Thursday, December 15, 2011

इंजेक्शन द्वारा दवाई देना कब से शुरू हुआ?


इंजेक्शन द्वारा दवाई देना कब से शुरू हुआ? फेसबुक पर रॉकी दुआ ने पूछा है 



शरीर में चोट लगने पर दवाई सीधे लगाने की परम्परा तो काफी पुरानी है। शरीर में अफीम रगड़कर या किसी कटे हुए हिस्से में अफीम लगाकर शरीर को राहत मिल सकती है सा विचार भी पन्द्रहवीं सोलहवीं सदी में बन गया था। अफीम से कई रोगों का इलाज किया जाने लगा, पर डॉक्टरों को लगता था कि इसे खिलाने से लत पड़ सकती है। इसलिए शरीर में प्रवेश का कोई तरीका खोजा जाए। स्थानीय एनिस्थासिया के रूप में भी मॉर्फीन वगैरह का इस्तेमाल होने लगा था। ऐसी सुई जिसके भीतर खोखला बना हो सोलहवीं-सत्रहवीं सदी से इस्तेमाल होने लगी थी। पर सबसे पहले सन 1851 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक चार्ल्स गैब्रियल प्रावाज़ ने हाइपोडर्मिक नीडल और सीरिंज का आविष्कार किया। इसमें महीन सुई और सिरिंज होती थी। तबसे इसमें तमाम तरह के सुधार हो चुके हैं। 

गर्मियों मैं दिन बड़े होते हैं और रात छोटी....लेकिन सर्दियों मैं दिन जल्दी ढल जाते हैं और रात बड़ी हो जाती हैं ...ऐसा क्यों?-नीरज सोनी फेसबुक पर                                                                                         


                                                


धरती अपनी धुरी पर थोड़ी झुकी हुई है। आप जानते हैं कि वह 365 दिन में सूरज की परिक्रमा पूरी करती है। इस परिक्रमा के दौरान साल के छह महीने उत्तरी ध्रुव पर सूरज की किरणें पड़तीं हैं और छह महीने दक्षिणी ध्रुव पर। इसी तरह भूमध्य रेखा के उत्तर और दक्षिण के इलाके सूरज के करीब या दूर होते हैं। यही परिक्रमा बदलते मौसमों का कारण है। जिन दिनों हमारे यहाँ सर्दी है उन्हीं दिनों ऑस्ट्रेलिया में गर्मियाँ शुरू हो रहीं हैं। दिन और रात का छोटा-बड़ा होना इस बात पर निर्भर करता है कि आपका घर धरती के किस अक्षांश-देशांतर पर है।

अनेक प्रकार के जंतु, जानवर और पक्षियों के होते हुए भी चिड़ियाघर को चिड़ियाघर के नाम से क्यों पुकारा जाता है?-एसपी गोयल, मार्बल मार्किट, रोहिणी-फेसबुक पर
यह एक शाब्दिक लोक प्रयोग है। आमतौर पर चिड़िया पालने की परम्परा रही है। Zoological garden का शुद्ध अनुवाद प्राणि उद्यान है। पर तरह-तरह के जानवरों में पक्षियों की प्रधानता के कारण इसे चिड़ियाघर बना दिया। चाहते तो जानवर घर भी कह सकते थे।

दुनिया में तराजू का प्रयोग कब शुरू हुआ? इसकी ज़रूरत क्यों पड़ी? -देवेन्दर
                                      


इसका इस्तेमाल सबसे पहले भारत में ही शुरू हुआ। सिन्धु घाटी की सभ्यता में वजन तोलने वाली तराजू और बाँटों के ईसवी सन से करीब ढाई हजार साल पुराने अवशेष मिले हैं। इसके बाद मिस्र में भी इसका इस्तेमाल शुरू हुआ। दरअसल तराजू शुरू होने के पहले व्यापार या वितरण शुरू हुआ होगा। किसी भी चीज़ को बेचने के लिए उसकी मात्रा और मूल्य का रिश्ता तय किया गया होगा। एक पत्थर या दो पत्थर के बराबर वजन। छोटे पत्थर और बड़े पत्थर के बराबर वजन।

भारत को इंडिया क्यों कहते हैं? यह नाम कहाँ से आया?
प्राचीन ग्रीक और लैटिन में भारत को सिंधु नदी के पास इलाके से पहचाना जाता था। सिंधु को वे स का लोप करके इंडस बोलते थे। इसी सिंधु से फारसी अरबी में हिन्दू और हिन्द शब्द बने।

सभी गाडियों के टायर काले क्यों होते हैँ ? अनिल प्रजापति
टायर बनाने की प्रक्रिया को वल्कनाइजेशन कहते हैं। आमतौर पर रबर का रंग स्लेटी होता है। प्राकृतिक रबर यानी लेटेक्स में कार्बन ब्लैक मिलाते हैं ताकि वह मजबूत रहे। साथ ही थोड़ा सल्फर भी मिलाते हैं। कार्बन ब्लैक के कारण यह काला हो जाता है। इससे यह अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से बच जाता है।

मूँछ प्रतियोगिता क्या है?
नाम से जाहिर है इसका रिश्ता मूँछ से है। हाल में पुष्कर के मेले में एक ऐसी ही प्रतियोगिता हुई थी। जैसलमेर के मरु महोत्सव में ऐसी एक प्रतियोगिता होती है।सन 1990 से 'वर्ल्ड बियर्ड ऐंड मुस्टैश चैंपियनशिप' भी चल रही है जो इस साल ट्रॉनढाइम, नॉर्वे में हुई थी।

भारत के किस पूर्व प्रधानमंत्री का जन्मदिन 29 फरवरी को मनाया जाता है?बारिज़, जाफराबाद, दिल्ली 
मोरारजी देसाई।

पहला क्रिकेट टेस्ट मैच कब, कहाँ और किस ग्राउंड पर खेला गया था? जीतने वाला कौन था?
पहला आधिकारिक क्रिकेट टेस्ट मैच 15 मार्च 1877 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शुरू हुआ। इसमें ऑस्ट्रेलिया की टीम 45 रन से जीती। टेस्ट मैचों के सौ साल पूरे होने पर 12 से 17 मार्च 1977 को मेलबोर्न में दोनों देशो के बीच हुए टेस्ट मैच में भी ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 45 रन से हराया।

शतरंज के बोर्ड में कितने वर्ग होते हैं?-गौतम।
आप यदि यह जानना चाहते हैं कि कितने खाने होते हैं तो 64 होते हैं। पर यदि कुल वर्गों की संख्या जानना चाहते हैं तो वह 204 होती है।

कबड्डी का खेल कब और कैसे शुरू हुआ?
कबड्डी का खेल भारत में प्रागैतिहासिक काल से चला आ रहा है। हमारे पौराणिक ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है। बौद्ध ग्रंथों में भी इसका विवरण है। महाभारत में जिस चक्रव्यूह का उल्लेख है उसका खेल-रूप कबड्डी है। एक व्यक्ति को घेरना और उसका बचकर निकलना। आधुनिक कबड्डी का पहला अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन 1936 के बर्लिन ओलिम्पिक खेलों में अमरावती, महाराष्ट्र के हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल ने किया। 1938 के राष्ट्रीय खेलों में कबड्डी प्रतियोगिता शामिल हुई। 1955 से भारत की राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता शुरू हुई। 1980 से एशियाई कबड्डी चैम्पियनशिप शुरू हुई और 1990 में बींजिंग के एशिया खेलों से यह एशियाई खेलों में भी शामिल हो गई।

डब्लूडब्लूई की कुश्ती में कितनी सत्यता है? इसमें हार-जीत कैसे तय होती है?

देखिए इसका नाम है वर्ल्ड रैसलिंग एंटरटेनमेंट। इसमें कुश्ती होती है, पर उसका उद्देश्य दर्शकों का मनोरंजन है। खासतौर से टीवी पर मनोरंजन। आप जो देखते हैं उसमें कुश्ती एक स्टोरीलाइन के तहत लड़ी जाती है। यह पूरी तरह से कुश्ती के नियम के तहत नहीं है। पर डब्लूडब्लूई एक्स्ट्रीम रूल्स नाम से एक प्रतियोगिता भी होती है जिसमें हार-जीत का निपटारा कुछ खास नियमों के अंतर्गत होता है।

एफएम गोल्ड के कार्यक्रम बारिश सवालों की में शामिल सवाल

3 comments:

  1. पहली बार आया इस ज्ञान भंडार रूपी ज्ञानकोश पर!!!

    बहुत ही ज्ञानवर्धक जानकारी मिलती है। आज थोडा समय मिला तो सारी पोस्ट पढ गया।

    अगली बार प्रश्न लेकर भी उपस्थित होता हूँ।

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  2. बहुत ही ज्ञानवर्धक जानकारी मिलती है।

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