Friday, October 21, 2011

बॉलीवुड की फिल्में आमतौर पर शुक्रवार को ही रिलीज़ क्यों होती हैं?

बॉलीवुड की फिल्में आमतौर पर शुक्रवार को ही रिलीज़ क्यों होती हैं? 
सौरभ सुतार, जोधपुर, sourabh.rckstar@gmail.com


शुक्रवार को फिल्में रिलीज़ करने की परम्परा हॉलीवुड से आई है। अमेरिका में हफ्ते में काम करने का आखिरी दिन शुक्रवार होता है। उसी दिन साप्ताहिक वेतन मिलता है। दो दिन के वीकेंड का लुत्फ लेने का एक तरीका फिल्में देखना भी हैं। शनिवार और इतवार को अच्छी कमाई हो जाती है। यों भारत में हर जगह शुक्रवार को ही फिल्में रिलीज़ नहीं होतीं। मेरी जानकारी में लखनऊ में नई फिल्म गुरुवार को लगती है।


बरमूडा ट्रायंगल क्या है?
अमित पूनिया, amitpoonia11@ibibo.com


बरमूडा त्रिकोण को शैतान के त्रिकोण का नाम भी दिया गया है। यह उत्तर पश्चिम अटलांटिक महासागर का एक क्षेत्र है जिसमे कुछ विमान और गायब हो गए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है 5 दिसम्बर 1945 को अमेरिकी नौसेना के पाँच टीबीएम एवेंजर बमवर्षक विमानों की गुमशुदगी। ये विमान फ्लोरिडा के एक नौसैनिक बेस से उड़े थे। इनका पता नहीं लगा। इनपर सवार 14 नौसैनिकों का पता भी नहीं लगा। इन्हें खोजने गया विमान भी दुर्घटनाग्स्त हो गया जिसमें 13 नौसैनिक थे। इसके बाद इस इलाके से कई विमान और पोत लापता हो गए। त्रिकोण के बारे में उल्लेख करने वाला पहला व्यक्ति क्रिस्टोफर कोलंबस था, जिसने सन 1492 के अपने दस्तावेजों में लिखा कि उसने और उसके चालक दल ने, " क्षितिज पर नृत्य करती अद्भुत रोशनी देखी।" अपनी लॉग बुक में एक अन्य स्थान पर उसने लिखा, आकाश में आग की लपटें थी।

बरमूडा ट्रायंगल के बारे में तमाम अवधारणाएं हैं, पर वैज्ञानिक मानते हैं कि ये सामान्य दुर्घटनाएं भी हो सकतीं हैं। सागर में तूफान वगैरह के कारण या दूसरे कारणों से उनका पता नहीं लग पाया।

सरकारी सेवा के पे बैंड्स, ग्रेड-पे, वेतनमान आदि टर्म्स के बारे में जानना चाहती हूँ। वेतन में तीन संख्याओं का क्या मतलब है जैसे कि 4000-100-6000।
आभा तिवारी aabha_tiwarii@yahoo.com

कर्मचारियों का वेतन तय करते वक्त उनके पद, अनुभव और सेवाकाल को देखा जाता है। मान लें कि पद क के लिए वेतनमान 4000-100-6000 है। ख के लिए 5000-150-6500 है। ग के लिए 6000-200-8000 है। ये तीन वेतनमान या ग्रेड हो गए। क के वेतनमान में 4000 रु शुरूआती वेतन है। 100 रु हर साल की वेतनवृद्धि है। इस वेतनमान का आखिरी मूल वेतन 6000 रु है। यदि 100 रु साल की वेतन वृद्धि के हिसाब से गणना करें तो इस कर्मचारी को 4000 से 6000 तक पहुँचने में 20 साल लगेंगे। 5000 से 6500 वाले वेतनमान में 150 की वेतन वृद्धि के हिसाब से 10 साल में 6500 के स्तर पर पहुँचा जा सकेगा। इसी तरह 200 रु की वेतन वृद्धि के साथ 6000 से 8000 तक पहुँचने में 10 साल लगेंगे। वेतन तय करते समय कई बातें और देखनी होती हैं। मसलन यदि आप पद क से पद ख पर प्रोन्नत किए जाएं तो पद ख के किस चरण पर आपका वेतन फिक्स किया जाए। इसकी व्यवस्था भी तभी कर दी जाती है जब वेतनमान तैयार किया जाता है।

राजस्थान पत्रिका के सप्लीमेंट मी नेक्स्ट का कॉलम नॉलेज कार्नर

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