Friday, July 3, 2015

ब्लैक बॉक्स को ब्लैक बॉक्स क्यों कहते हैं? यह किस काम आता है और अपना काम किस तरह करता है?


हवाई जहाज की उड़ान के दौरान उसके बारे में तमाम जानकारियाँ एक जगह दर्ज होती जाती हैं. विमान की गति, ऊँचाई, इंजन तथा अन्य यंत्रों की ध्वनि, यात्रियों और पायलटों की बातचीत आदि, दर्ज होती रहती है। इन सूचनाओं के विश्लेषण द्वारा विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में दुर्घटना के कारणों की पहचान की जाती है. इसे फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर या फ़्लाइट रिकॉर्डर कहते हैं। इसके अलावा कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर भी होता है। दोनों उपकरणों से बनता है ब्लैक बॉक्स. 1953-1954 में हवाई हादसों की श्रृंखला के बाद हवाई जहाज में एक ऐसा उपकरण लगाने की जरूरत महसूस की गई थी जो कि दुर्घटना के समय या उससे तुरंत पहले वायुयान में होने वाले हलचलों और आँकड़ों को संग्रहीत कर रख सके तथा जो दुर्घटनाओं में सुरक्षित रहे. इसका रंग काला नहीं लाल या नारंगी होता है. इसीलिए शुरू में इसे रेड एगकहा जाता था. इसके शुरुआती प्रारूपों में उसकी भीतरी दीवार को काला रखा जाता था, क्योंकि उसमें फोटो फिल्म आधारित जानकारी भी दर्ज होती थी. वहीं से इसका नाम ब्लैक बॉक्स पड़ा. इसमें क्रैश-प्रूफ मेमरी यूनिट्स होते हैं. इसे इस तरह बनाया जाता है कि तेज आग, भीषण विस्फोट और कई टन मलबे के दबाव के बावजूद नष्ट नहीं होता.

हमारे शरीर में कितना पानी होता है? यानी उसे लिटर में नापें तो कितना?
विश्व प्रसिद्ध शरीर विज्ञानी आर्थर गायटन की पाठ्य पुस्तक मेडिकल फिज़ियॉलॉजी के अनुसार एक सामान्य व्यक्ति के शरीर के वजन का लगभग 57 फीसदी भाग पानी के रूप में होता है. इस हिसाब से 70 किलोग्राम वजन के व्यक्ति के शरीर में लगभग 40 लिटर पानी होता है. नवजात शिशु के शरीर में तो 75 फीसदी तक भार पानी का होता है. इसके बाद दस साल की उम्र तक यह पानी कम होता जाता है और ठोस पदार्थ बढ़ता जाता है. कुछ व्यक्तियों के शरीर में यह घटकर 45 फीसदी तक रह जाता है. शरीर के तरल पदार्थ का आकलन औसत में होता है, इसमें कम-ज्यादा भी हो सकता है.

गंगा धरती पर कब और कैसे आई?
गंगा कब और कैसे आई के दो प्रकार के उत्तर दिए जा सकते हैं. पहला है पौराणिक आख्यान. भगवान राम के कुल में राजा हुए हैं सगर, राम से बहुत पहले. उनके साठ हजार पुत्र कपिल मुनि के तेज में भस्म हो गए थे. उनके मोक्ष के लिए सगर के बेटे अंशुमान, फिर उनके बेटे दिलीप ने ब्रह्मा की तपस्या की. पर ब्रह्मा नहीं माने. अंततः दिलीप के पुत्र भगीरथ ब्रह्मा की तपस्या करके गंगा को धरती पर लाए. इसलिए गंगा का एक नाम भगीरथी है. इस सवाल का भूवैज्ञानिक दृष्टि से देने की कोशिश करें तो पता लगता है कि तकरीबन पाँच से छह करोड़ साल पहले हिमालय की रचना हुई जब हिन्द महासागर में दक्षिण की ओर से एक विशाल भूखंड उत्तर में टकराया और उस टक्कर से ऊँचे पहाड़ बन गए. कालांतर में इन पहाड़ों पर मीठे पानी के ग्लेशियर और झीलें बनीं. इनके बीच से हिमालयी नदियाँ बनीं. यह लाखों साल पहले की घटना है. गंगा नदी अपने रास्ते बदलती हुई लगभग एक लाख साल पहले इस मार्ग पर स्थिर हुई.

नमस्ते बोलना कब से शुरू हुआ?
नमः यानी प्रणाम. नमः+ते = नमस्ते= आपको प्रणाम. नमः+कार=नमस्कार...अर्थात नमन करता हूँ. हिन्दू शास्त्रों में पाँच प्रकार के अभिवादन बतलाए गए है. 1-प्रत्युथान 2-नमस्कार, 3-उपसंग्रहण, 4-साष्टांग और 5-प्रत्याभिवादन यानी अभिनन्दन का अभिनन्दन से जवाब देना. नमस्ते दो शब्दों से बना है नमः+असते . नमः का मतलब होता है  झुक गया और असते मतलब सिर. यह कब से शुरू हुआ होगा, कहना मुश्किल है, पर कम से कम तीन से चार हजार साल पहले शुरू हुआ होगा जब संस्कृत का विकास हुआ.

दुनिया में सबसे पहली मस्जिद कौन सी है? भारत में पहली मस्जिद कब बनी?
इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल, काबा को पूरी तरह से घेरने वाली एक मस्जिद है. यह सउदी अरब के मक्का शहर में स्थित है और दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद है. दुनिया भर के मुस्लिम नमाज़ पढ़ते हुए काबे की तरफ़ मुख करते हैं और हर मुस्लिम पर अनिवार्य है कि, अगर वह इसका ज़रिया रखता हो, तो जीवन में कम-से कम एक बार यहाँ हज पर आये और काबा की तवाफ़ (परिक्रमा) करे. दुनिया की पहली मस्जिद मुहम्मद साहब ने बनवाई थी, जो मदीना, मुनव्वराह में मस्जिदे कुबा कहलाती है. भारत की सबसे पुरानी मस्जिद केरल के त्रिशुर जिले में स्थित चेरामन मस्जिद है. इस मस्जिद का निर्माण 629 ईस्वी हुआ था. इस इलाके के तत्कालीन राजा चेरामन पेरुमल ने मक्का की यात्रा की और उन्होंने मुहम्मद साहब से भेंट की थी और इस्लाम धर्म स्वीकार किया था. पेरुमल ने ही मक्का के लोगों को भारत में इस्लाम का प्रचार करने के लिए आमंत्रित किया था. कहा जाता है कि उनके न्योते पर ही मलिक बिन दीनार और मलिक बिन हबीब भारत आए और इस मस्जिद का निर्माण कराया. यह दुनिया की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक है.

प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

2 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, नौशेरा का शेर और खालूबार का परमवीर - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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