Wednesday, May 30, 2012

एलएलबी का फुल फॉर्म क्या है?



एलएलबी का फुल फॉर्म क्या है?

विष्णु शर्मा, सीकर


एलएलबी माने हैं लेगम बैकालॉरियस। लैटिन मूल में पहले दो एल लेगम को बहुवचन में व्यक्त करने के लिए हैं। इसका अर्थ है बैचलर ऑफ लॉज़। विधियों या कानूनों का स्नातक।

मोबाइल फोन और सेल्युलर फोन के बीच का अंतर क्या होता है? इसका इस्तेमाल सबसे पहले कहाँ हुआ?

अंकिता मीणा, जयपुर


मोबाइल फोन का मतलब है जो फोन एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके। पर आजकल हमारा आशय सेल्युलर या सैल फोन से ही इसका आशय होता है। यह फोन रेडियो लिंक से जुड़ता है जबकि सामान्य लैंडलाइन केबल से जुड़ती है। दुनिया के पहले मोबाइल फोन का प्रदर्शन मोटरोला के डॉ मार्टिन कूपर ने सन 1973 में किया था। इन मोबाइल फोनों के पहले भी रेडियो फोन थे, पर उनमें और इस सेल्युलर फोन में अंतर था। वस्तुतः वायरलेस फोन काफी पहले से फौजी इस्तेमाल में आ रहे थे। उनका पहला नागरिक इस्तेमाल 17 जून 1946 को अमेरिका के सेंट लुईंज़, मिज़ूरी में बेल सिस्टम्स मोबाइल टेलीफोन सर्विस के नाम से एक कार से किया गया। इसे कार फोन का नाम दिया गया। इसका वजन था करीब 36 किलोग्राम। दुनिया की पहली ऑटोमेटेड कार फोन सेवा 1960 में स्वीडन में शुरू की गई। इसके उपकरणों का वजन करीब 40 किलो था। इसके बाद 1962 में वैक्यूम ट्यूब्स की जगह जगह ट्रांजिस्टर लगाकर कुछ और आधुनिक फोन सेवा शुरू की गई। मार्टिन कूपर ने 3 अप्रेल 1973 को सबसे पहले अपने प्रतिद्वंदी बैल लैब्स के डॉ जोएल एस एंजेल को फोन करके पहले मोबाइल हैंड सेट का प्रदर्शन किया। दुनिया की पहली कॉमर्शियल सेल्युलर फोन सेवा 1979 में जापान में एनटीटी ने तोक्यो में शुरू की। भारत में पहली मोबाइल फोन सेवा 15 अगस्त 1995 को दिल्ली में गैर-व्यावसायिक तौर पर शुरू की गई।

एक्साइज ड्यूटी क्या है? और यह किन-किन वस्तुओं पर लागू होती है? क्या यह कारीगर और मजदूरों पर लागू होती है?

विवेक जैन, कोटा 


एक्साइज़ ड्यूटी परोक्ष टैक्स है जो किसी उत्पाद को बनाने वाला सरकार को देता है। अंततः यह टैक्स माल को खरीदने वाले को देना होता है। दुनिया भर के देशों में यह टैक्स लगता है। कारीगरों और मजदूरों पर यह लागू नहीं होता। इसे उत्पाद शुल्क भी कहते हैं। किसी वस्तु की कीमत बढ़ जाने का एक कारण एक्साइज ड्यूटी बढ़ना भी हो सकता है।

राजस्थान पत्रिका के सप्लीमेंट मी नेक्स्ट का कॉलम नॉलेज कॉर्नर

Friday, May 18, 2012

आईपीएल में सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा विकेट लेने के रिकॉर्ड

आईपीएल में अब तक सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा विकेट लेने के रिकॉर्ड किनके नाम हैं..?

गेंदबाजी में पाकिस्तान के सुहेल तनवीर ने 14 रन पर 6 विकेट लिए। 4 मई 2008 को जयपुर में हुए मैच में राजस्थान रॉयल्स की ओर से चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ मैच में यह रिकॉर्ड बनाया। एक मैच में सबसे ज्यादा रन 18 अप्रेल 2008 को कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ी ब्रैंडन मैक्यूलम ने बंगलूर रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ खेलते हुए 73 गेंदों में 158 रन बनाए। यह मैच बंगलूर में खेला गया।

पेन ड्राइव का अविष्कार किसने किया था ?
यूएसबी फ्लैश पेन ड्राइव मूलतः डेटा स्टोरेज डिवाइस है। इसमें तमाम पुरानी तकनीकों का समावेश है। अलबत्ता अप्रेल 1999 में इस्रायली कम्पनी एम-सिस्टम्स ने इसके पेटेंट के लिए अमेरिका में अर्जी दी थी। इस कम्पनी के अमीर बैन, डोव मोरान और ओरोन ओग्दान ने इसका आविष्कार किया था। इस पेटेंट के बाद कई कम्पनियों ने अपने प्रोडक्ट्स के लिए अर्जियाँ दी हैं और इसमें कई तरह के विवाद है।

भारत में टीवी पर पहली बार समाचार किसने पढ़े थे?
भारत में टीवी प्रसारण 15 सितम्बर 1959 को शुरू हुआ था। यह कार्यक्रम युनेस्को की मदद से प्रारम्भ किया गया था। इसमें ही पहले टीवी समाचारों का प्रसारण हुआ और प्रतिमा पुरी ने पहली बार समाचार पढ़े। सन 2007 में श्रीमती पुरी का देहावसान हो गया।

ट्रैफिक सिग्नल की शुरुआत सबसे पहले कहां हुई ?
ट्रैफिक सिग्नल की शुरूआत रेलवे से हुई है। रेलगाड़ियों को एक ही ट्रैक पर चलाने के लिए बहुत ज़रूरी था कि उनके लिए सिग्नलिंग की व्यवस्था की जाए। 10 दिसम्बर 1868 को लंदन में ब्रिटिश संसद भवन के सामने रेलवे इंजीनियर जेपी नाइट ने ट्रैफिक लाइट लगाई। पर यह व्यवस्था चली नहीं। सड़कों पर व्यवस्थित रूप से ट्रैफिक सिग्नल सन 1912 में अमेरिका सॉल्ट लेक सिटी यूटा में शुरू किए गए। सड़कों पर बढ़ते यातायात के साथ यह व्यवस्था दूसरे शहरों में भी शुरू होती गई।


राजस्थान पत्रिका के सप्लीमेंट मी नेक्स्ट के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Thursday, May 17, 2012

आइसक्रीम की कहानी


आइसक्रीम सबसे पहले किसने बनाई, और सबसे ज्यादा आइसक्रीम की खपत कहां होती है?

ईसा से 400 साल पहले फारस में गुलाबजल में फालूदा और फलों को मिलाकर जमाने का चलन था। फालूदा शब्द फारस से ही आया है। तकरीबन उसी जमाने में चीन में दूध और चावल के मिश्रण को जमाकर ठंडी मिठाई का चलन था। ज्यादातर प्राचीन सभ्यताओं ने बर्फ जमाना और उसके व्यंजन बनाना सीख लिया था। आइसक्रीम की सबसे ज्यादा खपत अमेरिका में है जहाँ औसतन एक व्यक्ति साल भर में 23 लिटर आइसक्रीम खाता है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड हैं जहाँ 18 से 20 लिटर आइसक्रीम खाई जाती है।

पत्थर तो पानी में डूब जाता है, पर अंडे तैरते रहते हैं.. क्यों ?

पहले तैरने का सिद्धात समझ लें। आर्किमीडीज़ का सिद्धांत है कि कोई वस्तु जब पानी में डाली जाती है तब उसके द्वारा हटाए गए जल का भार उस वस्तु के भार के बराबर होता है। और हटाए गए पानी की ताकत उसे वापस ऊपर की ओर उछालती है। इसलिए लोहे का एक टुकड़ा जब पानी में डाला जाता है तब उसके द्वारा हटाए गए पानी की ऊपर को लगने वाली शक्ति को छोटा आकार मिलता है। यदि इसी लोहे के टुकड़े की प्लेट बना दी जाती तो उसका आकार बड़ा हो जाता और वह पानी के नीचे से आनी वाली ताकत का फायदा उठा सकती थी। जहाँ तक अंडे का सवाल है ताजा अंडे पानी में डूब जाते हैं पुराने नहीं डूबते। इसका कारण यह है कि पुराने अंडों के भीतर वायु कण बढ़ जाते हैं। इससे उसका आकार बढ़ जाता है। नमकीन पानी में अंडे तैरते हैं इसका कारण है कि नमक मिलने के कारण पानी का घनत्व बढ़ जाता है और अंडा तैरने लगता है। आपने देखा होगा कि जितना भारी तरल होता है उतना ही वस्तुएं उसमें तैरती हैं।

क्या डायनासोर फिर ज़िंदा हो सकते हैं ?

डायनासोर प्राणियों का एक समूह था जो अब से तकरीबन साढ़े छह करोड़ साल पहले धरती पर हुआ करता था। आज के प्राणियों में से अनेक उन्ही डायनासोरों के वंशज हैं। बहुत बड़े प्राणियों का जीवित रहना सम्भव नहीं हो सका। अब उनके दुबारा आने की उम्मीद नहीं है।

जब नया साल 1 जनवरी से शुरू माना जाता है तो फाइनैंशियल ईयर 1 अप्रैल से क्यों ?

दुनिया के सभी देशों में एक अप्रेल से नया वित्त वर्ष शुरू नहीं होता। चीन, फ्रांस और सिंगापुर में 1 जनवरी को बी नया वित्त वर्ष होता है। ऑस्ट्रेलिया, इटली, मिस्र और पाकिस्तान वगैरह में 1 जुलाई को। अमेरिका में 1 अक्टूबर को नया वित्त वर्ष होता है। इंग्लैंड में 1 अप्रेल से नया वित्त वर्ष शुरू होता है। हमने अपने यहाँ अंग्रेजों की परम्परा को बनाए रखा। हमारे लिए इसमें एक सुविधा यह थी कि यह नई फसल का समय होता है। बैसाखी का त्योहार आमतौर पर 14 अप्रेल को पड़ता है। नया संवत्सर भी इन्हीं दिनों शुरू होता है।

फ्लाइंग कार का कॉन्सेप्ट क्या है.. और इंडिया में ये कब आएगी ?

फ्लाइंग कार वस्तुतः साइंस फिक्शन की चीज़ है। यों जबसे हवाई जहाज बने हैं तबसे हवाई कार बनाने की कोशिशें हो रहीं हैं। इन दिनों अमेरिकन एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी रोडेबल एयरक्राफ्ट पर काम कर ही है। उसका लक्ष्य 2015 में ऐसा विमान पेश करने का है।

दुनिया में सबसे ज्यादा गर्मी कहां पड़ती है.. और सबसे ठंडा देश कौन है ?

उत्तरी इथोपिया का डल्लोल शहर दुनिया का सबसे गर्म आबाद स्थान माना जाता है। यहाँ 1960 से 1966 के बीच औसत दैनिक तापमान 34.4 डिग्री सैल्शियस दर्ज कया गया। इस दौरान औसत अधिकतम तापमान 41 डिग्री और किसी-कसी दिन 55 डिग्री से ऊपर चला जाता है। अमेरिका की डैथवैली में 1913 में तापमान 56.7 डिग्री दर्ज किया गया। डेनमार्क के अधीन ग्रीनलैंड प्रायः हर समय बर्फ की चादर से ढका रहता है इसलिए सबसे ठंडा इलाका कह सकते हैं। अलबत्ता कनाडा और रूस दूसरे और तीसरे नम्बर के देश कहे जा सकते हैं जहाँ -5 और -6 डिग्री औसत तापमान होता है।  दुनिया की सबसे ठंडी जगह यों तो अंटार्कटिक में रिज ए मानी जाती है। वहाँ का न्यूनतम तापमान -90 डिग्री सेल्शियस से भी नीचे चला जाता होगा। यह अनुमान है, क्योंकि इस 15000 मीटर ऊँची पहाड़ी पर मनुष्य के पैर आजतक नहीं पड़े हैं। अंटार्कटिक में ही रूस के स्टेशन वोस्तोक में -89.2 डिग्री सेल्शियस तक दर्ज किया गया है। रूस के साखा गणराज्य के गाँव ओमायाकोन को दुनिया का सबसे ठंडा आबाद क्षेत्र माना जाता है। आर्कटिक के पास के इस इलाके में जनवरी में तापमान -50 से -65 डिग्री के बीच रहता है। यों 6 फरबरी 1933 को यहाँ का तापमान -69.2 दर्ज किया गया था, जो दुनिया के किसी भी बसे हुए क्षेत्र का न्यूनतम दर्ज तापमान है।

ज्यादातर पंखों में (FAN) में तीन डैने (BLADE) ही क्यों होते हैं ?

चार ब्लेड वाले पंखे भी होते हैं, पर एक दूसरे से 120 अंश की दूरी पर ब्लेड लगाने से हवा का कटान अच्छा होता है और किफायती भी। आप चार या पाँच ब्लेड लगाएंगे तो कीमत बढेगी और बिजली का खर्च भी।

कोई सपना हमें लंबे वक्त तक याद रहता है.. और कोई सपना हम बिल्कुल याद नहीं रहता.. क्यों ?

हमें ज्यादातर सपने याद नहीं रहते। जिस वक्त हम सपने देखते हैं उस वक्त की हमारी नीद को मनोचिकित्साविद आरईएम (रैपिड आई मूवमेंट) कहते हैं। उस वक्त मस्तिष्क की न्यूरोकेमिकल स्थिति ऐसी होती है कि हमें ज्यादा याद नहीं रहते। पर इसके अलावा दूसरे कारण भी हो सकते हैं। एक कारण यह बताया जाता है कि मस्तिष्क के उस हिस्से में जिसे सेरेब्रल कॉर्टेक्स कहते हैं एक हॉर्मोन नोरेपाइनफ्राइन की कमी होती है। यह हॉर्मोन याददाश्त के लिए ज़रूरी होता है।

अगर ये सही है कि इंसान पहले बंदर थे.. तो सारे बंदर इंसान क्यों नहीं बन पाए..?

इंसान कभी बंदर नहीं था। मनुष्य जिस होमोनिड्स और होमो सेपियंस प्रजाति से विकसित हुआ है उससे पहली प्रजातियाँ आज के अफ्रीकी एप या गोरिला से जुड़ी थीं। वैज्ञानिक परीक्षणों से पता लगा है कि चिम्पांजी और मनुष्य के डीएनए काफी मिलते जुलते हैं। मनुष्य के 75 फीसदी डीएनए कद्दू से मिलते हैं और 93 फीसदी मक्खियों से। ज्यादातर डीएनए बताते है कि सेल किस तरह बनते हैं। चूंकि पूरा जीवन इन बिल्डिंग बलॉक्स से डुड़ा है इसलिए सभी प्राणियों के डीएनए मिलते-जुलते होते हैं। अभी छानबीन चल ही रही है कि इंसान में क्या खास बात थी कि वह इस रूप में विकसित हुआ।

जानवरों के क्लोन तो बनने लगे.. इंसानों की क्लोनिंग कब होगी ?

इंसानों के क्लोन का मामला बहुत नाजुक है और उससे तमाम नैतिक प्रश्न जुड़े हैं। अलबत्ता उसकी चिकित्सा में इस तकनीक का इस्तेमाल करने की कोशिशें की जा रहीं हैं।

क्या किसी दवा या प्रयोग से इंसानों की उम्र बढ़ाई जा सकती है ?

व्यक्ति के खान-पान रहन-सहन के तरीकों में बदलाव करके स्वास्थ्य को बेहतर किया जा सकता है। संसार में औसत उम्र बढ़ भी रही है। इससे ज्यादा कुछ नहीं।

क्या आसमान से गिरने वाली बिजली का कोई इस्तेमाल किया जा सकता है ?

1980 के दशक से कोशिश हो रही है कि आकाशीय बिजली की उसी तरह हार्वेस्टिंक की जाए जैसे बरसात के पानी की हो रही है। चूंकि यह बिजली किसी छोटी सी जगह गिरती है और बहुत कम समय के लिए होती है इसलिए वे तरीके खोजे जा रहे हैं जिनमें इसका इस्तेमाल हो सके। मसलन पानी को गर्म करने या उसमें से हाइट्रोजन गैस को अलग करने में इसकी भूमिका हो सकती है। अमेरिका की एक कम्पनी आल्टरनेट इनर्जी होल्डिंग्स इनकॉरपोरेट ने कृत्रिम तड़ित के सहारे 60 वॉट का बल्ब बीस मिनट तक जलानेमें कामयाबी हासिल की। पर यह सब प्रयोग के स्तर पर ही है। प्राकृतिक शक्ति के रूप में आकाशीय हिजली के मुकाबले सौर ऊर्जा का इस्तेमाल ज्यादा व्यावहारिक है, पर अभी फोटोवोल्टाइक सैल की तकनीक काफी महंगी है।

बरसात का पानी नदियों में और नदियां समंदर में मिलती हैं.. फिर नदी का पानी मीठा क्यों और समंदर का पानी खारा क्यों होता है..?

समुद्र का पानी धरती के काफी बड़े हिस्से में फैला है। धरती में कई प्रकार के धातु, खनिज और लवण मौजूद हैं। नमक की चट्टाने और पहाड़ भी होते हैं। यह नमक समुद्र के पानी में घुल गया है। इसी समुद्र का पानी गर्म होकर भाप बनता है और ऊपर उठ जाता है। इस भाप के रूप में जमा पानी में नमक की मात्रा लगभग शून्य होती है। यह भाप बादल बनकर धरती पर बारिश करती है। बारिश का पानी नदियों, खेतों, झीलों और पहाड़ी चट्टानों के भीतर जाता है और धीरे-धीरे बाहर आता है। काफी पानी ऊँचे पहाड़ों में बर्फ बनकर गिरता है। यह बर्फ पिघलकर नदी बनकर बहती है। इस बर्फीले पानी में नमक कम होता है इसलिए यह पानी मीठा लगता है। सागर में खारा लगता है, क्योंकि उसमें नमक बहुत ज्यादा है। कुछ सागरों का पानी ज्यादा खारा होता है और कुछ का कम।

Thursday, May 3, 2012

दुनिया की सबसे पुरानी भाषा कौन सी है?

दुनिया की सबसे पुरानी भाषा कौन सी है.. पूरी दुनिया में कुल कितनी भाषाएं बोली जाती हैं..? 





पुरानी भाषा से दो आशय होते हैं। एक ऐसी भाषा जो थी, पर आज नहीं है और एक आज की जीवित भाषाओं में सबसे पुरानी। पुरानी भाषाओं में सुमेरियन, मिस्री, सिंधु घाटी की भाषा, अक्कादी और तमाम प्रचीन सभ्यताओं से जुड़ी भाषाएं। संस्कृत और तमिल सम्भवतः दुनिया की प्राचीनतम जीवित भाषाएं हैं। इसमें चीनी को भी शामिल कर सकते हैं। इनमें ज्यादा पुरानी भाषा कौन सी है इस पर मतभेद हैं। अमेरिकी संस्था समर इंस्टीट्यूट ऑफ लिंग्विस्टिक्स के अनुसार दुनिया में तकरीबन 6900 भाषाएं बोली जाती हैं। 

4G क्या है और ये 3G तकनीक से कितना बेहतर है..? 

इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस यूनियन के मानकों के अनुसार वाइड एरिया वायरलेस वॉइस टेलीपोन, मोबाइल इंटरनेट एक्सेस, वीडियो कॉल्स और मोबाइल टीवी वगैरह तीसरी पीढ़ी में शामिल किए जाते हैं। इसे इंटरनेशनल मोबाइल टेलीकम्युनिकेशंस-2000 या आईएमटी-2000 भी कहते हैं। चौथी पीढ़ी यानी 4जी में सुविधाएं और बढ़ जाएंगी यानी मोबाइल अल्ट्रा ब्रॉडबैंड की स्पीड बढ़ेगी, हाई डेफिनीशन और थ्री डी टीवी, गेमिंग डिवाइस बेहतर हो जाएंगी। मोबाइल वायमैक्स 100 मेगाबिट्स प्रति सेकंड और फिक्स्ड लाइन में एक गीगाबाइट प्रति संकंड डेटाट्रांसफर हो सकेगा। इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस यूनियन ने 4जी के जो मानक तैयार किए हैं उन्हें आईएमटी एडवांस्ड (International Mobile Telecommunications Advanced ) कहते हैं। 


फूलों में अलग अलग खुशबू और रंग कहां से आते हैं..? 

रासायनिक यौगिकों का एक गुण गंध भी है। फूलों में ही नहीं आप जीवन के प्रायः तमाम तत्वों में गंध पाते हैं। आपको भोजन, शराब, फलों, मसालों, सब्जियों वगैरह में गंध मिलती है। फूल देखने में ही सुन्दर नहीं होते उनमें खुशबू भी होती है। हालांकि सभी फूलों में खुशबू नहीं होती। कुछ फूल गंधहीन होते हैं और कुछ दुर्गंध भी देते हैं। गुलाब की खुशबू जेरनायल एसीटेट नामक रासायनिक यौगिक के कारण होती है। चमेली की खुशबू नेरोलायडॉल के कारण होती है।पुराने ज़माने में फूलों से ही इत्र बनता था। फूलों की मुख्य भूमिका प्रजनन में है। एक फूल से परागकण दूसरे में जाते हैं। इसमे हवा के अलावा मधुमक्खियों, तितलियों तथा इसी प्रकार के दूसरे प्राणियों की होती है। उन्हें आकर्षित करने में भी इनके रंग और सुगंध की भूमिका होती है। 



गुरिल्ला, इंसान से वजन में तीन से चार गुना बड़ा होता है पर दिमाग में करीब 10 गुना छोटा होता है.. क्यों..? 


गोरीला का दिमाग मनुष्य के दिमाग से इतना छोटा नहीं होता जितना आप कह रहे हैं। इन दिनों इंसान के दिमाग का औसत आकार 1200 से 1400 क्यूबिक सेंटीमीटर होता है। जबकि एक गोरीला का दिमाग 500 से 700 क्यूबिक सेंटीमीटर के बीच होता है। दिमाग का विकास शारीरिक विकास का हिस्सा है। इंसान के दिमाग का आकार लगातार बढ़ता रहा। कभी होमो हैबिलिस के दिमाग का साइज 600 क्यूबिक सेंटीमीटर होता था। इसका एक मतलब यह भी है कि दिमाग का इस्तेमाल जितना होगा उतना वह बढेगा। पर पिछले 28000 साल में इंसान के दिमाग का आकार घट रहा है, जबकि शरीर की ऊँचाई बढ़ रही है। अलबत्ता एक रोचक तथ्य यह भी है कि सन 2003 में इंडोनेशिया के पास कुछ बौने इंसानों के कंकाल मिले। इन्हें होमो फ्लोरोसिएंटिस नाम दियागया। इनकी ऊँचाई एक मीटर के आसपास होती थी और इनके दिमाग का साइज था 380 क्यूबिक सेंटीमीटर। यह मनुष्य तकरीबन 13 से 38 हजार साल पहले विचरण करता था। केवल दिमाग छोटा होने से मात्र से मेधा कम नहीं होती, पर लगता है कि गोरीला के शरीर का इस्तेमाल दिमाग की तुलना में कम होता है। 


देश में सबसे ज्यादा क्रिकेट खेला और देखा जाता है.. फिर हॉकी हमारा नेशनल गेम क्यों है..। 
हालांकि यह बात सही नहीं है कि क्रिकेट सबसे ज्यादा खेला जाता है। मीडिया में प्रचार के कारण आपको ऐसा लग सकता है। बहरहाल भारतीय टीम जिस खेल में एक लम्बे समय तक विश्व विजेता रही वह खेल हॉकी था। भारतीय टीम ओलिम्पिक खेलों में आठ बार चैम्पियन रही। इनमें छह बार लगातार यानी 24 साल तक हमारी टीम विश्व विजेता थी। 1928 से 1956 के दौरान लगातार छह बार हम चैम्पियन रहे। फिर 1964 और 1980 के ओलिम्पिक खेलों में हमारी टीम ने गोल्ड मेडल जीता। इसलिए हम हॉकी को राष्ट्रीय खेल मानते हैं। 


दुनिया की सबसे ज्यादा दूर तक निशाना लगाने वाली मिसाइल कौन सी है..? 
रूस की मिसाइल आर-36 या एसएस-9 सबसे भारी और दूर तक मार करने वाली मिसाइल है। इसकी मारक दूरी 10,200 किमी से 16000 किमी तक है। इसके अनेक वर्ज़न हैं। सबकी मारक दूरी अलग-अलग है। अमेरिकी मिसाइल एलजीएम-30 या मिनिटमैन की मारक दूरी 13000 किमी है। 

समंदर और आसमान दोनों नीले क्यों दिखते हैं..? 
आसमान का रंग तो काला होता है। रात में जब सूरज की रोशनी नहीं होती वह हमें काला नजर आता है। दिन में जब सूरज की रोशनी हमारे वायुमंडल में प्रवेश करती है तब वह हमें नीला नज़र आता है। धरती के चारों ओर वायुमंडल है। यानी हवा है जिसमें कई तरह की गैसों के मॉलीक्यूल और पानी की बूँदें या भाप है। रोशनी वेव्स या तरंगों में चलती है। हवा में मौजूद चीजें इन वेव्स को रोकती हैं। जो लम्बी वेव्स हैं उनमें रुकावट कम आती है। वे धूल को कणों से बड़ी होती हैं। रोशनी की लाल, पीली और नारंगी तरंगें नजर नहीं आती। पर छोटी तरंगों को गैस या धूल के कण रोकते हैं। रोशनी के वर्णक्रम या स्पेक्ट्रम में नीला रंग छोटी तरंगों में चलता है। यही नीला रंग जब फैलता है तो वह आसमान का रंग लगता है। जहाँ तक समुद्र की बात है तो पानी का अपना कोई रंग नहीं होता। उसपर आसमान की छाया पड़ती है तो वह नीला हो जाता है। पहाड़ों की झीलों में पहाड़ों की छाया पड़ती है तो पानी हरा लगता है। रात में समुद्र का पानी काला लगता है। 

माया सभ्यता के कैलेंडर के मुताबिक इस साल दुनिया खत्म हो जाएगी.. इस भविष्यवाणी में कितना दम है..? 
मध्य अमेरिका में यूरोपीय लोगों के आने के पहले मेसोअमेरिकन लांग काउंट कैलेंडर प्रचलित था। इस कैलेंडर में 7200 दिन का एक एक कातुन और 1 लाख 44 हजार दिन का एक बक्तुन होता है। प्राचीन माया सभ्यता के अवशेषों में ऐसा कैलेंडर पत्थरों में खुदा मिलता है। इन शिला लेखों में केवल 13वें बक्तुन तक की तारीखें दर्ज हैं। 13वाँ बक्तुन 21 दिसम्बर 2012 को खत्म होगा। इसलिए यह धारणा पैदा कर ली गई कि उसके बाद दुनिया नहीं रहेगी। मेरे विचार से यह सब बातें गलत साबित होंगी। इसे इस तरीके से क्यों न देखें कि इस कैलेंडर में चौदहवां बक्तुन और एक बेहतर दौर शुरू होगा। 

क्या बादल के अंदर भी लाइफ होती है..? 
आप जिन्हें बादल कहते हैं वह तो भाप है। ज्यादातर पानी। और पानी ही जीवन है। पानी का एक पर्यायवाची है जीवन।

लाई डिटेक्टर मशीन झूठ कैसे पकड़ती है.. और ये कितनी एकुरेट होती है..? 
पॉलीग्राफ को लाई डिटेक्टर कहा जाता है। इसमें ब्लड प्रेशर, पल्स, साँस की गति और त्वचा पर आ रहे बदलाव से व्यक्ति के व्यवहार को जानने की कोशिश की जाती है। हमारे कानून इसके द्वरा हासिल की गई जानकारी को साक्ष्य नहीं मानते। इसका केवल जाँच को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है। 


हॉलीवुड.. बॉलीवुड.. टॉलीवुड.. फिल्म इंडस्ट्री को ऐसे नामों से क्यों बुलाते हैं..? 

अमेरिका लॉस एंजलस, कैलीफोर्निया में हॉलीवुड एक डिस्ट्रिक्ट है जो फिल्म उद्योग के लिए मशहूर है। इसे यह नाम एचजे ह्विटले ने दिया जिन्होंने 1870 के आसपास यहाँ 500 एकड़ जमीन खरीद कर बस्ती बसाने की योजना बनाई। 1902 में यहाँ मशहूर हॉलीवुड होटल खुला। 1906 में इस इलाके में बायोग्राफ कम्पनी ने एक फिल्म की शूटिंग की। धीरे-धीरे यह फिल्मों का शहर ही बन गया। बहरहाल हॉलीवुड का नाम दुनिया में फिल्म निर्माण के साथ जुड़ने के बाद फिल्म निर्माण से जुड़े शहरों ने अपने नाम के आगे वुड जोड़ना शुरू कर दिया। यह हाल की बात है।

Monday, April 30, 2012

गाड़ी पर लाल और नीली बत्ती लगाने का अधिकार किन अधिकारियों को होता है?

गाड़ी पर लाल और नीली बत्ती लगाने का अधिकार किन अधिकारियों को होता है?
- कैलाश पालीवाल, कानोड़


आपने अक्सर देखा होगा कि कोई एम्बुलेंस खास तरीके का सायरन बजाती आती है और लोग उसे रास्ता देते हैं। इसे आपत्कालीन सेवा संकेत कहते हैं। एम्बुलेंस की छत पर रंगीन बत्तियाँ भी लगी रहती हैं। इसी तरह की व्यवस्था फायरब्रिगेड के साथ भी होती है। पुलिस की गश्ती गाड़ियों पर भी। इसका उद्देश्य ज़रूरी काम पर जा रहे लोगों को पहचानना और मदद करना है। महत्वपूर्ण सरकारी अधिकारियों, फौजी और नागरिक पदाधिकारियों के लिए भी ज़रूरत के अनुसार ऐसी व्यवस्थाएं की जाती हैं।

भारत में सेंट्रल मोटर ह्वीकल्स रूल्स 1989 के नियम 108(3) के अंतर्गत गाड़ियों पर बत्ती लगाने के जो निर्दश दिए हैं उनके अंतर्गत आने वाले कुछ पदाधिकारियों की सूची नीचे दे रहे हैं। ये केन्द्रीय निर्देश हैं। इनके अलावा राज्य सरकारों के निर्देश भी होते हैं।
लाल बत्ती फ्लैशर के साथ
राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा स्पीकर, कैबिनेट मंत्री, हाई कोर्टों के मुख्य न्यायाधीश, पूर्व प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष, राज्यों के मुख्यमंत्री आदि।
लाल बत्ती बिना फ्लैशर के
मुख्य चुनाव आयुक्त, सीएजी, लोकसभा उपाध्यक्ष, राज्य मंत्री, सचिव स्तर के अधिकारी आदि।
पीली बत्ती
कमिश्नर इनकम टैक्स, रिवेन्यू कमिश्नर, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक।
नीली बत्ती
एम्बुलेंस, पुलिस की गाड़ियाँ

भूकंप क्यों आते हैं?
- राजीव व्यास, उदयपुर

पृथ्वी की सतह से उसके केन्द्र की कुल दूरी औसतन लगभग 3960 मील है। धरती की बाहरी सतह ठोस है। इस ठोस सतह पर ही समुद्र हैं। इस सतह के नीचे उच्च तापमान पर पिघला लावा है। बाहरी सतह के हम क्रस्ट या पर्पटी कहते हैं। यह क्रस्ट पूरी तरह एक साथ जुड़ी नहीं है, बल्कि कई जगह से खंडित है। एक तरह से खौलते तरल लावा के ऊपर भूमि के खंड तैरते हैं। इन खंडों को प्लेट्स कहते हैं। दुनिया के नक्शे पर कई प्लेटें हैं। अंदर के दबाव के कारण इन प्लेटों में टकराव होता है तो भूकम्प आते हैं। इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट भारत से होकर गुजरती हैं।

हमारी पलकें क्यों झपकती हैं?
- नवीन शर्मा, बाड़मेर
पलकों का झपकना हमारी आँखों का एक प्रकार का सुरक्षा तंत्र है। बार-बार पलकें झपकने से आँखों में मौजूद पानी पूरी आँख में बराबरी से फैलता है। आँखों में निरंतर नमी की ज़रूरत होती है। नमी न हो तो आँख खराब हो जाएंगी। वे लगातार खुली रहें तो वे सूख जाएंगी, जिससे जलन होने लगेगी। पलकें झपकते हुए आँखों में मौजूद छोटे मोटे बाहरी तत्वों को भी कॉर्निया और कंजक्टिवा से हटाती रहती हैं। तेज हवा और आँधी में पलकें बंद हो जाती हैं ताकि धूल-मिट्टी न चली जाए। छींक आने पर भी पलकें बंद हो जाती हैं ताकि पुतलियाँ बाहर न निकलें।

राजस्थान पत्रिका के कॉलम नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

Wednesday, April 25, 2012

किसी भी स्कैंडल के साथ गेट क्यों जोड़ दिया जाता है ?


किसी भी स्कैंडल के साथ गेट क्यों जोड़ दिया जाता है ? -एसपी गोयल 
वॉटरगेट कॉम्प्लेक्स
 ऐसा पहले होता नहीं था। पर वॉटरगेट मामले के बाद से ऐसा होने लगा है। वॉशिंगटन डीसी में वॉटरगेट होटल कॉम्प्लेक्स में अमेरिका की डेमोक्रेट नेशनल कमेटी का मुख्यालय था। यहां पर सरकारी मशीनरी का उपयोग करते हुए ऐसे टेप लगा दिए गए थे जिससे सारी बातें सुनी जा सकें। उस वक्त देश के राष्ट्रपति रिपब्लिकन पार्टी के रिचर्ड निक्सन थे। 1972 से 1974 तक चले इस मामले में निक्सन के दुबारा चुनाव लड़ने के लिए जमा की जा रही गैर-कानूनी रकम और दूसरे अवैध कार्यों का खुलासा इस मामले से हुआ। सीनेट और अदालतों के बढ़ते दबाव से रिचर्ड निक्सन को अंततः इस्तीफा देना पड़ा।


भारत में रेल बजट अलग से क्यों पेश किया जाता है ?
संविधान के अनुच्छेद-112 के अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक वित्तीय वर्ष के सम्बंध में संसद के दोनों सदनों के सामने भारत सरकार की उस वर्ष के लिए प्राप्तियों और व्यय का विवरण रखवाएंगे, जिसे वार्षिक वित्तीय विवरण कहा गया है। यह बजट सामान्यतः फरवरी की अंतिम तिथि को पेश किया जाता है और 1 अप्रेल से लागू होता है। भारतीय रेल भी सरकार का उपक्रम है। इसका अलग बजट बनाने की परम्परा सन 1924 से शुरू हुई है। इसके लिए 1920-21 में बनाई गई विलियम एम एकवर्थ कमेटी ने रेल बजट को सामान्य बजट से अलग पेश करने का सुझाव दिया था। 1920-21 मे सरकार का कुल बजट 180 करोड़ का था, जबकि इसमें 82 करोड़ रु का रेल बजट था। अकेला रेल विभाग देश की अकेली सबसे बड़ी आर्थिक गतिविधि संचालित करता था। इसलिए उसका बजट अलग तैयार करने का सुझाव दिया गया। अब अनेक विशेषज्ञ रेल बजट को आम बजट का हिस्सा बनाने का सुझाव देते हैं। रेल बजट आम बजट से दो दिन पहले पेश होता है और आम बजट में रेलवे की प्राप्तियों और व्यय का विवरण दिया जाता है।

उँगली चटकाने की आदत के कोई नुकसान भी है? क्या मेडिकल परिभाषा में इसके कोई नुकसान भी है जो बुज़ुर्ग लोग बच्चों को ऐसा करने पर टोक-रोक देते है? प्रवीण !
उँगलियाँ ही नहीं शरीर में हड्डियों के जोड़ आवाज़ करते हैं। उँगलियों को खींचने या हथेली पर विपरीत दिशा में मोड़ने पर आवाज़ आती है और थोड़ा आराम भी मिलता है। रक्त का प्रवाह बढ़ने पर मामूली चोट या सूजन ठीक भी हो सकती है। इसके बारे में कुछ अध्ययन हुए हैं, जिनका निष्कर्ष है कि मोटे तौर पर इससे कोई नुकसान नहीं है। अलबत्ता गलत तरीके से चटकाने पर लिगामेंट्स टूटने का खतरा है।

पुलिस सरेंडर करते समय 'hands up' क्यों कहती है ? पवन
चूंकि व्यक्ति की गतिविधियों में हाथ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसलिए हाथों को सिर के ऊपर या पीठ के पीछे करने का निर्देश दिया जाता है। पुलिस को पहला डर होता है कि व्यक्ति के पास हथियार न हो।

पेन ड्राइव का अविष्कार किसने किया था ? गुलशन !
यूएसबी फ्लैश पेन ड्राइव मूलतः डेटा स्टोरेज डिवाइस है। इसमें तमाम पुरानी तकनीकों का समावेश है। अलबत्ता अप्रेल 1999 में इस्रायली कम्पनी एम-सिस्टम्स ने इसके पेटेंट के लिए अमेरिका में अर्जी दी थी। इस कम्पनी के अमीर बैन, डोव मोरान और ओरोन ओग्दान ने इसका आविष्कार किया था। इस पेटेंट के बाद कई कम्पनियों ने अपने प्रोडक्ट्स के लिए अर्जियाँ दी हैं और इसमें कई तरह के विवाद है।

हिंदुस्तान में टीवी पर पहली बार समाचार किसने पढ़े थे ! अनमोल
भारत में टीवी प्रसारण 15 सितम्बर 1959 को शुरू हुआ था। यह कार्यक्रम युनेस्को की मदद से शुरू हुआ था। इसमें ही पहले समाचारों का प्रसारण हुआ और जहाँ तक मेरी जानकारी है प्रतिमा पुरी ने पहली बार समाचार पढ़े। सन 2007 में श्रीमती पुरी का देहावसान हो गया।

हिंदी फिल्मों में पहले कॉमेडियन कौन थे ?
                                                
हिन्दी फिल्मों में जिस तरह गीत और संगीत अनिवार्य है तकरीबन उसी तरह कॉमेडी भी उससे जुड़ी है। पहला कॉमेडियन कौन था इस बात के जवाब में इतना ही कहना चाहिए कि किसी एक कॉमेडियन का नाम लेना उचित नहीं होगा। कहा जा सकता है कि 1951 में रिलीज़ हुई भगवान दादा की फिल्म अलबेला शायद पहली कॉमेडी फिल्म थी। कॉमेडी कलाकारों में गोप, आगा, मुकरी, जॉनी वॉकर, आईएस जौहर, महमूद, टुनटुन किशोर कुमार और केश्टो मुखर्जी वगैरह के नाम सबसे पहले जेहन में आते हैं। पुरानी कॉमेडी फिल्मों में चलती का नाम गाड़ी, हाफ टिकट और बेवकूफ का नाम भी लिया जा सकता है।

बॉक्स ऑफिस शब्द फिल्मों के लिए क्यों इस्तेमाल किया जाता है? रुचिका !
फिल्मों के पहले से बॉक्स ऑफिस शब्द का प्रयोग थिएटर में टिकट खिड़की के ले होता रहा है। नाटक और संगीत के कार्यक्रमों को देखने के लिए पहले बॉक्स ऑफिस से टिकट लेना पड़ता था। सिनेमा थेटर भी उसी शैली में बने। फिल्मों की सफलता को बॉक्स ऑफिस से जोड़ने का मतलब है टिकटों बिकना या दर्शकों का आना।

संगीतकार सोनिक ओमी आजकल कहाँ हैं ? उनकी कुछ फिल्मो के नाम बता दें हो सके तो एक गीत भी सुना दीजिए ! चारु !
चाचा-भतीजे की जोड़ी सोनिक ओमी में चाचा मनोहर लाल सोनिक का जन्म 26 नवम्बर 1926 में हुआ था। ढाई साल की उम्र में ही उनकी आँखें छिन गईं थीं। संगीत की शिक्षा उन्होंने लाहौर और लखनऊ में ली। आकाशवाणी में भी काम किया। सन 1949 में उन्हें पहली बार पंजाबी फिल्म कुस्मत में संगीतकार की भूमिका मिली। 1952 में ईश्वर भक्ति और ममता फिल्में आईं। ममता फिल्म में मुकेश का गाया गीत भोर भई एक परी गगन से उतरी लोकप्रिय हआ। उन्हें फिल्में मिलती रहीं। कुछ बड़े निर्देशकों के सहायक के रूप में भी उन्होंने काम किया, पर 1966 में उनकी फिल्म दिल ने फिर याद किया, 1968 में आबरू, 1970 में सावन-भादों ने उन्हें काफी लोकप्रियता दी। उनके कुछ लोकप्रिय गीतों में से ये हैं, पायल की छंकार रस्ते-रस्ते, अल्ला दुहाई है दुहाई है, लो चेहरा सुर्ख गुलाब हुआ, कलियों ने घूँघट खोले, ये क्या किया रे दुनिया वाले, कान में झुमका, चाल में ठुमका वगैरह। 9 जुलाई 1993 को सोनिक का देहांत हो गया। उनकी अनुपस्थिति में भी ओमी ने कुछ फिल्मों में संयुक्त नाम से संगीत दिया। हाल में यह परिवार खबरों में था जब सुनाई पड़ा कि गायिका सुनिधि चौहान की सगाई इस परिवार के हितेष सोनिक से हुई है।

रिअलिटी शो में क्या वाकई रियल्टी होती है ? हुसैन !
रियलिटी शो मनोरंजन शो हैं। उनमें रियलिटी मनोरंजन के स्तर पर ही है। हाल में आपने रियलिटी शो में शादियाँ भी होते देखी हैं, पर उनका उद्देश्य मनोरंजन था। इनमें खौफनाक कारनामे होते हैं, संगीत, नृत्य, पकवान बनाने की कलाएं शामिल हैं। काफी रियल भी है, काफी अनरियल। आखिरकार इनका उद्देश्य मनोरंजन है।

क्या अब तक हमारे देश के कोई राष्टपति पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान गए हैं? निजाम 
मेरी जानकारी में हमारे राष्ट्रपति पाकिस्तान नहीं गए हैं। अलबत्ता 13 अप्रेल 1955 में पाकिस्तान के तत्कालीन हाई कमिश्नर ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद के पास जाकर उनसे 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया था। पर यह यात्रा हो नहीं पाई।

एफिल टावर किस लिए मशहूर हैं ? इसका निर्माण कब और किस वजह से किया गया ? क्या हमारे देश में ऐसा कोई टावर है ? अंजू

फ्रांस के पेरिस शहर में सन 1889 में बनाई गई ईफेल टावर मूलतः 1989 वर्ल्ड फेयर के प्रवेश द्वार के रूप में बनी थी। आज यह फ्रांस की सबसे बड़ी प्रतीक है। इसका नाम इंजीनियर गुस्ताव ईफेल के नाम पर है, जिन्होंने इसे डिजाइन किया था। हमारे देश में कुतुब मीनार है। इस्पात से बनी टावर अब बिजली की लाइनों को जेड़ने के लिए बनती हैं, पर उनका कोई सांस्कृतिक महत्व नहीं है।
एफएम गोल्ड के कार्यक्रम बारिश सवालों की में शामिल

Sunday, April 15, 2012

गाड़ी चलाने के लिए लाइसेंस की जरूरत क्यों होती है?


गाड़ी चलाने के लिए लाइसेंस की जरूरत क्यों होती है?
- विजय, जयपुर 

गाड़ी चलाना व्यक्तिगत कार्य लगता है, पर वस्तुतः यह एक सामूहिक क्रिया है। सड़क पर आप कुछ नियमों के अंतर्गत चलते हैं। उन नियमों को जानना ज़रूरी है। इसके अलावा शारीरिक विकलांगता भी नहीं होनी चाहिए। गाड़ी चलाना एक प्रकार की शासकीय अनुमति है। यह अनुमति ही लाइसेंस है। व्यक्ति का नियमों को जानना, शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना और अनुशासन में रहना लाइसेंस पाने की बुनियादी शर्त है। यह विशेषाधिकार है, जो सरकार आपको देती है।
साइंस ओलम्पियाड क्या होता है?
सीमा, पाली

साइंस ओलम्पियाड मूलतः एक अमेरिकी अवधारणा है। इसके अंतर्गत स्कूली शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर छात्रों की प्रतियोगिता होती है। इसके अंतर्गत जीव विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान और इंजीनियरी से जुड़े विषय होते हैं। इस प्रतियोगिता में अमेरिका के 49 राज्यों के छात्र भाग लेते हैं। 23 नवम्बर 1974 को पहला साइंस ओलम्पियाड हुआ था। आप सम्भवतः उस साइंस ओलम्पियाड के बारे में जानना चाहते हैं, जो भारत में सुनाई पड़ता है। अमेरिका के उपरोक्त ओलम्पियाड का भारत तथा कुछ अन्य देशों में होने वाले ओलम्पियाड से सम्बन्ध नहीं है।

साइंस ओलम्पियाड का आयोजन साइंस ओलम्पियाड फाउंडेशन नामक संस्था करती है। इसका उद्देश्य साइंस, कम्प्यूर साइंस, गणित और अंग्रेजी की शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसके लिए भारत के अलावा सिंगापुर, ओमान, कतर, नेपाल, बहरीन, श्रीलंका, यूएई और डर्बन में हर साल चार ओलम्पियाड होते हैं, जिनके नाम हैं नेशनल सायबर ओलम्पियाड, नेशनल साइंस ओलम्पियाड, इंटरनेशनस मैथेमेटिक्स ओलम्पियाड और इंटरनेशनल इंग्लिश ओलम्पियाड। इसकी एक परीक्षा पद्धति है। इस संगठन के साथ विप्रो, रिलायंस, एलजी, आकाश स्टीट्यूट, विद्यालंकार ध्यानपीठ जैसी संस्थाएं भी जुड़ी हैं।

स्टाम्प पेपर क्या होता है? इस पर लिखा बयान इतना महत्वपूर्ण क्यों होता है?
- वेदप्रकाश तंवर

स्टाम्प पेपर आमतौर पर सरकारी शुल्क प्राप्त करने का तरीका है। तमाम तरह के समझौतों, सम्पत्ति की खरीद-फरोख्त, हलफनामों आदि के लिए शुल्क या कर की वसूली के लिए सरकार इन्हें जारी करती है। यह दुनिया भर में प्रचलित व्यवस्था है। अब नेट बैंकिंग और दूसरी तकनीक के विकास के बाद यह विचार किया जा रहा है कि स्टाम्प पेपर की व्यवस्था खत्म करके सीधे शुल्क ले लिया जाए।


राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित
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