Saturday, August 3, 2013

मुझे कुतुब मीनार के बारे में जानकारी चाहिए। यह किस काम आता था?

मुझे कुतुब मीनार के बारे में जानकारी चाहिए। यह किस काम आता था?
राकेश फलवारिया, सुजानगढ़, चुरू-331507
दिल्ली की कुतुब मीनार, ईंट से बनी दुनिया की सबसे ऊँची मीनार है। इसकी ऊँचाई 72.5 मीटर (237.86 फुट) और व्यास 14.3 मीटर है, जो ऊपर जाकर शिखर पर 2.75 मीटर (9.02 फुट) हो जाता है। इसमें 379 सीढियाँ हैं। अफ़गानिस्तान की जाम मीनार से प्रेरित एवं उससे आगे निकलने की इच्छा से, दिल्ली के पहले मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक, ने कुतुब मीनार का निर्माण सन 1193 में आरम्भ करवाया, परन्तु केवल इसका आधार ही बनवा पाया। बाद में उनके दामाद और उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने इसमें तीन मंजिलों को बढ़ाया, और सन 1368 में फिरोजशाह तुगलक ने पाँचवीं और अन्तिम मंजिल बनवाई। इस मीनार में ऐबक से तुगलक तक के स्थापत्य एवं वास्तु शैली में बदलाव को देखा जा सकता है। मीनार को लाल पत्थर से बनाया गया है, जिस पर कुरान की आयतों की एवं फूल बेलों की महीन नक्काशी की गई है। यह मीनार पुराने दिल्ली शहर, ढिल्लिका के प्राचीन किले लालकोट के अवशेषों पर बनी है। ढिल्लिका आखिरी हिन्दू राजाओं तोमर और चौहान की राजधानी थी। इस क्यों बनाया गया? माना जाता कि कुतुब मीनार का इस्तेमाल पास ही में बनी कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद की मीनार के रूप में होता था और यहां से अजान दी जाती थी। यह भी कहते हैं कि इस्लाम की दिल्ली पर विजय के प्रतीक रूप में बनी। कुछ पुरातत्व शास्त्री मानते हैं कि इसका नाम पहले तुर्क सुल्तान कुतुबुद्दीन एबक के नाम पर पडा, वहीं कुछ यह मानते हैं कि इसका नाम बग़दाद के प्रसिद्ध सन्त कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर है, जो भारत में रहने आए थे। यहाँ लगे शिलालेख में लिखा है कि इसकी मरम्मत फ़िरोज शाह तुगलक ने (1351-88) और सिकंदर लोधी (1489-1517) ने करवाई। मेजर आर.स्मिथ ने इसका जीर्णोद्धार 1829 में करवाया था।

मीनार के चारों ओर बने अहाते में भारतीय कला के कई उत्कृष्ट नमूने हैं, जिनमें से अनेक इसके निर्माण काल सन 1193 या और पहले के हैं। इनमें कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा बनाई गई भारत की पहली मस्जिद कुव्वत-उल-इस्लाम, चौथी सदी का चंद्र लोह स्तम्भ (आयरन पिलर), अलाई दरवाजा, इल्तुतमिश का मकबरा (1235 इसवी) प्रमुख हैं। लोह स्तम्भ की खासियत यह है कि 1700 साल के लंबे अर्से से यह खुले आसमान में खड़ा है। इसके ऊपर सालों से धूप, बारिश और धूल गिरती रही है, लेकिन इसके बावजूद भी इस पर जंग नहीं लगा है।

कुतुब मीनार के पास ही एक और मीनार बनाने की शुरूआत की गई थी। इसे अलाई मीनार कहते हैं। अलाउद्दीन खिलजी ने इसका निर्णाण शुरू कराया था। वे कुतुब मीनार से दुगनी ऊँची मीनार बनाना चाहते थे। इस मीनार की बुनियाद के अलावा करीब 80 फुट की ऊँचाई तक काम हो गया था, पर सन 1316 में अलाउद्दीन की मौत के बाद यह काम अधूरा रह गया।

इंटरनेट पर पब्लिक साइट्स का स्टोरेज लिमिट क्या है? क्या यू ट्यूब और गूगल के पास अनलिमिटेड स्टोरेज है?
आयुष पोखरना, विजयनगर, अजमेर
इंटरनेट के इतिहास को देखें तो पता लगेगा कि शुरू में यह अनुसंधान प्रयोगशालाओं के बीच का नेटवर्क था। जैसे-जैसे इसकी सम्भावनाओं के दरवाजे खुले तब इंटरनेट सेवाओं के व्यावसायिक इस्तेमाल का रास्ता भी खुला और तब इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के रूप में संस्थाएं बनीं। सन 1990 में द वर्ल्ड नाम से पहली इंरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) का जन्म हुआ। यूट्यूब, गूगल, पिकासा, याहू वगैरह तकनीक और कारोबार के नए मानक गढ़ रहे हैं। वैब स्टोरेज का एक समानांतर कारोबार चल रहा है। आप जिस स्टोरेज की बात पूछ रहे हैं, वह अब कोई समस्या नहीं है। वह अनलिमिटेड है।

क्या नेता लोग टैक्स भरते हैं?
त्रिलोक नायक, triloknayak07@gmail.com
नेता भी देश के नागरिक हैं। उन्हें भी हर तरह के टैक्स भरने होते हैं। वह हाउस टैक्स हो या इनकम टैक्स नेताओं को भी नियमानुसार उन्हें भरना होता है।


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