Friday, July 29, 2016

अमेरिका में क्या केवल दो पार्टियाँ ही हैं?

अमेरिका में 50 से ज्यादा राजनीतिक दल हैं. पर व्यावहारिक रूप से दो दलों की प्रणाली है. ये दो हैं रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी. पर ये पार्टियाँ शुरू से नहीं हैं. अमेरिकी संविधान में पार्टियों के बारे में कोई व्यवस्था नहीं है. समय के साथ उनका विकास हुआ है. संविधान 1787 में लिखा गया और विभिन्न राज्यों ने 1788 में इसकी पुष्टि की और 1789 में इसे लागू किया गया. देश के पहले राष्ट्रपति थे जॉर्ज वॉशिंगटन, जिन्होंने संविधान सभा की अध्यक्षता की थी. उनकी कोई पार्टी नहीं थी.

जब संविधान को स्वीकार किया जा रहा था तब उसकी पुष्टि के पक्षधर फेडरलिस्ट और उसके विरोध एंटी-फेडरलिस्ट कहलाने लगे. देश के दूसरे राष्ट्रपति जॉन एडम्स फेडरलिस्ट पार्टी से ताल्लुक रखते थे. उसी दौरान डेमोक्रेटिक रिपब्लिकन सोसाइटीज नाम से एक और समूह उभरने लगा. देश के तीसरे राष्ट्रपति टॉमस जैफ़रसन इसी से ताल्लुक रखते थे. उनके बाद के तीन राष्ट्रपति इसी पार्टी से थे. सन 1820 के दशक में डेमोक्रेटिक पार्टी बनी और देश के सातवें राष्ट्रपति एंड्रयू जैक्सन डेमोक्रेटिक पार्टी की और से पहली बार राष्ट्रपति बने. सन 1854 में रिपब्लिकन पार्टी की स्थापना के पहले ह्विग पार्टी के भी चार राष्ट्रपति बने. गुलामी की प्रथा के विरोध में खड़ी हुई रिपब्लिकन पार्टी के पहले राष्ट्रपति थे अब्राहम लिंकन, जो 1861 में राष्ट्रपति बने. उसके बाद से देश में या तो रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी को जीत मिली है या डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी को.
  
भारत के सेंसर बोर्ड की स्थापना कब हुई?

केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड भारत सरकार की एक नियामक संस्था है. इसका कार्य फिल्मों, टीवी कार्यक्रमों तथा उनकी प्रचार सामग्री की समीक्षा करना है. देश के सिनेमाटोग्राफिक एक्ट 1952 के तहत यह संस्था काम करती है और फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाण पत्र देती है. बोर्ड का मुख्यालय मुम्बई में है, पर इसके नौ क्षेत्रीय कार्यालय भी हैं. सेंसर बोर्ड के पहले अध्यक्ष सीएस अग्रवाल थे, जो इस पद पर 15 जनवरी 1951 से 14 जून 1954 तक रहे. इन दिनों इसके अध्यक्ष पहलाज निहलानी हैं.

लैपटॉप शब्द कहां से आया?

लैपटॉप भी आम भाषा में कम्प्यूटर है. शुरू में जो रोजमर्रा इस्तेमाल के कम्प्यूटर आए उन्हें पीसी यानी पर्सनल कम्प्यूटर कहा गया. बाद में कुछ कम्पनियों ने पोर्टेबल कम्प्यूटर की बात सोची. जैरॉक्स ने ऐसा एक कम्प्यूटर बनाया भी, पर व्यावसायिक रूप से पहला पोर्टेबल कम्प्यूटर ओसवर्न 1 था, जो 1981 में पेश किया गया. यह भी काफी भारी-भरकम था. इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान था, पर यह बैटरी से नहीं चलता था. इसके बाद एप्सन और कॉम्पैक जैसी कम्पनियों ने पोर्टेबल कम्प्यूटर बनाने की कोशिश की. एप्सन एचएक्स-20 में रिचार्जेबल बैटरी भी लग गई. पर तब तक किसी ने इन्हें लैपटॉप नहीं कहा था. लैपटॉप नाम सबसे पहले गैवीलियन एससी को दिया गया, जो पहली बार बाजार में 1984 में आया.
  
मैग्नेटिक फील्ड क्या है और इसकी उपादेयता क्या है?

चुम्बक (मैग्नेट्) वह पदार्थ या वस्तु है जो चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है. चुम्बकीय क्षेत्र अदृश्य होता है और चुम्बक का प्रमुख गुण आस-पास के पदार्थों को अपनी ओर खींचना और दूसरे चुम्बकों को या तो अपनी ओर खींचना या धक्का देना है. अलग-अलग पदार्थों के चुम्बकीय क्षेत्र अलग-अलग होते हैं. इनमें लोह चुम्बकत्व सबसे महत्वपूर्ण है. कुछ पदार्थ चुम्बकीय क्षेत्र की ओर आकर्षित होते हैं और कुछ उससे दूर भागते हैं. कुछ पदार्थ चुम्बकीय क्षेत्र से बहुत कम प्रभावित होते हैं जैसे ताँबा, सोना, अल्युमिनियम, सोना, गैसें और प्लास्टिक. जैसे ही लोहा चुम्बक के प्रभाव क्षेत्र में आता है उसके इलेक्ट्रॉन चुम्बकीय क्षेत्र के अनुसार बहने लगते हैं. लोहा खुद चुम्बक बन जाता है.

वैज्ञानिकों ने मैग्नेटिक फील्ड के अनेक पहलुओं पर शोध किया है. समुद्र में जहाज पृथ्वी के मैग्नेटिक फील्ड की मदद से रास्ता खोजते हैं. भूगर्भ-विज्ञानी मैग्नेटोमीटर्स की मदद से धरती के नीचे दबे पठार या खनिज का पता लगाते हैं. चिकित्सा में इसका इस्तेमाल मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) मशीन के रूप में होता है.
  
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

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