Tuesday, October 23, 2012

गालों में गड्ढे फेशियल मसल्स की डिफॉर्मिटी है

मुस्कराते समय कुछ लोगों के गालों में गड्ढे क्यों पड़ते हैं? सभी के क्यों नहीं?
मनोहर लाल गांधी, गाज़ियाबाद
गालों के गड्ढे फेशियल मसल्स की डिफॉर्मिटी है। कोई कमी रह जाती है गाल की मसल में कि गड्ढा बन जाता है, पर हम इसे सौन्दर्य के रूप में देखते हैं। सभी के इसलिए नहीं पड़ते क्योंकि कुदरत ने सबके गाल जैसे बनाने चाहे वैसे ही बने। कही-कहीं उससे गलती हो गई।

दिल्ली भारत की राजधानी कब बनी और इसका नाम कैसे पड़ा?
मुहम्मद वायेस, किला कदम शरीफ, नबी करीम, नई दिल्ली
दिसम्बर 1911 में दिल्ली में इंग्लैंड के सम्राट जॉर्ज पंचम का दरबार हुआ। कुछ महीने पहले उसी साल इंग्लैंड में वे राजगद्दी पर बैठे थे। दिल्ली दरबार के साथ ही देश की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली लाने की घोषणा की गई। 15 दिसम्बर 1911 को राजधानी बनाने की आधार शिला रखी गई। सर एडविन लुट्यंस और सर हरबर्ट बेकर दो विश्व प्रसिद्ध आर्किटेक्ट्स ने इसकी योजना बनाई। सन 1927 में इस नए इलाके का नाम नई दिल्ली रखा गया और 13 फरवरी 1931 में नई दिल्ली के नए निर्माण कार्यों का उद्घाटन वायसरॉय लॉर्ड इरविन ने किया।  
दिल्ली का नाम कैसे पड़ा इस बारे में कईं तरह की कहानियाँ हैं। ज्यादातर इतिहासकारों का मानना है कि वर्ष 50 ईसा पूर्व (BC) में मौर्य राजा हुआ करते थे धिल्लु या दिलु। उन्होंने इस शहर का निर्माण किया और इसका नाम दिल्ली पड़ गया। कुछ कहते हैं कि तोमरवंश के राजा ने इस जगह का नाम "ढीली" रखा क्योंकि राजा धव का बनाया हुआ लोहे का खम्बा कमजोर था और उसको बदला गया। यही "ढीली" शब्द बाद में बदल का दिल्ली हो गया। तोमरवंश  के दौरान जिन सिक्कों की परम्परा थी उन्हें "देहलीवाल" कहा करते थे। तो कुछ जानकार दिल्ली को "दहलीज़" का अपभ्रंश मानते हैं। क्योंकि गंगा की शुरुआत इसी "दहलीज़" से होती है यानी दिल्ली के बाद होती है। कुछ का मानना है कि दिल्ली का नाम पहले धिल्लिका था।कुछ इतिहासकारों का यह मानना है कि यह देहली का एक विकृत रूप है, जिसका हिन्दुस्तानी में अर्थ होता है 'चौखट',जो कि इस नगर के सम्भवतः सिन्धु-गंगा समभूमि के प्रवेश-द्वार होने का सूचक है।

दुनिया की सबसे गर्म जगह कौन सी है?
इदरीस सैफी, मुल्ला हीरा गाँव, दिल्ली
डल्लोल शहर
                                     
उत्तरी इथोपिया का डल्लोल शहर दुनिया का सबसे गर्म आबाद स्थान माना जाता है। यहाँ 1960 से 1966 के बीच औसत दैनिक तापमान 34.4 डिग्री सैल्शियस दर्ज कया गया। इस दौरान औसत अधिकतम तापमान 41 डिग्री और किसी-कसी दिन 55 डिग्री से ऊपर चला जाता है। इस शहर के पास मशहूर डल्लोल ज्वालामुखी है। अमेरिका की डैथवैली में 1913 में तापमान 56.7 डिग्री दर्ज किया गया। डेनमार्क के अधीन ग्रीनलैंड प्रायः हर समय बर्फ की चादर से ढका रहता है इसलिए सबसे ठंडा इलाका कह सकते हैं। अलबत्ता कनाडा और रूस दूसरे और तीसरे नम्बर के देश कहे जा सकते हैं जहाँ -5 और -6 डिग्री औसत तापमान होता है।  दुनिया की सबसे ठंडी जगह यों तो अंटार्कटिक में रिज ए मानी जाती है। वहाँ का न्यूनतम तापमान -90 डिग्री सेल्शियस से भी नीचे चला जाता होगा। यह अनुमान है, क्योंकि इस 15000 मीटर ऊँची पहाड़ी पर मनुष्य के पैर आजतक नहीं पड़े हैं। अंटार्कटिक में ही रूस के स्टेशन वोस्तोक में -89.2 डिग्री सेल्शियस तक दर्ज किया गया है। रूस के साखा गणराज्य के गाँव ओमायाकोन को दुनिया का सबसे ठंडा आबाद क्षेत्र माना जाता है। आर्कटिक के पास के इस इलाके में जनवरी में तापमान -50 से -65 डिग्री के बीच रहता है। यों 6 फरबरी 1933 को यहाँ का तापमान -69.2 दर्ज किया गया था, जो दुनिया के किसी भी बसे हुए क्षेत्र का न्यूनतम दर्ज तापमान है।

केबीसी में कैसे हिस्सा लें प्लीज़ बताएं।
रोशन लाल, रोहिणी, दिल्ली
इसके लिए केबीसी देखें और जैसा अमिताभ बच्चन बताएं वैसा करें।

रफी साहब का लास्ट गाना कौन सा था?
सुहेल, कस्बा-औरंगाबाद यूपी
मुहम्मद रफी का आखिरी गीत था फिल्म आस-पास का शाम फिर क्यों उदास है दोस्त। 31 जुलाई 1980 की रात को दिल का दौरा पड़ने से रफी साहब का निधन हुआ। उसके कुछ घंटे पहले ही लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इस गीत को रिकॉर्ड कराया था।

प्रेम चोपड़ा की पहली फिल्म कौन सी थी?
प्रेम चोपड़ा की पहली फिल्म सन 1962 में बनी पंजाबी की चौधरी करनैल सिंह थी। इसके बाद उन्हें कँवारी, डोली और मैं शादी करने चला में कुछ छोटे रोल मिले। पर जब तीसरी मंज़िल और वोह कौन थी में उन्होंने विलेन की भूमिका की तब उनका नाम सामने आया।

हुज़ूर आप बताएं कि ये जो ब्रेक का चलन कब से शुरू हुआ?
स्काई, नई दिल्ली
रेडियो और टीवी पर विज्ञापन चालीस के दशक के आखिरी दिनों में अमेरिकी प्रसारण माध्यमों से शुरू हुए थे। शुरू में इन्हें बम्पर कहा जाता था। अब आप इन्हें ब्रेक कहते हैं।

भूरे इंसान को दिन में कम क्यों दिखाई देता है? क्या वह अपनी आँखें दान कर सकता है?
मुहम्मद सईद अब्बासी, बुलंदशहर उप्र
विटिलाइगो त्वचा का रोग है। इसमें रंग बनाने वाली कोशिकाएं जिन्हें मेलानोसाइट्स कहा जाता है, नष्ट हो जाती हैं। कई बार इसका असर आँख तक होता है। इससे रेटिना के आसपास तक पिंगमेंटेशन प्रभावित होता है। पर इससे आँख की रोशनी कम होती है यह नहीं कहा जा सकता। ऐसी आँख दान करने में भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए। पर किसी भी व्यक्ति की स्थिति को देखने के बाद ही कोई बात कही जा सकती है।

दुनिया में सबसे पहला मनुष्य कौन और कहाँ हुआ?
कन्हैया खत्री, शिकारनगर, इन्दौर
चूंकि हमारे पास उसका बर्थ सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं है इसलिए उसका नाम बताने की स्थिति में हम नहीं हैं, पर इतना ज़रूर है कि सन 1967 में इथोपिया के किबिश नामक स्थान पर एक लाख तीस हजार साल पुराने मनुष्ट की हड्डियाँ मिली थीं। उसके कुछ साल बाद उसी इलाके में एक लाख साठ साल पुरानी हड्डियाँ मिलीं। और अब माना जाता है कि तकरीबन दो लाख साल पहले अफ्रीका में होमो सीपियंस यानी मनुष्य के पूर्वज रहते थे। अभी यह निश्च्त रूप से नहीं कहा जा सकता कि वे सबसे पहले अफ्रीका में ही जन्मे। दुनिया के दूसरे इलाकों में भी ऐसी हड्डियाँ मिलीं हैं।
  
क्रिकेट में एलबीडब्ल्यू की फुल फॉर्म क्या है?
श्रवण प्रजापति, गांधी नगर, दिल्ली
लेग बिफोर विकेट।

महात्मा गांधी के बेटे थे या नहीं? थे तो उनके नाम क्या थे?
निर्मल, वैशाली, गाजियाबाद
गांधी जी के चार बेटे थे। हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास गांधी। एक शिशु का बचपन में निधन हो गया था।

सभी हस्तियों को प्रणाम और शीश नमन। उल्का पिंड क्या होते हैं और ये धरती पर कब गिरते हैं?
दीपक मलहोत्रा, ओम विहार, दिल्ली
हमारे सौरमंडल में बड़े पिंडों के अलावा बड़ी तादाद में छोटे पिंड भी मौज़ूद दैं। आकाश में कभी-कभी एक ओर से दूसरी ओर अत्यंत वेग से जाते हुए अथवा पृथ्वी पर गिरते हुए जो पिंड दिखाई देते हैं उन्हें उल्का (meteor) और साधारण बोलचाल में 'टूटते हुए तारेकहते हैं । धरती के वायुमंडल की रगड़ से ये यों भी नहीं बचते पर कई बार छोटे पत्थर के टुकड़े के रूप में ये धरती तक आ जाते हैं। उल्काओं का जो अंश वायुमंडल में जलने से बचकर पृथ्वी तक पहुँचता है उसे उल्कापिंड (meteorite) कहते हैं। प्राय: प्रत्येक रात्रि को उल्काएँ अनगिनत संख्या में देखी जा सकती हैं, किंतु इनमें से पृथ्वी पर गिरनेवाले पिंडों की संख्या अत्यंत अल्प होती है। वैज्ञानिक दृष्टि से इनका महत्व बहुत अधिक है क्योंकि एक तो ये अति दुर्लभ होते हैं, दूसरे आकाश में विचरते हुए विभिन्न ग्रहों इत्यादि के संगठन और संरचना (स्ट्रक्चर) के ज्ञान के प्रत्यक्ष स्रोत केवल ये ही पिंड हैं। इनके अध्ययन से हमें यह भी बोध होता है कि भूमंडलीय वातावरण में आकाश से आए हुए पदार्थ पर क्या-क्या प्रतिक्रियाएँ होती हैं। इस प्रकार ये पिंड ब्रह्माण्डविद्या और भूविज्ञान के बीच संपर्क स्थापित करते हैं।

राष्ट्रपति भवन कब बना था?
गुर बचन सिंह हनी, सदर बाज़ार, दिल्ली
नई दिल्ली को राजधानी बनाने का फैसला 1911 में होने के बाद नए निर्माण कार्य शुरू हुए। नए वायसरॉय भवन का काम सन1912 में शुरू हुआ और वह 1929 में बनकर तैयार हुआ।यही वायसरॉय भवन 1947 के बाद राष्ट्रपति भवन कहलाया।

Monday, October 22, 2012

हेलीकॉप्टर के रोटर और हवाई जहाज़ के प्रोपैपलर का काम एक सा नहीं होता


 हेलीकॉप्टर की पंखड़ी ऊपर होती है और हवाई जहाज़ की सामने, जबकि दोनों एक ही काम करते हैं। ऐसा क्यों?-मुहम्मद सईद अब्बासी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश
दोनों हवा में उड़ने का काम करे हैं, पर दोनों के सिद्धांत अलग होते हैं। हैलीकॉप्टर के पंखे रोटर कहलाते हैं जो घूमते हैं। हवाई जहाज के पंख बाईं और दाईं ओर होते हैं और स्थिर रहते हैं। घूमते नहीं हैं। हवाई जहाज अपने पंखों के सहारे हवा में तैरता है और उसके इंजन उसे आगे ले जाते हैं। हलीकॉप्टर के रोटर उसे ऊपर उठाने और आगे पीठे ले जाने का काम भी करते हैं। हैलीकॉप्टर आगे-पीठे और दाएं बाएं जा सकता है। एक जगह रुका भी रह सकता है। हवाई जहाज ऐसा नहीं कर सकता है। वह सीधा चलता है और उसे दाएं या बाएं जाने के लिए घूमना पड़ता है। उसके सामने लगे प्रोपैपलर ब्लेड उसे आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। हवाई जहाज का इंजन हवा खींचकर उसे पीछे की ओर फेंकता है तो वह आगे बढ़ता। पंखों पर हवा के दबाव से वह ऊपर उठता है।

हमारे देश से जुड़े पड़ोसी मुल्क कितने हैं?-मनोहर लाल गांधी, गाज़ियाबाद
चीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव। श्रीलंका और मालदीव पड़ोसी हैं, जमीन से जुड़े नहीं हैं।

कृपया बताएं स्वर्गीय दारा सिंह साहेब ने किसी ओलिम्पिक स्पर्धा में भाग लिया और कोई पदक भी हासिल किया?-कुलदीप मलहोत्रा, ओम विहार, दिल्ली
नहीं उन्होंने किसी ओलिम्पिक प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया। दरअसल उन्होंने शुरूआत से ही अमेरिकी फ्रीस्टाइल शैली को अपनाया, जो पेशवर शैली थी। यानी वे कुश्ती से पैसा प्राप्त करते थे। उन दिनों ओलिम्पिक खेलों में वही खिलाड़ी भाग लेते थे, जो शौकिया खेलते थे। व्यावसायिक खिलाड़ियों को हाल में ही जगह मिली है।

गायक मुकेश ने पहला गाना कौन सी फिल्म में गाया था?-प्रेम गुरु, बाज़ार सीताराम, दिल्ली
मुकेश ने पहला गीत फिल्म निर्दोष में गाया जो 1941 में बनी थी। इस फिल्म  उन्होंने अभिनय भी किया था। फिलम् के संगीतकार थे अशोक घोष। गीत था दिल ही हो बुझा हुआ हो तो..। इस गीत को लिखा था नीलकंठ तिवारी ने।

पूरे विश्व में कितने देश हैं?- मुहम्मद असलम, बलजीत नगर नई दिल्ली
दुनिया के पूर्ण सम्प्रभुता सम्पन्न देशों की संख्या 194 है। इनमें से 192 संयुक्त राष्ट्र-सदस्य हैं। वैटिकन सिटी को सम्प्रभुता सम्पन्न राज्य की मान्य परिभाषाओं में रखा जा सकता है, पर वह संयुक्त राष्ट्र का सदस्य नहीं केवल स्थायी पर्यवेक्षक है। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के अलावा कुछ राजव्यवस्थाएं और हैं, जिन्हें पूर्ण देश नहीं कहा जा सकता । उनके नाम हैं अबखाजिया, कोसोवो, नागोर्नोकारबाख, उत्तरी सायप्रस, फलस्तीन, सहरावी गणराज्य, सोमालीलैंड, दक्षिण ओसेतिया, ताइवान, और ट्रांसनिस्ट्रिया। इनकी संख्या 12 है। ये देश किसी न किसी वजह से राष्ट्रसंघ के पूर्ण सदस्य नहीं हैं। हाल में अफ्रीका में एक नए देश का जन्म हुआ है, जिसका नाम है दक्षिणी सूडान। लम्बे अर्से से गृहयुद्ध के शिकार सूडान में पिछले साल जनवरी में एक जनमत संग्रह हुआ, जिसमें जनता ने नया देश बनाने का निश्चय किया है। यह फैसला देश के सभी पक्षों ने मिलकर किया है। नए देश ने 9 जुलाई 2011 को औपचारिक ऱूप से जन्म लिया। यह भी संयुक्त राष्ट्र सदस्य है।

सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नाम बताएं-मनीष कुमार बैलस्टर, मदनपुर खादर, दिल्ली
1.आंध्र प्रदेश-एन किरन कुमार रेड्डी, 2.अरुणाचल प्रदेश-नाबम तुकी, 3.असम-तरुण गोगोई, 4.बिहार-नीतीश कुमार, 5.छत्तीसगढ़-रमन सिंह, 6.दिल्ली-श्रीमती शीला दीक्षित, 7. गोवा-मनोहर पर्रिकर, 8.गुजरात-नरेन्द्र मोदी, 9.हरियाणा-भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, 10.हिमाचल प्रदेश-प्रेम कुमार धूमल, 11.जम्मू-कश्मीर-उमर अब्दुल्ला, 12.झारखंड-अर्जुन मुंडा, 13.कर्नाटक-जगदीश शेट्टार, 14.केरल-ऊमन चैंडी, 15.मध्य प्रदेश-शिवराज सिंह चौहान, 16.महाराष्ट्र-पृथ्वीराज चह्वाण, 17.मणिपुर-ओक्रम इबोबी सिंह, 18.मेघालय-मुकुल संगमा, 19.मिज़ोरम-लल थनहवला, 20.नगालैंड-नीफ्जु रियो, 21.उड़ीसा-नवीन पटनायक, 22.पुदुच्चेरी-एन रंगास्वामी, 23.पंजाब-प्रकाश सिंह बादल, 24.राजस्थान-अशोक गहलत, 25.सिक्किम-पवन कुमार चमलिंग, 26.तमिलनाडु-जे जयललिता, 27.त्रिपुरा-मनिक सरकार, 28.उत्तराखंड-विजय बहुगुणा, 29.उत्तर प्रदेश-अखिलेश कुमार, 30.पश्चिम बंगाल-ममता बनर्जी

दिल्ली के पिनकोड किस तरह तरह बनाए बनाए गए हैं?-रीना, चाँदनी चौक, दिल्ली
पिनकोड यानी पोस्टल इंडेक्स नम्बर भारतीय डाकव्यवस्था के वितरण के लिए बनाया गया नम्बर है। छह संख्याओं के इस कोड में सबसे पहला नम्बर क्षेत्रीय नम्बर है। पूरे देश को आठ क्षेत्रीय और नवें फंक्शनल जोन में बाँटा गया है। इसमे दूसरा नम्बर उप क्षेत्र का नम्बर है। तीसरा नम्बर सॉर्टिंग डिस्ट्रिक्ट का नम्बर है। अंतिम तीन संख्याएं सम्बद्ध डाकघरों से जुड़ी हैं। दिल्ली को शुरूआती नम्बर मिला है 11। 12 और 13 नम्बर हरियाणा को मिले हैं, 14, 15 नम्बर पंजाब को इसी तरह 20 से 28 नम्बर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिले हैं। दिल्ली के आठ जिलों के पिनकोड भौगोलिक स्थित के अनुसार बाँटे गए हैं। नई दिल्ली के कनॉट प्लेट, बंगाली मार्केट के आसापास के इलाकों के नम्बर 110001 से शुरू होते हैं, मिंटो रोड, अजमेरी गेट और दरियागंज वगैरह का नम्बर है 110002, इसके बाद लोदी रोड, सफदरगंज एयरपोर्ट और पंडारा रोड वगैरह का नम्बर है 110003। अंत में यमुना पार इलाके में मयूर विहार के फेज़ 1 में 110091 से होता हुआ गाज़ीपुर, मयूर विहार फेज़ 3 और वसुन्धरा एन्क्लेव में यह 110096 हो जाता है। 

गारंटी शब्द की हिन्दी बताएं।–हबीब अहमद, कबीर नगर, दिल्ली
गारंटी का मतलब है ज़मानत लेना, जिम्मा लेना, वादा करना , निश्चिंत करना

प्रकाश की गति क्या होती है?-अनिल, रमेश नगर, दिल्ली
वैक्यूम या शून्य में प्रकाश की गति 2 लाख 99 हजार 792.458 किलोमीटर प्रति सेकंड होती है।

सवाई माधो सिंह महाराज में सवाई क्यों कहा गया?-अनु, मुम्बई
सवाई आदरसूचक शब्द है। इसका मतलब है सवा यानी सामान्य व्यक्ति से सवा गुना बेहतर। राजस्थान में राजाओं के नाम के पहले सवा लगाने की परम्परा है।

क्या रेलगाड़ी के इंजन में टॉयलेट होते हैं?
भारतीय रेलवे के इंजनों में अभी तक टॉयलेट नहीं होते हैं। पर अब अमेरिकन कम्पनी इलेक्ट्रोमोटिव डीजल और भारतीय रेलवे के अनुसंधान, विकास एवं अभिकल्प संस्थान आरडीएसओ ने मिलकर डब्ल्यूडीजी 5 नाम से जो इंजन तैयार किया है उसमें एयरकंडीशनिंग और टॉयलेट की सुविधाएं हैं जो इंजन चलाने वालों की दिक्कतों को कम करेंगे। भारतीय रेलगाड़ियों के सवारी डिब्बों में अभी तक ओपन टाइप टॉयलेट होते हैं जो ट्रैक को खराब करते हैं। इस साल रेलवे बजट में 2500 कोचों में बायो टॉयलेट लगाने का कार्यक्रम है। 

Sunday, October 21, 2012

पाकिस्तान में भी हिन्दू मंदिर हैं


 मेरा नाम निर्मल है और मेरा सवाल है कि क्या पाकिस्तान में मंदिर हैं?
पाकिस्तान के बलूचिस्गतान में हिंगलाज देवी का मंदिर

हिंगलाज मंदिर
पाक अधिकृत कश्मीर में शारदा पीठ
हाँ पाकिस्तान में बड़ी संख्या में मंदिर हैं। मसलन पाक अधिकृत कश्मीर में शारदा पीठ है। बलूचिस्तान में हिंगलाज देवी का मंदिर है, जिसमें स्थानीय मुसलमान भी चढ़ावा चढ़ाते हैं, उसे नानी मंदिर कहते हैं।  इस्लामाबाद में सैदपुर मंदिर है, मनसेहरा में शिव मंदिर है,पेशावर में नंदी मंदिर है। वहाँ सिखों के गुरद्वारे भी हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध गुरुनानक देव जी का जन्मस्थल ननकाना साहिब है। वहाँ सैकड़ों मंदिर थे, पर कुछ मंदिर अब भी सुरक्षित है।

ओलिम्पिक में हमने कुल कितने पदक जीते? डिटेल में बताएं।–दीपक कुमार, मनेठी, रेवाड़ी
सबसे पहला गोल्ड मेडल किन्हें मिला?-अजय वर्मा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश
हालांकि भारत सन 1900 से ओलिम्पिक खेलों में हिस्सा लेता रहा है, पर हमने अब तक कुल 26 मेडल जीते हैं। इनमें नौ गोल्ड मेडल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 11 मेडल हॉकी में हैं। आठ स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक। इसके अलावा शूटिंग में एक स्वर्ण और दो रजत, एक कांस्य, एथलेटिक्स में दो रजत पदक, कुश्ती में एक रजत और तीन कांस्य पदक, वेट लिफ्टिंग में एक कांस्य पदक, टेनिस में एक कांस्य पदक और बॉक्सिंग में दो कांस्य पदक है और बैडमिंटन में एक कांस्य पदक है। इस प्रकार नौ स्वर्ण, पाँच रजत और बारह कांस्य पदक हमने जीते हैं। हमारे देश ने पहला स्वर्ण पदक 1928 में एम्सटर्डन ओलिम्पिक में हॉकी में जीता।
               
सूचना के अधिकार में आरटीआई का फुल फॉर्म क्या है?-मुहम्मद उमर कुरेशी, कस्बा सिकन्दरा राऊ, यूपी
आरटीआई माने राइट टु इनफॉरमेशन यानी सूचना पाने का अधिकार। आरटीआई का अर्थ है राइट टु इनफॉर्मेशन। यानी जानकारी पाने का अधिकार। लोकतांत्रिक पद्धति में यह एक नागरिक का बुनियादी अधिकार है कि वह जाने कि सार्वजनिक जीवन में जो जानने योग्य है उसकी जानकारी उसे हो। भारत में संसद ने 15 जून 2005 को इस आशय का कानून पास किया, जो 13 अक्टूबर 2005 से प्रभावी हुआ।
  
अगर भारत पूरी तरह आज़ाद है तो हमारी माताएं-बहनें क्यों सुरक्षित नहीं हैं?-मुहम्मद सईद अब्बासी
इसकी वजह है हमारे सामाजिक-सांस्कृतिक विकास और शिक्षा में कोई कमी रह गई है। वास्तव में हम पूरी तरह आज़ाद हैं, पर जब तक हमारे बीच गरीबी, अशिक्षा और अंधविश्वास वगैरह हैं तब तक यह आज़ादी अधूरी है। 

राम कृष्ण, भोला नगर, कोटला मुबारकपुर, नई दिल्ली ने पूछा है कि गैसवाला गुब्बारा ज्यादा से ज्यादा कितना ऊपर जाता है?
गैस के गुब्बारे में हीलियम गैस भरी जाती है। यह गुब्बारा इसलिए ऊपर उठता है क्योंकि हीलियम गैस हवा से हल्की होती है। चूंकि हमारे वायुमंडल में आप जैसे-जैसे ऊपर जाएंगे हवा हल्की होती जाएगी। आमतौर पर एक छोटा गुब्बारा चार पाँच सौ मीटर से ज्यादा ऊँचाई तक जाता है। साथ ही वह हवा के प्रवाह के साथ बहने लगता है। धीरे-धीरे गुब्बारे में भरी हीलियम निकलती जाती है और वह नीचे आने लगता है।

कांग्रेस का अर्थ क्या है?
Surjeet bhati.  vill-Falaida, Gautam Budh Nagar.
आपका आशय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से है। भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना, 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ 28 दिसंबर 1885 को बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में हुई थी। इसके प्रथम महासचिव(जनरल सेक्रेटरी) एओ ह्यूम थे एवं कोलकता के वोमेश चंद्र बैनर्जी प्रथम पार्टी अध्यक्ष थे। अपने शुरुवाती दिनों में कॉंग्रेस का दृष्टिकोण एक कुलीन वर्गीय संस्था का था। इसके शुरुवाती सदस्य मुख्य रूप से बॉम्बे और मद्रास प्रैज़िडेनसी से थे। स्वराज का लक्ष्य सबसे पहले बाल गंगाधर तिलक ने अपनाया था। 1907 में काँग्रेस में दो दल बन चुके थे, गरम दल एवं नरम दल। गरम दल का नेतृत्व बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय एवं बिपिन चंद्र पाल(जिन्हें लाल-बाल-पाल भी कहा जाता है) कर रहे थे। नरम दल का नेतृत्व गोपाल कृष्ण गोखले, फिरोज़शाह मेहता एवं दादा भाई नौरोजी कर रहे थे। गरम दल पूर्ण स्वराज की मांग कर रहा था परन्तु नरम दल ब्रिटिश राज में स्वशासन चाहता था। प्रथम विश्व युद्ध के छिड़ने के बाद सन 1916 की लखनऊ बैठक में दोनों दल फिर एक हो गए और होम रूल आंदोलन की शुरुवात हुई जिसके तहत ब्रिटिश राज में भारत के लिए अधिराज्य अवस्था(डॉमिनियन स्टेटस) की मांग की जा रही थी। 1916 में गांधी जी के भारत आगमन के साथ काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलताएँ मिली। 1919 में जालियाँवाला बाग हत्याकांड के पश्चात गांधी जी कॉंग्रेस के महासचिव बने। गांधीजी के मार्गदर्शन में कॉंग्रेस जनांदोलन के रास्ते पर चली।

संसार में पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग कब से शुरू हुआ ?
सत प्रकाश सनोथिया, फेसबुक में सवाल पूछा है
पेट्रोलियम शब्द चट्टान के लिए इस्तेमाल होने वाले ग्रीक शब्द  पेट्रा और तेल के लिए प्रयुक्त होने वाले शब्द इलायोन से मिलकर बना है। दसवीं सदी की अंग्रेजी में इसकी स्पेलिंग "petraoleum" होती थी। इसका मतलब है उस समय भी ज़मीन के नीचे और चट्टानों के पीछे से किसी न किसी शक्ल में ये पदार्थ मिलते थे। तकरीबन 4000 साल पहले यूनानी लेखकों हैरोडोटस और डायोडोरस सिक्युलस के विवरणों के अनुसार कोलटार का इस्तेमाल बेबीलोन में इमारतों को बनाने में होता था। बेबीलोन के पास पेट्रोलियम में कुंड थे। प्राचीन फारस में भी पेट्रोलियम पदार्थों के ईँधन और औषधि के रूप में इस्तेमाल का विवरण मिलता है। ईसा से करीब साढञे तीन सौ साल पहले चीन में बाँसों की मदद से पेट्रोलियम कुएं खओदने का विवरण मिलता है। पर पेटेर्लियम का भारी इस्तेमाल इंटरनल कॉम्ब्युशन इंजन बन जाने के बाद बढ़ा। 1840 के दशक में स्कॉटलैंड के जेम्स यंग ने कच्चे तेल से मिट्टी तेल निकालने का आविष्कार किया। इससे ह्वेल के तेल की जगह एक सस्ता ईंधन मिल गया। पेट्रोलियम में मुख्यतः कई प्रकार के हाइड्रोकार्बन होते हैं। धीरे-धीरे पेट्रोलियम के कई प्रकार के उत्पाद बनने लगे और इसके शओधन की तकनीक का विकास लगातार जारी है।    
राजेश खन्ना की आखिरी फिल्म कौन सी थी?
उनकी आखिरी फिल्म सन 2008 में रिलीज़ हुई वफा को माना जा सकता है। पर निधन के पूर्व वे एक और फिल्म की शूटिंग कर चुके थे। यह फिल्म है अशोक त्यागी की रियासत जो इस साल दिसम्बर में रिलीज़ होगी। 
जुगनू क्यों चमकता है?
जुगनू एक प्रकार का उड़ने वाला कीड़ा है, जिसके पेट में रासायनिक क्रिया से रोशनी पैदा होती है। इसे बायोल्युमिनेसेंस कहते हैं। यह कोल्ड लाइट कही जाती है इसमें इंफ्रा रेड और अल्ट्रा वॉयलेट देनों फ्रीक्वेंसी नहीं होतीं।
श्रीलंका को अलग देश के रूप में कब मान्यता मिली?
इतिहासकारों में इस बात की आम धारणा थी कि श्रीलंका के आदिम निवासी और दक्षिण भारत के आदिम मानव एक ही थे। पर अभी ताजा खुदाई से पता चला है कि श्रीलंका के शुरुआती मानव का सम्बंध उत्तर भारत के लोगों से था । भाषिक विश्लेषणों से पता चलता है कि सिंहली भाषा, गुजराती और सिंधी से जुड़ी है। तीसरी सदी ईसा पूर्व मौर्य सम्राट अशोक के पुत्र महेन्द्र के यहां आने पर बौद्ध धर्म का आगमन हुआ । सोलहवीं शताब्दी में यूरोपीय शक्तियों ने श्रीलंका में कदम रखा और श्रीलंका व्यापार का केन्द्र बनता गया । पहले पुर्तगाल ने कोलम्बो के पास अपना दुर्ग बनाया । धीरे धीरे अपना प्रभुत्व आसपास के इलाकों में बना लिया । श्रीलंका के निवासियों में उनके प्रति घृणा घर कर गई । उन्होने डच लोगो से मदद की अपील की । 1630 डचों ने पुर्तगालियों पर हमला बोला और उन्हे मार गिराया । पर उन्होने आम लोगों पर और भी जोरदार कर लगाए । 1660 में एक अंग्रेज का जहाज गलती से इस द्वीप पर आ गया । उसे कैंडी के राजा ने कैद कर लिया । उन्नीस साल तक कारागार में रहने के बाद वह यहां से भाग निकला और उसने अपने अनुभवों पर आधारित एक पुस्तक लिखी जिसके बाद अंग्रेजों का ध्यान भी इसपर गया । उन्होने डच इलाकों पर अधिकार करना आरंभ कर दिया । 1800 इस्वी के आते आते तटीय इलाकों पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया । 1818 तक अंतिम राज्य कैंडी के राजा ने भी आत्मसमर्पण कर दिया और इसतरह सम्पूर्ण श्रीलंका पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया । 1930 के दशक में स्वाधीनता आंदोलन तेज हुआ । द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद 4 फरवरी 1948 को देश को संयुक्त राजशाही से पूर्ण स्वतंत्रता मिली ।
दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन कौन सा है?
न्यूयॉर्क शहर का ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन इस आधार पर माना जा सकता है कि इसमें सबसे ज्यादा 44 प्लेटफॉर्म हैं। इनके साथ 67 ट्रैक जुड़े हैं। ये प्लेटफॉर्म दो मंजिलों पर बने हैं।

Saturday, October 20, 2012

ओलिम्पिक स्वर्ण पदक में सोने का पानी होता है, ठोस सोना नहीं


एक ओलिम्पिक गोल्ड मेडल में कितना प्योर गोल्ड होता है?
पहले यह बताना बेहतर होगा कि 1896 और 1900 के ओलिम्पिक खेलों में गोल्ड मेडल नहीं दिए गए। उनमें चाँदी और ताँवे के मेडल क्रमशः विजेता और उपविजेता को दिए गए। 1904 में अमेरिका के मिज़ूरी में तीन मेडल का चलन शुरू हुआ। ओलिम्पिक के गोल्ड मेडल का आकार, डिजाइन और वज़न बदलता रहता है। लंदन ओलिम्पिक में काफी बड़े आकार के मेडल दिए गए जो 85 मिमी व्यास के थे। इनकी मोटाई 7 मिमी थी। सोने का मेडल भी चाँदी में ढाला जाता है और उसके ऊपर लगभग 6 ग्राम सोने की प्लेटिंग होती है। चाँदी का मेडल .925 शुद्धता की चाँदी को होता है और कांस्य पदक में ताँबे, टिन और ज़स्ते की मिलावट होती है।
भारत का सर्वश्रेष्ठ खेल कौन सा है? और किस ओलिम्पिक में खेला गया?
मेरे विचार से भारत का सर्वश्रेष्ठ खेल हॉकी है, जिसमें हम आठ स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। दुर्भाग्य है कि इस वक्त हम सर्वश्रेष्ठ नहीं है। शुद्ध भारतीय खेल को देखें तो कबड्डी और खो-खो ऐसे खेल हैं, जो भारत में सबसे ज्यादा खेले जाते हैं। कबड्डी को एशिया खेलों और कॉमनवैल्थ खेलों में शामिल किया जा चुका है। सन 1936 के बर्लिन खेलों में इसे डिमांस्ट्रशन गेम के रूप में प्रदर्शित भी किया गया। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि इसे ओलिम्पिक में भी शामिल किया जाए।
याददाश्त बढ़ाने के लिए क्या किया जा सकता है?
याददाश्त बढ़ाने का सर्वश्रेष्ठ तरीका ध्यान को केन्द्रित करना है। इसके लिए हमारे योगाचार्यों ने ध्यान के जो उपाय बताए हैं वे मददगार होंगे। पर मैं एक तरीका अपनी तरफ से बताता हूँ, शायद उपयोगी हो। हर रात सोने के पहले सुबह से शाम तक की घटनाओं को क्रम से याद करना शुरू करें। शुरूआत में घटनाएं याद नहीं आएंगी, पर धीरे-धीरे अभ्यास करते रहेंगे तो याद आने लगेंगी।
प्रमोद जी आपकी ज़िन्दगी में आपके लिए सबसे प्रभावशाली व्यक्ति कौन है? क्यों है?
दुनिया में महापुरुषों के सभी को प्रेणा मिलती है, पर हमारे व्यक्तिगत जीवन में माता-पिता, गुरू और सामान्यजन सबसे बड़े प्रेरणास्रोत होते हैं। वे लोग जो उपदेश नहीं देते, बल्कि अपने सत्कर्म के हमें उनके बताए रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं। मेरे जीवन में ऐसे ही लोग हैं। इनमें काफी बड़ी संख्या मुझ से उम्र में काफी छोटे लोगों की है।
विदेश में भारतीयों पर हिंसा के क्या कारण हैं?
भारतीयों पर हिंसा की घटनाएं यदा-कदा गलतफहमी के कारण होती हैं। जैसे हाल में अमेरिका के एक गुरद्वारे पर हमले में हुआ। हमलावर के मन में शायद 9/11 की पीड़ा थी। दाढ़ी और पगड़ी के कारण सिखों के बारे में उसने गलत अनुमान लगा लिए। कई बार इसलिए भी होता है कि भारतीय लोग कम वेतन पर भारी काम करने को तैयार हो जाते हैं। या जीवन में आगे बढ़ जाते हैं तो उनके पीछे ईर्ष्या का भाव पैदा हो जाता है।
संगीत का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार कौन सा है? किन लोगों को दिया गया है?
आपका आशय शायद देश के सबसे बड़े पुरस्कार से है। मेरे विचार से भारत रत्न और पद्म पुरस्कार देश के सबसे बड़े पुरस्कार हैं। उनमें संगीतकारों को भी पुरस्कृत किया जाता है। मसलन एमएस सुब्बुलक्ष्मी, पं रविशंकर, लता मंगेशकर, बिस्मिल्ला खां और भीमसेन जोशी को भारत रत्न से अलंकृत किया जा चुका है। इसके बाद संगीत-नाटक अकादमी के पुरस्कार हैं। कर्नाटक संगीत का संगीत कलानिधि पुरस्कार है। इसी तरह फिल्मी संगीत का फिल्मफेयर पुरस्कार है। ऐसे तमाम लोकप्रिय पुरस्कार हैं जिनमें अंतरराष्ट्रीय ग्रैमी पुरस्कार भी शामिल हैं। 
सत्यमेव जयते प्रतीक चिह्न कहाँ से लिया गया? यह क्यों और कहाँ इस्तेमाल होता है?
हमारे देश का प्रतीक चिह्न चार शेरों वाली प्रतिमा है जो अशोक स्तम्भ के शिखर पर लगी थी। इसे ईसवी सन शुरू होने के 250 साल पहले सम्राट अशोक ने बनवाया था। यह स्तम्भ सारनाथ में आज भी खड़ा है और प्रतिमा सारनाथ के संग्रहालय में रखी है। इन चारों शेरों के नीचे एक घेरे में एक हाथी, एक घोड़ा और एक नन्दी है। इसके बीच में धर्मचक्र है। इसके नीचे लिखा है सत्यमेव जयते, जो मुंडक उपनिषद से लिया गया है। इसे हमारे तमाम शासकीय कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है। उसमें स्थित धर्मचक्र हमारे तिरंगे झंडे के बीच में लगाया गया है। हर देश का कोई न कोई प्रतीक चिह्न होता है। हमारा प्रतीक चिह्न हमारे गौरवपूर्ण अतीत की कहानी कहता है।

राजेश खन्ना की आखिरी फिल्म कौन सी थी?
उनकी आखिरी फिल्म सन 2008 में रिलीज़ हुई वफा को माना जा सकता है। पर निधन के पूर्व वे एक और फिल्म की शूटिंग कर चुके थे। यह फिल्म है अशोक त्यागी की रियासत जो इस साल दिसम्बर में रिलीज़ होगी। 
क्या भारत पूरी तरह आज़ाद है?
आज़ादी एक व्यक्तिगत अवधारणा है। राजनीतिक दृष्टि से भारत आज़ाद है। उसका हर नागरिक आज़ाद है, पर यदि हम पर अज्ञान, गरीबी, गैर-बराबरी, बीमारियों और अंधविश्वासों का साया है तो हम कहीं न कहीं से दबाव में हैं। यानी हमारी स्वतंत्रता में कमी है। कहना मुश्किल है कि संसार में पूर्ण स्वतंत्रता कभी सम्भव भी है या नहीं। क्योंकि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता किसी दूसरे व्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधक हो सकती है। इसलिए पूरे समाज की स्वतंत्रता के लिए हमें व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं को छोड़ना पड़ता है।
क्या राजेश खन्ना की कोई फिल्म ऑस्कर पुरस्कार के लिए चुनी गई थी?
राजेश खन्ना ने 1966 में चेतन आनन्द की फिल्म आखिरी खत में काम किया था। इस फिल्म को 1967 में चालीसवें ऑस्कर पुरस्कारों के लिए विदेशी भाषाओं की सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए चुना गया था, पर उसका नामांकन नहीं हो पाया।

200 किमी की रफ्तार तक से चलती हैं साइकिलें


लाइटनिंग एफ-40
सबसे तेज़ चलने वाली साइकिल कौन सी है, क्या स्पीड है?
सबसे तेज़ चलने वाली साइकिलें कई तरह की हो सकती हैं। मसलन खेल प्रतियोगिताओं यानी साइकिलिंग वाली साइकिलें और सड़क पर सामान्य रूप से चलने वाली साइकिलें। साइकिल वेलोड्रोम पर चलने वाली स्पोर्ट्स बाइक 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी चल सकती हैं। सड़क पर चलने वाली साइकिलों में अमेरिका की लाइटनिंग एफ-40 इस वक्त सबसे तेज गति से चलने वाली साइकिल है। यों तो स्पीड इस बात पर निर्भर करती है कि कौन चला रहा है, पर इसे 60 किलोमीटर या इससे भी तेज़ गति से चलाया जा सकता है। एक साइकिल की कीमत भारतीय रुपए में करीब साढ़े तीन लाख होगी। कुछ दूसरी साइकिलों में कार्बन एयरो, क्वेस्ट, ट्राइस्लैड और एनेटर के नाम लिए जा सकते हैं। इन पर बैठकर आप पन्द्र-बीसकिलोमीटर से लेकर तीस-चालीस किलोमीटर की यात्रा कर सकते हैं। पर अमेरिका और यूरोप के जिन देशों में ये चलती हैं, वहाँ साइकिलों को चलाने के अलग गलियारे होते हैं।  

तन्दूरी खाना बनाना कहाँ, कैसे शुरू हुआ?
तन्दूर भारत-पाकिस्तान, पश्चिमी और मध्य एशिया के देशों में सबसे ज्यादा प्रचलित है। सबसे पुराने तन्दूरों के अवशेष सिंधु घाटी की सभ्यता में मिले हैं। उसके पुराने अवशेष भी इसी इलाके में मिले हैं। स्वाभाविक है कि तन्दूरी खाना इसी इलाके में शुरू हुआ होगा। पुराने ज़माने में आग के अलाव में खाना सीधे पकाया जाता था। उस आग को घेरकर चारों ओर मिट्टी की दीवारें बनाने का विचार आया होगा। धीरे-धीरे इन दीवारों का इस्तेमाल भी होने लगा।


जुलाई महीने का नाम जुलाई क्यों पड़ा?

हम जिस कैलेंडर में जुलाई के महीने का ज़िक्र कर रहे हैं, उसे ग्रेगोरियन कैलेंडर कहते हैं। इसका एक नाम जूलियन कैलेंडर भी है। इसकी वजह है कि इसे जूलियस सीज़र ने सुधार कर लागू कराया। जूलियस सीज़र के नाम पर ही इस महीने का नाम जुलाई है। यह नाम कैसे पड़ा इसपर बात करने के पहले बता दें कि पहले रोमन कैलेंडर में दस महीने होते थे। मार्च से शुरू होकर दिसम्बर तक। उनके नाम होते थे मार्शियस, एप्रिलिस, मेईयस, जूनियस, क्विंटिलिस, सेक्स्टिलिस, सेप्टेम्बर, ऑक्टोबर, नोवेम्बर और डेसेम्बर। भारी सर्दियों वाले दो महीनों के नाम नहीं होते थे। ईसा पूर्व 700 साल पहले रोम के राजा न्यूमा पोम्पिलस ने इनके नाम जैनुआरिस और फेब्रुआरिस रख दिए। और साल की शुरूआत जैनुआरिस से कर दी। ईपू 46 में जूलियस सीज़र ने साल के महीनों को व्यवस्थित कर दिया। इसके दो साल बाद उनकी हत्या कर दी गई। उनका जन्म क्विंटिलिस महीने में हुआ था। सीज़र के उत्तराधिकारी ऑगस्टस सीज़र ने इस महीने के नाम जुलाई रख दिया। ग्यारह साल बाद जब ऑगस्टस का निधन हुआ तो उनकी याद में सेक्स्टिलिस महीने का नाम ऑगस्ट रख दिया गया।

सुपर ह्यूमन किसे कहते हैं? विश्व में कितने सुपर ह्यूमन हैं?
सुपर ह्यूमन का अर्थ है जो अति-मानव या महा-मानव जो सामान्य मनुष्य से कहीं ज्यादा शक्तियों से लैस है। यह एक विशेषण है, संज्ञा नहीं। यानी कोई यह तय नहीं करता कि सुपर ह्यूमन कौन हैं। आप गौतम बुद्ध, ईसा मसीह, मुहम्मद साहब से लेकर महात्मा गांधी और मदर टेरेसा तक को सुपर ह्यूमन कह सकते हैं।
सचिन तेन्दुलकर की राज्यसभा में क्या भूमिका रहेगी?
राज्यसभा के सदस्य की जो सामान्य भूमिकाएं होती हैं, उन्हें वे भी निभाएंगे। सदन में विभिन्न विषयों पर अपनी राय देना तथा सार्वजनिक जीवन में योगदान करना वगैरह।

विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता कौन सी है?
इस विषय पर एक राय नहीं है। भारत की सिंधु घाटी की सभ्यता के अलावा मिस्र, मेसोपोटामिया, चीन, यूनान, रोम वगैरह कीप्राचीन सभ्यताएं हैं। अलबत्ता इतना ज़रूर लगता है कि सिंधु घाटी की सभ्यता दुनिया की सबसे पुराने शहरी सभ्यता है। यानी शहरों को इतने सुनियोजित ढंग से बसाने के सबसे पुराने उदाहरण वहाँ से ही मिले हैं।  

इलेक्ट्रॉनिक सिटी ऑफ इंडिया किसे कहा जाता है और क्यों?
सामान्यतः बेंगलुरु और हैदराबाद को कहते हैं। यों पुणे और नोएडा को भी कहा जा सकताहै।

स्कूली शिक्षा में ऐसा क्या पढ़ाया जा सकता है जिससे बच्चों का गुस्सा कम हो?
पहले यह देखना होगा कि बच्चों में गुस्सा किस बात से है। स्कूली शिक्षा उन्हें बेहतर नागरिक बनाने के लिए होती है, पर कई बार स्कूल में अध्यापकों के व्यवहार से वे खुश नहीं होते। या घर से काफी दूर स्कूल होने के कारण आने-जाने की दिक्कतों के कारण उनमें चिड़चिड़ापन आ जाता है। बच्चों का मन कोमल होता है। उन्हें प्रेम और दोस्ताना तरीके से समझाना ही उचित होता है।

शादी की परम्परा कहाँ, कैसे शुरू हुई?
विवाह नाम की संस्था लिखित तथा ज्ञात इतिहास के पहले की है। यह संस्था अपने आप अचानक किसी दिन शुरू नहीं हुई होगी, इसका विकास हुआ होगा। इसके साथ कुछ दूसरी संस्थाओं का विकास भी हुआ होगा। यानी राज्य, व्यक्तिगत सम्पत्ति, समाज और धर्म वगैरह। आदिम अवस्था में बच्चों की देखभाल एक स्तर तक माताएं करती होंगी। फिर जनजातीय या कबाइली समाजों में सामूहिक परिवार रहे होंगे। आज भी कई मातृ-प्रधान समुदाय मिलते हैं, जिनमें बच्चों की पहचान माँ से होती है। बहरहाल व्यक्तिगत सम्पत्ति के कारण विरासत के मामले भी उठे होंगे। विवाह के नियम धर्म ने बनाए और उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी राज्य ने ली। यह सब सभ्यताओं के जन्म लेने के पहले हो गया होगा। 
एफएम गोल्ज के कार्यक्रम बारिश सवालों की में शामिल

Friday, October 19, 2012

कम्बोडिया का राष्ट्रचिह्न है हिन्दू मंदिर



कम्बोडिया का राष्ट्रीय चिह्न क्या है?
कम्बोडिया का राष्ट्रीय चिह्न अंगकोरवाट का प्राचीन हिन्दू मंदिर है। यह मंदिर अपने आकार के कारण दुनिया का सबसे बड़ा धर्मस्थल है। इसका चित्र वहाँ के ध्वज के बीच में लगा है। अंकोरवाट मंदिर का निर्माण सम्राट सूर्यवर्मन द्वितीय (1112-53ई.) के शासनकाल में हुआ था। मीकांग नदी के किनारे सिमरिप शहर में बना यह मंदिर आज भी संसार का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है जो सैकड़ों वर्ग मील में फैला हुआ है।राष्ट्र के लिए सम्मान के प्रतीक इस मंदिर को 1983 से कंबोडिया के राष्ट्रध्वज में स्थान दिया गया है। यह मन्दिर मेरु पर्वत का भी प्रतीक है। इसकी दीवारों पर भारतीय धर्म ग्रंथों के प्रसंगों का चित्रण है। इन प्रसंगों में अप्सराएं बहुत सुंदर चित्रित की गई हैं, असुरों और देवताओं के बीच अमृत मन्थन का दृश्य भी दिखाया गया है। विश्व के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थानों में से एक होने के साथ ही यह मंदिर यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में से एक है। पर्यटक यहाँ केवल वास्तुशास्त्र का अनुपम सौंदर्य देखने ही नहीं आते बल्कि यहाँ का सूर्योदय और सूर्यास्त देखने भी आते हैं। सनातनी लोग इसे पवित्र तीर्थस्थान मानते हैं।


अंगकोरवाट मंदिर की भारत में बनने जा रही प्रतिकृति को प्रतिष्ठित अमेरिकी पत्रिका टाइम ने दुनिया की पांच सबसे आश्चर्यजनक प्रतिकृतियों की सूची में अव्वल माना है। पत्रिका के अनुसार विश्व धरोहर अंगकोरवाट मंदिर की प्रतिकृति बिहार में पवित्र गंगा नदी के किनारे बनाई जा रही है। करीब 40 एकड़ भूमि पर सौ करोड़ रुपए की लागत से भारतीय मंदिर ट्रस्ट इसका निर्माण कराएगा। पत्रिका के अनुसार 222 फीट की यह प्रतिकृति दुनिया में सबसे ऊंचा हिंदू मंदिर हो सकता है। इसका नाम विराट अंगकोरवाट राम मंदिर होगा। इसे भगवान विष्णु की बजाय रामचंद्र को समर्पित किया जाएगा। जिस जगह इसे बनाया जा रहा है वहां के बारे में मान्यता है कि अयोध्या के वनवासी राजा रामचंद्र वहां भी गए थे। इस परियोजना के नियोजक और पूर्व पुलिस अधिकारी किशोर कुणाल के अनुसार जो लोग कंबोडिया जाकर अंगकोरवाट मंदिर नहीं देख पाते, वे यहीं पर असली मंदिर की भव्यता और वैभव के दर्शन कर पाएंगे।



महात्मा बुद्ध ने ध्यान की कौन सी विधि बताई थी?
माना जाता है कि गौतम बुद्ध ने ध्यान की प्राचीन भारतीय पद्धति विपस्सना या विपश्यना के प्रयोग को लोकप्रिय बनाया। विपश्यना आत्मनिरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की अत्यंत पुरातन साधना-विधि है। जो जैसा है, उसे ठीक वैसा ही देखना-समझना विपश्यना है। लगभग २५०० वर्ष पूर्व गौतम बुद्ध ने विलुप्त हुई इस पद्धति का पुन: अनुसंधान कर इसे सार्वजनीन रोग के सार्वजनीन इलाज, जीवन जीने की कला, के रूप में सर्वसुलभ बनाया। विपश्यना आत्म-निरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की साधना है। अपने ही शरीर और चित्तधारा पर पल-पल होनेवाली परिवर्तनशील घटनाओं को तटस्थभाव से निरीक्षण करते हुए चित्तविशोधन का अभ्यास हमें सुखशांति का जीवन जीने में मदद करता है। हम अपने भीतर शांति और सामंजस्य का अनुभव कर सकते हैं। हमारे विचार, विकार, भावनाएं, संवेदनाएं जिन वैज्ञानिक नियमों के अनुसार चलते हैं, वे स्पष्ट होते हैं। अपने प्रत्यक्ष अनुभव से हम जानते हैं कि कैसे विकार बनते हैं, कैसे बंधन बंधते हैं और कैसे इनसे छुटकारा पाया जा सकता है। हम सजग, सचेत, संयमित एवं शांतिपूर्ण बनते हैं।

महिलाओं को मताधिकार देने वाला पहला देश कौन सा है?
सन 1893 में महिलाओं को वोट का अधिकार देने वाला पहला देश न्यूज़ीलैंड बना।

कॉर्बेट नेशनल पार्क का संस्थापना वर्ष कौन सा है?
सन 1936 में इसे हेली नेशनल पार्क के रूप में बनाया गया। स्वतंत्रता के बाद सन 1954-55 में इसका नाम बदल कर रामगंगा नेशनल पार्क किया गया और इसका एक साल बाद ही इसे कॉर्बेट नेशनल पार्क का नाम दिया गया।

यूरोप का समुद्रगुप्त किसे कहा जाता है?
हम जानते हैं कि समुद्रगुप्त कौन थे। वे महान गुप्त साम्राज्य में चंद्रगुप्त प्रथम के उत्तराधिकारी थे। उनका कार्यकाल ईसवी सन 335 से 375 है। बाद समुद्रगुप्त मगध के सिंहासन पर बैठा। चंद्रगुप्त के अनेक पुत्र थे। पर गुण और वीरता में समुद्रगुप्त सबसे बढ-चढ़कर थे। लिच्छवी कुमारी श्रीकुमारदेवी का पुत्र होने के कारण भी उसका विशेष महत्त्व था। चंद्रगुप्त ने उन्हें ही अपना उत्तराधिकारी चुना, और अपने इस निर्णय को राज्यसभा बुलाकर सभी सभ्यों के सम्मुख उद्घोषित किया। पर इस कारण उनके कुछ भाई अप्रसन्न हुए और समुद्र गुप्त को शुरू में अपने भाइयों से संघर्ष करना पड़ा। इनका नेता 'काच' था। प्रतीत होता है, कि उन्हें अपने विद्रोह में सफलता भी मिली। 'काच' नाम के कुछ सोने के सिक्के भी उपलब्ध हुए हैं। इनमें गुप्त काल के अन्य सोने की सिक्कों की अपेक्षा सोने की मात्रा बहुत कम है। इससे अनुमान होता है, कि भाइयों की इस कलह में राज्यकोष के ऊपर बहुत बुरा असर पड़ा था, और इसीलिए काच ने अपने सिक्कों में सोने की मात्रा कम कर दी थी। पर काच देर तक समुद्रगुप्त का मुक़ाबला नहीं कर सके। समुद्रगुप्त अनुपम वीर थे। काच ने एक साल के लगभग तक राज्य किया। काच नामक गुप्त राजा की सत्ता को मानने का आधार केवल वे सिक्के हैं, जिन पर उसका नाम 'सर्वराजोच्छेता' विशेषण के साथ दिया गया है। अनेक विद्वानों का मत है, कि काच समुद्रगुप्त का ही नाम था। ये सिक्के उसी के हैं, और बाद में दिग्विजय करके जब वह 'आसमुद्रक्षितीश' बन गया था, तब उसने काच के स्थान पर समुद्रगुप्त नाम धारण कर लिया था। गृहकलह को शान्त कर समुद्रगुप्त ने अपने साम्राज्य के विस्तार के लिए संघर्ष प्रारम्भ किया। उसका समय भारतीय इतिहास में `दिग्विजय` नामक विजय अभियान के लिए प्रसिद्ध है; समुद्रगुप्त ने मथुरा और पद्मावती के नाग राजाओं को पराजित कर उनके राज्यों को अपने अधिकार में ले लिया। उसने वाकाटक राज्य पर विजय प्राप्त कर उसका दक्षिणी भाग, जिसमें चेदि, महाराष्ट्र राज्य थे, वाकाटक राजा रुद्रसेन के अधिकार में छोड़ दिया था। इस विजय के बाद समुद्र गुप्त का राज्य उत्तर में हिमालय, दक्षिण में विंध्य पर्वत, पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी और पश्चिम में चंबल और यमुना नदियों तक हो गया था। बहरहाल समुद्रगुप्त के पराक्रम और विजय अभियानों के कारण कुछ लोग उनकी तुलना नेपोलियन से करते हैं और इसी आधार पर नेपोलियन को यूरोप का समुद्रगुप्त कहा जा सकता है।

पंचतंत्र के लेखक का नाम क्या था?
संस्कृत नीतिकथाओं में पंचतंत्र का पहला स्थान माना जाता है। इसकी रचना तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के आस- पास निर्धारित की गई है। इस ग्रंथ के रचयिता पं॰ विष्णु शर्मा है। उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर कहा जा सकता है कि जब इस ग्रंथ की रचना पूरी हुई, तब उनकी उम्र ८० वर्ष के करीब थी। पंचतंत्र को पाँच तंत्रों (भागों) में बाँटा गया है:
मित्रभेद (मित्रों में मनमुटाव एवं अलगाव)
मित्रलाभ या मित्रसंप्राप्ति (मित्र प्राप्ति एवं उसके लाभ)
काकोलुकीयम् (कौवे एवं उल्लुओं की कथा)
लब्धप्रणाश (मृत्यु या विनाश के आने पर ; यदि जान पर आ बने तो क्या?)
अपरीक्षित कारक (जिसको परखा नहीं गया हो उसे करने से पहले सावधान रहें ; हड़बड़ी में कदम न उठायें)

दारा सिंह की पहली फिल्म और किरदार का नाम क्या था?
दारा सिंह की पहली फिल्म 1952 में बनी संगदिल थी, जिसमें उनकी भूमिका बेहद मामूली थी। हीरो के रूप में उनकी पहली फिल्म थी 1962 में रिलीज़ हुई किंगकांग जिसमें उन्होंने राजा के खोए हुए बेटे जिंगू की भूमिका की।

शाहरुख खान के पिता का नाम क्या है?
ताज मुहम्मद खान

आज हम मानते हैं कि धरती सूर्य का परिक्रमा करती है, पर पुराने ज़माने में माना जाता था कि सूर्य परिक्रमा करता है। आर्यभट ने सैकड़ों साल पहले कहा था कि पृथ्वी परिक्रमा करती है। उस समय वे किस आधार पर ऐसा कह सके?
सौर केन्द्रीयता के सिद्धांत को गणितीय आधार देने का श्रेय हालांकि सोलहवीं सदी में पोलैंड के अध्येता निकोलस कोपरनिकस को जाता है, पर उनके लगभग एक हजार साल पहले भारतीय गणितशास्त्री और खगोलविज्ञानी आर्यभट्ट ने दावा किया था कि पृथ्वी अपनी ही धुरी पर घुमती है और उनके ग्रह सम्बन्धी गृहचक्र मॉडलों के कुछ तत्व उसी गति से घूमते हैं जिस गति से सूर्य के चारों ओर ग्रह घूमते हैं। उनकी पुस्तक आर्य़भटीय और आर्यसिद्धांत में इस आशय की सूचना है। पर लगता है सूर्य सिद्धांत इससे भी पहले भारत में निर्धारित हो गया था। बहरहाल आर्यभट ने शंकु यंत्र, छाया यंत्र, चक्र यंत्र और धनुर यंत्र आदि का विवरण दिया है दो खगोलीय गणनाओं को काम आते थे। उस समय तक बाहरी विश्व में धारणा थी कि आसमान घूमता है, आर्यभट ने कहा कि पृथ्वी अपनी धुरी पर भी घूमती है और सूर्य के चारों ओर घूमती है तथा नक्षत्रों की स्थितियों का बदलना इस गतिविधि से जुड़ा है।

शिवाजी ने कुल कितने युद्ध लड़े?
छत्रपति शिवाजी महाराज का पूरा नाम 'शिवाजी राजे भोंसले' था। शिवाजी का जन्म 19 फ़रवरी, 1630 ई. को शिवनेरी, महाराष्ट्र राज्य में हुआ। इनके पिता का नाम शाहजी भोंसले और माता का नाम जीजाबाई था। शिवाजी भारत में मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे। सेनानायक के रूप में शिवाजी की महानता निर्विवाद रही है। शिवाजी ने अपनी एक स्थायी सेना बनाई थी और वर्षाकाल के दौरान सैनिकों को वहाँ रहने का स्थान भी उपलब्ध कराया जाता रहा था। शिवाजी की मृत्यु के समय उनकी सेना में 30-40 हज़ार नियमित और स्थायी रूप से नियुक्त घुड़सवार, एक लाख पदाति और 1260 हाथी थे। उनके तोपखानों के संबंध में ठीक-ठीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। किंतु इतना ज्ञात है कि उन्होंने सूरत और अन्य स्थानों पर आक्रमण करते समय तोपखाने का उपयोग किया था। विवरणकारों के अनुसार शिवाजी के पास 250 क़िले थे। जिनकी मरम्मत पर वे बड़ी रक़म खर्च करते थे। प्रत्येक क़िले को तिहरे नियंत्रण में रखा जाता था।
शिवाजी जीवन भर युद्ध लड़ते ही रहे। शुरू में उन्होंने तोरण के दुर्ग पर कब्जा किया, फिर राजगढ़, चावन, कोंढाणा जिसका नाम सिंहगढ़ रखा, सूपा, पुरंदर, कोंकण, ताला, मोजाला, रायटी, जावली...। यह सूची लम्बी है। एक ओर बीजापुर के आदिलशाह और दूसरी ओर मुगलों से उनकी लड़ाइयाँ चलती ही रहीं। आदिलशाह के साथ पुरन्दर, प्रतापगढ़, कोल्हापुर और पन्हाला के युद्ध मशहूर हैं। वहीं मुगलों के साथ उम्बरखिंद, शाइस्ता खान से युद्ध, सूरत की घेराबंदी, सिंहगढ़, वानी-डिडोरी की लड़ाइयाँ मशहूर हैं।

जुगनू क्यों चमकता है?
जुगनू एक प्रकार का उड़ने वाला कीड़ा है, जिसके पेट में रासायनिक क्रिया से रोशनी पैदा होती है। इसे बायोल्युमिनेसेंस कहते हैं। यह कोल्ड लाइट कही जाती है इसमें इंफ्रा रेड और अल्ट्रा वॉयलेट देनों फ्रीक्वेंसी नहीं होतीं।

श्रीलंका को अलग देश के रूप में कब मान्यता मिली?
इतिहासकारों में इस बात की आम धारणा थी कि श्रीलंका के आदिम निवासी और दक्षिण भारत के आदिम मानव एक ही थे। पर अभी ताजा खुदाई से पता चला है कि श्रीलंका के शुरुआती मानव का सम्बंध उत्तर भारत के लोगों से था । भाषिक विश्लेषणों से पता चलता है कि सिंहली भाषा, गुजराती और सिंधी से जुड़ी है। तीसरी सदी ईसा पूर्व मौर्य सम्राट अशोक के पुत्र महेन्द्र के यहां आने पर बौद्ध धर्म का आगमन हुआ । सोलहवीं शताब्दी में यूरोपीय शक्तियों ने श्रीलंका में कदम रखा और श्रीलंका व्यापार का केन्द्र बनता गया । पहले पुर्तगाल ने कोलम्बो के पास अपना दुर्ग बनाया । धीरे धीरे अपना प्रभुत्व आसपास के इलाकों में बना लिया । श्रीलंका के निवासियों में उनके प्रति घृणा घर कर गई । उन्होने डच लोगो से मदद की अपील की । 1630 डचों ने पुर्तगालियों पर हमला बोला और उन्हे मार गिराया । पर उन्होने आम लोगों पर और भी जोरदार कर लगाए । 1660 में एक अंग्रेज का जहाज गलती से इस द्वीप पर आ गया । उसे कैंडी के राजा ने कैद कर लिया । उन्नीस साल तक कारागार में रहने के बाद वह यहां से भाग निकला और उसने अपने अनुभवों पर आधारित एक पुस्तक लिखी जिसके बाद अंग्रेजों का ध्यान भी इसपर गया । उन्होने डच इलाकों पर अधिकार करना आरंभ कर दिया । 1800 इस्वी के आते आते तटीय इलाकों पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया । 1818 तक अंतिम राज्य कैंडी के राजा ने भी आत्मसमर्पण कर दिया और इसतरह सम्पूर्ण श्रीलंका पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया । 1930 के दशक में स्वाधीनता आंदोलन तेज हुआ । द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद 4 फरवरी 1948 को देश को संयुक्त राजशाही से पूर्ण स्वतंत्रता मिली ।
एफएम गोल्ड के कार्यक्रम बारिश सवालों की में शामिल

Friday, October 12, 2012

आईपीएल के रिकॉर्ड्स ट्वेंटी-ट्वेंटी के इंटरनेशनल रिकॉर्ड्स बुक में क्यों नहीं रखे जाते?


आईपीएल के मैचों के रिकॉर्ड्स ट्वेंटी-ट्वेंटी के इंटरनेशनल रिकॉर्ड्स बुक में क्यों नहीं रखे जाते हैं?
आईपीएल को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से मान्यता प्राप्त है, पर इसके मैच टीट्वेंटी के तहत आते आते हैं टी20 इंटरनेशनल के अंतर्गत नहीं। टी20 की विश्व कप प्रतियोगिता उसके तहत आती है। आईसीसी के नियमों के तहत उसके सदस्य देश एक साल में ज्यादा से ज्यादा 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल सकते हैं। छह अपने देश में और छह विदेश में। दो देशों की सीरीज़ में ज्यादा से ज्यादा तीन मैच खेले जा सकते हैं।

अगर हम जमीन में सुराख गहरा करते जाएं.. तो सबसे अंत में यानी उस पार क्या मिलेगा?

आप कभी पृथ्वी में गड्ढा करने की कोशिश करें तो बहुत सफल नहीं होंगे। उपकरणों की मदद से भी दुनिया के वैज्ञानिक 8 किमी की गहराई तक के नमूने ले पाए हैं। दुनिया की सबसे गहरी खानें 3 किमी तक गहरी हैं। अलबत्ता वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार धरती की सतह से उसके केन्द्र तक की दूरी तकरीबन 6400 किमी है। इसमें चार परतें खासतौर से हैं। सबसे ऊपरी परत को क्रस्ट कहते हैं। यह करीब 15 किमी गहरी है। उसके बाद है मैंटल जो करीब ढाई हजार किमी तक है। इसमें भी चट्टानें हैं, पर जैसे-जैसे गहराई पर जाएंगें चट्टाने गर्म होती जाएंगी। इसके बाद है बाहरी कोर जो पिघले लावा की है। लावा मुख्य रूप से लोहा और निकल है। इसके बाद सबसे अंदर की कोर ठोस लोहे और निकल की है। इस जगह पर तापमान नौ हजार डिग्री से ऊपर होता है। यानी कि सूरज की सतह के तापमान के आसपास।

तरबूज ऊपर से इतना हरा होता है.. और अंदर से गहरा लाल क्यों..। 
तरबूज का लाल रंग दर असल लायकोपेन और बीटा कैरोटीन है जो बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है। इसकी बाहरी हरी और मोटी त्वचा अंदरूनी फल की रक्षा करती है, क्योकि पानी की उपस्थिति के कारण इसका अंदर का हिस्सा नाजुक हो जाता है। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। इसका स्वाद भी हर किसी को पसंद आता है और पौष्टिकता के लिहाज से भी यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। तरबूज रक्तचाप को भी संतुलित रखता है और कई बीमारियों से भी बचाता है। इसमें पोटैशियम काफी होता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर हार्टबीट को ठीक रखता है। बीटा कैरोटीन कैंसर और कई घातक बीमारियों से बचाता है।


क्या गर्मियों के सीजन में होने वाले सारे फल सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं..? 
यों तो फल आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। गर्मियों के फल मौसम के हिसाब से ही प्रकृति ने तैयार किए हैं। खरबूजे और तरबूज सिर्फ पानी की कमी को ही पूरा नहीं करते बल्कि शरीर की तमाम ज़रूरतों को पूरा करते हैं। फालसे, शहतूत, लीची, खुबानी, आड़ू और प्लम में तमाम स्वास्थ्यवर्धक चीजें हैं। सबसे ऊपर है आम जो इस मौसम का राजा है। इन सबके अलावा कच्चा नारियल और नारियल पानी भी उपलब्ध है जो अमृत का काम करता है।

क्या ये सच है कि मोबाइल फोन या ऐसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल से फिजिकल और मेन्टल कॉम्पलिकेशन्स होती हैं..।

मोबाइल फोन से रेडिएशन का खतरा है, पर इसके लिए सीमाएं भी निर्धारित हैं। इसे स्पेसिफिक एबसॉर्प्शन रेट या एसएआर लेवल कहते हैं। यह आपके मोबाइल हैंडसेट के अलावा मोबाइल टावरों के लिए भी निर्धारित है। वास्तव में किसी भी प्रकार की टेक्नॉलजी हो उसके जोखिमों का अनुमान लगाने के बाद ही उसके इस्तेमाल की अनुमति दी जाती है। इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले एक्सरे और एमआरआई में भी जोखिम होंगे।

दुनिया के बाकी देशों से कम्पेयर करें तो हमारे देश में इतने कम इन्वेंशन्स क्यों हुए हैं?


बाकी देशों से आपका आशय अमेरिका और यूरोप से ही होगा। इन देशों में औद्योगिक क्रांति के साथ ज्ञान-विज्ञान का दौर भी चला है। जिस देश और समाज ने ज्ञान को स्वीकार किया वहाँ आविष्कार भी हुए। हमारे यहाँ ऐसा नहीं हुआ तो हमारी सामाजिक व्यवस्था के दोषों के कारण।

कभी किसी रिमोट एरिया में फंस जाने पर सही दिशा का पता कैसे चलेगा?

दिन में आप सूरज के निकलने और पश्चिम की ओर जाने से दिशा का पता लगा सकते हैं। रात में आप ध्रुव तारे के आधार पर उत्तर दिशा का ज्ञान कर सकते हैं। इसके अलावा एक तरीका यह है कि जमीन पर एक लकड़ी गाड़कर उसके सबसे आगे वाली नोंक को किसी सितारे की सीध में कर दें। फिर इंतजार करें। थोड़ी देर बाद वह तारा लकड़ी की सीध में नहीं रहेगा। यदि वह लकड़ी के ऊपर चला गया है तो आप पूर्व की ओर मुँह करके खड़े हैं। यदि तारा नीचे चला गया है तो आप पश्चिम की ओर मुँह करके खड़े हैं।

इंसान का बिहैवियर उसके थॉटस से तय होता है या उसकी फीलिंग्स से?

इन दोनों के समन्वय से होता है। व्यक्ति का व्यवहार कई बार अचानक हुई क्रिया की प्रतिक्रिया भी होते हैं। जैसे कोई पत्थर ऊपर से गिरे। पर अलग-अलग व्यक्तियों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग होंगी। कोई अपनी जान बचाने को भागेगा तो कोई दूसरेकी जान बचाने को। इसका मतलब है कि उसके सांस्कृतिक विकास की भी महत्वपूर्ण भूमिका इसमें होगी।

कभी कभी किसी की शक्ल, आवाज या उसका जेस्चर किसी से इतना मिलता जुलता क्यों लगता है? 

आखिरकार शक्लों, आवाजों और भाव-भंगिमाओं के कुछ वर्गीकरण होते हैं। यानी गोल चेहरा, लम्बे, भारी, दुबले वगैरह-वगैरह। ऐसा ही आवाजों के साथ है। इसमें जेनेटिक और भौगोलिक कारण भी शामिल होते हैं।

हमें पानी में तैरने के लिए स्वीमिंग सीखनी पड़ती है.. पर जानवर के बच्चे पैदा होते ही तैरने लगते हैं.. कैसे?

चार पैरों वाले जानवर अपने हाथ और पैर को समान रूप से चलाते हैं। मनुष्य दो पैरों पर खड़ा होने के कारण पानी पर सहज नहीं होता। अलबत्ता इंसान के छोटे बच्चों को पानी में डाल दिया जाए तो वे जल्दी तैर लेते हैं। फिर यह लाखों साल के विकास का परिणाम भी है। जानवर के बच्चों को वैसी परवरिश नहीं मिलती जैसी मनुष्य के बच्चों को मिलती है।

जब हम किसी तस्वीर को देखते हैं तो ऐसा क्यों लगता है कि वो तस्वीर भी हमें ही देख रही है?
तस्वीरें दो आयाम में होती हैं। उनमें आँख जहाँ चित्रित होती हैं उनकी स्थिति बदलती नहीं। हम किसी भी दिशा में जाएं वे हमें दिखाई पड़ती हैं। वास्तविक जीवन में किसी व्यक्ति को हमें देखने के लिए अपनी आँख की दिशा बदलनी पड़ती है, पर तसवीर के मामले में हमारी आँखों की बदलती स्थिति यह काम कर देती है।

अगर पेड़-पौधों में भी जिंदगी होती हैं.. तो क्या वे बाकी जीवों की तरह आपस में बातचीत भी करते हैं? 
समूचा जीव-जगत एक-दूसरे पर निर्भर है। इस जीव जगत का आपसी संवाद हम प्राणियों में देख भी सकते हैं, पर वनस्पतियों का संवाद वैसा नहीं होता, पर वैज्ञानिक शोधों से पता लगा है कि पौधे भी एक-दूसरे को सूचनाएं देते हैं। खासतौर परजीवियों और शत्रुओं के बारे में पौधे एक-दूसरे को चेतावनी देते हैं। स्ट्रबेरी, क्लोवर (तिनपतिया) और सरकंडे एक-दूसरे से संवाद करते हैं। वैज्ञानिक इस नेटवर्किंग का अध्ययन कर रहे हैं।

दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन कौन सा है? 

न्यूयॉर्क शहर का ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन इस आधार पर माना जा सकता है कि इसमें सबसे ज्यादा 44 प्लेटफॉर्म हैं। इनके साथ 67 ट्रैक जुड़े हैं। ये प्लेटफॉर्म दो मंजिलों पर बने हैं।

लखनऊ की भूल-भुलैया क्यों और कैसे बनी ? 
लखनऊ शहर में बड़ा इमामबाड़ा नामक एक ऐतिहासिक इमारत है, इसकी सबसे ऊपर वाली मंजिल पर भूल-भुलैया है। इमामबाड़े का निर्माण नवाब आसफ़उद्दौला ने 1784 में कराया था और इसके संकल्‍पनाकार 'किफायतउल्‍ला' थे। जब इसका निर्माण हो रहा था उस समय अवध में भुखमरी और सूखा पड़ा था। इसका निर्माण नवाब आसफुद्दौला ने इस गरज से करवाया था कि भुखमरी और बदहाली से त्रस्त लोग इसके निर्माण में लगें, जिससे उनकी रोजी-रोटी का बंदोबस्त हो जाए और एक इमारत भी बन जाए।

किसी बच्चे को गोद लेना चाहें तो कहाँ सम्पर्क किया जा सकता है?

बच्चे को गोद लेने के अनेक कारण और स्थितियाँ होती हैं। इसके कानूनी पहलू भी हैं। खास तौर से विदेशी नागरिकों के बाबत नियम काफ जटिल हैं। मोटे तौर पर आप बच्चे को गोद लेना चाहते हैं तो उस चुन कर वकील से सलाह लें।

Who is allowed to adopt a child? an Indian, Non Resident Indian (NRI), or a foreign citizen may adopt a child. There are specific guidelines and documentation for each group of prospective adoptive parents. A single female or a married couple can adopt a child. In India, a single male is usually not eligible to be an adoptive parent. An exception to this rule is the noted dance instructor Sandip Soparrkar, who has recently adopted a young boy. This is a special case rather than the norm. A single man desiring to adopt a child may be eligible if he applies through a registered agency. However, he will still only be able to adopt a male child.

What are the conditions to be fulfilled by an adoptive parent? An adoptive parent should be medically fit and financially able to care for a child. A person wishing to adopt a child must be at least 21 years old. There is no legal upper age limit for parents but most adoptive agencies set their own benchmarks with regard to age. For a child who is less than a year old, the adoptive parents can have a maximum combined age of 90 years. Also, neither parent must be older than 45 years.

What are the laws governing adoption? Indian citizens who are Hindus, Jains, Sikhs, or Buddhists are allowed to formally adopt a child. The adoption is under the Hindu Adoption and Maintenance Act of 1956. Under this act, a single parent or married couple are not permitted to adopt more than one child of the same sex. Foreign citizens, NRIs, and those Indian nationals who are Muslims, Parsis, Christians or Jews are subject to the Guardian and Wards Act of 1890. Under this act, the adoptive parent is only the guardian of the child until she reaches 18 years of age.

होलिस्टिक हीलिंग क्या है? क्या इसके कोई फायदे भी हैं?


होलिस्टिक हीलिंग का आशय है आधुनिक चिकित्सा पद्धति के बजाय वैकल्पिक पद्धति जिसमें शारीरिक पक्ष के अलावा भावनात्मक, आध्यात्मिक और सामाजिक पहलू भी होते हैं। इसमें आस्था की भूमिका भी होती है। हम्योपैथी को भी इसी प्रकार की चिकित्सा व्यवस्था माना जाता है। मेडीटेशन, एक्यूपंक्चर, रेकी वगैरह ऐसी पद्धतियाँ हैं। फायदे के बारे में इतना ही कहा जा सकता है कि यह आस्था से जुड़ा मामला है।

बैले डांसिंग क्या है? दिल्ली में कहाँ सीखी जा सकती है?

बैले डांस पन्द्रहवी सदी में इटैलियन रिनेसां के साथ शुरू हुआ था। यह शास्त्रीय संगीत के साथ जुड़ा नृत्य है। पिछली सदी में रूस में इस कला ने काफी बुलंदियों को छुआ। बहुत से लोगों ने अन्ना पावलोवा का नाम सुना होगा। दिल्ली में फिरोजशाह रोड स्थित रशन सेंटर ऑफ साइंस एंड कल्चर से सम्पर्क करना चाहिए। यों अनेक संस्थाएं हैं। डेल्ही डांस एकेडमी, तानसेन संगीत महाविद्यालय, फ्यूज़न प्लेनेट, इंडिया कोरियोग्राफर्स, बाउंस केडमी

छुट्टियों में दिल्ली के आस-पास कौन सी जगह ज्यादा जा सकते हैं?


दिल्ली के आसपास शिमला, मसूरी और नैनीताल भी हैं और आगरा, मथुरा वृन्दावन भी। प्रकृति को और करीब से देखना चाहें तो नैनीताल जिले के कॉर्बेट नेशनल पार्क जाएं। यों दिल्ली से 48 किमी दूर हरियाणा में सुलतानपुर पक्षी विहार है। थोड़ा दूर जा सकें तो भरतपुर में घना पक्षी विहार है।

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