Friday, October 19, 2012

कम्बोडिया का राष्ट्रचिह्न है हिन्दू मंदिर



कम्बोडिया का राष्ट्रीय चिह्न क्या है?
कम्बोडिया का राष्ट्रीय चिह्न अंगकोरवाट का प्राचीन हिन्दू मंदिर है। यह मंदिर अपने आकार के कारण दुनिया का सबसे बड़ा धर्मस्थल है। इसका चित्र वहाँ के ध्वज के बीच में लगा है। अंकोरवाट मंदिर का निर्माण सम्राट सूर्यवर्मन द्वितीय (1112-53ई.) के शासनकाल में हुआ था। मीकांग नदी के किनारे सिमरिप शहर में बना यह मंदिर आज भी संसार का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है जो सैकड़ों वर्ग मील में फैला हुआ है।राष्ट्र के लिए सम्मान के प्रतीक इस मंदिर को 1983 से कंबोडिया के राष्ट्रध्वज में स्थान दिया गया है। यह मन्दिर मेरु पर्वत का भी प्रतीक है। इसकी दीवारों पर भारतीय धर्म ग्रंथों के प्रसंगों का चित्रण है। इन प्रसंगों में अप्सराएं बहुत सुंदर चित्रित की गई हैं, असुरों और देवताओं के बीच अमृत मन्थन का दृश्य भी दिखाया गया है। विश्व के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थानों में से एक होने के साथ ही यह मंदिर यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में से एक है। पर्यटक यहाँ केवल वास्तुशास्त्र का अनुपम सौंदर्य देखने ही नहीं आते बल्कि यहाँ का सूर्योदय और सूर्यास्त देखने भी आते हैं। सनातनी लोग इसे पवित्र तीर्थस्थान मानते हैं।


अंगकोरवाट मंदिर की भारत में बनने जा रही प्रतिकृति को प्रतिष्ठित अमेरिकी पत्रिका टाइम ने दुनिया की पांच सबसे आश्चर्यजनक प्रतिकृतियों की सूची में अव्वल माना है। पत्रिका के अनुसार विश्व धरोहर अंगकोरवाट मंदिर की प्रतिकृति बिहार में पवित्र गंगा नदी के किनारे बनाई जा रही है। करीब 40 एकड़ भूमि पर सौ करोड़ रुपए की लागत से भारतीय मंदिर ट्रस्ट इसका निर्माण कराएगा। पत्रिका के अनुसार 222 फीट की यह प्रतिकृति दुनिया में सबसे ऊंचा हिंदू मंदिर हो सकता है। इसका नाम विराट अंगकोरवाट राम मंदिर होगा। इसे भगवान विष्णु की बजाय रामचंद्र को समर्पित किया जाएगा। जिस जगह इसे बनाया जा रहा है वहां के बारे में मान्यता है कि अयोध्या के वनवासी राजा रामचंद्र वहां भी गए थे। इस परियोजना के नियोजक और पूर्व पुलिस अधिकारी किशोर कुणाल के अनुसार जो लोग कंबोडिया जाकर अंगकोरवाट मंदिर नहीं देख पाते, वे यहीं पर असली मंदिर की भव्यता और वैभव के दर्शन कर पाएंगे।



महात्मा बुद्ध ने ध्यान की कौन सी विधि बताई थी?
माना जाता है कि गौतम बुद्ध ने ध्यान की प्राचीन भारतीय पद्धति विपस्सना या विपश्यना के प्रयोग को लोकप्रिय बनाया। विपश्यना आत्मनिरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की अत्यंत पुरातन साधना-विधि है। जो जैसा है, उसे ठीक वैसा ही देखना-समझना विपश्यना है। लगभग २५०० वर्ष पूर्व गौतम बुद्ध ने विलुप्त हुई इस पद्धति का पुन: अनुसंधान कर इसे सार्वजनीन रोग के सार्वजनीन इलाज, जीवन जीने की कला, के रूप में सर्वसुलभ बनाया। विपश्यना आत्म-निरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की साधना है। अपने ही शरीर और चित्तधारा पर पल-पल होनेवाली परिवर्तनशील घटनाओं को तटस्थभाव से निरीक्षण करते हुए चित्तविशोधन का अभ्यास हमें सुखशांति का जीवन जीने में मदद करता है। हम अपने भीतर शांति और सामंजस्य का अनुभव कर सकते हैं। हमारे विचार, विकार, भावनाएं, संवेदनाएं जिन वैज्ञानिक नियमों के अनुसार चलते हैं, वे स्पष्ट होते हैं। अपने प्रत्यक्ष अनुभव से हम जानते हैं कि कैसे विकार बनते हैं, कैसे बंधन बंधते हैं और कैसे इनसे छुटकारा पाया जा सकता है। हम सजग, सचेत, संयमित एवं शांतिपूर्ण बनते हैं।

महिलाओं को मताधिकार देने वाला पहला देश कौन सा है?
सन 1893 में महिलाओं को वोट का अधिकार देने वाला पहला देश न्यूज़ीलैंड बना।

कॉर्बेट नेशनल पार्क का संस्थापना वर्ष कौन सा है?
सन 1936 में इसे हेली नेशनल पार्क के रूप में बनाया गया। स्वतंत्रता के बाद सन 1954-55 में इसका नाम बदल कर रामगंगा नेशनल पार्क किया गया और इसका एक साल बाद ही इसे कॉर्बेट नेशनल पार्क का नाम दिया गया।

यूरोप का समुद्रगुप्त किसे कहा जाता है?
हम जानते हैं कि समुद्रगुप्त कौन थे। वे महान गुप्त साम्राज्य में चंद्रगुप्त प्रथम के उत्तराधिकारी थे। उनका कार्यकाल ईसवी सन 335 से 375 है। बाद समुद्रगुप्त मगध के सिंहासन पर बैठा। चंद्रगुप्त के अनेक पुत्र थे। पर गुण और वीरता में समुद्रगुप्त सबसे बढ-चढ़कर थे। लिच्छवी कुमारी श्रीकुमारदेवी का पुत्र होने के कारण भी उसका विशेष महत्त्व था। चंद्रगुप्त ने उन्हें ही अपना उत्तराधिकारी चुना, और अपने इस निर्णय को राज्यसभा बुलाकर सभी सभ्यों के सम्मुख उद्घोषित किया। पर इस कारण उनके कुछ भाई अप्रसन्न हुए और समुद्र गुप्त को शुरू में अपने भाइयों से संघर्ष करना पड़ा। इनका नेता 'काच' था। प्रतीत होता है, कि उन्हें अपने विद्रोह में सफलता भी मिली। 'काच' नाम के कुछ सोने के सिक्के भी उपलब्ध हुए हैं। इनमें गुप्त काल के अन्य सोने की सिक्कों की अपेक्षा सोने की मात्रा बहुत कम है। इससे अनुमान होता है, कि भाइयों की इस कलह में राज्यकोष के ऊपर बहुत बुरा असर पड़ा था, और इसीलिए काच ने अपने सिक्कों में सोने की मात्रा कम कर दी थी। पर काच देर तक समुद्रगुप्त का मुक़ाबला नहीं कर सके। समुद्रगुप्त अनुपम वीर थे। काच ने एक साल के लगभग तक राज्य किया। काच नामक गुप्त राजा की सत्ता को मानने का आधार केवल वे सिक्के हैं, जिन पर उसका नाम 'सर्वराजोच्छेता' विशेषण के साथ दिया गया है। अनेक विद्वानों का मत है, कि काच समुद्रगुप्त का ही नाम था। ये सिक्के उसी के हैं, और बाद में दिग्विजय करके जब वह 'आसमुद्रक्षितीश' बन गया था, तब उसने काच के स्थान पर समुद्रगुप्त नाम धारण कर लिया था। गृहकलह को शान्त कर समुद्रगुप्त ने अपने साम्राज्य के विस्तार के लिए संघर्ष प्रारम्भ किया। उसका समय भारतीय इतिहास में `दिग्विजय` नामक विजय अभियान के लिए प्रसिद्ध है; समुद्रगुप्त ने मथुरा और पद्मावती के नाग राजाओं को पराजित कर उनके राज्यों को अपने अधिकार में ले लिया। उसने वाकाटक राज्य पर विजय प्राप्त कर उसका दक्षिणी भाग, जिसमें चेदि, महाराष्ट्र राज्य थे, वाकाटक राजा रुद्रसेन के अधिकार में छोड़ दिया था। इस विजय के बाद समुद्र गुप्त का राज्य उत्तर में हिमालय, दक्षिण में विंध्य पर्वत, पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी और पश्चिम में चंबल और यमुना नदियों तक हो गया था। बहरहाल समुद्रगुप्त के पराक्रम और विजय अभियानों के कारण कुछ लोग उनकी तुलना नेपोलियन से करते हैं और इसी आधार पर नेपोलियन को यूरोप का समुद्रगुप्त कहा जा सकता है।

पंचतंत्र के लेखक का नाम क्या था?
संस्कृत नीतिकथाओं में पंचतंत्र का पहला स्थान माना जाता है। इसकी रचना तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के आस- पास निर्धारित की गई है। इस ग्रंथ के रचयिता पं॰ विष्णु शर्मा है। उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर कहा जा सकता है कि जब इस ग्रंथ की रचना पूरी हुई, तब उनकी उम्र ८० वर्ष के करीब थी। पंचतंत्र को पाँच तंत्रों (भागों) में बाँटा गया है:
मित्रभेद (मित्रों में मनमुटाव एवं अलगाव)
मित्रलाभ या मित्रसंप्राप्ति (मित्र प्राप्ति एवं उसके लाभ)
काकोलुकीयम् (कौवे एवं उल्लुओं की कथा)
लब्धप्रणाश (मृत्यु या विनाश के आने पर ; यदि जान पर आ बने तो क्या?)
अपरीक्षित कारक (जिसको परखा नहीं गया हो उसे करने से पहले सावधान रहें ; हड़बड़ी में कदम न उठायें)

दारा सिंह की पहली फिल्म और किरदार का नाम क्या था?
दारा सिंह की पहली फिल्म 1952 में बनी संगदिल थी, जिसमें उनकी भूमिका बेहद मामूली थी। हीरो के रूप में उनकी पहली फिल्म थी 1962 में रिलीज़ हुई किंगकांग जिसमें उन्होंने राजा के खोए हुए बेटे जिंगू की भूमिका की।

शाहरुख खान के पिता का नाम क्या है?
ताज मुहम्मद खान

आज हम मानते हैं कि धरती सूर्य का परिक्रमा करती है, पर पुराने ज़माने में माना जाता था कि सूर्य परिक्रमा करता है। आर्यभट ने सैकड़ों साल पहले कहा था कि पृथ्वी परिक्रमा करती है। उस समय वे किस आधार पर ऐसा कह सके?
सौर केन्द्रीयता के सिद्धांत को गणितीय आधार देने का श्रेय हालांकि सोलहवीं सदी में पोलैंड के अध्येता निकोलस कोपरनिकस को जाता है, पर उनके लगभग एक हजार साल पहले भारतीय गणितशास्त्री और खगोलविज्ञानी आर्यभट्ट ने दावा किया था कि पृथ्वी अपनी ही धुरी पर घुमती है और उनके ग्रह सम्बन्धी गृहचक्र मॉडलों के कुछ तत्व उसी गति से घूमते हैं जिस गति से सूर्य के चारों ओर ग्रह घूमते हैं। उनकी पुस्तक आर्य़भटीय और आर्यसिद्धांत में इस आशय की सूचना है। पर लगता है सूर्य सिद्धांत इससे भी पहले भारत में निर्धारित हो गया था। बहरहाल आर्यभट ने शंकु यंत्र, छाया यंत्र, चक्र यंत्र और धनुर यंत्र आदि का विवरण दिया है दो खगोलीय गणनाओं को काम आते थे। उस समय तक बाहरी विश्व में धारणा थी कि आसमान घूमता है, आर्यभट ने कहा कि पृथ्वी अपनी धुरी पर भी घूमती है और सूर्य के चारों ओर घूमती है तथा नक्षत्रों की स्थितियों का बदलना इस गतिविधि से जुड़ा है।

शिवाजी ने कुल कितने युद्ध लड़े?
छत्रपति शिवाजी महाराज का पूरा नाम 'शिवाजी राजे भोंसले' था। शिवाजी का जन्म 19 फ़रवरी, 1630 ई. को शिवनेरी, महाराष्ट्र राज्य में हुआ। इनके पिता का नाम शाहजी भोंसले और माता का नाम जीजाबाई था। शिवाजी भारत में मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे। सेनानायक के रूप में शिवाजी की महानता निर्विवाद रही है। शिवाजी ने अपनी एक स्थायी सेना बनाई थी और वर्षाकाल के दौरान सैनिकों को वहाँ रहने का स्थान भी उपलब्ध कराया जाता रहा था। शिवाजी की मृत्यु के समय उनकी सेना में 30-40 हज़ार नियमित और स्थायी रूप से नियुक्त घुड़सवार, एक लाख पदाति और 1260 हाथी थे। उनके तोपखानों के संबंध में ठीक-ठीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। किंतु इतना ज्ञात है कि उन्होंने सूरत और अन्य स्थानों पर आक्रमण करते समय तोपखाने का उपयोग किया था। विवरणकारों के अनुसार शिवाजी के पास 250 क़िले थे। जिनकी मरम्मत पर वे बड़ी रक़म खर्च करते थे। प्रत्येक क़िले को तिहरे नियंत्रण में रखा जाता था।
शिवाजी जीवन भर युद्ध लड़ते ही रहे। शुरू में उन्होंने तोरण के दुर्ग पर कब्जा किया, फिर राजगढ़, चावन, कोंढाणा जिसका नाम सिंहगढ़ रखा, सूपा, पुरंदर, कोंकण, ताला, मोजाला, रायटी, जावली...। यह सूची लम्बी है। एक ओर बीजापुर के आदिलशाह और दूसरी ओर मुगलों से उनकी लड़ाइयाँ चलती ही रहीं। आदिलशाह के साथ पुरन्दर, प्रतापगढ़, कोल्हापुर और पन्हाला के युद्ध मशहूर हैं। वहीं मुगलों के साथ उम्बरखिंद, शाइस्ता खान से युद्ध, सूरत की घेराबंदी, सिंहगढ़, वानी-डिडोरी की लड़ाइयाँ मशहूर हैं।

जुगनू क्यों चमकता है?
जुगनू एक प्रकार का उड़ने वाला कीड़ा है, जिसके पेट में रासायनिक क्रिया से रोशनी पैदा होती है। इसे बायोल्युमिनेसेंस कहते हैं। यह कोल्ड लाइट कही जाती है इसमें इंफ्रा रेड और अल्ट्रा वॉयलेट देनों फ्रीक्वेंसी नहीं होतीं।

श्रीलंका को अलग देश के रूप में कब मान्यता मिली?
इतिहासकारों में इस बात की आम धारणा थी कि श्रीलंका के आदिम निवासी और दक्षिण भारत के आदिम मानव एक ही थे। पर अभी ताजा खुदाई से पता चला है कि श्रीलंका के शुरुआती मानव का सम्बंध उत्तर भारत के लोगों से था । भाषिक विश्लेषणों से पता चलता है कि सिंहली भाषा, गुजराती और सिंधी से जुड़ी है। तीसरी सदी ईसा पूर्व मौर्य सम्राट अशोक के पुत्र महेन्द्र के यहां आने पर बौद्ध धर्म का आगमन हुआ । सोलहवीं शताब्दी में यूरोपीय शक्तियों ने श्रीलंका में कदम रखा और श्रीलंका व्यापार का केन्द्र बनता गया । पहले पुर्तगाल ने कोलम्बो के पास अपना दुर्ग बनाया । धीरे धीरे अपना प्रभुत्व आसपास के इलाकों में बना लिया । श्रीलंका के निवासियों में उनके प्रति घृणा घर कर गई । उन्होने डच लोगो से मदद की अपील की । 1630 डचों ने पुर्तगालियों पर हमला बोला और उन्हे मार गिराया । पर उन्होने आम लोगों पर और भी जोरदार कर लगाए । 1660 में एक अंग्रेज का जहाज गलती से इस द्वीप पर आ गया । उसे कैंडी के राजा ने कैद कर लिया । उन्नीस साल तक कारागार में रहने के बाद वह यहां से भाग निकला और उसने अपने अनुभवों पर आधारित एक पुस्तक लिखी जिसके बाद अंग्रेजों का ध्यान भी इसपर गया । उन्होने डच इलाकों पर अधिकार करना आरंभ कर दिया । 1800 इस्वी के आते आते तटीय इलाकों पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया । 1818 तक अंतिम राज्य कैंडी के राजा ने भी आत्मसमर्पण कर दिया और इसतरह सम्पूर्ण श्रीलंका पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया । 1930 के दशक में स्वाधीनता आंदोलन तेज हुआ । द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद 4 फरवरी 1948 को देश को संयुक्त राजशाही से पूर्ण स्वतंत्रता मिली ।
एफएम गोल्ड के कार्यक्रम बारिश सवालों की में शामिल

Friday, October 12, 2012

आईपीएल के रिकॉर्ड्स ट्वेंटी-ट्वेंटी के इंटरनेशनल रिकॉर्ड्स बुक में क्यों नहीं रखे जाते?


आईपीएल के मैचों के रिकॉर्ड्स ट्वेंटी-ट्वेंटी के इंटरनेशनल रिकॉर्ड्स बुक में क्यों नहीं रखे जाते हैं?
आईपीएल को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से मान्यता प्राप्त है, पर इसके मैच टीट्वेंटी के तहत आते आते हैं टी20 इंटरनेशनल के अंतर्गत नहीं। टी20 की विश्व कप प्रतियोगिता उसके तहत आती है। आईसीसी के नियमों के तहत उसके सदस्य देश एक साल में ज्यादा से ज्यादा 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल सकते हैं। छह अपने देश में और छह विदेश में। दो देशों की सीरीज़ में ज्यादा से ज्यादा तीन मैच खेले जा सकते हैं।

अगर हम जमीन में सुराख गहरा करते जाएं.. तो सबसे अंत में यानी उस पार क्या मिलेगा?

आप कभी पृथ्वी में गड्ढा करने की कोशिश करें तो बहुत सफल नहीं होंगे। उपकरणों की मदद से भी दुनिया के वैज्ञानिक 8 किमी की गहराई तक के नमूने ले पाए हैं। दुनिया की सबसे गहरी खानें 3 किमी तक गहरी हैं। अलबत्ता वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार धरती की सतह से उसके केन्द्र तक की दूरी तकरीबन 6400 किमी है। इसमें चार परतें खासतौर से हैं। सबसे ऊपरी परत को क्रस्ट कहते हैं। यह करीब 15 किमी गहरी है। उसके बाद है मैंटल जो करीब ढाई हजार किमी तक है। इसमें भी चट्टानें हैं, पर जैसे-जैसे गहराई पर जाएंगें चट्टाने गर्म होती जाएंगी। इसके बाद है बाहरी कोर जो पिघले लावा की है। लावा मुख्य रूप से लोहा और निकल है। इसके बाद सबसे अंदर की कोर ठोस लोहे और निकल की है। इस जगह पर तापमान नौ हजार डिग्री से ऊपर होता है। यानी कि सूरज की सतह के तापमान के आसपास।

तरबूज ऊपर से इतना हरा होता है.. और अंदर से गहरा लाल क्यों..। 
तरबूज का लाल रंग दर असल लायकोपेन और बीटा कैरोटीन है जो बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है। इसकी बाहरी हरी और मोटी त्वचा अंदरूनी फल की रक्षा करती है, क्योकि पानी की उपस्थिति के कारण इसका अंदर का हिस्सा नाजुक हो जाता है। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। इसका स्वाद भी हर किसी को पसंद आता है और पौष्टिकता के लिहाज से भी यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। तरबूज रक्तचाप को भी संतुलित रखता है और कई बीमारियों से भी बचाता है। इसमें पोटैशियम काफी होता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर हार्टबीट को ठीक रखता है। बीटा कैरोटीन कैंसर और कई घातक बीमारियों से बचाता है।


क्या गर्मियों के सीजन में होने वाले सारे फल सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं..? 
यों तो फल आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। गर्मियों के फल मौसम के हिसाब से ही प्रकृति ने तैयार किए हैं। खरबूजे और तरबूज सिर्फ पानी की कमी को ही पूरा नहीं करते बल्कि शरीर की तमाम ज़रूरतों को पूरा करते हैं। फालसे, शहतूत, लीची, खुबानी, आड़ू और प्लम में तमाम स्वास्थ्यवर्धक चीजें हैं। सबसे ऊपर है आम जो इस मौसम का राजा है। इन सबके अलावा कच्चा नारियल और नारियल पानी भी उपलब्ध है जो अमृत का काम करता है।

क्या ये सच है कि मोबाइल फोन या ऐसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल से फिजिकल और मेन्टल कॉम्पलिकेशन्स होती हैं..।

मोबाइल फोन से रेडिएशन का खतरा है, पर इसके लिए सीमाएं भी निर्धारित हैं। इसे स्पेसिफिक एबसॉर्प्शन रेट या एसएआर लेवल कहते हैं। यह आपके मोबाइल हैंडसेट के अलावा मोबाइल टावरों के लिए भी निर्धारित है। वास्तव में किसी भी प्रकार की टेक्नॉलजी हो उसके जोखिमों का अनुमान लगाने के बाद ही उसके इस्तेमाल की अनुमति दी जाती है। इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले एक्सरे और एमआरआई में भी जोखिम होंगे।

दुनिया के बाकी देशों से कम्पेयर करें तो हमारे देश में इतने कम इन्वेंशन्स क्यों हुए हैं?


बाकी देशों से आपका आशय अमेरिका और यूरोप से ही होगा। इन देशों में औद्योगिक क्रांति के साथ ज्ञान-विज्ञान का दौर भी चला है। जिस देश और समाज ने ज्ञान को स्वीकार किया वहाँ आविष्कार भी हुए। हमारे यहाँ ऐसा नहीं हुआ तो हमारी सामाजिक व्यवस्था के दोषों के कारण।

कभी किसी रिमोट एरिया में फंस जाने पर सही दिशा का पता कैसे चलेगा?

दिन में आप सूरज के निकलने और पश्चिम की ओर जाने से दिशा का पता लगा सकते हैं। रात में आप ध्रुव तारे के आधार पर उत्तर दिशा का ज्ञान कर सकते हैं। इसके अलावा एक तरीका यह है कि जमीन पर एक लकड़ी गाड़कर उसके सबसे आगे वाली नोंक को किसी सितारे की सीध में कर दें। फिर इंतजार करें। थोड़ी देर बाद वह तारा लकड़ी की सीध में नहीं रहेगा। यदि वह लकड़ी के ऊपर चला गया है तो आप पूर्व की ओर मुँह करके खड़े हैं। यदि तारा नीचे चला गया है तो आप पश्चिम की ओर मुँह करके खड़े हैं।

इंसान का बिहैवियर उसके थॉटस से तय होता है या उसकी फीलिंग्स से?

इन दोनों के समन्वय से होता है। व्यक्ति का व्यवहार कई बार अचानक हुई क्रिया की प्रतिक्रिया भी होते हैं। जैसे कोई पत्थर ऊपर से गिरे। पर अलग-अलग व्यक्तियों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग होंगी। कोई अपनी जान बचाने को भागेगा तो कोई दूसरेकी जान बचाने को। इसका मतलब है कि उसके सांस्कृतिक विकास की भी महत्वपूर्ण भूमिका इसमें होगी।

कभी कभी किसी की शक्ल, आवाज या उसका जेस्चर किसी से इतना मिलता जुलता क्यों लगता है? 

आखिरकार शक्लों, आवाजों और भाव-भंगिमाओं के कुछ वर्गीकरण होते हैं। यानी गोल चेहरा, लम्बे, भारी, दुबले वगैरह-वगैरह। ऐसा ही आवाजों के साथ है। इसमें जेनेटिक और भौगोलिक कारण भी शामिल होते हैं।

हमें पानी में तैरने के लिए स्वीमिंग सीखनी पड़ती है.. पर जानवर के बच्चे पैदा होते ही तैरने लगते हैं.. कैसे?

चार पैरों वाले जानवर अपने हाथ और पैर को समान रूप से चलाते हैं। मनुष्य दो पैरों पर खड़ा होने के कारण पानी पर सहज नहीं होता। अलबत्ता इंसान के छोटे बच्चों को पानी में डाल दिया जाए तो वे जल्दी तैर लेते हैं। फिर यह लाखों साल के विकास का परिणाम भी है। जानवर के बच्चों को वैसी परवरिश नहीं मिलती जैसी मनुष्य के बच्चों को मिलती है।

जब हम किसी तस्वीर को देखते हैं तो ऐसा क्यों लगता है कि वो तस्वीर भी हमें ही देख रही है?
तस्वीरें दो आयाम में होती हैं। उनमें आँख जहाँ चित्रित होती हैं उनकी स्थिति बदलती नहीं। हम किसी भी दिशा में जाएं वे हमें दिखाई पड़ती हैं। वास्तविक जीवन में किसी व्यक्ति को हमें देखने के लिए अपनी आँख की दिशा बदलनी पड़ती है, पर तसवीर के मामले में हमारी आँखों की बदलती स्थिति यह काम कर देती है।

अगर पेड़-पौधों में भी जिंदगी होती हैं.. तो क्या वे बाकी जीवों की तरह आपस में बातचीत भी करते हैं? 
समूचा जीव-जगत एक-दूसरे पर निर्भर है। इस जीव जगत का आपसी संवाद हम प्राणियों में देख भी सकते हैं, पर वनस्पतियों का संवाद वैसा नहीं होता, पर वैज्ञानिक शोधों से पता लगा है कि पौधे भी एक-दूसरे को सूचनाएं देते हैं। खासतौर परजीवियों और शत्रुओं के बारे में पौधे एक-दूसरे को चेतावनी देते हैं। स्ट्रबेरी, क्लोवर (तिनपतिया) और सरकंडे एक-दूसरे से संवाद करते हैं। वैज्ञानिक इस नेटवर्किंग का अध्ययन कर रहे हैं।

दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन कौन सा है? 

न्यूयॉर्क शहर का ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन इस आधार पर माना जा सकता है कि इसमें सबसे ज्यादा 44 प्लेटफॉर्म हैं। इनके साथ 67 ट्रैक जुड़े हैं। ये प्लेटफॉर्म दो मंजिलों पर बने हैं।

लखनऊ की भूल-भुलैया क्यों और कैसे बनी ? 
लखनऊ शहर में बड़ा इमामबाड़ा नामक एक ऐतिहासिक इमारत है, इसकी सबसे ऊपर वाली मंजिल पर भूल-भुलैया है। इमामबाड़े का निर्माण नवाब आसफ़उद्दौला ने 1784 में कराया था और इसके संकल्‍पनाकार 'किफायतउल्‍ला' थे। जब इसका निर्माण हो रहा था उस समय अवध में भुखमरी और सूखा पड़ा था। इसका निर्माण नवाब आसफुद्दौला ने इस गरज से करवाया था कि भुखमरी और बदहाली से त्रस्त लोग इसके निर्माण में लगें, जिससे उनकी रोजी-रोटी का बंदोबस्त हो जाए और एक इमारत भी बन जाए।

किसी बच्चे को गोद लेना चाहें तो कहाँ सम्पर्क किया जा सकता है?

बच्चे को गोद लेने के अनेक कारण और स्थितियाँ होती हैं। इसके कानूनी पहलू भी हैं। खास तौर से विदेशी नागरिकों के बाबत नियम काफ जटिल हैं। मोटे तौर पर आप बच्चे को गोद लेना चाहते हैं तो उस चुन कर वकील से सलाह लें।

Who is allowed to adopt a child? an Indian, Non Resident Indian (NRI), or a foreign citizen may adopt a child. There are specific guidelines and documentation for each group of prospective adoptive parents. A single female or a married couple can adopt a child. In India, a single male is usually not eligible to be an adoptive parent. An exception to this rule is the noted dance instructor Sandip Soparrkar, who has recently adopted a young boy. This is a special case rather than the norm. A single man desiring to adopt a child may be eligible if he applies through a registered agency. However, he will still only be able to adopt a male child.

What are the conditions to be fulfilled by an adoptive parent? An adoptive parent should be medically fit and financially able to care for a child. A person wishing to adopt a child must be at least 21 years old. There is no legal upper age limit for parents but most adoptive agencies set their own benchmarks with regard to age. For a child who is less than a year old, the adoptive parents can have a maximum combined age of 90 years. Also, neither parent must be older than 45 years.

What are the laws governing adoption? Indian citizens who are Hindus, Jains, Sikhs, or Buddhists are allowed to formally adopt a child. The adoption is under the Hindu Adoption and Maintenance Act of 1956. Under this act, a single parent or married couple are not permitted to adopt more than one child of the same sex. Foreign citizens, NRIs, and those Indian nationals who are Muslims, Parsis, Christians or Jews are subject to the Guardian and Wards Act of 1890. Under this act, the adoptive parent is only the guardian of the child until she reaches 18 years of age.

होलिस्टिक हीलिंग क्या है? क्या इसके कोई फायदे भी हैं?


होलिस्टिक हीलिंग का आशय है आधुनिक चिकित्सा पद्धति के बजाय वैकल्पिक पद्धति जिसमें शारीरिक पक्ष के अलावा भावनात्मक, आध्यात्मिक और सामाजिक पहलू भी होते हैं। इसमें आस्था की भूमिका भी होती है। हम्योपैथी को भी इसी प्रकार की चिकित्सा व्यवस्था माना जाता है। मेडीटेशन, एक्यूपंक्चर, रेकी वगैरह ऐसी पद्धतियाँ हैं। फायदे के बारे में इतना ही कहा जा सकता है कि यह आस्था से जुड़ा मामला है।

बैले डांसिंग क्या है? दिल्ली में कहाँ सीखी जा सकती है?

बैले डांस पन्द्रहवी सदी में इटैलियन रिनेसां के साथ शुरू हुआ था। यह शास्त्रीय संगीत के साथ जुड़ा नृत्य है। पिछली सदी में रूस में इस कला ने काफी बुलंदियों को छुआ। बहुत से लोगों ने अन्ना पावलोवा का नाम सुना होगा। दिल्ली में फिरोजशाह रोड स्थित रशन सेंटर ऑफ साइंस एंड कल्चर से सम्पर्क करना चाहिए। यों अनेक संस्थाएं हैं। डेल्ही डांस एकेडमी, तानसेन संगीत महाविद्यालय, फ्यूज़न प्लेनेट, इंडिया कोरियोग्राफर्स, बाउंस केडमी

छुट्टियों में दिल्ली के आस-पास कौन सी जगह ज्यादा जा सकते हैं?


दिल्ली के आसपास शिमला, मसूरी और नैनीताल भी हैं और आगरा, मथुरा वृन्दावन भी। प्रकृति को और करीब से देखना चाहें तो नैनीताल जिले के कॉर्बेट नेशनल पार्क जाएं। यों दिल्ली से 48 किमी दूर हरियाणा में सुलतानपुर पक्षी विहार है। थोड़ा दूर जा सकें तो भरतपुर में घना पक्षी विहार है।

Saturday, July 28, 2012

ओलिम्पिक खेलों के बारे में कुछ जानकारियाँ


ओलिम्पिक खेल

खेल की दुनिया में प्रतियोगिताओं का सबसे बड़ा समारोह है ओलिम्पिक। इसकी प्रेरणा यूनान के पुराने खेल समारोहों से ली गई है जो ईसा से आठ सदी पहले से लेकर ईसा की चौथी सदी तक ओलिम्पिया में होते रहे। यानी तकरीबन बारह सौ साल तक ये खेल यूनान में हुए। दरअसल पुराने यूनान में सिर्फ ओलिम्पिक ही नहीं, चार खेल समारोह होते थे।

1.ओलिम्पिक, जो ओलिम्पिया में हर चार साल बाद होते थे।
2.पायथियन गेम्स जो डेल्फी में हर चार साल बाद होते थे। इन खेलों का ओलिम्पिक खेलों से दो साल का अंतराल होता था।
3.नीमियन गेम्स, जो नीमिया में होते थे।
4.इस्थमियन गेम्स, जो कोरिंठ शहर में होते थे।

नीमियन और इस्थमियन खेल दो साल के अंतराल में होते थे। यानी ओलिम्पिक और पायथियन गेम्स के बीच के साल में। इस तरीके से एक ओलिम्पक से दूसरे ओलिम्पिक तक हर साल खेल समारोह होते थे। इस चार साल के समय चक्र को ओलिम्पियाड कहते थे। और इन चारों खेलों को पैन हैलेनिक गेम्स कहा जाता था।

इन पुराने खेलों की परम्परा में आधुनिक खेलों को जन्म देने का श्रेय फ्रांस के शिक्षाशास्त्री पियरे द कूबर्तिन को जाता है। पेरिस में जन्मे कूबर्तिन शाही परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनकी दिलचस्पी शिक्षा के साथ-साथ इतिहास में भी थी। और पुराने यूनान के विवरण उन्हें रोमांचित करते थे। संयोग से कूबर्तिन 1883 में ब्रिटेन के प्रसिद्ध रग्बी स्कूल में गए, जिसे प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री टॉमस आरनल्ड ने स्थापित किया था। इस स्कूल में शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम से वे खासे प्रभावित हुए। धीरे-धीरे उन्होंने शारीरिक शिक्षा के एक दर्शन को विकसित किया, जिसमें एथेंस के पुराने जिम्नेज़ियमों से प्रेरणा ली। खेलों का सामाजिक विकास से एक रिश्ता उन्होंने जोड़ा।

ओलिम्पिक खेलों को शक्ल देने का श्रेय ब्रिटेन के सर्जन, मजिस्ट्रेट और शिक्षाशास्त्री डॉ विलियम पेनी ब्रुक्स को भी दिया जाना चाहिए, जो पाठ्यक्रम में शारीरिक शिक्षा को जगह दिलाने के लिए जद्दो-ज़ेहद कर रहे थे। 1890 में दोनों की मुलाक़ात हुई और 1894 में कूबर्तिन ने अंतरराष्ट्रीय कमेटी (आईओसी) की स्थापना की। और 1896 में एथेंस में पहले ओलिम्पिक खेल हुए। वस्तुतः आधुनिक ओलिम्पिक खेलों का काफी श्रेय डॉ विलियम पेनी ब्रुक्स को दिया जाना चाहिए क्योंकि उनकी प्रेणा से श्रॉपशर, इंग्लैंड में सन 1850 से वैनलॉक ओलिम्पियन सोसायटी एनुअल गेम्स चल रहे थे, जिसकी परम्परा आज भी जीवित है। इसीलिए लंदन के ओलिम्पिक खेलों में जो दो मैस्कट हैं उनमें एक का नाम वैनलॉक है।  

ओलिम्पिक खेलों के बाकी इतिहास पर जाने के पहले यह बताना ज़रूरी है कि आज चार तरीके के ओलिम्पिक खेल होते हैं। एक गर्मियों के ओलिम्पिक, दूसरे सर्दियों के ओलिम्पिक, एक पैरालिम्पिक, यानी शारीरिक रूप विकल खिलाड़ियों के ओलिम्पिक और एक यूथ ओलिम्पिक। सर्दियों के ओलिम्पिक खेल 1924 से शुरू हुए हैं। यूथ ओलिम्पिक भी गर्मियों और सर्दियों के अलग-अलग होते हैं। इनकी शुरूआत हाल में हुई है। पहले यूथ ओलिम्पिक खेल सन 2010 में सिंगापुर में हुए थे और पहले यूथ विंटर ओलिम्पिक इस साल जनवरी में इंसब्रुक, ऑस्ट्रिया में हुए। दूसरे ग्रीष्मकालीन ओलिम्पिक 2014 में नानजिंग, चीन में और 2016 के शीतकालीन ओलिम्पिक 2016 में लिलेहैमर, नॉर्वे में होंगे। पैरालिम्पिक खेल ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन खेलों के साथ ही होते हैं। इनकी शुरूआत 1948 में हुई। पैरालिम्पिक खेल आयोजित कराने के लिए आईपीसी नाम की संस्था अलग है। शीतकालीन खेल मूलतः बर्फीली सतह पर खेले जाने वाले खेल होते हैं।  

आईओसी की स्थापना 23 जून 1894 को हुई। इसके पहले अध्यक्ष थे यूनान के देमेत्रियोस विकेलास। 1896 में खुद कूबर्तिन इसके अध्यक्ष बने और वे 1925 तक इसके अध्यक्ष रहे। इसका मुख्यालय लाउज़ाने, स्विट्ज़रलैंड में है। इन दिनों इसके अध्यक्ष हैं याकस काउंट रोग। ओलिम्पिक खेलों के संचालन के लिए एक ओलिम्पिक चार्टर है जिसमें इसके नियमो की व्याख्या की गई है। इस चार्टर में अबतक अनेक संशोधन भी हुए हैं। ओलिम्पिक खेलों में दुनियाभर के देश शामिल होते हैं। इस वक्त 205 देशों की ओलिम्पिक समितियाँ आईओसी से मान्यता प्रापित हैं।  आईओसी में 105 सक्रिय सदस्य हैं और 32 मानद। इसके सदस्यों की संख्या ज्यादा से ज्यादा 115 हो सकती है। इनका कार्यकाल आठ साल का होता है और वे भविष्य में भी चुने जा सकते हैं। आईओसी की कामकाज की भाषा अंग्रेजी और फ्रेंच है।

ओलिम्पिक गीत

1896 के ओलिम्पिक खेल शुरू होने पर एक गीत गाया गया था। ग्रीक कवि कोस्टिस पलामास के लिखे और संगीतकार स्पाइरिडॉन समारास के संगीतबद्ध इस गीत को उसी वक्त ओलिम्पिक गीत घोषित नहीं किया। 1957 में आईओसी ने इसे ओलिम्पिक गीत के रूप में स्वीकार किया। इसके बाद हरेक ओलिम्पिक खेल में एक स्थानीय ओलिम्पिक गीत भी शामिल होने लगा है।  


ओलिम्पिक खेल शुरूआत में पूरी तरह शौकिया खेल थे, पर 1986 से चार्टर में बदलाव करके पेशेवर खिलाड़ियों को भी हिस्सा लेने की अनुमति दे दी गई है।

ओलिम्पिक प्रतीक

ओलिम्पिक खेलों का सूत्रवाक्य है सिटियस, एल्टियस, फोर्टियस। इन लैटिन शब्दों का अंग्रेजी में अर्थ है फास्टर, हायर एंड स्ट्रांगर। माने तीव्रतर, उच्चतर और दृढ़तर। यानी नई से नई सीमाएं पार करो।

ओलिम्पिक खेलों का प्रतीक चिह्न है पाँच रंगों के पाँच वृत्त जो एक-दूसरे से जुड़े हैं। सफेद पृष्ठभूमि पर नीले, पीले, काले, हरे और लाल रंग के पाँच वृत्त दुनिया के पाँच महाद्वीपों प्रतिनिधित्व भी करते हैं। इन वृत्तों की रचना स्वयं कूर्बतिन ने 1912 में की थी, पर इन्हें आधिकारिक रूप से ओलिम्पिक चिह्न बनाने में समय लगा और पहली बार 1920 के एंटवर्प खेलों में इन्हें ओलिम्पिक ध्वज में जगह मिली। इस झंडे को आज भी एंटवर्प फ्लैग कहा जाता है।

पहले ओलिम्पिक खेल

6 से 15 अप्रेल 1896 को एथेंस के पैनाथेनिक स्टेडियम में पहले ओलिम्पिक खेल हुए थे। इन खेलों में 14 देशों के 241 एथलीटों ने हिस्सा लिया। नौ खेलों की कुल 43 प्रतियोगिताएं इसमें हुईं। ये खेल थे एथलेटिक्स, सायकिलिंग, फेंसिंग, जिम्नास्टिक्स, शूटिंग, स्विमिंग, टेनिस, वेट लिफ्टिंग और कुश्ती। उस वक्त एक सलाह दी गई कि एथेंस को स्थायी रूप से ओलिम्पिक खेलों के आयोजन का काम दे दिया जाए, पर आईओसी ने इस विचार को स्वीकार नहीं किया और दूसरे खेल सन 1900 में पेरिस में करने का फैसला किया गया। जहाँ एथेंस में 14 देशों के 241 एथलीटों ने हिस्सा लिया वहीं 2008 के पेइचिंग ओलिम्पिक में 204 देशों के 10500 खिलाड़ियों ने भाग लिया।

1896 के पहले ओलिम्पिक खेलों में स्त्रियों को भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई। फिर भी स्तामाता रेविती नाम का एक स्त्री ने 11 अप्रेल को मैराथन दौड़ के उस मार्ग में पूरी दौड़ लगाई जिसपर पहले पुरुष दौड़ चुके थे। 17 महीने के बेटे की माँ रेविती को स्टेडियम में प्रवेश नहीं दिया गया, पर उसने आसपास ख़ड़े लोगों से दस्तखत कराए कि उसने पाँच घंटे और तकरीबन तीस मिनट में वह दौड़ पूरी की। उस दौड़ के कागज़ात आज नहीं मिलते, पर रेविति ने अपना नाम अमर कर दिया। सन 1900 में पेरिस में हुए ओलिम्पिक खेलों में महिलाओं को भी भाग लेने की अनुमति दे दी गई। उन खेलों में 20 महिलाओं ने हिस्सा लिया।

ओलिम्पिक खेलों के पहले यूनान से आयोजन स्थल तक मशाल लाने की शुरूआत 1936 के बर्लिन गेम्स से हुई। खेल शुरू होने के महीनों पहले ओलिम्पिया में प्राचीन खेल स्थल पर सौर किरणों की मदद से एक मशाल जलाई जाती है। इस मशाल को दुनियाभर के खिलाड़ी, राजनेता, सेलेब्रिटी और सामान्य लोग लेकर जाते हैं और अंततः यह आयोजन स्थल तक पहुँचती है।

खेलों की सूची
ओलिम्पिक खेलों में कुछ खेल हट जाते हैं और कुछ नए खेल आ भी जाते हैं। मसलन पोलो और रस्साकशी अब इनका हिस्सा नहीं हैं। टेनिस और आर्चरी लम्बे समय तक इनमें शामिल नहीं रहे, पर अब इनकी वापसी हो गई। यों 35 खेलों की 400 के आसपास प्रतियोगिताएं स्वीकृत हैं। पर सभी प्रतियोगिताएं हरेक ओलिम्पिक में नहीं होतीं।
The 2012 Summer Olympic program features 26 sports and a total of 39 disciplines:
1.Aquatics: Diving (8), Swimming (34), Synchronized swimming (2), Water polo (2)
2.Archery (4)
3.Athletics (47)
4.Badminton (5)
5.Basketball (2)
6.Boxing (13)
7.Canoeing: Sprint (12), Slalom (4)
8.Cycling : BMX (2), Mountain biking (2), Road (4), Track (10)
8. Equestrian : Dressage (2), Eventing (2), Jumping (2)
10. Fencing (10)
11. Field hockey (2)
12. Football (2)
13. Gymnastics: Artistic (14), Rhythmic (2), Trampoline (2)
14. Handball (2)
15.Judo (14)
16. Modern pentathlon (2)
17. Rowing (14)
18. Sailing (10)     
19.Shooting (15)
20. Table tennis (4)
21. Taekwondo (8)
22. Tennis (5)
23. Triathlon (2)
24: Volleyball : Volleyball (2), Beach volleyball (2)
25. Weightlifting (15)
26. Wrestling: Freestyle (11), Greco-Roman (7)
मैराथन दौड़
सन 2010 में ग्रीस ने मैराथन दौड़ के ढाई हज़ार साल पूरे होने पर समारोह किया था। ईपू सन 490 में फारस की सेना के साथ एथेंस की सेना का मैराथन में युद्ध हुआ था। इस युद्द में विजय की सूचना देने के लिए फिडीपीडस नाम के संदेशवाहक ने तकरीबन 240 किलोमीटर लम्बी दौड़ लगाई थी। विजय संदेश देने वाला वह संदेशवाहक मर गया, पर उसकी याद में यह सबसे लम्बी दौड़ आज भी चल रही है। आज इसकी मानक दूरी 42.195 किलोमीटर यानी 26 मील 385 गज है।

एथलेटिक्स
आपने एथलेटिक्स के स्टेडियम पर ध्यान दिया होगा तो वह दो हिस्सों में मिलेगा। उसमें एक साथ कई प्रतियोगिताएं चलतीं हैं। इसका हिस्सा ट्रैक होता है, जो मैदान के चारों ओर ओवल की शक्ल में होता है। इसमें शॉर्ट डिस्टेंस, मिडिल डिस्टेंस और लांग डिस्टेंस की रेस होती हैं। रेस में हर्डल्स और रिले रेस भी होती हैं। बीच में फील्ड के ईवेंट होते हैं, जिनमें थ्रो और जम्प होते हैं। थ्रो में जेवलिन, डिस्कस, गोला और तारगोला फेंक प्रतियोगिताएं होतीं हैं। इसके अलावा जम्प होते लांग जम्प, ट्रिपल जम्प और हाई जम्प वगैरह। एथलेटिक्स में वॉक होती है और डिकेथलन और पेंटाथलन प्रतियोगिताएं भी होती हैं।


कहाँ-कहाँ हुए ओलिम्पिक खेल
1896 - Athens, Greece
1900 - Paris, France
1904 - St. Louis, United States
1908 - London, United Kingdom
1912 - Stockholm, Sweden
1916 - Scheduled for Berlin, Germany*
1920 - Antwerp, Belgium
1924 - Paris, France
1928 - Amsterdam, Netherlands
1932 - Los Angeles, United States
1936 - Berlin, Germany
1940 - Scheduled for Tokyo, Japan*
1944 - Scheduled for London, United Kingdom* 1948 - London, United Kingdom
1952 - Helsinki, Finland
1956 - Melbourne, Australia
1960 - Rome, Italy
1964 - Tokyo, Japan
1968 - Mexico City, Mexico
1972 - Munich, West Germany (now Germany)
1976 - Montreal, Canada
1980 - Moscow, U.S.S.R. (now Russia)
1984 - Los Angeles, United States
1988 - Seoul, South Korea
1992 - Barcelona, Spain
1996 - Atlanta, United States
2000 - Sydney, Australia
2004 - Athens, Greece
2008 - Beijing, China
2012 - London, United Kingdom
2016 - Rio de Janeiro, Brazil
2020 - Tokyo
                       
World Wars led to the cancellation of the 1916, 1940, and 1944 Games. Large boycotts during the Cold War limited participation in the 1980 and 1984 Games.




खास बातें और महानतम खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ

1.Frank Kugler of USA is the only athlete in Olympic history to win a medal in three different sports. In the 1904 Olympics, he won a silver medal in men's freestyle wrestling, and bronze medals in two-hand lift, all-around dumbell and team tug-o-war.

2. Wilma Rudolph was a bronze medalist in the 1956 Olympics in the 400-meter relay at 16 years old in track and field. At the 1960 Olympics in Rome, she won gold medals in the 100 meters, 200 meters and 400-meter relay, as she earned the nickname "The Tornado."

3. For five consecutive Olympics, Sir Steven Redgrave won a gold medal in rowing at the Olympics. Redgrave won gold in the coxed four in 1984 and 2000, while he also won golds in the coxless pairs in 1988, 1992 and 1996. He also took home a bronze in the coxed four in 1988.

4. During the 1920s, Paavo Nurmi of Finland was considered the best middle- and long-distance runner in the world. From 1920-1928, Nurmi won nine gold and three silver medals in Olympic competition. In particular, he won five individual gold medals in the 1924 Olympics, winning the 1,500 meters, 5,000 meters, individual cross-country, 5,000 meter cross-country team and 3,000 meter team.

5. Fanny Blankers-Koen of Netherlands is best known for winning four gold medals at the 1948 Olympics. Her victories came in the 100-meters, 200-meters, 80-meter hurdles and 400-meter relay. Raising two children, while training for the Olympics, earned her the nickname "The Flying Housewife." Later, it was found out (after giving birth to her third child in early 1949), she had won those four gold medals while pregnant.

6. American swimmer Matt Biondi.won gold in the 400-meter freestyle relay in 1984. In 1988, he won seven medals, including five golds. His golds came in the 50-meter and 100-meter freestyles, 400-meter freestyle relay, 800-meter freestyle relay and 400-meter medley relay. His silver medal came in the 100-meter butterfly, with his bronze coming in the 200-meter freestyle. His two gold medals in 1992 came in the 400-meter freestyle and 400-meter medley relays, while winning a silver in the 50-meter freestyle.

7. Russian Gymnast Alexie Nemov won 12 of his medals in the 1996 and 2000 Olympics. In 1996, he won gold in the team event and the vault, silver in the all-around and bronze in the floor exercise, high bar and pommel horse.
In 2000, he won gold in the all-around and high bar, silver in the floor exercise and bronze in the team competition, pommel horse and parallel bars.

8. Natalie Coughlin is an 11-time Olympic medalist for the United States, and she's going after more medals this year. She became the first woman ever to win six medals at one Olympics, and the first woman ever to win the 100-meter backstroke at two separate Olympics. Coughlin took home five medals in the 2004 Olympics, including gold in the 100-meter backstroke and 800-meter freestyle relay, while taking home silver in the 400-meter freestyle and 400-meter medley relays. She also brought home a bronze in the 100-meter freestyle. In 2008, Coughlin again took gold in the 100-meter backstroke, while also taking home silver in the 400-meter freestyle and 400-meter medley relays. She also earned three bronze medals in the 100-meter freestyle, 200-meter individual medley and 800-meter freestyle relay.

9. Nadia Comaneci of Romania is best known for scoring the first perfect 10 ever in Olympic gymnastics. During her time in the Olympics, she won five golds, three silvers and one bronze. In the 1976 Olympics, during the team competition in which Romania was on the uneven bars, Comaneci scored her perfect 10. At those Olympics, she won gold in the all-around, uneven bars and balance beam, while winning silver in the team competition and bronze on the floor exercise. In 1980, she won gold on the balance beam and floor exercise, while winning silver in the team competition and all-around.

10. Kristin Otto competed in only one Olympics (1988) for East Germany. In that one Olympics, she won six gold medals, dominating her competition. The events she won were the 50-meter and 100-meter freestyle, 100-meter butterfly, 100-meter backstroke and the 400-meter freestyle and 400-meter medley relays.

11. Jim Thorpe of USA Possibly considered the best all-around athlete in the history of the modern world, and although he only competed in one Olympics, he was still very dominant in those Olympics. He won gold in the pentathlon and decathlon in the 1912 Olympics. However, in 1913, strict rules regarding amateurism were put into effect for Olympic athletes. Because Thorpe had been paid money to play baseball, although a very meager amount, he was no longer considered an amateur, and thus declared ineligible to compete in the Olympics. His medals were posthumously restored by the IOC in 1983 on compassionate grounds.[

12. Jesse Owens of USA pulled off four gold medals under incredible pressure at the Berlin Games in 1936. Owens took gold in the 100 meters, 200 meters, long jump and 400-meter relay. The long jump victory came on the heels of advice given to him by Luz Long, the German competitor he ultimately defeated.

13. Mark Spitz of USA  held the record for most gold medals in a single Olympics, winning seven. That record stood until Michael Phelps broke it in the 2008 Olympics. His victories came in the 100-meter butterfly, 100-meter freestyle, 200-meter butterfly, 200-meter freestyle, 400-meter freestyle relay, 400-meter medley relay and 800-meter freestyle relay. Prior to that, he won two golds, a silver and a bronze in the 1968 Mexico City Olympics. His golds came in the 400- and 800-meter freestyle relays, while he won silver in the 100-meter butterfly and bronze in the 100-meter freestyle

14. Carl Lewis of USA is the greatest track and field athlete in Olympic history. He was an Olympic mainstay from 1984 to 1996. In 1984, he won gold in the 100 meters, 200 meters, long jump and 400-meter relay. In the 1988 Olympics in Seoul, he took gold in the 100 meters and long jump, while taking a silver in the 200 meters. At the 1992 Olympics, he won gold in the 400-meter relay and long jump, finishing out his career in the 1996 Atlanta Olympics with a gold in the long jump. Never before has an athlete dominated for so long at so many events in Olympic track and field.

15. Larisa Semyonovna Latynina of Soviet Union holds the record for most overall Olympic medals with 18 in gymnastics. She was responsible for establishing the Soviet Union's dominance in gymnastics.In 1956, she won gold medals in the team competition, all-around, floor exercise and vault, while taking the silver medal on the uneven bars and the bronze in the team event with portable apparatus. In the 1960 Rome Olympics, Latynina won gold in the team event, all-around, floor exercise, she took silver in the balance beam and uneven bars and the bronze in the vault. Her final total before retiring was nine golds, five silvers and four bronzes.

16. Michael Phelps is without a doubt the best Olympic athlete in history. Not only did he win eight gold medals in the 2008 Olympics in Beijing, he also won six gold medals and two bronze medals in the 2004 Olympics. Those eight gold medals eclipsed Mark Spitz's record of seven in the 1972 Munich Olympics. He already holds the record for the most gold medals in the Olympics, and with three more medals in London, he'll become the most decorated Olympic athlete in history.

ओलिम्पिक खेलों के बारे में कुछ जानकारियाँ


ओलिम्पिक खेल

खेल की दुनिया में प्रतियोगिताओं का सबसे बड़ा समारोह है ओलिम्पिक। इसकी प्रेरणा यूनान के पुराने खेल समारोहों से ली गई है जो ईसा से आठ सदी पहले से लेकर ईसा की चौथी सदी तक ओलिम्पिया में होते रहे। यानी तकरीबन बारह सौ साल तक ये खेल यूनान में हुए। दरअसल पुराने यूनान में सिर्फ ओलिम्पिक ही नहीं, चार खेल समारोह होते थे।

1.ओलिम्पिक, जो ओलिम्पिया में हर चार साल बाद होते थे।
2.पायथियन गेम्स जो डेल्फी में हर चार साल बाद होते थे। इन खेलों का ओलिम्पिक खेलों से दो साल का अंतराल होता था।
3.नीमियन गेम्स, जो नीमिया में होते थे।
4.इस्थमियन गेम्स, जो कोरिंठ शहर में होते थे।

नीमियन और इस्थमियन खेल दो साल के अंतराल में होते थे। यानी ओलिम्पिक और पायथियन गेम्स के बीच के साल में। इस तरीके से एक ओलिम्पक से दूसरे ओलिम्पिक तक हर साल खेल समारोह होते थे। इस चार साल के समय चक्र को ओलिम्पियाड कहते थे। और इन चारों खेलों को पैन हैलेनिक गेम्स कहा जाता था।

इन पुराने खेलों की परम्परा में आधुनिक खेलों को जन्म देने का श्रेय फ्रांस के शिक्षाशास्त्री पियरे द कूबर्तिन को जाता है। पेरिस में जन्मे कूबर्तिन शाही परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनकी दिलचस्पी शिक्षा के साथ-साथ इतिहास में भी थी। और पुराने यूनान के विवरण उन्हें रोमांचित करते थे। संयोग से कूबर्तिन 1883 में ब्रिटेन के प्रसिद्ध रग्बी स्कूल में गए, जिसे प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री टॉमस आरनल्ड ने स्थापित किया था। इस स्कूल में शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम से वे खासे प्रभावित हुए। धीरे-धीरे उन्होंने शारीरिक शिक्षा के एक दर्शन को विकसित किया, जिसमें एथेंस के पुराने जिम्नेज़ियमों से प्रेरणा ली। खेलों का सामाजिक विकास से एक रिश्ता उन्होंने जोड़ा।

ओलिम्पिक खेलों के बारे में कुछ जानकारियाँ


ओलिम्पिक खेल

खेल की दुनिया में प्रतियोगिताओं का सबसे बड़ा समारोह है ओलिम्पिक। इसकी प्रेरणा यूनान के पुराने खेल समारोहों से ली गई है जो ईसा से आठ सदी पहले से लेकर ईसा की चौथी सदी तक ओलिम्पिया में होते रहे। यानी तकरीबन बारह सौ साल तक ये खेल यूनान में हुए। दरअसल पुराने यूनान में सिर्फ ओलिम्पिक ही नहीं, चार खेल समारोह होते थे।

1.ओलिम्पिक, जो ओलिम्पिया में हर चार साल बाद होते थे।
2.पायथियन गेम्स जो डेल्फी में हर चार साल बाद होते थे। इन खेलों का ओलिम्पिक खेलों से दो साल का अंतराल होता था।
3.नीमियन गेम्स, जो नीमिया में होते थे।
4.इस्थमियन गेम्स, जो कोरिंठ शहर में होते थे।

नीमियन और इस्थमियन खेल दो साल के अंतराल में होते थे। यानी ओलिम्पिक और पायथियन गेम्स के बीच के साल में। इस तरीके से एक ओलिम्पक से दूसरे ओलिम्पिक तक हर साल खेल समारोह होते थे। इस चार साल के समय चक्र को ओलिम्पियाड कहते थे। और इन चारों खेलों को पैन हैलेनिक गेम्स कहा जाता था।

इन पुराने खेलों की परम्परा में आधुनिक खेलों को जन्म देने का श्रेय फ्रांस के शिक्षाशास्त्री पियरे द कूबर्तिन को जाता है। पेरिस में जन्मे कूबर्तिन शाही परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनकी दिलचस्पी शिक्षा के साथ-साथ इतिहास में भी थी। और पुराने यूनान के विवरण उन्हें रोमांचित करते थे। संयोग से कूबर्तिन 1883 में ब्रिटेन के प्रसिद्ध रग्बी स्कूल में गए, जिसे प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री टॉमस आरनल्ड ने स्थापित किया था। इस स्कूल में शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम से वे खासे प्रभावित हुए। धीरे-धीरे उन्होंने शारीरिक शिक्षा के एक दर्शन को विकसित किया, जिसमें एथेंस के पुराने जिम्नेज़ियमों से प्रेरणा ली। खेलों का सामाजिक विकास से एक रिश्ता उन्होंने जोड़ा।

ओलिम्पिक खेलों को शक्ल देने का श्रेय ब्रिटेन के सर्जन, मजिस्ट्रेट और शिक्षाशास्त्री डॉ विलियम पेनी ब्रुक्स को भी दिया जाना चाहिए, जो पाठ्यक्रम में शारीरिक शिक्षा को जगह दिलाने के लिए जद्दो-ज़ेहद कर रहे थे। 1890 में दोनों की मुलाक़ात हुई और 1894 में कूबर्तिन ने अंतरराष्ट्रीय कमेटी (आईओसी) की स्थापना की। और 1896 में एथेंस में पहले ओलिम्पिक खेल हुए। वस्तुतः आधुनिक ओलिम्पिक खेलों का काफी श्रेय डॉ विलियम पेनी ब्रुक्स को दिया जाना चाहिए क्योंकि उनकी प्रेणा से श्रॉपशर, इंग्लैंड में सन 1850 से वैनलॉक ओलिम्पियन सोसायटी एनुअल गेम्स चल रहे थे, जिसकी परम्परा आज भी जीवित है। इसीलिए लंदन के ओलिम्पिक खेलों में जो दो मैस्कट हैं उनमें एक का नाम वैनलॉक है।  

ओलिम्पिक खेलों के बाकी इतिहास पर जाने के पहले यह बताना ज़रूरी है कि आज चार तरीके के ओलिम्पिक खेल होते हैं। एक गर्मियों के ओलिम्पिक, दूसरे सर्दियों के ओलिम्पिक, एक पैरालिम्पिक, यानी शारीरिक रूप विकल खिलाड़ियों के ओलिम्पिक और एक यूथ ओलिम्पिक। सर्दियों के ओलिम्पिक खेल 1924 से शुरू हुए हैं। यूथ ओलिम्पिक भी गर्मियों और सर्दियों के अलग-अलग होते हैं। इनकी शुरूआत हाल में हुई है। पहले यूथ ओलिम्पिक खेल सन 2010 में सिंगापुर में हुए थे और पहले यूथ विंटर ओलिम्पिक इस साल जनवरी में इंसब्रुक, ऑस्ट्रिया में हुए। दूसरे ग्रीष्मकालीन ओलिम्पिक 2014 में नानजिंग, चीन में और 2016 के शीतकालीन ओलिम्पिक 2016 में लिलेहैमर, नॉर्वे में होंगे। पैरालिम्पिक खेल ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन खेलों के साथ ही होते हैं। इनकी शुरूआत 1948 में हुई। पैरालिम्पिक खेल आयोजित कराने के लिए आईपीसी नाम की संस्था अलग है। शीतकालीन खेल मूलतः बर्फीली सतह पर खेले जाने वाले खेल होते हैं।  

आईओसी की स्थापना 23 जून 1894 को हुई। इसके पहले अध्यक्ष थे यूनान के देमेत्रियोस विकेलास। 1896 में खुद कूबर्तिन इसके अध्यक्ष बने और वे 1925 तक इसके अध्यक्ष रहे। इसका मुख्यालय लाउज़ाने, स्विट्ज़रलैंड में है। इन दिनों इसके अध्यक्ष हैं याकस काउंट रोग। ओलिम्पिक खेलों के संचालन के लिए एक ओलिम्पिक चार्टर है जिसमें इसके नियमो की व्याख्या की गई है। इस चार्टर में अबतक अनेक संशोधन भी हुए हैं। ओलिम्पिक खेलों में दुनियाभर के देश शामिल होते हैं। इस वक्त 205 देशों की ओलिम्पिक समितियाँ आईओसी से मान्यता प्रापित हैं।  आईओसी में 105 सक्रिय सदस्य हैं और 32 मानद। इसके सदस्यों की संख्या ज्यादा से ज्यादा 115 हो सकती है। इनका कार्यकाल आठ साल का होता है और वे भविष्य में भी चुने जा सकते हैं। आईओसी की कामकाज की भाषा अंग्रेजी और फ्रेंच है।

गर्मियों में पसीना ज़्यादा क्यों आता है, जबकि सर्दियों में नहीं आता?



रवि शर्मा, सीकर

गर्मियों में पसीना आने की सबसे बड़ी वजह है त्वचा को ठंडा रखने की कोशिश। स्तनधारियों की त्वचा में पसीने की ग्रंथियों से निकलने वाला एक तरल पदार्थ है, जिसमें पानी मुख्य रूप से शामिल हैं और साथ ही विभिन्न क्लोराइड तथा यूरिया की थोडी सी मात्रा होती है। तेज़ गर्मी में त्वचा की सतह गर्म होने पर शरीर पानी छोड़कर उसे ठंडा करने की कोशिश करता है। गर्म मौसम में, या व्यक्ति की मांसपेशियों को मेहनत के काम करने के कारण, शरीर पसीने का उत्पादन करता है। सर्दियों में उसकी ज़रूरत नहीं होती इसलिए वह नहीं निकलता। हमारे मस्तिष्क के हायपोथेलेमस के प्रियॉप्टिक और एंटेरियर क्षेत्रों के एक केंद्र से पसीना नियंत्रित होता है, जहां तापमान से जुड़े न्यूरॉन्स होते हैं। त्वचा में तापमान रिसेप्टर्स से प्राप्त सूचनाओं से मस्तिष्क सक्रिय हो जाता है और पसीना निकलने लगता है।

तन्दूरी खाना बनाना कहाँ शुरू हुआ? 
अंकित चौहान, इन्दौर
तन्दूर भारत-पाकिस्तान, पश्चिमी और मध्य एशिया के देशों में सबसे ज्यादा प्रचलित है। सबसे पुराने तन्दूरों के अवशेष सिंधु घाटी की सभ्यता में मिले हैं। उसके पुराने अवशेष भी इसी इलाके में मिले हैं। स्वाभाविक है कि तन्दूरी खाना इसी इलाके में शुरू हुआ होगा। पुराने ज़माने में आग के अलाव में खाना सीधे पकाया जाता था। उस आग को घेरकर चारों ओर मिट्टी की दीवारें बनाने का विचार आया होगा। धीरे-धीरे इन दीवारों का इस्तेमाल भी होने लगा। 

जुलाई महीने को जुलाई क्यों कहते हैं?
अर्चना शुक्ला, रायपुर

हम जिस कैलेंडर में जुलाई के महीने का ज़िक्र कर रहे हैं, उसे ग्रेगोरियन कैलेंडर कहते हैं। इसका एक नाम जूलियन कैलेंडर भी है। इसकी वजह है कि इसे जूलियस सीज़र ने सुधार कर लागू कराया। जूलियस सीज़र के नाम पर ही इस महीने का नाम जुलाई है। यह नाम कैसे पड़ा इसपर बात करने के पहले बता दें कि पहले रोमन कैलेंडर में दस महीने होते थे। मार्च से शुरू होकर दिसम्बर तक। उनके नाम होते थे मार्शियस, एप्रिलिस, मेईयस, जूनियस, क्विंटिलिस, सेक्स्टिलिस, सेप्टेम्बर, ऑक्टोबर, नोवेम्बर और डेसेम्बर। भारी सर्दियों वाले दो महीनों के नाम नहीं होते थे। ईसा पूर्व 700 साल पहले रोम के राजा न्यूमा पोम्पिलस ने इनके नाम जैनुआरिस और फेब्रुआरिस रख दिए। और साल की शुरूआत जैनुआरिस से कर दी। ईपू 46 में जूलियस सीज़र ने साल के महीनों को व्यवस्थित कर दिया। इसके दो साल बाद उनकी हत्या कर दी गई। उनका जन्म क्विंटिलिस महीने में हुआ था। सीज़र के उत्तराधिकारी ऑगस्टस सीज़र ने इस महीने के नाम जुलाई रख दिया। ग्यारह साल बाद जब ऑगस्टस का निधन हुआ तो उनकी याद में सेक्स्टिलिस महीने का नाम ऑगस्ट रख दिया गया।

राजस्थान पत्रिका के 22 जुलाई 2012 के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Friday, July 13, 2012

कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलों पर लिखा एफपीओ क्या होता है?

ज़मीन पर, हवा में और पानी में सबसे तेज रफ्तार वाले जीव कौन हैं ? 
सुरेश सिंघल, रायपुर
सबसे तेज रफ्तार वाला जीव तो इंसान ही है, पर वह अपनी टेक्नॉलजी की बदौतल। बहरहाल जमीन पर चीता (100 किमी), हवा में पेरेग्राइन फैल्कन या बाज (322 किमी) और पानी में सेलफिश (110 किमी)।

अगर हम जमीन में सुराख गहरा करते जाएं.. तो सबसे अंत में यानी उस पार क्या मिलेगा..।
विक्रम सिंह, भोपाल
आप कभी पृथ्वी में गड्ढा करने की कोशिश करें तो बहुत सफल नहीं होंगे। उपकरणों की मदद से भी दुनिया के वैज्ञानिक 8 किमी की गहराई तक के नमूने ले पाए हैं। दुनिया की सबसे गहरी खानें 3 किमी तक गहरी हैं। अलबत्ता वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार धरती की सतह से उसके केन्द्र तक की दूरी तकरीबन 6400 किमी है। इसमें चार परतें खासतौर से हैं। सबसे ऊपरी परत को क्रस्ट कहते हैं। यह करीब 15 किमी गहरी है। उसके बाद है मैंटल जो करीब ढाई हजार किमी तक है। इसमें भी चट्टानें हैं, पर जैसे-जैसे गहराई पर जाएंगें चट्टाने गर्म होती जाएंगी। इसके बाद है बाहरी कोर जो पिघले लावा की है। लावा मुख्य रूप से लोहा और निकल है। इसके बाद सबसे अंदर की कोर ठोस लोहे और निकल की है। इस जगह पर तापमान नौ हजार डिग्री से ऊपर होता है। यानी कि सूरज की सतह के तापमान के आसपास।

एफपीओ क्या होता है? जो साधारण पेय की बोतलों पर अंकित होता है। इसे कौन ले सकता है?
- भोजराज पाठक, जोधपुर

केवल पेय ही नहीं, किसी भी प्रकार की प्रसंस्करित खाद्य या पेय सामग्री को पैकेज कर बेचने के लिए भारत में इस निशान को लगाना अनिवार्य है। एफपीओ का अर्थ है कि पैकेजबंद सामग्री को तैयार करते वक्त खाद्य सुरक्षा तथा मानक नियमम 2006 के अंतर्गत निर्धारित मानकों को पूरा किया गया है। यह मानक हालांकि फ्रुट प्रोडक्ट्स ऑर्डर के अंतर्गत 1955 से चला आ रहा है, पर सन 2006 के कानून के बाद देश में खाद्य सामग्री की प्रोसेसिंग का उद्योग शुरू करने के पहले एफपीओ लाइसेंस लेना ज़रूरी है। इसका अर्थ है कि उक्त खाद्य सामग्री एक निर्धारित हाइजिनिक माहौल में तैयार की गई है।

हमारे देश की बढ़ती आबादी की दर घट तो रही है। पर ये स्थिर कब होगी ?
अंकित शर्मा, इन्दौर

भारत सरकार का अनुमान था कि सन 2045 तक देश की आबादी स्थिर हो जाएगी, पर अब लगता है यह 2060 तक होगी। 
राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित
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