Wednesday, February 29, 2012

मैग्नेटिक ट्रेन क्या होती है?

मैग्नेटिक ट्रेन के बारे में बताएं। 

दिनेश सरशिहा, रायपुर 





मैग्नेटिक ट्रेन से आशय परिवहन की मैग्नेटिक लेवीटेशन व्यवस्था से है। इसमें गाड़ी पहिए, एक्सिल या बियरिंग के बजाय चुम्बकीय शक्ति से चलती है। इसके लिए कोई रास्ता या पटरी बनाई जाती है जिसके कुछ इंच ऊपर चुम्बकीय शक्ति से गाड़ी हवा में रहती है। चुम्बकीय शक्ति से ही यह आगे या पीछे चलती है। चूंकि किसी चीज़ की किसी दूसरी चीज़ से रगड़ नहीं होती इसलिए इसे चलने और रुकने में झटके वगैरह भी नहीं लगते। परिवहन की कुछ तकनीकों में मैग्नेटिक लेवीटेशन के तत्वों को दूसरी तकनीक से जोड़कर मिश्रित तकनीक भी तैयार की गई है। मोनोरेल इसका उदाहरण है। दुनिया के तमाम देशों में मैग्लेव चलती हैं। एशिया में जापान और चीन में ऐसी गाड़ियाँ हैं। भारत में रेल मंत्रालय मुम्बई और पुणे के बीच या किसी अन्य मार्ग पर ऐसी गाड़ी चलाने पर विचार कर रहा है। 
वैबसाइट क्या होती है? यह कैसे बनाई जाती है? 
अशोक साहू sahu.ashok452@gmail.com>

वैबसाइट दस्तावेजों का संग्रह है, जिसमें अक्षरों, शब्दों के अलावा चित्रों, वीडियो, ऑडियो, संगीत वगैरह को रखा और देखा जा सकता है। कम्प्यूटर और इंटरनेट का सहारे चलने वाली इस व्यवस्था में उपरोक्त सामग्री किसी वैबसर्वर पर रखी जाती है। इसका एक इंटरनेट पता होता है जिसेयूनीफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल) कहा जाता है। दुनियाभर में कहीं से भी इन वैबसाइटों पर पहुँचा जा सकता है। इन वैबसाइटों को सामूहिक रूप से वर्ल्डवाइड वैब(डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू) कहते हैं।

वैबसाइट बनाने के लिए आपको सबसे पहले अपने डोमेन का नाम रखना होगा और उसे रजिस्टर कराना होगा। इसका एक शुल्क है। इस काम में मदद के लिए कई संस्थाएं हैं। भारत में पंजीकरण के लिए आप http://www.domainindia.org/ से भी पता कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद वैब होस्ट की जरूरत होगी और उसके बाद पेज डिजाइन की। मेरा सुझाव है आपके शहर में इस काम को करने वाले लोग होंगे। नहीं हैं तब भी मैने जो यूआरएल लिखा है वहाँ से जानकारी मिल जाएगी।

वीपीपी से किताबें कैसे मंगाई जाती हैं?
शुभ्रा यादव, जोधपुर 


इसे वैल्यू पेएबल पोस्ट सिस्टम कहते हैं। किताबें भेजने वाला प्रकाशक या विक्रेता निर्धारित मूल्य दर्ज करके पैकेट ग्राहक के पास भेजता है। डाकिया ग्राहक से वह राशि लेकर डाक विभाग के माध्यम से सम्बद्ध प्रकाशक या विक्रेता तक पहुँचा दाता है। इसकी फीस डाक विभाग लेता है।



राजस्थान पत्रिका के कॉलम नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Friday, February 17, 2012

संसद के शून्यकाल का मतलब क्या है?


संसद में चलने वाले शून्य काल का मतलब क्या है? विस्तार से बताएं.
निशा हरिसिंगनी, बूंदी 

संसद में शून्यकाल एक अपरिभाषित भारतीय व्यवस्था है। यह साठ के दशक से शुरू हुआ और अब हमारी संसदीय व्यवस्था का अभिन्न अंग बन गया है। आमतौर पर यह प्रश्न प्रहर के बाद शुरू होता है और लंच तक चलता है। इसमें कोई भी सा मामला उठाया जा सकता है जिसकी औपचारिक सूचना पहले से न हो। इसका शून्य प्रहर नाम भी मीडिया में इसके प्रयोग से हो गया। इसका समय निर्धारित नहीं है। कई बार यह होता भी नहीं और कई बार दो-तीन घंटे तक चलता है। 
किसी गाडी की नम्बर प्लेट पर लिखे अंग्रेजी अक्षरों का क्या मतलब होता है? नई गाडी की प्लेट पर लिखे "ए एफ " का मतलब बताएं। भूलाराम कडवासरा , जोधपुर 
लाइसेंस प्लेट जिसे आमतौर पर नम्बर प्लेट कहा जाता है एक नियम से बनती है। इसमें पहले दो अक्षर राज्य के नाम के संक्षेप रूप में होते हैं। इसके बाद का नम्बर जिले का नम्बर होता है। इसके आगे गाड़ी के वर्ग का संक्षिप्त रूप होता है। सी माने कार. एस माने टू ह्वीलर, पी माने पब्लिक पैसेंजर ह्वीकल, टूरिस्ट लाइसेंस ह्वीकल के लिए टी, थ्री ह्वीलर रिक्शा के लिए आर, पिकअप ट्रक और वैन के लिए वी तथा किराए कि गाड़ी के लिए वाई। इसके बाद चार अंकों का एक नम्बर होता है। जब गाड़ियों की संख्या इससे भी ज्यादा हो जाती है तो इन चार अंकों के पहले एक अक्षर बढ़ा देते हैं। जब सारे अक्षर पूरे हो जाते हैं तो दो अक्षर बढ़ा देते हैं। एएफ का मतलब है एप्लाइड फॉर यानी इस गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है।

पीपीएफ(जन भविष्य निधि) क्या है? इसकी प्रक्रिया के बारे में बताएं।
सर्वेश्वर बाना
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड बचत और टैक्स बचत का एक इंस्ट्रूमेंट है। बचत करने का खता। इसका एक उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना भी है। खासतौर से ऐसे व्यक्तियों को जिन्हें अपनी नौकरी में भविष्यनिधि की सुविधा नहीं मिली है। भारत में यह पोस्ट ऑफिस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा कुछ राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं में खोला जा सकता है। इसमें हर साल कम से कम 500 और ज्यादा से ज्यादा 1,00,000 रु की रकम जमा की जा सकती है, जिसपर आयकर में छूट भी मिलती है। यह खाता कम से कम पन्द्रह साल के लिए खोला जाता है। यह व्यवस्था पब्लिक प्रॉविडेंट फंड एक्ट 1968 के अंतर्गत काम करती है, जिसे भारतीय संसद ने 1968 में पास किया था।
  

राजस्थान पत्रिका के कॉलम नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

अखबार के नीचे बने रंगीन गोले क्या हैं?


अखबार के आखिर में बने छोटे छोटे रंगीन गोले क्या हैंइनका मतलब बताएं।
मांगीलाल शर्मा

ये गोले चार रंग के होते हैं। ये रंग हैं नीला(सायना), लाल(मजेंटा), पीला(यलो) और काला(की या ब्लैक)। इन्हें संक्षेप में सीएमवाईके कहते हैं। अखबारों में छपाई के लिए इन चार रंगों की स्याही इस्तेमाल की जाती है। इन चारों रंगों के संयोग से ही तस्वीरों और अक्षरों के सारे रंग बनते हैं। चारों रंग की प्लेटें ठीक से लगी हैं या नहीं इसका पता इन गोलों या लकीरों या किसी दूसरी आकृति से लगता है। इसे रजिस्ट्रेशन कहने हैं। 


बाघ को राष्ट्रीय पशु कब और क्यों घोषित किया गया?
रणवीर चौधरी, बाड़मेर
लावण्‍य, फुर्ती और अपार शक्ति के कारण बाघ को भारत के राष्‍ट्रीय जानवर के रूप में गौरवान्वित किया है। भारत सरकार की वैबसाइट में बाघ को राष्ट्रीय पशु के रूप में रेखांकित किया गया है। पर इन्हें राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न कानून 1950 के तहत नहीं रखा गया है। जैसे हमारे राष्ट्रीय चिह्न, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गीत को कानूनी मान्यता प्राप्त है उस प्रकार की मान्यता राष्ट्रीय पशु-पक्षी आदि को नहीं है। भारत सरकार ने 1973 से बाघ परियोजना’ (केंद्रीय प्रायोजित स्कीम के रूप में जारी) शुरू की है, जिनके अंतर्गत बाघ रिजर्वों में बाघों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बाघ वासित राज्यों को केंद्रीय सहायता दी जाती है। इसके अतिरिक्, वर्ष 2006 में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में संशोधन कर बाघ कार्यबल की सिफारिशों की तुलना में बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए अलग से एक अध्याय शामिल किया गया है। बाघतेंदुआ टाइग्रिस  धारीदार जानवर है। ज्ञात आठ किस्‍मों की प्रजाति में से शाही बंगाल टाइगर (बाघ) उत्‍तर पूर्वी क्षेत्रों को छोड़कर देश भर में पाया जाता है और पड़ोसी देशों में भी पाया जाता है, जैसे नेपाल, भूटान और बांग्‍लादेश।

मंगल ग्रह का रंग लाल क्यों होता हैं?
पूजा शर्मा pujasharma261992@gmail.com
मंगल को लाल ग्रह इसीलिए कहते हैं क्योंकि यह लाल रंग का नज़र आता है। इसके लाल रंग की वजह है आयरन ऑक्साइड। मंगल ग्रह की मिट्टी आयरन ऑक्साइड की है। यह लाल धूल हवा से उड़कर वातावरण में जमा हो जाती है। इसीलिए हमें यह दूर से लाल नज़र आता है।





राजस्थान पत्रिका के कॉलम नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

रोबोट का आविष्कार किसने किया?



क्या आप बता सकते हैं कि रोबोट का आविष्कार किसने किया था? आने वाले समय में इंसानों की जगह रोबोट काम कर सकते हैं? 
संतोष कुमार 




रोबोट का एक मतलब कृत्रिम मनुष्य है जिसकी अवधारणा हजारों साल पुरानी है। मनुष्य ने पक्षियों को देखकर उड़ने वाली मशीन बनाई। पन्द्रहवीं सदी में लियोनार्दो दा विंशी ने मनुष्य की आकृति के रोबोट का स्केच बनाया था। इसे लियोनार्दोस रोबोट कहते हैं। उन्नीसवीं सदी में जापानी हिशासिगे तनाका ने कई तरह के मिकेनिकल खिलौने बनाए जो चाय सर्व करते थे, तीर छोड़ते थे। बहरहाल चलती-फुरती पुतलियों को जटिल गणनाएं करने वाले रोबोट तक विकसित होने में तकरीबन सौ साल लगे। सन 1926 में अमेरिका के वेस्टिंगहाउस इलेक्ट्रिक कॉरपोरेशन ने टेलीवॉक्स बनाया जो काम करने वाला पहला रोबोट था। आज दुनिया में तमाम उद्योग ऐसे कामों में रोबोट का इस्तेमाल करते हैं, जहाँ मनुष्य के लिए खतरा होता है। 

भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक पुस्तकालय कौन सा है?
गुरमीत सिंह 
कोलकता के राष्ट्रीय पुस्तकालय को देश का सबसे बड़ा पुस्तकालय माना जाता है। पर इन दिनों सन 2010 में चेन्नई में स्थापित हुई अन्ना सेंटिनरी लाइब्रेरी को देश का सबसे बड़ा पुस्तकालय माना जा रहा है।

क्या दिल्ली में आज तक बर्फबारी हुई है?
एसपी गोयल
दिल्ली में हिमपात कभी नहीं हुआ और सम्भव भी नहीं है। रुई के फाहों की तरह बर्फ नहीं गिरी। अलबत्ता कई बार सुबह की ओस जम जाने से बर्फ जैसी लगती है। ऐसा कई बार हो चुका है।

अगर किसी दूसरे के बैंक अकाउंट में गलती से पैसे डिपॉज़िट हो जाएं तो उन्हें कैसे वापिस किया जा सकता है?
मिथिलेश
बैंक की गलती से ऐसा हुआ हो तो उसकी जिम्मेदारी बैंक की है, पर यदि ग्राहक की गलती से ऐसा हुआ है तो उसे प्रमाण के साथ प्रार्थनापत्र देना होगा। ठीक हो जाएगा।

अब तक हिन्दी की कितनी फिल्में रिमेक हुई होंगी? कुछ के नाम बता सकते हैं?
युसुफ
हिन्दी फिल्मों में कई करह के रिमेक हैं। एक तो तमिल-तेलुगु, मलयालम और बांग्ला के रिमेक हैं। जैसे राम और श्याम, एक-दूजे के लिए, गजिनी, वांटेड, रेडी, बॉडीगार्ड, ईश्वर, युवा, साथिया, मिलन, जुदाई से लेकर देवदास तक। ऐसी फिल्मों की संख्या सौ से ऊपर होगी। इधर रामगोपाल वर्मा ने शोले बनाकर एक नया मानक बनाना चाहा जो सफल नहीं हो पाया। उमराव जान अदा बनी। अब इस साल अग्निपथ और चश्मेबद्दूर बनने जा रही हैं।

वैलेंटाइन डे जब से शुरू हुआ है तब से लेकर अब तक कितनी बार मनाया गया होगा?
 मिश्रित
सन 496 में पोप जिलेसियस प्रथम ने 14 फरवरी को ईसाई शहीदों की स्मृति में, जिन्हें वेलेंटिनस कहा जाता था, यह दिन मनाने की शुरुआत हुए हैं। ईसाई धर्म के इतिहास में अनेक सेंट वेलेंटाइन हुए हैं। हालांकि पोप पॉल सिक्स्थ ने सन 1969 में इस दिन को जनरल रोमन कैलेंडर से हटा दिया है, पर पश्चिमी देशों में इसे मनाया जाता है। हमारे देश में भी पिछले कुछ साल से इसका चलन बढ़ा है। इसे प्रेमाचार या प्रणय से जोड़ने का काम पन्द्रहवीं सदी के युरोप में हुआ, जब समाज में प्रणय संस्कृति का उभार हुआ। युवा मन रोमांटिक होता है। हमारे यहाँ युवा जन संख्या बढ़ रही है। नए दौर में यह नज़र आ रहा है, जिसमें अस्वाभाविक कुछ भी नहीं है।

WhatsApp मैसेंजर क्या है? इसका क्या काम होता है? 
रितेश
WhatsApp मैसेंजर स्मार्टफोनों के लिए इंस्टैंट मैसेजिंग का एक एप्लीकेशन है। इसमें मैसेज भेजने वाले मैसेज के अलावा इमेज, वीडियो और ऑडियो भी भेज सकते हैं।

टेबलेट पीसी किसे कहते हैं? ये बाकियों से अलग कैसे होता है? इसका क्या दाम है? 
वरुण


टेबलेट पीसी भी कम्प्यूटर हैं, पर आकार में छोटे हैं। पीसी का शुरूआती मोबाइल रूप था लैपटॉप, फिर उससे छोटा नोटपैड आया। टेबलेट, अईपैड, स्लेट और आकाश तमाम नामों से सामने आ रहे हैं। इनमें प्रायः कीबोर्ड वैसे नहीं हैं जैसे कम्प्यूटर में होते हैं, बल्कि टचस्क्रीन पर यानी वर्च्युअल हैं। इनपर कम्प्यूटर जैसा भारी काम नहीं हो सकता, पर इंटरनेट सर्फिंग और मल्टी मीडिया वगैरह की सुविधा मिल सकती है। भारत में आईपैड की शुरुआती कीमत 28000 के आसपास थी। एचपी स्लेट इससे सस्ता होगा। कई टेबलेट दस हजार से कम में उपलब्ध हैं। भारत सरकार की मदद से बन रहा आकाश काफी सस्ता होगा। तीन हजार के आसपास।

 वैबसाइट के शुरू में www ही क्यों लगाया जाता है कोई और अक्षर क्यों नहीं लगाया जाता?
 देवेन्द्र चौधरी, ग्राम फरमाना, हरियाणा
वर्ल्डवाइड वैब इंटरनेट के मार्फत एक-दूसरे से जोड़ने का सिस्टम है। यह कंसोर्शियम नब्बे के दशक में ही विकसित हुआ है। डब्लू3 के पहले आपने http भी लिखा देखा होगा। इसका पूरा नाम है हाइपर टैक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल। आप इंटरनेट पर तमाम साइट पर जाएं तो सभी यूनीफॉर्म रिसोर्स लोकेटर यानी url के पहले एक जैसे एक्षर नहीं आते। इसकी वजह है वैब सर्वर स्वामी डोमेन नेम सिस्टम में अपने आपको किस तरह रजिस्टर कराता है। मसलन आप microsoft.com टाइप करें तब भी www.microsoft.com खुलेगा। क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट ने ऐसे ही रजिस्टर किया है। यदि आप mit.edu टाइप करें तो पेज खुलेगा http://mit.edu पर यदि आप www.mit.edu टाइप करें तब पेज पर यूआरएल आएगा http://www.mit.edu हालांकि तीनों एक ही पेज हैं।

माइक्रोवेव में कन्वैक्शन मोड का क्या अर्थ है? और इसका क्या इस्तेमाल है? 
गुनगुन
माइक्रोवेव अवन खाद्य सामग्री के भीतर के पोलराइज़्ड मॉलीक्यूल्स को माइक्रोवेव रेडिएशन से उत्तेजित करके गर्म करता है। पर कन्वैक्शन मोड परम्परागत हीटर वाले हीटिंग एलीमेंट से खाद्य वस्तु को गर्म करने का काम करता है। अलबत्ता माइक्रोवेव अवन में यह काम गर्म हवा पैदा करके किया जाता है। माइक्रोवेव का खाना अंदर से गर्म होता है पर ब्राउन, क्रिस्प, ब्रॉइल या बेक नहीं होता। यह काम कन्वैक्शन मोड करता है।

दिल्ली के कुछ इलाकों के नाम काफी अजीब हैं। जैसे पुल बंगश। इसके बारे में कुछ बताएं। 
संकेत रिठाला से
पुल बंगश के पास कमरा बंगश भी है। अब वहाँ कमरा नहीं बस्ती है, पर तकरीबन डेढ़ सौ साल पहले कोई इमारत भी रही होगी। बंगश भारत के पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत के पठानों का एक कबीला है। इस इलाके में रूहेलों का राज भी रहा। उनमें बंगश कबीले के लोग भी थे। पुल बंगश शायद नवाब फैजुल्ला खां बंगश का बनाया हो।

सांसद और विधायक में क्या अंतर है? 
मनोज, मोहन गार्डन
राष्ट्रीय संसद के दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को सांसद और प्रादेशिक विधान सभाओं और विधान परिषदों के सदस्यों को विधायक कहते हैं।

लोग हकलाते क्यों हैं? 
आलोक
यह स्पीच डिसॉर्डर है। यह बच्चे की वाणी के विकास के दौरान ही पैदा हो जाता है। इसका कोई एक कारण नहीं है। शारीरिक विकार भी इसकी एक वजह हो सकता है। मसलन जुबान या गले की संरचना में दोष। या मस्तिष्क को किसी वजह से पहुँची क्षति। इसके जेनेटिक कारण भी होते हैं। सीखने की प्रवृत्ति में किसी कारण से आई त्रुटि भी कारण हो सकता है। समय रहते स्पीच थिरैपी से बच्चे बहुत जल्द इस दोष को काफी हद तक दूर भी कर लेते हैं। दवाओं से भी इसका इलाज होता है। 

Saturday, December 31, 2011

हमें नींद क्यों आती है?

हमें नींद क्यों आती है? और ये अधिकतर रात में ही क्यों आती है? 

-अतुल कुमार जरारिया, एमपी 


वास्तव में इस सवाल ने पुराने जमाने से अब तक वैज्ञानिकों को उलझन में डाल रखा है। मोटे तौर पर माना जाता है कि हम दिनभर की मेहनत मे जो ऊर्जा खर्च करते हैं, वह आराम करने से ठीक हो जाती है। पर सच यह है कि एक रात की नीद में हम करीब 50 केसीएल कैलरी बचाते हैं। एक रोटी के बराबर। वास्तविक जरूरत शरीर की नहीं मस्तिष्क की है। यदि हम लम्बे समय तक न सोएं तो हमारी सोचने-विचारने की शक्ति, वाणी और नजरों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिकों ने नीद की कई श्रिणियाँ बनाईं हैं। इसके दौरान ही हम सपने देखते हैं। हमारा मानसिक विकास भी होता है।

रात में सोने की प्रवृत्ति हमारे जैविक विकास का हिस्सा है। हम अनेक जंगली जानवरों की तरह रात में शिकार करके नहीं खाते हैं। हमारी निगाहें दिन की रोशनी में बेहतर काम करती हैं। ऐसा करते हुए कई लाख साल बीत गए हैं। हमारे शरीर में एक घड़ी है जिसे जैविक घड़ी कहते हैं। उसने हमारे रूटीन दिन और रात के हिसाब से बनाए हैं। जब हम निरंतर रात की पालियों में काम करते हैं तो शरीर उसके हिसाब से काम करने लगता है, पर शुरूआती दिनों में दिक्कतें पेश आती हैं।

प्रोटोकॉल क्या होता है? यह कब और किस काम में आता है?
निशा हरिसिंगानी , बूंदी राजस्थान 


प्रोटोकॉल का सामान्य अर्थ शिष्टाचार या कुछ मान्य सिद्धांत है। जैसे डिप्लोमैसी में काम करने के तौर-तरीके होते हैं। प्रोटोकॉल का एक आशय संधियों और समझौतों से भी होता है। इसका एक अर्थ मर्यादाओं से भी है।

किसी चीज का इंश्योरेंस करने का क्या फायदा होता है? पैसे तो इंश्योरेंस करवाने वाले के ही होते हैं। फिर इसे करवाने का क्या फायदा है?
सागर, जयपुर

इंश्योरेंस को पैसों के निवेश के रूप में नहीं देखना चाहिए। इसे एक जोखिम से सुरक्षा का शुल्क मानना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति ने अपने जीवन का बीमा कराया है तब इसका अर्थ यह हुआ कि यदि दुर्भाग्य से उस व्यक्ति का देहांत हो जाए तो उसके आश्रितों को एक तयशुदा राशि मिल जाए। ऐसा बीमा जीवन के अलावा मोटर गाड़ियों, चल और अचल सम्पत्ति का या स्वास्थ्य सेवाओं का भी हो सकता है।
  राजस्थान पत्रिका के सप्लीमेंट मी नेक्स्ट के कॉलम नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Friday, December 23, 2011

दुनिया का सबसे भारी व्यक्ति कौन है?

दुनिया का सबसे भारी व्यक्ति कौन है? उसका वजन कितना है? 


मैक्सिको के मैनुअल उरीबे को दुनिया का सबसे वजनदार व्यक्ति माना जा सकता है। इनका वजन गिनीज बुक के अनुसार 597 किलोग्राम तक हो गया था। 1965 में जन्मे उरीबे ने बाद में अपना वजन कम कर लिया, पर वे आज भी दुनिया के सबसे वजनी व्यक्ति हैं। यों रिकॉर्ड बुक में जॉन ब्राउनर मिनक का नाम दुनिया के सबसे वजनी व्यक्ति के रूप में दर्ज है, जिनका अधिकतम वजन 635 किलो था। 1941 में जन्मे जॉन का निधन 1983 में हो गया था।

चरित्र अभिनेता एके हंगल का जन्म कब और कहाँ हुआ था?-राजीव ग्रोवर और कुक्की राजा, मोतीनगर दिल्ली

अवतार कृष्ण हंगल का जन्म सन 1917 में सियालकोट में हुआ था।

कहाँ और कब पहली कार बनी?-रैना, गुड़गाँव 


                                                   
हालांकि शुरू में भाप से चलने वाली गाड़ियाँ बनी थीं, पर इंटरनल कॉम्बुशन इंजन से चलने वाली पहली कार सन 1870 में ऑस्ट्रिया के विएना शहर में सिग्फ्राइड मार्कस ने तैयार की। वह गैसोलीन से चलती थी। इसे फर्स्ट मार्कस कार कहते हैं। मार्कस ने ही 1888 में सेकंड मार्कस कार तैयार की जिसमें कई तरह के सुधार किए गए थे। इस बीच जर्मनी के मैनहाइम में कार्ल बेंज ने सन 1885 में तैयार की।

भारत में कुल कितने गाँव हैं?-कमल टेलर दिल्ली

सन 2011 की जनगणना के अनुसार हमारे देश में गाँवों की संख्या 6,38,000 है।

इंदिरा गांधी की शादी कब हुई थी? शानू वैलकम, सीलमपुर दिल्ली  


                               

श्रीमती इंदिरा गांधी और फिरोज़ गांधी का विवाह 26 मार्च 1942 को इलाहाबाद में हुआ था।

सफेद पालतू खरगोश की उम्र कितनी होती है?-मौक्तेश, गाजियाबाद

घरेलू खरगोश आमतौर पर 8 से 12 साल तक जीते हैं।

नॉटीकल मील क्या होता है? किलोमीटर से इसकी तुलना किस तरह की जा सकती है? नॉटीकल मील के आधार पर सबसे तेज चलने वाला वॉरशिप यानी युद्धपोत कौन सा है?-आशुतोष भारद्वाज, विकासपुरी, नई दिल्ली

नॉटीकल मील का इस्तेमाल आमतौर पर समुद्री और हवाई नेवीगेशन में होता है। लम्बाई के हिसाब से यह करीब 1852 मीटर या 6076 फुट होती है। सागर और आकाश के नेवीगेशन में आमतौर पर अक्षांश-देशांतर का इस्तेमाल होता है। भूमध्य रेखा और उससे उत्तर या दक्षिण में इसकी दूरी में मामूली फर्क भी आता रहता है।

सबसे तेज गति से चलने वाले युद्ध पोतों के बारे में अलग-अलग दावे होते रहते हैं। अलबत्ता अमेरिका का एम-80 स्टीलेटो करीब 50 नॉट यानी तकरीबन 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकता है। नॉर्वे की स्कोल्ड नामक गश्ती बोट करीब 60 नॉट यानी 100 किलोमीटर की गति से चल सकती हैं।

किडनी खराब होने के क्या लक्षण शरीर में होते हैं? –अजय कुमार, साउथ गणेश नगर, नई दिल्ली
किडनी का सम्बंध खून को साफ करने से है। रक्त शोधन के बाद किडनी शेष तरल को पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर भेज देती है। इसलिए आमतौर पर मूत्र विकार इसका पहला लक्षण है। पेशाब में जलन होना, खून या प्रोटीन आना, कमर और पेट में दर्द, थकान, कँपकँपी के साथ बुखार आना, उल्टी और थकान वगैरह भी इसके लक्षण हैं।

40 की उम्र में अगर सिर के बाल उड़ जाएं तो फिर दुबारा कैसे आएंगे?-बृजेश, मंगोलपुरी, दिल्ली
गिरे हुए बालों को उगाने के पहले चिकित्सक बालों को गिरने से बचाने के तरीके खोजने में लगे हैं। हमारे बालों की जड़ में होते हैं हेयर फॉलिकल्स। इनमें खराबी से बाल गिरते हैं। कई तरह के हार्मोन्स की कमी से भी गिरते हैं। चैसे कि टेस्टोस्टेरोन। इनमें जीन्स की भूमिका भी है। थायरॉयड या विटामिन बी-12 की कमी से भी बाल गिरते हैं और कीमो थिरैपी के कारण भी। अवबत्ता गंजे लोगों के सिर में बालों को प्लांट करने की तकनीक काफी विकसित हो चुकी है।

एनसीआर का फुलफॉर्म क्या है? इसका क्या मतलब होता है? –राजेश टिगरी, दिल्ली

नेशनल कैपीटल रीजन यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र। देश की राजधानी के आसपास का यह क्षेत्र हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में फैला है। इसका उद्देश्य है राष्ट्रीय राजधानी के चारों ओर का शहरी विकास। दिल्ली का अपना सीमा क्षेतेर है जिसे नेशनल कैपीटल टेरीटरी कहते हैं। इसके बाहर है एनसीआर। इसे सन 1962 में औपचारिक रूप से नोटीफाई किया गया था।

तितली की कितनी आँखें होती हैं? जोगेन्द्र शाह, मंडी हाउस, नई दिल्ली  

                                        

तितली की भी दो आँखें होती हैं, पर उसकी आँखें कम्पाउंड यानी संयुक्त होती हैं। उसके अनेक फोटोरिसेप्टर होते हैं। इस तरह देखें तो उसके हजारों आँखें होती हैं। मोटे तौर पर करीब बारह से बीस हजार आँखें। तितलियाँ देख तो सकती हैं लेकिन उनकी यह क्षमता सीमित होती है। इनकी आंखे बड़ी और गोलाकार होती हैं. इनमें हज़ारों सैंसर होते हैं जो अलग- अलग कोण में लगे रहते हैं। तितलियां ऊपर, नीचे, आगे, पीछे, दाएँ, बाँए सभी दिशाओं में एक साथ देख सकती हैं। इसका यह नुक़सान भी होता है कि वे किसी चीज़ पर अपनी दृष्टि एकाग्र नहीं कर पातीं और उन्हे धुंधला सा दिखाई देता है। पर वे किसी भी प्रकार की गति को भांप जाती हैं। इसीलिए जब कोई उन्हें पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाता है तो उन्हें फ़ौरन पता चल जाता है और वे उड़ जाती हैं. 

विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन जो किसी सरकारी मदद पर निर्भर न हो कौन सा है?-अरुण, फरीदाबाद
दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है बांग्लादेश रूरल एडवांसमेंट कमेटी या ब्रैक। सन 1971 के युद्ध से तबाह हुए देश में शरणार्थियों और अन्य पीड़ियों की मदद के लिए शुरू हुआ यह संगठन धीरे-धीरे एक विशाल संगठन का रूप ले चुका है। इसका अपना विश्विद्यालय है। इसके साथ एक लाख बीस हजार कर्मचारी जुड़े हैं।

डीटीएच क्या होता है? क्या इसको मोबाइल पर ले सकते हैं? इसका क्या खर्च है और इसे कैसे ले सकते हैं? राजेश, अलवर, राजस्थान
डायरेक्ट टु होम सैटेलाइट डिस्क को डीटीएच कहते हैं। इसके लिए आपको किसी भी डीटीएच कम्पनी की सेवा लेनी होगी। वह आपके घर में डिश लगाएगी और एक सेट टॉप बॉक्स के मार्फत आप प्रोग्राम देख सकते हैं। मोबाइल फोन पर भी टीवी प्रोग्राम देखे जा सकते हैं, पर वे इस डीटीएच सेवा के मार्फत नहीं हो सकते। इसके लिए पहले तो आपके फोन में टीवी देखने की सुविधा होनी चाहिए। भारत में बीएसएनएल ने मोबाइल फोन पर टीवी प्रसारण की सेवा शुरू की है। टाटा डोकोमो ने भी यह सेवा शुरू की है। जल्द तमाम कम्पनियाँ सामने आ जाएंगी। पर यह डीटीएच नहीं इंटरनेट टीवी है, जो थ्रीजी तकनीक के तहत है। 

शादी-विवाह में बजने वाले डीजे का फुलफॉर्म क्या है?-देवेन्दर चौधरी, ग्राम फरमाना, हरियाणा
डीजे का मतलब होता है डिस्क जॉकी। वह व्यक्ति जो श्रोताओं के लिए संगीत तय करता है या पेश करता है। डिस्क प्ले करता है।
एफएम गोल्ड के साप्ताहिक कार्यक्रम बारिश सवालों की में शामिल सवाल

Thursday, December 15, 2011

इंजेक्शन द्वारा दवाई देना कब से शुरू हुआ?


इंजेक्शन द्वारा दवाई देना कब से शुरू हुआ? फेसबुक पर रॉकी दुआ ने पूछा है 



शरीर में चोट लगने पर दवाई सीधे लगाने की परम्परा तो काफी पुरानी है। शरीर में अफीम रगड़कर या किसी कटे हुए हिस्से में अफीम लगाकर शरीर को राहत मिल सकती है सा विचार भी पन्द्रहवीं सोलहवीं सदी में बन गया था। अफीम से कई रोगों का इलाज किया जाने लगा, पर डॉक्टरों को लगता था कि इसे खिलाने से लत पड़ सकती है। इसलिए शरीर में प्रवेश का कोई तरीका खोजा जाए। स्थानीय एनिस्थासिया के रूप में भी मॉर्फीन वगैरह का इस्तेमाल होने लगा था। ऐसी सुई जिसके भीतर खोखला बना हो सोलहवीं-सत्रहवीं सदी से इस्तेमाल होने लगी थी। पर सबसे पहले सन 1851 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक चार्ल्स गैब्रियल प्रावाज़ ने हाइपोडर्मिक नीडल और सीरिंज का आविष्कार किया। इसमें महीन सुई और सिरिंज होती थी। तबसे इसमें तमाम तरह के सुधार हो चुके हैं। 

गर्मियों मैं दिन बड़े होते हैं और रात छोटी....लेकिन सर्दियों मैं दिन जल्दी ढल जाते हैं और रात बड़ी हो जाती हैं ...ऐसा क्यों?-नीरज सोनी फेसबुक पर                                                                                         


                                                


धरती अपनी धुरी पर थोड़ी झुकी हुई है। आप जानते हैं कि वह 365 दिन में सूरज की परिक्रमा पूरी करती है। इस परिक्रमा के दौरान साल के छह महीने उत्तरी ध्रुव पर सूरज की किरणें पड़तीं हैं और छह महीने दक्षिणी ध्रुव पर। इसी तरह भूमध्य रेखा के उत्तर और दक्षिण के इलाके सूरज के करीब या दूर होते हैं। यही परिक्रमा बदलते मौसमों का कारण है। जिन दिनों हमारे यहाँ सर्दी है उन्हीं दिनों ऑस्ट्रेलिया में गर्मियाँ शुरू हो रहीं हैं। दिन और रात का छोटा-बड़ा होना इस बात पर निर्भर करता है कि आपका घर धरती के किस अक्षांश-देशांतर पर है।

अनेक प्रकार के जंतु, जानवर और पक्षियों के होते हुए भी चिड़ियाघर को चिड़ियाघर के नाम से क्यों पुकारा जाता है?-एसपी गोयल, मार्बल मार्किट, रोहिणी-फेसबुक पर
यह एक शाब्दिक लोक प्रयोग है। आमतौर पर चिड़िया पालने की परम्परा रही है। Zoological garden का शुद्ध अनुवाद प्राणि उद्यान है। पर तरह-तरह के जानवरों में पक्षियों की प्रधानता के कारण इसे चिड़ियाघर बना दिया। चाहते तो जानवर घर भी कह सकते थे।

दुनिया में तराजू का प्रयोग कब शुरू हुआ? इसकी ज़रूरत क्यों पड़ी? -देवेन्दर
                                      


इसका इस्तेमाल सबसे पहले भारत में ही शुरू हुआ। सिन्धु घाटी की सभ्यता में वजन तोलने वाली तराजू और बाँटों के ईसवी सन से करीब ढाई हजार साल पुराने अवशेष मिले हैं। इसके बाद मिस्र में भी इसका इस्तेमाल शुरू हुआ। दरअसल तराजू शुरू होने के पहले व्यापार या वितरण शुरू हुआ होगा। किसी भी चीज़ को बेचने के लिए उसकी मात्रा और मूल्य का रिश्ता तय किया गया होगा। एक पत्थर या दो पत्थर के बराबर वजन। छोटे पत्थर और बड़े पत्थर के बराबर वजन।

भारत को इंडिया क्यों कहते हैं? यह नाम कहाँ से आया?
प्राचीन ग्रीक और लैटिन में भारत को सिंधु नदी के पास इलाके से पहचाना जाता था। सिंधु को वे स का लोप करके इंडस बोलते थे। इसी सिंधु से फारसी अरबी में हिन्दू और हिन्द शब्द बने।

सभी गाडियों के टायर काले क्यों होते हैँ ? अनिल प्रजापति
टायर बनाने की प्रक्रिया को वल्कनाइजेशन कहते हैं। आमतौर पर रबर का रंग स्लेटी होता है। प्राकृतिक रबर यानी लेटेक्स में कार्बन ब्लैक मिलाते हैं ताकि वह मजबूत रहे। साथ ही थोड़ा सल्फर भी मिलाते हैं। कार्बन ब्लैक के कारण यह काला हो जाता है। इससे यह अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से बच जाता है।

मूँछ प्रतियोगिता क्या है?
नाम से जाहिर है इसका रिश्ता मूँछ से है। हाल में पुष्कर के मेले में एक ऐसी ही प्रतियोगिता हुई थी। जैसलमेर के मरु महोत्सव में ऐसी एक प्रतियोगिता होती है।सन 1990 से 'वर्ल्ड बियर्ड ऐंड मुस्टैश चैंपियनशिप' भी चल रही है जो इस साल ट्रॉनढाइम, नॉर्वे में हुई थी।

भारत के किस पूर्व प्रधानमंत्री का जन्मदिन 29 फरवरी को मनाया जाता है?बारिज़, जाफराबाद, दिल्ली 
मोरारजी देसाई।

पहला क्रिकेट टेस्ट मैच कब, कहाँ और किस ग्राउंड पर खेला गया था? जीतने वाला कौन था?
पहला आधिकारिक क्रिकेट टेस्ट मैच 15 मार्च 1877 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शुरू हुआ। इसमें ऑस्ट्रेलिया की टीम 45 रन से जीती। टेस्ट मैचों के सौ साल पूरे होने पर 12 से 17 मार्च 1977 को मेलबोर्न में दोनों देशो के बीच हुए टेस्ट मैच में भी ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 45 रन से हराया।

शतरंज के बोर्ड में कितने वर्ग होते हैं?-गौतम।
आप यदि यह जानना चाहते हैं कि कितने खाने होते हैं तो 64 होते हैं। पर यदि कुल वर्गों की संख्या जानना चाहते हैं तो वह 204 होती है।

कबड्डी का खेल कब और कैसे शुरू हुआ?
कबड्डी का खेल भारत में प्रागैतिहासिक काल से चला आ रहा है। हमारे पौराणिक ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है। बौद्ध ग्रंथों में भी इसका विवरण है। महाभारत में जिस चक्रव्यूह का उल्लेख है उसका खेल-रूप कबड्डी है। एक व्यक्ति को घेरना और उसका बचकर निकलना। आधुनिक कबड्डी का पहला अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन 1936 के बर्लिन ओलिम्पिक खेलों में अमरावती, महाराष्ट्र के हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल ने किया। 1938 के राष्ट्रीय खेलों में कबड्डी प्रतियोगिता शामिल हुई। 1955 से भारत की राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता शुरू हुई। 1980 से एशियाई कबड्डी चैम्पियनशिप शुरू हुई और 1990 में बींजिंग के एशिया खेलों से यह एशियाई खेलों में भी शामिल हो गई।

डब्लूडब्लूई की कुश्ती में कितनी सत्यता है? इसमें हार-जीत कैसे तय होती है?

देखिए इसका नाम है वर्ल्ड रैसलिंग एंटरटेनमेंट। इसमें कुश्ती होती है, पर उसका उद्देश्य दर्शकों का मनोरंजन है। खासतौर से टीवी पर मनोरंजन। आप जो देखते हैं उसमें कुश्ती एक स्टोरीलाइन के तहत लड़ी जाती है। यह पूरी तरह से कुश्ती के नियम के तहत नहीं है। पर डब्लूडब्लूई एक्स्ट्रीम रूल्स नाम से एक प्रतियोगिता भी होती है जिसमें हार-जीत का निपटारा कुछ खास नियमों के अंतर्गत होता है।

एफएम गोल्ड के कार्यक्रम बारिश सवालों की में शामिल सवाल
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