Sunday, January 18, 2026

बजट सत्र दो हिस्सों में क्यों?

संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। इसका पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा, और 9 मार्च को फिर से शुरू होकर 2 अप्रैल तक जारी रहेगा। क्या आपने कभी सोचा कि बजट सत्र के दो हिस्से क्यों होते हैं? सामान्यतः हर साल संसद के तीन सत्र होते हैं। बजट (जनवरी-अप्रैल), मॉनसून (जुलाई-अगस्त) और शीतकालीन (नवंबर-दिसंबर)। इन तीन के अलावा संसद के विशेष सत्र भी बुलाए जा सकते हैं। बजट अधिवेशन को दोनों हिस्सों के बीच तीन से चार सप्ताह का अवकाश होता है। इस दौरान स्थायी समितियाँ विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान माँगों पर विचार करती हैं। बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों के समक्ष राष्ट्रपति का अभिभाषण होता है, जिसमें उन नीतियों एवं कार्यक्रमों का विवरण होता है जिन्हें सरकार लागू करना चाहती है। इसके साथ ही पहले वर्ष की गतिविधियों और उपलब्धियों का विवरण होता है। हरेक अधिवेशन की अंतिम तिथि के बाद छह मास के भीतर आगामी अधिवेशन के लिए सदनों को बैठक के लिए आमंत्रित करना होता है। सदनों को बैठक के लिए आमंत्रित करने की शक्ति राष्ट्रपति में निहित है, पर व्यवहार में इसकी पहल सरकार करती है।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

 

Saturday, January 10, 2026

डार्क एनर्जी और डार्क मैटर

 

डार्क एनर्जी और डार्क मैटर ब्रह्मांड के दो रहस्यमय घटक हैं, जो अदृश्य हैं फिर भी ब्रह्मांड के व्यवहार पर गहरा असर डालते हैं। डार्क मैटर का गुरुत्वाकर्षण प्रभाव होता है। यह निहारिकाओं और निहारिका समूहों को एक साथ बाँधे रखता है, जिससे वे बिखरते नहीं हैं। 1998 में वैज्ञानिकों ने सुदूर निहारिकाओं में टाइप एलए सुपरनोवा का अध्ययन किया, तो पता लगा कि ब्रह्मांड का विस्तार बजाय धीमा होने के तेज़ हो रहा है, जबकि गुरुत्वाकर्षण के कारण विस्तार धीमा होना चाहिए, तब उन्होंने एक प्रतिकारक बल की परिकल्पना की, जिसे डार्क एनर्जी नाम दिया गया। यही रहस्यमय ऊर्जा, ब्रह्मांड के विस्तार की गति को लगातार बढ़ा रही है। कई भौतिकविद मानते हैं कि ब्रह्मांड का संपूर्ण दृश्य भाग इसमें मौजूद सभी पदार्थों का केवल 5 प्रतिशत है, और शेष 95 प्रतिशत डार्क मैटर और डार्क एनर्जी से बना है। विभिन्न अप्रत्यक्ष अवलोकनों और गणनाओं के माध्यम से यह स्पष्ट होने लगा, तो इन मायावी कणों की खोज के लिए प्रयोग किए जाने लगे। वैज्ञानिकों को अभी इस सिलसिले में डेटा का इंतज़ार है। अमेरिका के साउथ डकोटा में लक्स-ज़ेपलिन दुनिया का सबसे संवेदनशील डार्क मैटर डिटेक्टर है।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Saturday, January 3, 2026

हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य

यूनाइटेड किंगडम में हाउस ऑफ कॉमन्स के सदस्य चुनकर आते हैं, वहीं हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य चुने नहीं जाते, मुख्यतः नियुक्त किए जाते हैं। इनके दो मुख्य वर्ग हैं। लॉर्ड्स स्पिरिचुअल (अध्यात्मिक सदस्य) और लॉर्ड्स टेम्पोरल (सांसारिक सदस्य)। 26 लॉर्ड्स स्पिरिचुअल, चर्च ऑफ इंग्लैंड के वरिष्ठ बिशप। पहले दो कैंटरबरी और यॉर्क के आर्कबिशप। इसके बाद 24 बिशप, जो वरिष्ठता के आधार पर पदेन सदस्य बनते हैं। बिशप बनते ही सदस्यता मिल जाती है, और रिटायरमेंट पर समाप्त हो जाती है। लॉर्ड्स टेम्पोरल, मुख्य सदस्य हैं, जिनकी संख्या लगभग 800 है (दिसंबर 2025 तक कुल सदस्यता करीब 800-822)। इनमें शामिल हैं लाइफ पीअर्स, जो आजीवन सदस्य होते हैं, लेकिन उनकी उपाधि वंशानुगत नहीं होती। इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर राजा करते हैं। राजनीतिक सदस्य, मुख्य पार्टियाँ (कंजर्वेटिव, लेबर आदि) अपने उम्मीदवार सुझाती हैं। गैर-राजनीतिक सदस्यों के नाम एक स्वतंत्र संस्था हाउस ऑफ लॉर्ड्स अपॉइंटमेंट्स कमीशन सुझाती है। जनता भी नाम सुझा सकती है। ये विशेषज्ञता के आधार पर आते हैं। हेरेडिटरी पीअर्स (वंशानुगत सदस्य): पहले सैकड़ों थे, लेकिन 1999 के हाउस ऑफ लॉर्ड्स एक्ट के बाद केवल 92 बचे हैं। शाही उपाधियाँ, अब नई वंशानुगत उपाधियाँ नहीं दी जातीं।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में 3 जनवरी, 2026 को प्रकाशित

 

 

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