Sunday, April 23, 2017

हैशटैग क्या होता है?

यह एक प्रतीक चिन्ह है। दो क्षैतिज समांतर रेखाओं को दो आड़ी रेखाएं काटती हैं जिनसे यह चिह्न बनता है #। इस निशान का इस्तेमाल नम्बर या संख्या को बताने के लिए और पौंड के लिए भी होता है, जो प्राचीन रोमन चिह्न लिब्रा पौंडो यानी पौंड वज़न के लिए इस्तेमाल होता था। यूके में इसका इस्तेमाल पौंड करेंसी में होता है।
सत्तर के दशक में कंप्यूटर की सी प्रोग्रामिंग भाषा में इसका इस्तेमाल किया गया. अब इसकी ग्लोबल स्वीकृति है। यानी सभी भाषाओं ने खासतौर से सोशल मीडिया के लिए इसे अपना लिया है। आज हैशटैग से सारी सोशल नेटवर्किंग साइट अटी पड़ी हैं। आप अपने किसी संदेश को हैशटैग कर देते हैं तो वह एक बड़े भंडार का हिस्सा बन जाता है। हैशटैग के सहारे हम कम समय में अपनी दिलचस्पी के विषय या विचार तक जा पहुँचते हैं. बहसों में शामिल हो सकते हैं।
किसी शब्द के पहले स्पेस दिए बगैर # जोड़ दें तो यह एक लिंक बन जाता है। जब इसे क्लिक करें तो वहाँ ले जाता है, जहाँ इस लिंक से जुड़ी सामग्री होती है। आज यह सोशल मीडिया के ज्यादातर प्लेटफॉर्म पर प्रयुक्त हो रहा है। मसलन आप इंस्टाग्राम पर #india लिखें तो भारत से जुड़ी तस्वीरों को दिखाएगा। ट्विटर में इसका इस्तेमाल 2009-10 में शुरू हुआ। अपने व्यापक इस्तेमाल के कारण इसे जून 2014 में ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में जगह दी गई।
दुनिया का पहला उपन्यास कौन सा है?
आमतौर पर गेंजी मोनोगतारी या गेंजी की कहानी को दुनिया का पहला उपन्यास मानते हैं। जापानी लेखिका मुरासाकी शिकिबु ने इसे सन 1000 से सन 1008 के बीच कभी लिखा था। बेशक यह दुनिया के श्रेष्ठतम ग्रंथों में से एक है, पर इस बात पर एक राय नहीं है कि यह पहला उपन्यास था या नहीं। हमें पहले यह समझना चाहिए कि उपन्यास होता क्या है। उपन्यास गद्य में लिखा गया लम्बा आख्यान है, जिसकी एक कथावस्तु होती है और चरित्र-चित्रण होता है। कथावस्तु को देखें तो महाभारत, रामायण और तमाम भाषाओं में महाग्रंथ हैं। पर वे सब प्रायः महाकाव्य हैं। अलबत्ता संस्कृत में दंडी के दशकुमार चरित्र और वाणभट्ट के कादम्बरी को भी दुनिया के पहले उपन्यासों की सूची में रखा जा सकता है।
किस देश की डाक टिकट पर देश का नाम नहीं होता?
यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड आयरलैंड के डाक टिकटों पर देश का नाम नहीं होता। इसकी वजह यह है कि इन देशों में ही डाक टिकटों की शुरूआत हुई थी और इन्होंने तब अपने देशों के नाम टिकट पर नहीं डाले थे। हाँ इन टिकटों पर देश के राजतंत्र की छवि ज़रूर होती है।
कॉंटिनेंटल का मतलब क्या है?
कॉंटिनेंटल का हिन्दी में अर्थ होता है महाद्वीप। इसलिए इसका मतलब हुआ, महाद्वीपीय। व्यावहारिक अर्थ में इसे यूरोपीय मानते हैं। कॉंटिनेंटल डिश का मतलब यूरोपीय व्यंजन।

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