Saturday, July 7, 2018

फीफा विश्व कप


रूस में 14 जून से 21वें फुटबॉल विश्वकप की शुरुआत हो चुकी है. वैश्विक फुटबॉल पर यूरोप का कब्ज़ा है. यूरोप के अलावा लैटिन अमेरिका की टीमें ही इस कप को जीत पाईं हैं. ब्राज़ील ने पाँच बार विश्व कप जीता है. यह एकमात्र टीम है, जो सभी विश्वकप प्रतियोगिताओं में खेली है. सन 2014 में चैम्पियन जर्मनी की टीम थी, जो चार बार इस प्रतियोगिता को जीत चुकी है.

फीफा वर्ल्ड कप 2018 में पहली बार चिप लगी गेंद 'टेलस्टार-18' से खेला जा रहा है. टेलस्टार-18 को एडिडास ने डिजाइन किया है. एडिडास ने लगातार 13वीं बार वर्ल्ड कप की गेंद को डिजाइन किया है. टेलस्टार-18 में चिप लगाई गई है, जिसके जरिए गेंद को स्मार्ट फोन से कनेक्ट कर पैर से लगे शॉट और हैडर सहित अन्य जानकारियां मिलेंगी. सन 1994 में अमेरिका हुए विश्वकप के बाद पहली बार गेंद सिर्फ काले और सफेद रंग में हो रहा है. गेंद में केवल छह पैनल वॉल हैं. पुराने टेलस्टार में 32 पैनल वॉल थे. छह पैनल होने से हवा में उसकी स्थिरता बढ़ेगी. काले और सफेद रंग के कारण बॉल टीवी पर साफ नजर आएगी.

वीडियो रेफरी

इसबार के विश्व कप में क्रिकेट के थर्ड अम्पायर की तरह पहली बार वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वार) तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. फुटबॉल के नियमों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघ बोर्ड (आईएफएबी) ने 2 मार्च 2018 में इसे मंजूरी दे दी थी. इसके बाद फीफा परिषद ने उसे अंतिम रूप से स्वीकार किया. वार की चार तरह से सहायता ली जाएगी. एक, यह पता करने के लिए कि गोल हुआ या नहीं. दूसरे, पेनल्टी देनी चाहिए या नहीं. इसके अलावा ‘वार’ लाल कार्ड को लेकर भी फैसला करेगा. साथ ही किसी खिलाड़ी को गलती से कार्ड मिला है, तो उसमें सुधार करेगा.

‘वार’ का इस्तेमाल प्रायोगिक तौर पर 2016 से 20 महासंघ कर रहे हैं. इनमें जर्मन बुंडेस्लीगा और इटली की सेरी ए प्रोफेशनल लीग शामिल हैं. करीब एक हजार मैचों में इसे आजमाया जा चुका है. इस विश्वकप से इसे स्वीकृति दिलाने में मदद मिलेगी. इस प्रौद्योगिकी को वैश्विक समर्थन पूरी तरह नहीं मिला है. यहां तक कि यूरोपीय फुटबॉल संस्था यूएफा अभी इसे लेकर आश्वस्त नहीं है.

टेस्ट क्रिकेट

क्रिकेट का सबसे लम्बा मैच टेस्ट मैच होता है. इस खेल का सबसे बड़ा मानक पाँच दिन का टेस्ट मैच है. एक जमाने में यह मैच पाँच दिन से भी ज्यादा लम्बा होता था. इंटरनेशनल क्रिकेट कौंसिल दुनिया के केवल 12 देशों को टेस्ट क्रिकेट खेलने की मान्यता दी है. दो देशों के बीच दुनिया का पहला टेस्ट मैच 15-19 मार्च 1877 को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया की टीम 45 रन से जीती थी. टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए मान्यता प्राप्त 12 टीमों के नाम इस प्रकार हैं, 1.इंग्लैंड, 2.ऑस्ट्रेलिया, 3.दक्षिण अफ्रीका, 4.वेस्टइंडीज, 5.न्यूजीलैंड, 6.भारत, 7.पाकिस्तान, 8.श्रीलंका, 9.जिम्बाब्वे, 10.बांग्लादेश, 11.आयरलैंड और 12.अफगानिस्तान. अंतिम दो टीमों ने अपना पहला टेस्ट मैच इस साल ही खेला है. सबसे नई टीम है अफगानिस्तान जिसने 14 जून को बेंगलुरु में अपना पहला टेस्ट मैच भारत के खिलाफ खेला. इसमें भारत ने अफगानिस्तान को एक पारी और 262 रन से हरा दिया. 
http://epaper.prabhatkhabar.com/1704527/Awsar/Awsar#dual/6/1s

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