Monday, March 26, 2012

जेड श्रेणी की सुरक्षा किन लोगों को दी जाती है?


सुरक्षाओं की कितनी श्रेणियाँ होती हैं? जेड श्रेणी की सुरक्षा किन लोगों को दी जाती है?

विनम्र गुप्ता.एमपी



भारत में एक्स, वाई, ज़ेड और ज़ेड+ सुरक्षा श्रेणियाँ होतीं हैं। एक्स में एक गार्ड होता है, वाई में दो, ज़ेड में 11 और ज़ेड+ में 36 गार्ड होते हैं। सुरक्षा देने के कारण व्यक्ति की महत्ता और उस पर आए खतरे पर निर्भर करते हैं। सचिन तेन्दुलकर को लश्करे तैयबा की धमकी के बाद उन्हें सुरक्षा दी गई। राजनेताओं से लेकर उद्योगपतियों, फिल्म कलाकारों, खिलाड़ियों और किसी भी क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति को ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षा दी जाती रही है।

हम साँस लेने में ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते हैं. यह कार्बन इस प्रक्रिया में कहाँ से बन जाता है?

परीक्षित परमार

इसका आसान जवाब यह है कि हम साँस से ऑक्सीजन लेते हैं, पर हम जो भोजन लेते हैं उसमें कई तरह के यौगिक होते हैं। इनमें कार्बन के यौगिक भी होते हैं। उनका उत्पाद पानी है और कार्बन डाईऑक्साइड भी जो अलग-अलग रास्तों से शरीर के बाहर आता है।

रेड कॉर्नर नोटिस का क्या मतलब है?

सिद्धि तिवारी, जयपुर

इंटरपोल नोटिस या इंटरनेशनल नोटिस इंटरपोल द्वारा सूचना के आदान-प्रदान की पद्धति है। इंटरपोल सात प्रकार के नोटिस जारी करता है इनमें छह अपने रंगों से पहचाने जाते हैं। ये रंग हैं लाल, नीला, हरा, पीला, काला और नारंगी। लाल नोटिस आमतौर पर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए होता है। नीला नोटिस किसी व्यक्ति के बारे में अतिरिक्त सूचना देने या पाने के वास्ते, हरा ऐसे व्यक्तियों के बारे में चेतावनी जो अपराध कर चुके हैं, पीला गुमशुदा(आमतौर पर नाबालिगों) के बारे में सूचनाएं, काला किसी लाश की शिनाख्त न होने पर जारी होता है, नारंगी बमों, पार्सल बमों वगैरह की सूचनाएं। इसके अलावा इंटरपोल-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद नोटिस उन व्यक्तियों और संस्थों को लेकर जारी होता है जिनपर सुरक्षा परिषद पाबंदियाँ लगाती है। .
राजस्थान पत्रिका के कॉलम नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

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