Sunday, March 25, 2018

‘रोबोट’ शब्द कब बना?

रोबोट शब्द चेकोस्लोवाकिया के नाट्य लेखक कारेल चापेक ने गढ़ा। उन्होंने 1921 में एक नाटक लिखा आरयूआर यानी कि रोज़म्स युनीवर्सल रोबोट्स। इस वैज्ञानिक फैंटेसी में मशीनी सेवक हैं, जो मनुष्यों के लिए काम करते हैं। चेक भाषा में रोबोटा का मतलब होता है श्रमिक। इससे बना रोबोट शब्द। पर यहाँ से रोबोट की अवधारणा का जन्म नहीं हुआ। यदि हम मनुष्यों की तरह काम करने वाली मशीन की अवधारणा का इतिहास खोजें तो पाएंगे कि इससे पहले ऑटोमेटा की अवधारणा ने जन्म ले लिया था। ऑटोमेटा सन1700 के आसपास बनाए गए खिलौने थे, जो घड़ीसाज़ी में काम आने वाली मशीनरी के सहारे चलते थे। इतने चलते-फिरते पुतले कह सकते हैं। पिछले चार दशकों में कम्प्यूटर और कृत्रिम मेधा (आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस) के विकास के साथ रोबोट का मतलब काफी बदल गया है। 
वीडियोबॉम्बिंग किसे कहते हैं?
यह शब्द टीवी पत्रकारिता के विकास के साथ एक नई तरह की संस्कृति को व्यक्त करता है। अक्सर टीवी पत्रकार किसी विशिष्ट व्यक्ति से कैमरा पर बात करते हैं तो आसपास लोग जमा हो जाते हैं और कैमरा में अपनी शक्ल दिखाने की कोशिश करते हैं। कोशिश ही नहीं हाथों से इशारे वगैरह भी करते हैं, ताकि उनकी तरफ ध्यान जाए। किसी बड़े खिलाड़ी, नेता, अभिनेता या सेलिब्रिटी के साथ खुद को जोड़ने की कोशिश करना वीडियोबॉम्बिंग है। हाल के वर्षों में खेल के जीवंत प्रसारण के साथ ऐसे दर्शकों की तस्वीरें भी दिखाई जाने लगी है, जो अपने पहनावे, रंगत या हरकतों की वजह से अलग पहचाने जाते हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के साथ कुछ दर्शक दुनियाभर की यात्रा करते हैं और हरेक मैच में नजर आते हैं। अमेरिका के रॉलेन फ्रेडरिक स्टीवर्ट ने सत्तर के दशक में अमेरिकी खेल के मैदानों में इंद्रधनुषी रंगों के एफ्रो-स्टाइल विग पहनकर इसकी शुरुआत की थी, जिसके कारण उन्हें ‘रेनबो मैन’ कहा जाता था।
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स
दुनिया में मनी लाउंडरिंग रोकने के लिए ग्रुप-7 की पहल है जिसे उसके संक्षेप नाम FATF से पहचाना जाता है। सन 1989 में शुरू हुए इस अंतर-शासन संगठन के जिम्मे सन 2001 में आतंकवादी संगठनों को मिल रही वित्तीय मदद पर रोक लगाने का काम भी आ गया। यह संगठन दुनिया के देशों पर नजर रखता है कि वे इस दिशा में क्या कर रहे हैं। इन दिनों यहाँ पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डालने पर विचार किया जा रहा है। इस संगठन का सचिवालय पेरिस में है। इस संगठन में सन 1989 में 16 सदस्य थे, जो सन 2016 तक बढ़कर 37 हो गए। भारत भी इसका सदस्य है।
नीम कड़वा क्यों होता है?
नीम के तीन कड़वे तत्वों को वैज्ञानिकों ने अलग किया है, जिन्हें निम्बिन, निम्बिडिन और निम्बिनिन नाम दिए हैं। सबसे पहले 1942 में भारतीय वैज्ञानिक सलीमुज़्ज़मा सिद्दीकी ने यह काम किया। वे बाद में पाकिस्तान चले गए थे। यह कड़वा तत्व ही एंटी बैक्टीरियल, एंटी वायरल होता है और कई तरह के जहरों को ठीक करने का काम करता है।
ख़ाकी माने क्या?
ख़ाकी शब्द फारसी के ख़ाक से बना है। यानी मिट्टी का। मटमैला रंग, भूरा, मिट्टी से संबंधित, मृण्मय। इसके अलावा बिना सींची हुई भूमि। मुहावरे के रूप में इसका इस्तेमाल होता है खाकी अंडा। यानी ऐसा अंडा, जो भीतर से बिगड़ गया हो और जिसमें से बच्चा न निकले, बयंडा, गंदा अंडा। भारत में अंग्रेज सेना ने घुड़सवार दस्तों की वर्दी के रूप में ख़ाकी रंग को चुना, क्योंकि यह रंग दूर से जमीन के रंग से मिलता था। उन्नीसवीं सदी में यह शब्द अंग्रेजी के शब्दकोशों में भी शामिल हो गया। एक प्रकार के वैष्णव साधुओं को भी ख़ाकी कहते हैं, जो तमाम शरीर में राख लगाया करते हैं। मुसलमान फकीरों का एक संप्रदाय, जो ख़ाकी शाह का अनुयायी है।


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