Sunday, July 15, 2018

हॉकी चैम्पियंस ट्रॉफी


पिछले रविवार (1 जुलाई 2018) को पुरुषों की हॉकी चैम्पियंस ट्रॉफी प्रतियोगिता का फाइनल मैच खेला गया. इस साल के बाद यह प्रतियोगिता समाप्त की जा रही है. सन 2019 से इसके स्थान पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी संघ की हॉकी प्रो-लीग प्रतियोगिता शुरू होगी. चैम्पियंस ट्रॉफी की शुरुआत सन 1978 में हुई थी. इस प्रतियोगिता में शामिल सभी टीमें एक राउंड रॉबिन लीग में एक-दूसरे से खेलती थीं. सबसे ज्यादा अंक अर्जित करने वाली दो टीमों के बीच फाइनल मैच होता था. सन 1987 में पुरुषों की इस प्रतियोगिता के तर्ज पर महिलाओं की द्विवार्षिक प्रतियोगिता भी शुरु हुई. पुरुषों की प्रतियोगिता शुरू में सालाना होती थी, पर 2014 से वह भी द्विवार्षिक हो गई थी.

पुरुष प्रतियोगिता में सबसे पहले साल पाँच टीमों ने भाग लिया. दूसरे साल इन टीमों की संख्या सात हो गई. इसके बाद 2010 तक इसमें छह टीमें भाग लेती थीं. सन 2011 से 2018 तक इसमें छह टीमों ने हिस्सा लिया.

दिन और रात बराबर

इसे हिंदी में विषुव और अंग्रेज़ी में इक्विनॉक्स (Equinox)कहते हैं. यानी ऐसा समय-बिंदु, जिसमें दिन और रात लगभग बराबर होते हैं. किसी इलाके में दिन और रात की लंबाई पर असर डालने वाली कई बातें होतीं हैं. धरती अपनी धुरी पर २३½° झुककर सूर्य के चक्कर लगाती है, इस प्रकार वर्ष में एक बार पृथ्वी इस स्थिति में होती है, जब वह सूर्य की ओर झुकी रहती है, व एक बार सूर्य से दूसरी ओर झुकी रहती है. इसी प्रकार वर्ष में दो बार ऐसी स्थिति भी आती है, जब पृथ्वी का झुकाव न सूर्य की ओर ही होता है, और न ही सूर्य से दूसरी ओर, बल्कि बीच में होता है. इसे इक्विनॉक्स कहा जाता है. इन दोनों तिथियों पर दिन और रात की बराबर लंबाई लगभग बराबर होती है. ऐसा भूमध्य रेखा पर होगा. आजकल ऐसा 20/21 मार्च और 22/23 सितम्बर को होता है. पर यह भी अलग-अलग अक्षांश यानी लैटीट्यूड पर अलग-अलग दिन होता है.

समुद्री पानी खारा क्यों?

जब धरती नई-नई बनी थी, तब इसके वातावरण में कई प्रकार की गैसें थीं, जो ज्वालामुखियों की आग और धुएं से निकली थीं. ये गैसें धीरे-धीरे समुद्र के पानी में घुलीं. दूसरे जमीन पर बारिश का पानी जब नदियों के रास्ते समुद्र तक आता है, जो मिट्टी के साथ कई तरह के लवणों को भी ले आता है. यह भी पानी में घुलता है. समुद्र के पानी में नमक लगातार बढ़ रहा है, पर यह मात्रा इतनी कम है कि उसे मापना सम्भव नहीं.

नदियों और झरनों के पानी में भी प्रकृति के अन्य पदार्थों से आए लवण घुलते हैं. उनकी मात्रा कम होती है इसलिए वह पानी हमें मीठा लगता है. समुद्र में ख़ास दो लवण हैं सोडियम और क्लोराइड. दुनिया के अलग-अलग समुद्रों के पानी में अलग-अलग मात्रा में खारा होता है. सामान्यतः 1000 ग्राम या एक लिटर समुद्री पानी में 35 ग्राम (सात चम्मच) नमक होता है. इसे पार्ट्स पर थाउजैंड (पीपीटी) कहते हैं. सामान्यतः समुद्रों का पानी 34 से 36 पीपीटी नमकीन होता है, पर यूरोप के पास के भूमध्य सागर का पानी 38 पीपीटी है.


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