यूनाइटेड किंगडम में हाउस ऑफ कॉमन्स के सदस्य चुनकर आते हैं, वहीं हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य चुने नहीं जाते, मुख्यतः नियुक्त किए जाते हैं। इनके दो मुख्य वर्ग हैं। लॉर्ड्स स्पिरिचुअल (अध्यात्मिक सदस्य) और लॉर्ड्स टेम्पोरल (सांसारिक सदस्य)। 26 लॉर्ड्स स्पिरिचुअल, चर्च ऑफ इंग्लैंड के वरिष्ठ बिशप। पहले दो कैंटरबरी और यॉर्क के आर्कबिशप। इसके बाद 24 बिशप, जो वरिष्ठता के आधार पर पदेन सदस्य बनते हैं। बिशप बनते ही सदस्यता मिल जाती है, और रिटायरमेंट पर समाप्त हो जाती है। लॉर्ड्स टेम्पोरल, मुख्य सदस्य हैं, जिनकी संख्या लगभग 800 है (दिसंबर 2025 तक कुल सदस्यता करीब 800-822)। इनमें शामिल हैं लाइफ पीअर्स, जो आजीवन सदस्य होते हैं, लेकिन उनकी उपाधि वंशानुगत नहीं होती। इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर राजा करते हैं। राजनीतिक सदस्य, मुख्य पार्टियाँ (कंजर्वेटिव, लेबर आदि) अपने उम्मीदवार सुझाती हैं। गैर-राजनीतिक सदस्यों के नाम एक स्वतंत्र संस्था हाउस ऑफ लॉर्ड्स अपॉइंटमेंट्स कमीशन सुझाती है। जनता भी नाम सुझा सकती है। ये विशेषज्ञता के आधार पर आते हैं। हेरेडिटरी पीअर्स (वंशानुगत सदस्य): पहले सैकड़ों थे, लेकिन 1999 के हाउस ऑफ लॉर्ड्स एक्ट के बाद केवल 92 बचे हैं। शाही उपाधियाँ, अब नई वंशानुगत उपाधियाँ नहीं दी जातीं।
राजस्थान
पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में 3 जनवरी, 2026 को प्रकाशित
