहाँ तक जा सकते हैं?

नक्षत्र यानी स्टार या सितारे जो ऊर्जा पैदा करते हैं. सौरमंडल के बाहर के नक्षत्रों की बात बाद में करें, पहले अपने सूर्य के बारे में जानकारी हासिल करें. हमारे सूर्य के गोले में पृथ्वी जैसे 13 लाख ग्रह समा सकते हैं. सूर्य की सतह का तापमान 6000 डिग्री सैल्शियस है. उसके केंद्र में तापमान 1.5 करोड़ डिग्री सैल्शियस है. इसलिए किसी भी प्राणी या यंत्र का वहाँ तक पहुँचना सम्भव नहीं है. हाँ उसके अध्ययन के लिए अंतरिक्ष यान भेजे जाते हैं, जो ज्यादा से ज्यादा नजदीक जाते हैं. नासा जिस सोलर प्रोब प्लस को भेजने की योजना बना रहा है वह सूर्य की सतह के करीब 60 लाख किलोमीटर निकट तक जा पाएगा. भारत भी अगले कुछ वर्षों में आदित्य नाम से एक यान भेजने की योजना बना रहा है.

रेशम का आविष्कार कब और कैसे हुआ?

रेशम प्राकृतिक प्रोटीन से बना रेशा है. यह प्रोटीन रेशों में मुख्यतः फिब्रोइन (fibroin) होता है. ये रेशे कुछ कीड़ों के लार्वा द्वारा बनाए जाते हैं. सबसे उत्तम रेशम शहतूत के पत्तों पर पलने वाले कीड़ों के लार्वा द्वारा बनाया जाता है. moth caterpillars. रेशम का आविष्कार चीन में ईसा से 3500 साल पहले हो गया था. इसका श्रेय चीन की महारानी लीज़ू (Hsi-Ling-Shih, Lei-Tzu) को दिया जाता है. प्राचीन मिस्र की ममियों में और प्राचीन भारत में भी रेशम मिलता है. रेशम कला या सेरीकल्चर को चीनी महारानी ने छिपाने की कोशिश की, पर पहले कोरिया और फिर यह कला भारत पहुँची. रेशम एक प्रकार का महीन चमकीला और दृढ़ तंतु या रेशा जिससे कपड़े बुने जाते हैं . यह तंतु कोश में रहनेवाले एक प्रकार के कीड़े तैयार करते हैं. रेशम के कीड़े कई तरह के होते हैं. अंडा फूटने पर ये बड़े पिल्लू के आकार में होते हैं और रेंगते हैं. इस अवस्था में ये पत्तियाँ बहुत खाते हैं. शहतूत की पत्ती इनका सबसे अच्छा भोजन है. ये पिल्लू बढ़कर एक प्रकार का कोश बनाकर उसके भीतर हो जाते हैं. उस समय इन्हें 'कोया' कहते हैं. कोश के भीतर ही यह कीड़ा वह तंतु निकालता है, जिसे रेशम कहते हैं. कोश के भीतर रहने की अवधि जब पूरी हो जाती है, तब कीड़ा रेशम को काटता हुआ निकलकर उड़ जाता है. इससे कीड़े पालने वाले निकलने के पहले ही कोयों को गरम पानी में डालकर कीड़ों को मार डालते हैं और तब ऊपर का रेशम निकालते हैं.

खारे और मीठे पानी की मछलियों की संरचना फर्क होती है?

मछलियाँ कई प्रकार की होती हैं. कई मछलियाँ केवल मीठे पानी में होती हैं और कई खारे पानी में. उनके शरीर की त्वचा तथा गलफड़े (गिल्स) जरूरत भर के पानी को सोख लेते हैं. मछली के गलफड़े उसे आवश्यक ऑक्सीजन पहुँचाते हैं. खारे पानी में रहने वाली मछलियों के गलफड़े पानी का शोधन करके नमक को अलग कर देते हैं. सैल्मन परिवार की मछली दोनों प्रकार के पानी में रह सकती है. उसके शरीर की संरचना में खारे पानी के शोधन की व्यवस्था होती है.

बार्बी गुड़िया का जन्म कब हुआ?

बार्बी गुड़िया को सबसे पहले 9 मार्च 1959 को न्यूयॉर्क टॉय फेयर में पेश किया गया था. उसका पूरा नाम है बार्बी मिलिसेंट रॉबर्ट्स.

प्रभात खबर में प्रकाशित

Thursday, April 6, 2017

कोरम क्या होता है?

कोरम शब्द मूलत: लैटिन भाषा का है जो अंग्रेजी में भी चलता है. अब यह भारतीय भाषाओं में भी चलने लगा है. हिंदी में इसका समानार्थी शब्द गणपूर्ति है. किसी सभा, संसद, या संस्था की बैठक के लिए जरूरी न्यूनतम सदस्यों की संख्या को कोरम या गणपूर्ति कहते हैं. माना जाता है कि यदि इस न्यूनतम आवश्यक संख्या में सदस्य उपस्थित नहीं हों तो सभा वैध नहीं होगी. युनाइटेड किंगडम में हाउस ऑफ कॉमंस के लिए 40 सदस्यों की न्यूनतम उपस्थिति को और  हाउस ऑफ लॉर्ड्स में किसी विषय पर मतदान होना हो तो 30 सदस्यों की न्यूनतम उपस्थिति होनी चाहिए, पर केवल चर्चा के लिए 3 सदस्य ही काफी हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 100 के अनुसार संसद के दोनों सदनों  में गणपूर्ति सदन के कुल सदस्यों की संख्या का कम से कम दसवाँ भाग होगी. संविधान में लिखा गया है कि यदि सदन के अधिवेशन के दौरान गणपूर्ति नहीं है तो सभापति या अध्यक्ष या उस रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति का यह कर्तव्य होगा कि वह सदन को स्थगित कर दे.
स्थगन प्रस्ताव क्या होता है?
हमारी संसद के दोनों सदनों के नियमों में सार्वजनिक महत्त्व के मामले बिना देरी किए उठाने की कई व्यवस्थाएं हैं, इनमें कार्य स्थगन प्रस्ताव भी है. इसके द्वारा लोक सभा के नियमित काम-काज को रोककर तत्काल महत्‍वपूर्ण मामले पर चर्चा कराई जा सकती है. इसके अलावा कई और तरीके हैं जैसे कि ध्यानाकर्षण, आपातकालीन चर्चाएं, विशेष उल्लेख, प्रस्‍ताव (मोशन), संकल्प, अविश्वास प्रस्‍ताव, निंदा प्रस्‍ताव वगैरह. दिन में कितनी बार सदन स्थगित हो सकता है, यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है.
जेट लैग क्या होता है?
जेट लैग एक मनो-शारीरिक दशा है, जो शरीर के सर्केडियन रिद्म में बदलाव आने के कारण पैदा होती है. इसे सर्केडियन रिद्म स्लीप डिसॉर्डर भी कहते हैं. इसका कारण लम्बी दूरी की हवाई यात्रा खासतौर से पूर्व से पश्चिम या पश्चिम से पूर्व एक टाइम ज़ोन से दूसरे टाइम ज़ोन की यात्रा होती है. अक्सर शुरुआत में नाइट शिफ्ट पर काम करने आए लोगों के साथ भी ऐसा होता है. आपका सामान्य जीवन एक खास समय के साथ जुड़ा होता है. जब उसमें मूलभूत बदलाव होता है तो शरीर कुछ समय के लिए सामंजस्य नहीं बैठा पाता. अक्सर दो-एक दिन में स्थिति सामान्य हो जाती है. इसमें सिर दर्द, चक्कर आना, उनींदा रहना, थकान जैसी स्थितियाँ पैदा हो जाती है.
नमस्ते बोलना कब से शुरू हुआ?
नमः यानी प्रणाम. नमः+ते = नमस्ते= आपको प्रणाम. नमः+कार=नमस्कार...अर्थात नमन करता हूँ. हिन्दू शास्त्रों में पाँच प्रकार के अभिवादन बतलाए गए है. 1-प्रत्युथान, 2-नमस्कार, 3-उपसंग्रहण, 4-साष्टांग और 5-प्रत्याभिवादन यानी अभिनंदन का अभिनंदन से जवाब देना. यह कब से शुरू हुआ होगा, कहना मुश्किल है, पर कम से कम तीन से चार हजार साल पहले शुरू हुआ होगा जब संस्कृत का विकास हुआ.
भारत का पहला रेडियो स्टेशन कहाँ बना?
भारत में रेडियो प्रसारण की शुरूआत 1920 के दशक में हुई. पहला कार्यक्रम 1923 में मुंबई के रेडियो क्‍लब द्वारा प्रसारित किया गया. इसके बाद 1927 में मुंबई और कोलकाता में निजी स्‍वामित्‍व वाले दो ट्रांसमीटरों से प्रसारण सेवा की स्‍थापना हुई. सन 1930 में सरकार ने इन ट्रांसमीटरों को अपने नियंत्रण में ले लिया और भारतीय प्रसारण सेवा के नाम से उन्‍हें परिचालित करना आरंभ कर दिया. 1936 में इसका नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो कर दिया और 1957 में आकाशवाणी के नाम से पुकारा जाने लगा.

प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Wednesday, April 5, 2017

स्टोव के तेल को मिट्टी का तेल क्यों कहते हैं?

केरोसीन को मिट्टी का तेल कहने के पीछे एकमात्र कारण यह समझ में आता है कि यह ज़मीन के नीचे से निकाला जाता है। यह एक तरल खनिज है जिसका मुख्य उपयोग लैम्प, स्टोव और ट्रैक्टरों में जलाने में होता है। औषधियों में घोल के रूप में, उद्योग धंधों में, प्राकृतिक गैस से पैट्रोल निकालने में तथा अवशोषक तेल के रूप में भी इसका व्यवहार होता है। केरोसीन कच्चे पेट्रोलियम का ही अंश है। इसमें पैराफिन, नैफ्थीन और सौरभिक हाइड्रोकार्बन रहता है। इसका भौतिक और रासायनिक गुण उपस्थित हाइड्रोकार्बनों के अनुपात, संघटन और क्वथनांक पर निर्भर करता है। कच्चे केरोसीन में सौरभिक हाइड्रोकार्बन(40 प्रतिशत तक) ऑक्सीजन, गंधक और नाइट्रोजन के कुछ यौगिक रहते हैं।
पुरुषों के मुकाबले क्या स्त्रियों को दिल के दौरे कम पड़ते हैं?
स्त्रियों का सेक्स हॉरमोन ओस्ट्रोजेन (oestrogen) इसमें सहायक है। यह हॉरमोन खून के सेल्स को धमनियों की दीवार पर चिपकने से रोकता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि शायद इसी वजह से रजोनिवृत्ति मीनोपॉज़ के बाद स्त्रियों को दिल के दौरे पड़ने की सम्भावना बढ़ जाती है। 
वेंटीलेटर क्या होता है?
वेंटीलेटर कृत्रिम साँस लेने की मशीन है। जब व्यक्ति बीमारी की हालत में खुद साँस नहीं ले पाता तब उसे साँस देने का काम यह मशीन करती है। नाक के ऊपर मास्क लगाकर एक टर्बाइन या कॉम्प्रैसर के मार्फत हवा का दबाव बनाया जाता है ताकि वह कम से कम प्रयास के फेफड़ों में चली जाए। 
हिंदी को खड़ी बोली क्यों कहा जाता है?
हिन्दी को खड़ी बोली नहीं कहा जाता, बल्कि कहा यह जाता है कि आज की जो मानक हिन्दी है वह खड़ी बोली से निकली है। खड़ी बोली पश्चिम रूहेलखंड, गंगा के उत्तरी दोआब तथा अंबाला जिले की उपभाषा है जो ग्रामीण जनता के द्वारा मातृभाषा के रूप में बोली जाती है। इसे कौरवी भी कहते हैं। कौरवों की बोली। इस प्रदेश में रामपुर, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, सहारनपुर, देहरादून का मैदानी भाग, अंबाला तथा कलसिया और भूतपूर्व पटियाला रियासत के पूर्वी भाग आते हैं। मुसलमानी प्रभाव के निकटतम होने के कारण इस बोली में अरबी फारसी के शब्दों का व्यवहार हिंदी प्रदेश की अन्य उपभाषाओं की अपेक्षा अधिक है। इससे ही उर्दू निकली। हिन्दी में ब्रज, अवधी, भोजपुरी, राजस्थानी, मागधी वगैरह बोलियाँ हैं। खड़ी बोली अनेक नामों से पुकारी गई है, जैसे हिंदुई, हिंदवी, दक्खिनी, दखनी या दकनी, रेख्ता, हिंदोस्तानी, हिंदुस्तानी आदि। डा. ग्रियर्सन ने इसे वर्नाक्युलर हिंदुस्तानी तथा डा. सुनीति कुमार चटर्जी ने इसे जनपदीय हिंदुस्तानी का नाम दिया है। डा. चटर्जी खड़ी बोली के साहित्यिक रूप को साधु हिंदी या नागरी हिंदी कहते थे और डा. ग्रियर्सन ने इसे हाई हिंदी का नाम दिया। अनेक विद्वान खड़ी का अर्थ सुस्थित, प्रचलित, सुसंस्कृत, परिष्कृत या परिपक्व मानते हैं। खड़ी बोली को खरी बोली भी कहा गया है।
भारत रत्न किन महिलाओं को दिया गया है?
अब तक देश में 45 व्यक्तियों को भारत रत्न से अलंकृत किया गया है। इनमें पाँच महिलाएं हैं जिनके नाम हैं इंदिरा गांधी, मदर टेरेसा, अरुणा आसफ अली, एमएस सुब्बुलक्ष्मी और लता मंगेशकर। 
राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित