Tuesday, December 4, 2012

नंदलाल बोस


नंदलाल बोस या नंदलाल बसु (3 दिसम्बर, 1882 16 अप्रैल, 1966) भारत के एक प्रसिद्ध चित्रकार थे। नंदलाल बोस ने संविधान की मूल प्रति का डिजाइन बनाया था। उनके प्रसिद्ध चित्रों में है--'डांडी मार्च', 'संथाली कन्या', 'सती का देह त्याग', इत्यादि है। नंदलाल बोस ने चित्रकारों और कला अध्यापन के अतिरिक्त इन्होंने तीन पुस्तिकाएँ भी लिखीं—रूपावली, शिल्पकला और शिल्प चर्चा। ये अवनीन्द्रनाथ ठाकुर के प्रख्यात शिष्य थे।
नंदलाल बोस का जन्म 3 दिसम्बर 1882 ई. में खड़गपुर, बिहार में हुआ था। शिक्षा प्राप्त करने के लिए उन्हें अनेक विद्यालयों में भर्ती कराया गया, पर वे पढ़ाई में मन न लगने के कारण सदा असफल होते। उनकी रूचि आरंभ से ही चित्रकला की ओर थी। उन्हें यह प्रेरणा अपनी मां क्षेत्रमणि देवी से मिट्टी के खिलौने आदि बनाते देखकर मिली। अंत में नंदलाल को कला विद्यालय में भर्ती कराया गया। इस प्रकार 5 वर्ष तक उन्होंने चित्रकला की विधिवत शिक्षा ली।

Monday, December 3, 2012

केसर क्या पेड़ से मिलता है?

क्या केसर पेड़ से मिलता है?
कुलवंत कौर, गीता कॉलोनी, दिल्ली
हाँ केसर की खेती होती है। आपको यह जानकर खुशी होगी कि भारत की केसर दुनिया में सबसे अच्छी मानी जाती है। भारत में केवल जम्मू-कश्मीर में ही केसर की खेती होती है। कश्मीर के अंवतीपुरा के पंपोर और जम्मू संभाग के किश्तवाड़ इलाके में केसर की खेती की जाती है। केसर बोने के लिए खास जमीन की आवश्यकता होती है। ऐसी जमीन जहां बर्फ पड़ती हो और जमीन में नमी मौजूद रहती हो। जिस जमीन पर केसर बोयी जाती है वहां कोई और खेती नहीं की जा सकती। कारण, केसर का बीज हमेशा जमीन के अंदर ही रहता है। इस बीज को निकाल कर उसमे दवाइयाँ और खाद मिलाकर फिर से बोया जाता है। यह बुआई जुलाई-अगस्त में की जाती है। केसर के फूल अक्टूबर-नवंबर में खिलने लगते हैं। जमीन में जितनी ज्यादा नमी होगी, केसर की पैदावार भी उतनी ही ज्यादा होगी। केसर का फूल नीले रंग का होता है। नीले फूल के भीतर पराग की पांच पंखुड़ियां होती हैं। इनमें तीन केसरिया रंग की और बीच की दो पंखुड़ियां पीले रंग की। केसरिया रंग की पंखुड़िया ही असली केसर कही जाती हैं,
एयरोप्लेन की गति कितनी होती है? 
भरत लाल वर्मा, नोएडा
आपने यह नहीं बताया कि आपका शय किस प्रकार के हवाई जहाज से हैं। आम तौर पर यात्री विमान तीन-चार सौ से लेकर 700 से 900 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलते हैं। कॉंकॉर्ड जैसे सुपरसॉनिक यात्री विमान 3200 किलोमीटर की रफ्तार से भी उड़ान भर सकते थे। ये विमान 1976 से 2003 तक विमान सेवाओं में रहे। सन 2001 में न्यूयॉर्क में हुए आतंकी हमले के बाद दुनिया भर में विमान सेवाओं के कारोबार में गिरावट आ गई और 2003 में इन्हें सेवा से हटाने का फैसला किया गया। पर दुनिया की विमान कम्पनियाँ अगली पीढ़ी के तेज़ गति विमानों पर अब भी काम कर रहीं हैं। कोशिश की जा रही है कि हाइपरसोनिक विमान तैयार किए जाएं जिनकी स्पीड 5000-6000 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो। यात्री विमानों के मुकाबले लड़ाकू विमानों की गति आज भी 2000 से 3000 किलोमीटर प्रति घंटा तक की होती है।
बिहार के पहले मुख्यमंत्री कौन थे? 
गौरी शर्मा, लकड़मंडी, दिल्ली
डॉ श्रीकृष्ण सिन्हा। वे 1946 से 1961 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे।
ज़ू को चिड़ियाघर क्यों कहते हैं? 
टीपी सिंह, वसुंधरा, गाज़ियाबाद
तरह-तरह जीव-जन्तुओं होते हुए भी ज़ू के लिए हिन्दी में चिड़ियाघर नाम लोक प्रयोग के कारण है। हमारे यहाँ  चिड़िया पालने की परम्परा रही है। Zoological garden का शुद्ध अनुवाद प्राणि उद्यान है। पर तरह-तरह के जानवरों में पक्षियों की प्रधानता के कारण इसे चिड़ियाघर बना दिया। चाहते तो जानवर घर भी कह सकते थे। 
क्या मोहम्मद रफी के बच्चे हैं? हाँ तो वे गायक क्यों नहीं बने?
बॉबी राना दिल्ली
रफी साहब के तीन बेटे और तीन बेटियाँ हैं। बेशक उन्हें भी संगीत का शौक होगा, पर उनका गायक बनना या न बनना उनकी इच्छा और हालात से जुड़ा है। इसके बारे में क्या कहा जा सकता है।
एक फोन कम्पनी का फोन ऑन करते समय दो हाथ मिलते दिखाई पड़े हैं। ये हाथ किसके हैं और इनका मतलब क्या है?
हफूज़ हसन ज़फराबाद
कहना मुश्किल है कि वे दो हाथ किसके हैं, पर यह समझ में आता है कि उन्हें दिखाने की प्रेरणा इटली के प्रसिद्ध चित्रकार माइकलएंजेलो की रचना द क्रिएशन ऑफ एडम से ली गई है। माइसलएंजेलो की रचना में एक हाथ ईश्वर का और दूसरा आदम का है। दोनों की उंगलियों के बीच हल्की सी दूरी है, जो ईश्वरीय ऊर्जा के मनुष्य में प्रवाहित होने की प्रतीक है। यह एक रूप में ईश्वर और मनुष्य का सम्पर्क है। टेलीफोन कम्पनी ने सम्पर्क के इस प्रतीक को अपनाया है।
दिल्ली में सबसे ज्यादा गहराई वाला मेट्रो स्टेशन कौन सा है? 
मनोहर लाल गांधी, ग़ाज़ियाबाद
दिल्ली में सबसे ज्यादा गहराई वाला मेट्रो स्टेशन चावड़ी बाज़ार है, जो 30 मीटर यानी तकरीबन 98 फुट की गहराई पर है। इसके आसपास जामा मस्जिद और लाल किला जैसी ऐतिहासिक इमारतें हैं, उन्हें मेट्रो चलने से किसी प्रकार का नुकसान न हो इसलिए इतनी गहराई रखी गई है।
एक फिल्म के ऑस्कर में जाने का मतलब क्या है? 
स्काई, नई दिल्ली
ऑस्कर पुरस्कार अमेरिका की अकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंस की ओर से दिए जाते हैं। इसमें एक पुरस्कार अमेरिका से बाहर बनी और गैर-अंग्रेजी फिल्म की सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए भी है। विदेशी भाषा की यह श्रेणी 1956 के पहले नहीं होती थी। अलबत्ता 1947 से 1955 तक अमेरिका में रिलीज़ हुई एक विदेशी भाषा की फिल्म को मानद पुरस्कार दिया जाता था। वह पुरस्कार प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं था। 1956 से यह प्रतियोगिता का हिस्सा हो गया यानी उसके लिए कुछ फिल्मों का नामांकन होने लगा, जनमें से एक को पुरस्कार दिया जाने लगा। भारत ने 1957 से इस पुरस्कार के लिए फिल्में भेजना शुरू किया। 1957 में भेजी गई पहली फिल्म थी मदर इंडिया जिसे चार अन्य फिल्मों के साथ प्रतियोगिता के फाइनल में रखा गया। केवल एक वोट से मदर इंडिया पिछड़ गई। 1984 से अब तक भारत हर साल फिल्म भेजता है। केवल सन 2003 में विवाद के कारण कोई फिल्म नहीं भेजी गई। अब तक केवल मदर इंडिया, लगान और सलाम बॉम्बे तीन भारतीय फिल्में पुरस्कार के फाइनल चक्र के लिए नामांकित हुईं हैं, पर पुरस्कार किसी को नहीं मिला है। भारतीय फिल्म का चयन फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की एक ज्यूरी करती है। पिछले साल भारत के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की ज्यूरी ने सुझाव दिया कि जिस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय फिल्म का पुरस्कार दिया जाए उसे ही ऑस्कर पुरस्कार के लिए भेजना चाहिए।
धरती से कितने ऊपर अंतरिक्ष शुरू होता है? 
अनिल शर्मा, दिल्ली
हालांकि ऐसी कोई सीमा नहीं है जहाँ से अंतरिक्ष की शुरुआत मानी जाए, पर सामान्यतः समुद्र की सतह से 100 किमी की ऊँचाई के बाद हम अंतरिक्ष की शुरूआत मानने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1967 में पारित वाह्य अंतरिक्ष संधि में भी यही सीमा मानी गई है। इसे कामान रेखा कहा जाता है।
WHO का फुल फॉर्म क्या है- 
प्रदीप वाधवा, गीतेश वाधवा, झज्जर
World health organization
मैकमहोन लाइन क्या होती है?-
कपिल गोसाईं, पानीपत
मैकमहोन रेखा भारत और तिब्बत के बीच सीमा रेखा है। सन् 1914 में भारत की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार और तिब्बत के बीच शिमला समझौते के तहत यह रेखा तय की गई थी। 1914 के बाद कई साल तक इस रेखा को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ, पर 1937 में ओलफ केरो नामक एक अंग्रेज प्रशासनिक अधिकारी ने तत्कालीन अंग्रेज सरकार को इसे आधिकारिक तौर पर लागू करने का अनुरोध किया। 1937 में सर्वे ऑफ इंडिया के एक मानचित्र में मैकमहोन रेखा को आधिकारिक भारतीय सीमारेखा के रूप में पर दिखाया गया था। इस सीमारेखा का नाम सर हैनरी मैकमहोन के नाम पर रखा गया था, जिनकी इस समझौते में महत्त्वपूर्ण भूमिका थी। वे भारत की तत्कालीन अंग्रेज सरकार के विदेश सचिव थे।





Friday, November 2, 2012

नया साल 1 जनवरी, तो फाइनेंशियल इयर 1 अप्रेल क्यों?


पत्थर तो पानी में डूब जाता है, पर अंडे तैरते रहते हैं.. क्यों ?
रमा भारद्वाज, इन्दौर
पहले तैरने का सिद्धात समझ लें। आर्किमीडीज़ का सिद्धांत है कि कोई वस्तु जब पानी में डाली जाती है तब उसके द्वारा हटाए गए जल का भार उस वस्तु के भार के बराबर होता है। और हटाए गए पानी की ताकत उसे वापस ऊपर की ओर उछालती है। इसलिए लोहे का एक टुकड़ा जब पानी में डाला जाता है तब उसके द्वारा हटाए गए पानी की ऊपर को लगने वाली शक्ति को छोटा आकार मिलता है। यदि इसी लोहे के टुकड़े की प्लेट बना दी जाती तो उसका आकार बड़ा हो जाता और वह पानी के नीचे से आनी वाली ताकत का फायदा उठा सकती थी। जहाँ तक अंडे का सवाल है ताजा अंडे पानी में डूब जाते हैं पुराने नहीं डूबते। इसका कारण यह है कि पुराने अंडों के भीतर वायु कण बढ़ जाते हैं। इससे उसका आकार बढ़ जाता है। नमकीन पानी में अंडे तैरते हैं इसका कारण है कि नमक मिलने के कारण पानी का घनत्व बढ़ जाता है और अंडा तैरने लगता है। आपने देखा होगा कि जितना भारी तरल होता है उतना ही वस्तुएं उसमें तैरती हैं।

जब नया साल 1 जनवरी से शुरू माना जाता है तो फाइनैंशियल ईयर 1 अप्रैल से क्यों ?
राहुल शर्मा, जबलपुर
दुनिया के सभी देशों में एक अप्रेल से नया वित्त वर्ष शुरू नहीं होता। चीन, फ्रांस और सिंगापुर में 1 जनवरी को नया वित्त वर्ष भी शुरू होता है। ऑस्ट्रेलिया, इटली, मिस्र और पाकिस्तान वगैरह में 1 जुलाई को। अमेरिका में 1 अक्टूबर को नया वित्त वर्ष होता है। इंग्लैंड में 1 अप्रेल से नया वित्त वर्ष शुरू होता है। हमने अपने यहाँ अंग्रेजों की परम्परा को बनाए रखा। हमारे लिए इसमें एक सुविधा यह थी कि यह नई फसल का समय होता है। बैसाखी का त्योहार आमतौर पर 14 अप्रेल को पड़ता है। नया संवत्सर भी इन्हीं दिनों शुरू होता है।

किसी भी घोटाले के साथ गेट क्यों जोड़ दिया जाता है ?
राकेश मीणा, जयपुर
ऐसा पहले होता नहीं था। पर वॉटरगेट मामले के बाद से ऐसा होने लगा है। वॉशिंगटन डीसी में वॉटरगेट होटल कॉम्प्लेक्स में अमेरिका की डेमोक्रेट नेशनल कमेटी का मुख्यालय था। यहां पर सरकारी मशीनरी का उपयोग करते हुए ऐसे टेप लगा दिए गए थे जिससे सारी बातें सुनी जा सकें। उस वक्त देश के राष्ट्रपति रिपब्लिकन पार्टी के रिचर्ड निक्सन थे। 1972 से 1974 तक चले इस मामले में निक्सन के दुबारा चुनाव लड़ने के लिए जमा की जा रही गैर-कानूनी रकम और दूसरे अवैध कार्यों का खुलासा इस मामले से हुआ। सीनेट और अदालतों के बढ़ते दबाव से रिचर्ड निक्सन को अंततः इस्तीफा देना पड़ा।  



राजस्थान पत्रिका के 2 सितम्बर 2012 के अंक में प्रकाशित

Saturday, October 27, 2012

क्या होती है 4-जी तकनीक

4G क्या है और ये 3G तकनीक से कितना बेहतर है..?
-रामसिंह, इन्दौर
इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस यूनियन के मानकों के अनुसार वाइड एरिया वायरलेस वॉइस टेलीपोन, मोबाइल इंटरनेट एक्सेस, वीडियो कॉल्स और मोबाइल टीवी वगैरह तीसरी पीढ़ी में शामिल किए जाते हैं। इसे इंटरनेशनल मोबाइल टेलीकम्युनिकेशंस-2000 या आईएमटी-2000 भी कहते हैं। चौथी पीढ़ी यानी 4जी में सुविधाएं और बढ़ जाएंगी यानी मोबाइल अल्ट्रा ब्रॉडबैंड की स्पीड बढ़ेगी, हाई डेफिनीशन और थ्री डी टीवी, गेमिंग डिवाइस बेहतर हो जाएंगी। मोबाइल वायमैक्स 100 मेगाबिट्स प्रति सेकंड और फिक्स्ड लाइन में एक गीगाबाइट प्रति संकंड डेटाट्रांसफर हो सकेगा। इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस यूनियन ने 4जी के जो मानक तैयार किए हैं उन्हें आईएमटी एडवांस्ड (International Mobile Telecommunications Advanced ) कहते हैं।

फूलों में अलग अलग खुशबू और रंग कहां से आते हैं..? -अभय दुबे, जबलपुर

रासायनिक यौगिकों का एक गुण गंध भी है। फूलों में ही नहीं आप जीवन के प्रायः तमाम तत्वों में गंध पाते हैं। आपको भोजन, शराब, फलों, मसालों, सब्जियों वगैरह में गंध मिलती है। फूल देखने में ही सुन्दर नहीं होते उनमें खुशबू भी होती है। हालांकि सभी फूलों में खुशबू नहीं होती। कुछ फूल गंधहीन होते हैं और कुछ दुर्गंध भी देते हैं। गुलाब की खुशबू जेरनायल एसीटेट नामक रासायनिक यौगिक के कारण होती है। चमेली की खुशबू नेरोलायडॉल के कारण होती है।पुराने ज़माने में फूलों से ही इत्र बनता था। फूलों की मुख्य भूमिका प्रजनन में है। एक फूल से परागकण दूसरे में जाते हैं। इसमे हवा के अलावा मधुमक्खियों, तितलियों तथा इसी प्रकार के दूसरे प्राणियों की होती है। उन्हें आकर्षित करने में भी इनके रंग और सुगंध की भूमिका होती है।

आसमानी बिजली क्यों चमकती है.. क्या ये जितनी बार चमकती है.. उतनी बार गिरती है.. इसकी रफ्तार कितनी होती है..? -अंकिता गोयल, जयपुर

हवा, आर्द्रता, रगड़ और वायुमंडल के दवाब से बादलों के भीतर पॉज़ीटिव और निगेटिव चार्ज अलग हो जाते हैं। इससे इलेक्ट्रिकडिस्चार्ज होता है, जिसमें तेज चमक और गर्जन पैदा होता है। यह दो लाख 20 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है। दुनिया में हर रोज करीब एक करोड़ 60 लाख बार बिजली गिरती है।

भारत का संविधान कब पारित हुआ और कब से प्रभावी हुआ?
-विनोद शर्मा, सीकर 

हालांकि संविधान सभा ने 26 नवम्बर 1949 को संविधान के प्रूप को अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया था, पर यह तय किया गया कि इसे 26 जनवरी से लागू किया जाए क्योंकि 26 जनवरी 1930 के लाहौर कांग्रेस-अधिवेशन में पार्टी ने पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पास किया था और अध्यक्ष पं जवाहर लाल नेहरू ने अपने भाषण में इसकी माँग की थी। संविधान के नागरिकता, चुनाव और संसद जैसी व्यवस्थाएं तत्काल लागू हो गईं थीं। राष्ट्रीय संविधान सभा ने ध्वज 22 जुलाई 1947 को ही स्वीकार कर लिया था। और वह 15 अगस्त 1947 से औपचारिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज बन चुका था।

राजस्थान पत्रिका के 19 अगस्त 2012 के अंक में प्रकाशित नॉलेज कॉर्नर में 

Friday, October 26, 2012

मक्का शहर में अब्राज अल बेयत टावर्स दुनिया की सबसे बड़ी इमारत है


दुनिया की सबसे बड़ी इमारत कौन सी है?-लता शर्मा, लक्ष्मीनगर, दिल्ली 
सऊदी अरब के मक्का शहर में अब्राज अल बेयत टावर्स दुनिया की सबसे बड़ी इमारत है जिसमें तकरीबन 15 लाख वर्गमीटर एरिया है। यह इमारत ऊँचाई के लिहाज से दुनिया की दूसरी सबसे ऊँची इमारत है। 601 मीटर या 1972 फुट है। दुनिया की सबसे ऊँची इमारत है दुबई की बुर्ज खलीफा जो 828 मीटर ऊँची है।


कम्प्यूटर की ईज़ाद किसने की और कब?-सीमा सिन्हा, फरीदाबाद
कम्पयूटर वस्तुतः ऐसी मशीन है, जिसे प्रोग्राम किया जा सके और जो दी गई गणितीय तथा तार्किक क्रियाओं को क्रम से अपने आप करने में समर्थ हो। मशीन से हिसाब किताब कई सदियों पहले से होता रहा है, पर हम आज बिजली से चलने वाले जिस कम्प्यूटर से परिचित हैं, वह बीसवीं सदी की देन है। तब से अब तक यह साइज़ में छोटा काम में काफी तेज़ होता चला गया है। पहले इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कम्प्यूटर ब्रिटेन और अमेरिका में 1940 और 1945 के बीच विकसित किए। वे एक बड़े कमरे के आकार के थे,जो की कई सौ आधुनिक पर्सनल कम्प्यूटरों के बराबर बिजली खाते थे और काम आज के मामूली कम्प्यूटर से भी कम करते थे। संगणक (पीसी) के बराबर शक्ति की खपत करते थे। आपका सवाल है इसे किसने और कब ईज़ाद किया। इसका जवाब देने के पहले यह समझना ज़रूरी है कि आपका आशय किस कम्प्यूटर से है। अलबत्ता सन 1837 में गणित के एक ब्रिटिश प्रोफेसर चार्ल्स बैबेज ने एक एनैलिटिकल एंजिन का आइडिया दिया, जो स्टीम एंजिन से चलता और जो पंचकार्ड का इस्तेमाल करके मिकैनिकल करघों का काम प्रोग्राम्ड करता। पैसे की कमी से और कुछ दूसरे कारणों से यह मशीन नहीं बनी, जबकि सिद्धांततः वह बन सकती थी। सन 1939 में अमेरिका की आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी में जॉन वी एटेनासॉफ और क्लिफर्ड बैरी ने मिलकर एटेनासॉफ-बैरी कम्प्यूटर (एबीसी), जिसे पहला इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कम्प्यूटर कह सकते हैं। फिर भी सन 1943 में अमेरिका में बने इलेक्ट्रॉनिक न्यूमैरिकल इंटीग्रेटर एंड कम्प्यूटर यानी एनियैक को पहला इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कम्प्यूटर कह सकते हैं। तबसे विकास होता जा रहा है।

हमारे दादा कहते थे कि मुम्बई शहर दहेज में आया था। क्या यह सच है?-अभिषेक वासवानी, रजिन्दर नगर
मुम्बई या बॉम्बे का माहिम वाला इलाका तकरीबन एक हजार साल पहले बस गया था। 1348 में मुस्लिम सेनाओं ने इस द्वीप को जीत लिया और यह गुजरात राज्य का हिस्सा बन गया। इसके बाद पुर्तगालियों ने सन 1507 में इस इलाके को जीतने की कोशिश की, पर वह सफल नहीं हुई। लेकिन 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुरशाह ने यह द्वीप पुर्तग़ालियों को एक समझौते के तहत सौंप दिया। 1661 में इंग्लैंड के किंग चार्ल्स द्वितीय व पुर्तग़ाल के राजा की बहन कैथरीन आफ़ ब्रैगेंज़ा के विवाह के बाद यह एक तरह से पुर्तगालियों ने यह तोहफे के तौर पर अंग्रेजों को सौंप दिया। राजा ने इसे 1668 में ईस्ट इंडिया कम्पनी को सौंप दिया।



वो दो दिन कौन से होते हैं, जब दिन और रात बराबर होते हैं? –तबस्सुम हाशमी, जामियानगर
विषुव अंग्रेज़ी में इसे इक्विनॉक्स कहते हैं। यानी ऐसा समय-बिंदु, जिसमें दिन और रात बराबर। किसी इलाके में दिन और रात की लंबाई पर असर डालने वाली कई बातें होतीं हैं। धरती अपनी धुरी पर २३½° झुककर सूर्य के चक्कर लगाती है, इस प्रकार वर्ष में एक बार पृथ्वी इस स्थिति में होती है, जब वह सूर्य की ओर झुकी रहती है, व एक बार सूर्य से दूसरी ओर झुकी रहती है। इसी प्रकार वर्ष में दो बार ऐसी स्थिति भी आती है, जब पृथ्वी का झुकाव न सूर्य की ओर ही होता है, और न ही सूर्य से दूसरी ओर, बल्कि बीच में होता है। इसे इक्विनॉक्स कहा जाता है। इन दोनों तिथियों पर दिन और रात की बराबर लंबाई लगभग बराबर होती है। ऐसा भूमध्य रेखा पर होगा। आजकल ऐसा 20/21 मार्च और 22/23 सितम्बर को होता है। पर यह भी अलग-अलग अक्षांश यानी लैटीट्यूड पर अलग-अलग दिन होता है।

रेनबो डाइट क्या होती है?-इन्दु सैनी, मेहरौली
रेनबो डाइट का शाब्दिक अर्थ है इन्द्रधनुषी डाइट। यानी इन्द्रधनुष को रंगों का भोजन। व्यावहारिक मतलब है तरह-तरह के रंगों के फलों और सब्जियों का भोजन जो स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन होता है। फलों और सब्जियों के तमाम रंग होते हैं और हर रंग का अपना गुण होता है।

मैकमहोन लाइन क्या होती है?-कपिल गोसाईं, पानीपत 
मैकमहोन रेखा भारत और तिब्बत के बीच सीमा रेखा है। सन् 1914 में भारत की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार और तिब्बत के बीच शिमला समझौते के तहत यह रेखा तय की गई थी। 1914 के बाद कई साल तक इस रेखा को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ, पर 1937 में ओलफ केरो नामक एक अंग्रेज प्रशासनिक अधिकारी ने तत्कालीन अंग्रेज सरकार को इसे आधिकारिक तौर पर लागू करने का अनुरोध किया। 1937 में सर्वे ऑफ इंडिया के एक मानचित्र में मैकमहोन रेखा को आधिकारिक भारतीय सीमारेखा के रूप में पर दिखाया गया था। इस सीमारेखा का नाम सर हैनरी मैकमहोन के नाम पर रखा गया था, जिनकी इस समझौते में महत्त्वपूर्ण भूमिका थी। वे भारत की तत्कालीन अंग्रेज सरकार के विदेश सचिव थे।

महाभारत में अक्षय पात्र क्या था?-परिक्षित मेहता, गुड़गाँव
महाभारत मे अक्षय पात्र का जिक्र आता है| पांचों पांडव द्रौपदी के साथ बारह वर्षों के लिए वनवास जाते हैं। जंगल में प्रवास करते हुए सैकडों साधु-संत और धर्मात्मा पुरूष उनके साथ हो जाते हैं। वे छ: प्राणी अकेले भोजन कैसे करें, और उन सैकडों हजारों के लिए भोजन कहां से आए? पुरोहित धौम्य उन्हें सूर्य की आराधना करने के लिए सूरज के 108 नाम देकर कहते हैं- युधिष्ठिर इन नामों का जाप करते हैं। युधिष्ठिर बडी आस्था से जाप करते हैं। सूर्य प्रसन्न होकर पूजा अर्चना के पीछे युधिष्ठिर की इच्छा जानना चाहते हैं। युधिष्ठिर हजारों लोगों को भोजन कराने की अपनी असमर्थता व्यक्त करते हैं। वे सूर्य देवता से अन्न की अपेक्षा रखते हैं। उन्हें खिलाने के साधन मांगते हैं। सूर्यदेव एक ताम्बे का पात्र देकर उन्हें कहते हैं- "युधिष्ठिर! तुम्हारी कामना पूर्ण हो। मैं बारह वर्ष तक तुम्हें अन्नदान करूंगा। यह ताम्बे का बर्तन मैं तुम्हें देता हूं। तुम्हारे पास फल, फूल, शाक आदि चार प्रकार की भोजन सामग्रियां तब तक अक्षय रहेंगीं, जब तक द्रौपदी परोसती रहेगी।" ताम्बे का वह अक्षय पात्र लेकर युधिष्ठिर धन्य हुए। कथा के अनुसार द्रौपदी हजारों लोगों को परोस कर ही भोजन ग्रहण करती थी, जब तक वह भोजन ग्रहण नहीं करती, पात्र से भोजन समाप्त नहीं होता था।

नोबेल प्राइंज़ की शुरूआत किसने की और यह किन श्रेणियों में दिया जाता है?-अख्तर, निजामुद्दीन वेस्ट 
नोबेल पुरस्कार की स्थापना स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड बर्नाड (बर्नहार्ड) नोबेल की याद में 1901 में की गई थी। उनका जन्म 1833 ई. में स्वीडन के शहर स्टॉकहोम में हुआ था। उन्होंने 1866 में डाइनामाइट की खोज की। स्वीडिश लोगों को 1896 में उनकी मृत्यु के बाद ही पुरस्कारों के बारे में पता चला, जब उन्होंने उनकी वसीयत पढ़ी, जिसमें उन्होंने अपने धन से मिलने वाली सारी वार्षिक आय पुरस्कारों की मदद करने में दान कर दी थी। अपनी वसीयत में उन्होंने आदेश दिया था कि "सबसे योग्य व्यक्ति चाहे वह स्केडीनेवियन हो या ना हो पुरस्कार प्राप्त करेगा।" उनके द्वारा छोड़े गए धन पर मिलने वाला ब्याज उन व्यक्तियों के बीच वार्षिक रूप से बाँटा जाता है। शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान करने वालों को हर साल यह पुरस्कार दिया जाता है। पहले नोबेल पुरस्कार पाँच विषयों में कार्य करने के लिए दिए जाते थे। अर्थशास्त्र के लिए पुरस्कार स्वेरिजेश रिक्स बैंक, स्वीडिश बैंक द्वारा अपनी 300वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में 1967 में आरम्भ किया गया और इसे 1969 में पहली बार प्रदान किया गया। इसे अर्थशास्त्र में नोबेल स्मृति पुरस्कार भी कहा जाता है।

दुनिया में सात अजूबे हैं कि आठ? नाम बताएं।–अमित भाटिया, मेरठ, यूपी 
1.गीज़ा का विशाल पिरामिड (मिस्र), 2.बेबीलोन के झूलते बागीचे (इराक), 3.सिकन्दरिया का प्रकाश स्तम्भ (मिस्र), 4.ओलम्पिया में जियस की मूर्ति (यूनान), 5 हैलिकारनेसस का मकबरा (तुर्की), 6.आर्तिमिस का मंदिर (तुर्की), 7. रोड्‌स के कोलोसस की मूर्ति (यूनान)।

दुनिया में सबसे पहली किताब किसने लिखी?-फिरदौस कामिल, नजीबाबाद 
फिरदौस साहब यह कहना मुश्किल है कि दुनिया की पहली किताब किसने लिकी, क्योंकि हमारे पास जानकारी का जो ज़रिया है वह ऐतिहासिक जानकारी है। अलबत्ता बुल्गारिया के नेशनल म्यूज़ियम ऑफ हिस्ट्री में सोने के पन्नों पर लिखी एक किताब रखी है जो तकरीबन ढाई हजार साल पुरानी है। पर किताबें इसके काफी पहले लिखी गईं होंगी। पेड़ की छालों, पत्तों, मिट्टी की पट्टियों और पत्थरों पर भी। भारत में किताबें याद की गईं। जैसे ऋग्वेद और महाभारत जैसी किताबों सैकड़ों साल तक मुँह-ज़बानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को हस्तांतरित होती रहीं। इंसान ने लिखना सभ्यताओं के पहले शुरू कर दिया था।

पूरे विश्व में कितने देश हैं?- मुहम्मद असलम, बलजीत नगर नई दिल्ली 
दुनिया के पूर्ण सम्प्रभुता सम्पन्न देशों की संख्या 194 है। इनमें से 192 संयुक्त राष्ट्र-सदस्य हैं। वैटिकन सिटी को सम्प्रभुता सम्पन्न राज्य की मान्य परिभाषाओं में रखा जा सकता है, पर वह संयुक्त राष्ट्र का सदस्य नहीं केवल स्थायी पर्यवेक्षक है। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के अलावा कुछ राजव्यवस्थाएं और हैं, जिन्हें पूर्ण देश नहीं कहा जा सकता । उनके नाम हैं अबखाजिया, कोसोवो, नागोर्नो–कारबाख, उत्तरी सायप्रस, फलस्तीन, सहरावी गणराज्य, सोमालीलैंड, दक्षिण ओसेतिया, ताइवान, और ट्रांसनिस्ट्रिया। इनकी संख्या 12 है। ये देश किसी न किसी वजह से राष्ट्रसंघ के पूर्ण सदस्य नहीं हैं। हाल में अफ्रीका में एक नए देश का जन्म हुआ है, जिसका नाम है दक्षिणी सूडान। लम्बे अर्से से गृहयुद्ध के शिकार सूडान में पिछले साल जनवरी में एक जनमत संग्रह हुआ, जिसमें जनता ने नया देश बनाने का निश्चय किया है। यह फैसला देश के सभी पक्षों ने मिलकर किया है। नए देश ने 9 जुलाई 2011 को औपचारिक ऱूप से जन्म लिया। यह भी संयुक्त राष्ट्र सदस्य है।
एफएमगोल्ड के कार्यक्रम बारिश सवालों की में शामिल



Wednesday, October 24, 2012

पुलिस का नम्बर 100 क्यों है?


कभी किसी रिमोट एरिया में फंस जाने पर सही दिशा का पता कैसे चलेगा..अमित वर्मा, इन्दौर
दिन में आप सूरज के निकलने और पश्चिम की ओर जाने से दिशा का पता लगा सकते हैं। रात में आप ध्रुव तारे के आधार पर उत्तर दिशा का ज्ञान कर सकते हैं। इसके अलावा एक तरीका यह है कि जमीन पर एक लकड़ी गाड़कर उसके सबसे आगे वाली नोंक को किसी सितारे की सीध में कर दें। फिर इंतजार करें। थोड़ी देर बाद वह तारा लकड़ी की सीध में नहीं रहेगा। यदि वह लकड़ी के ऊपर चला गया है तो आप पूर्व की ओर मुँह करके खड़े हैं। यदि तारा नीचे चला गया है तो आप पश्चिम की ओर मुँह करके खड़े हैं।
पुलिस का नम्बर 100 क्यों है? क्या हर देश में पुलिस का यही नम्बर होता है?-रोहन श्रीवास्तव, भोपाल
इसे आपतकालीन सहायता नम्बर कहते हैं। आमतौर पर यह ऐसा नम्बर होता है जो आसानी से याद रहे। भारत में पुलिस कंट्रोल रूम का नम्बर 100 होता है। यूरोप के तमाम देशों में यह 112 है। इंग्लैंड में 999 और अमेरिका तथा कनाडा में 911। पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी 999 है। जापान, चीन और इंडोनेशिया में 110, पाकिस्तान में 15, श्रीलंका में 118 और 119। 

यूटोपिया किसे कहते हैं?
अंकिता खंडेलवाल, जयपुर
यूटोपिया का शाब्दिक अर्थ है कल्पनालोक या ऐसा संसार जो कल्पना में सम्भव है। इसका अर्थ आदर्श समाज, देश या ऐसी काल्पनिक व्यवस्था है जो हर लिहाज से अच्छी है। यह ग्रीक शब्द यू यानी नहीं और टोपिया यानी स्थान से बना है। यानी ऐसी जगह जो है नहीं। अंग्रेजी में इसे यू से लिखते हैं, पर इसे ईयू से शुरू करें तो इयूटोपिया का मतलब होगा अच्छी जगह। बहरहाल दुनिया के उन दार्शनिकों ने ऐसे संसार की कल्पना की है जहाँ शेर और बकरी एक घाट पर पानी पीते हैं तो उसे यूटोपिया कहा जाता है। 
बंद कमरे में रेफ्रिजरेट का दरवाजा कुछ समय के लिए खुला छोड़ देने पर कमरा थोड़ा गर्म हो जाता है। ऐसा क्यों?
-दिव्यांशु, जबलपुर
दरअसल रेफ्रिजरेटर बाहर से हवा अंदर ले जाता है। ऐसा करते हुए वह हवा से गर्मी को सोख लेता है। इस गर्मी को भी कहीं न कहीं जाना होता है। आपने देखा होगा कि रेफ्रिजरेटर का पिछला हिस्सा गर्म होता है। जब आप रेफ्रिजरेटर का दरवाजा खुला छोड़ देंगे तो उसकाकम्पेशर ज्यादा चलेगा जिससे और ज्यादा गर्मी पैदा होगी। 
राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में 5 अगस्त. 2012 को प्रकाशित

अब तक का सबसे लम्बा इनसान


दुनिया में अब तक कोई आदमी कितना लम्बा हुआ है। यदि वह जीवित है तो
उसके बारे में बताएं।
विजय नारंग या नन्हे पहलवान, बाज़ार सीताराम, दिल्ली
हालांकि पुराने ज़माने के रिकॉर्ड तो पास में नहीं हैं, पर गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अनुसार अब तक का सबसे लम्बे पुरुष अमेरिका के रॉबर्ट बैडलो थे, जिनकी लम्बाई 8 फुट 11 इंच थी। इनका जन्म 1918 में हुआ था और केवल 22 साल की म्रे 1940 में इनका निधन हो गया था।


बॉलीवुड शब्द कब अस्तित्व में आया? इसे किसने शुरू किया?
सत प्रकाश संथोलिया, रोहिणी, दिल्ली
बॉलीवुड में बॉ अक्षर बॉम्बे से लिया गया है, जो एक ज़माने में मुम्बई का नाम होता था। और हॉलीवुड से हॉ हटाकर बॉलीवुड बना लिया गया। यह शब्द सत्तर के दशक से इस्तेमाल हो रहा है, पर इसे लोकप्रियता नब्बे के दशक में मिली जब हमारे देश ने बाहर देखना शुरू किया। तब तक हम हिन्दी सिनेमा का प्रयोग ही करते थे। पिछले साल सलमान खान ने ट्वीट किया था कि मुझे बॉलीवुड शब्द पसंद नहीं। अमिताभ बच्चन भी इसके कायल नहीं। पर यह चल रहा है। यह भी सच है कि कोलकाता के बांग्ला सिनेमा को 1932 के आसपास टॉलीवुड कहना शुरू कर दिया गया था। उसकी वजह थी टॉलीगंज जहाँ ज्यादातर स्टूडियो थे।

हुज़ूर रफी साहब ने किस फिल्म में एक्टिंग की? नाम बताएं।
स्काई, नई दिल्ली
मोहम्मद रफी साहब ने दो फिल्मों में एक्टिंग भी की। पहली फिल्म थी 1945 में बनी लैला मजनू जिसके गीत तेरा जलवा जिसने देखा में उन्होंने अभिनय किया। इसके बाद सन 1947 में बनी फिल्म जुगनू में भी उन्होंने एक्टिंग की।

पहले ग्रामोफोन रिकॉर्ड चकली की तरह घूमते थे। उनमें से आवाज़ कैसे निकलती थी, ज़रा बताएं।
सईद अब्बासी, बुलंदशहर, उप्र
ग्रामोफोन आवाज़ पैदा करने वाला यंत्र हैजो सूई के दोलन या ऑसीलेशन को हवा में संचारित कर ध्वनि उत्पन्न करता है। सूई एक घूमते हुए रिकार्ड में बने घुमावदार खाँचे के संपर्क में होती है। यूनानी भाषा में "ग्रामो" का अर्थ है अक्षर और "फोन" का अर्थ है ध्वनि। इस तकनीक में आवाज़ को रिकॉर्ड करने और फिर उसे सुनने के लिए चकली का इस्तेमाल होता है। सबसे पहले लियन स्काट नाम के फ्रांसीसी सज्जन ने सन् 1857 में एक ऐसे यंत्रफोनाटोग्राफका आविष्कार किया जिसके द्वारा आवाज़ की तरंगों को कागज़ पर रेखाओं के रूप में दर्ज किया जा सकता था। पर आवाज़ को रिकॉर्ड करके दुबारा सुनानो लायक यंत्र बनाया टॉमस अल्वा एडिसन ने सन् 1876 में। एडिसन ने अपने यंत्र को फोनोग्राफ नाम दिया। धीरे-धीरे मोम के बेलन पर आवाज़ को दर्ज किया जाने लगा। ताँबे, निकल और दूसरे धातुओं से रिकॉर्ड बनाए गए। उनमें भी कुछ कमियाँ थीं। इन कमियों में से कुछ को दूरकर एमाइल बर्लिनर ने सन् 1887 में एक यंत्र बनायाजिसे ग्रामोफोन नाम दिया।

आईएमई का फुलफॉर्म क्या है?
कमलेश स्वामी, नन्दग्राम, उत्तर प्रदेश
आपका आशय मोबाइल टेलीफोन के आईएमई से है जिसका फुल फॉर्म है International Magnetospheric Explorer.

सभी महानुभावों को शुभ नमन। कृपया बताएं कि ये हॉर्स पावर की पावर को किसी और जानवर, पक्षी या जीव की तुलना क्यों नहीं की जाती?
कुलदीप मल्होत्रा, ओम विहार, दिल्ली
हॉर्स पावर शक्ति की एक माप है। बिजली के मामले में आमतौर पर 746 वॉट को एक हॉर्स पावर मानते हैं। अठारहवीं सदी में स्कॉटिश इंजीनियर जेम्स वॉट ने स्टीम इंजन की तुलना माल ढोने वाले घोड़े या ड्राफ्ट हॉर्स से की तो यह चलन शुरू हुआ। इसके बाद टर्बाइन और इलेक्ट्रिक मोटर के इंजनों से इसकी तुलना शुरू हो गई। आप समझ गए होंगे कि घोड़े का इस्तेमाल उसकी भार वहन क्षमता के कारण था।
  
प्रियंका चोपड़ा की पहली फिल्म और आने वाली फिल्म का नाम बता दीजिए। 
मनोहर लाल गांधी, चाणक्य चौक, गाज़ियाबाद
प्रियंका चोपड़ा की पहली फिल्म तमिल में थी। सन 2002 में बनी इस फिल्म का नाम था तमिषन। उनकी फहली हिन्दी फिल्म थी 2003 में बनी हीरो। आने वाली फिल्मों में तो एक है दीवाना मैं दीवाना। इसके बाद अगले साल कृष3, ज़ंजीर और मिलन टॉकीज़ आएंगी।


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