Saturday, February 21, 2026

डूम्सडे क्लॉक क्या है?

यह प्रतीकात्मक घड़ी है, जिसे बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स ने बनाया है और जो वैश्विक-तबाही के क्रमशः नज़दीक आने की चेतावनी देती है। बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स की स्थापना 1945 में शिकागो विश्वविद्यालय के उन वैज्ञानिकों ने की थी, जिन्होंने मैनहटन प्रोजेक्ट में एटमी हथियार बनाए थे। 1947 में इसे मानव निर्मित वैश्विक आपदाओं की आशंकाओं के प्रतीक के रूप में बनाया गया। शुरू में यह परमाणु हथियारों के खतरों पर केंद्रित थी, लेकिन 2007 से इसमें जलवायु परिवर्तन जैसे अन्य खतरे भी शामिल किए गए हैं। वैश्विक जोखिमों के आधार पर तय किया जाता है कि घड़ी की मिनट वाली सुई मिडनाइट यानी पूर्ण विनाश से कितनी दूर है। इसे साइंस एंड सिक्योरिटी बोर्ड द्वारा तय किया जाता है, जो वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का समूह है। वे साल में दो बार दुनिया की घटनाओं पर चर्चा करते हैं। घड़ी को अब तक 27 बार रीसेट किया गया है।  19 बार आगे बढ़ाया गया और 8 बार पीछे किया गया।1991 में यह विनाश से 17 मिनट दूर थी, 2020 में 100 सेकंड, 2023 और 24 में 90 सेकंड, 2025 में 89 और अब 27 जनवरी 2026 को 85 सेकंड दूर।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित

 

 

 

 

Saturday, February 14, 2026

क्रिकेट के नियम कौन बनाता है?

हाल में मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने खेल के 73 नियमों  में बदलाव किए हैं, जिससे खेल से जुड़ी बहुत सी बातें बदल गई हैं। हालाँकि इंटरनेशनल क्रिकेट कौंसिल (आईसीसी) क्रिकेट का वैश्विक शासी निकाय है, पर खेल के नियम एमसीसी के होते हैं। उनका कॉपीराइट एमसीसी के पास है, जिन्हें आईसीसी लागू करवाता है। आईसीसी प्लेइंग कंडीशंस तय करता है, जैसे डीआरएस, पावर प्ले, ओवर की समय-सीमा वगैरह। 1788 में एमसीसी ने क्रिकेट का पहला कोड बनाया था। इसके बाद 1835, 1884, 1947, 1980, 1992 और 2000 में कोड में संशोधन किया गया। इन नियमों का सातवाँ और अंतिम संस्करण 2017 में जारी किया गया था। नवीनतम परिवर्तन 2022 में हुए थे। एमसीसी निजी क्लब है, पहले यह इंग्लैंड की टीम का प्रतिनिधि क्लब था। इंग्लैंड से बाहर जाने वाली टीम एमसीसी के नाम से जाती थी। 1996-97 के न्यूज़ीलैंड दौरे में इंग्लैंड की टीम आखिरी बार एमसीसी नाम से गई। आईसीसी की स्थापना 1909 में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ़्रीका के प्रतिनिधियों ने इंपीरियल क्रिकेट कॉन्फ्रेंस नाम से की। 1965 में, इसे इंटरनेशनल क्रिकेट कॉन्फ्रेंस कर दिया गया। वर्तमान नाम 1987 में अपनाया गया। इसका मुख्यालय दुबई में है।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित

Saturday, February 7, 2026

पदार्थ, जो ठोस है और द्रव भी

वैज्ञानिकों ने हाल में पदार्थ की ऐसी नई अवस्था खोजी है, जिसमें ठोस और द्रव दोनों की विशेषताएँ हैं। इसे ‘हाइब्रिड’ अवस्था कहा जा रहा है, जहाँ कुछ परमाणु स्थिर रहते हैं (जैसे ठोस में) जबकि अन्य गतिशील रहते हैं (जैसे द्रव में)। यह खोज यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम (यूके) और यूनिवर्सिटी ऑफ उल्म (जर्मनी) के शोधकर्ताओं ने की है, जो पिघले हुए धातु के नैनो-कणों पर आधारित है। यह अवस्था सामान्य ठोस-द्रव के बीच की है। इसकी मदद से इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योग में नई चीजें बन सकती हैं। कुछ ऐसा ही पदार्थ ‘सुपरआयनिक आइस’ भी है, जिसमें ऑक्सीजन ठोस और हाइड्रोजन द्रव रूप में होती है। यह अवस्था सामान्य बर्फ से अलग है। इसे ‘काला और गर्म बर्फ’ भी कहते हैं, क्योंकि इसका रंग काला होता है और बहुत उच्च तापमान पर स्थिर रहता है। यह अवस्था पृथ्वी पर प्राकृतिक रूप से नहीं मिलती। इसके लिए करीब 20-60 जीपीए (गीगा पास्कल) दबाव की ज़रूरत होगी, जो पृथ्वी के वायुमंडलीय दबाव से लाखों गुना अधिक है। एक जीपीए लगभग 10,000 वायुमंडलीय दबाव के बराबर होता है। माना जा रहा है कि ब्रह्मांड में पानी इस अवस्था में मिलेगा।  

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित

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