Thursday, July 6, 2017

हैक्टिविज़्म किसे कहते हैं?

हैक्टिविज़्म इंटरनेट से आया शब्द है, जो अंग्रेजी के एक्टिविज्म और हैकिंग के संयोग से बनाया गया है. किसी विचारधारा के प्रसार के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल हैक्टिविज़्म कहलाता है और इस काम को करने वाले हैक्टिविस्ट कहलाते हैं. यह शब्द सन 1994 में पहली बार कंप्यूटर हैकर ग्रुप कल्ट ऑफ द डैड काउ (सीडीसी) के सदस्य ओमेगा ने गढ़ा था. हैक्टिविज़्म शब्द का इस्तेमाल सायबर आतंकवाद के लिए भी इस्तेमाल होने लगा है. दूसरी ओर विकीलीक्स जैसे समूहों के लिए भी इस शब्द का इस्तेमाल चल रहा है. पश्चिमी देशों में इसे पूँजीवाद विरोधी विचारधारा का प्रमुख वाहक भी माना जा रहा है.
किंग आर्थर कौन थे?
किंग आर्थर एक ब्रिटिश महानायक का नाम है, जिनके बारे में कई तरह की किंवदंतियाँ हैं. कहा जाता है कि उन्होंने मध्ययुगीन इतिहास और कल्पित-कथा के अनुसार छठी शताब्दी के प्रारम्भ में सैक्सन हमलावरों के खिलाफ ब्रिटेन की सेना का नेतृत्व किया था. आर्थर का चरित्र मूलतः लोककथाओं और साहित्यिक रचनाओं में गढ़ा गया है. उनके ऐतिहासिक अस्तित्व को लेकर इतिहासकारों में विवाद और मतभेद हैं. यह नाम प्राचीन काव्यों में पहली बार आया था. बारहवीं सदी के ब्रिटिश धर्मगुरु ज्यॉफ्री मॉनमाउथ ने द हिस्ट्री ऑफ किंग्स ऑफ ब्रिटेन में उनका जिक्र किया है. लोककथाओं में उसके पहले भी ऐसे जादुई चरित्र का वर्णन मिलता है. ज्यॉफ्री ने वर्णन किया है कि आर्थर ब्रिटेन के राजा थे जिन्होंने सैक्संस को हराया था और ब्रिटेन, आयरलैंड, आइलैंड, नॉर्वे और गॉल में एक साम्राज्य की स्थापना की थी. उन्नीसवीं सदी में इस पात्र को जीवन मिला. बीसवीं सदी में थिएटर फिल्म, टीवी, कॉमिक्स और दूसरे मीडिया में किंग आर्थर के किस्से खूब चलने लगे.  
भारत का पहला विश्वविद्यालय?
प्राचीन भारत के तक्षशिला और नालन्दा विश्वविद्यालय दुनिया के प्राचीनतम विश्वविद्यालय हैं.  पर आधुनिक विश्वविद्यालयों के अर्थ में भारत का पहला विश्वविद्यालय कोलकाता में खुला. इसकी स्थापना 24 जनवरी 1857 को हुई. उसी साल मद्रास और मुम्बई की प्रेसीडेंसियों में भी विश्वविद्यालय खुले थे. कोलकाता विश्वविद्यालय से जुड़े चार विद्वानों को नोबेल पुरस्कार मिल चुके हैं. इनके नाम हैं-रोनाल्ड रॉस, रवीन्द्र नाथ ठाकुर, सीवी रामन और अमर्त्य सेन.
ड्रैगन वास्तविक होता है या काल्पनिक?
ड्रैगन काल्पनिक प्राणी है. ज्यादातर सभी प्राचीन सभ्यताओं में ड्रैगन जैसे विशाल सर्प, अजगर या डायनोसॉर जैसे प्राणी की परिकल्पना मिलती है. ड्रैगन शब्द लैटिन के ड्रैको से बना है. साँप, अजगर जैसे चकत्तेदार खाल वाले, मगरमच्छ और घोड़े जैसे मुख और छिपकली जैसे पैर वाले प्राणी की परिकल्पना यूरोप के अलावा चीनी, जापानी, फारसी और संस्कृत साहित्य में भी मिलती है. यूरोप के ड्रैगन के शरीर में चमगादड़ जैसे डैने भी होते हैं. इधर डायनोसॉर जैसे शरीर वाले ड्रैगनों की तस्वीरों और खिलौनों की बाढ़ आई है. कुछ वास्तविकताओं और कुछ कल्पनाशीलता से बना ड्रैगन सम्भवतः: दुनिया का सबसे लोकप्रिय पात्र है.
माचिस कब बनी?
माचिस शब्द अंग्रेजी के मैच से आया है. इसका अर्थ है बत्ती या लैम्प की नोक. यूरोप में औद्योगिक क्रांति के दौरान सेल्फ इग्नाइटेड मैच की ईजाद हुई. पेरिस के प्रोफेसर के चैंसेल ने पोटेशियम क्लोरेट, गंधक, चीनी और रबर के घोल को लकड़ी में लपेटकर रोशन तीली 1805 में बनाई. उधर इंग्लैंड के केमिस्ट जॉन वॉकर ने 1826 ने पहली फ्रिक्शन मैच बनाई. इसमें एंटीमनी सल्फाइड, पोटेशियम क्लोरेट, गोंद और स्टार्च को लकड़ी पर लपेटा गया. सूखने के बाद इसे किसी खुरदुरी सतह पर रगड़ा गया तो आग पैदा हुई. सैमुअल जोन्स नाम के किन्हीं सज्जन ने इसे पेटेंट करा लिया. इसका नाम था ल्युसिफर मैच. नीदरलैंड्स में आज भी माचिस को ल्युसिफर कहते हैं.   
http://epaper.prabhatkhabar.com/1270447/Awsar/Awsar#page/6/1

No comments:

Post a Comment