Sunday, June 11, 2017

धरती के नीचे क्या है?


आप कभी पृथ्वी में गड्ढा करने की कोशिश करें तो बहुत सफल नहीं होंगे. उपकरणों की मदद से भी दुनिया के वैज्ञानिक 8 किमी की गहराई तक के नमूने ले पाए हैं. दुनिया की सबसे गहरी खानें 3 किमी तक गहरी हैं. अलबत्ता वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार धरती की सतह से उसके केन्द्र तक की दूरी तकरीबन 6400 किमी है. इसमें चार परतें खासतौर से हैं. सबसे ऊपरी परत को क्रस्ट कहते हैं. यह करीब 15 किमी गहरी है. उसके बाद है मेंटल जो करीब ढाई हजार किमी तक है. इसमें भी चट्टानें हैं, पर जैसे-जैसे गहराई पर जाएंगे चट्टानें गर्म होती जाएंगी. इसके बाद है बाहरी कोर जो पिघले लावा की है. लावा मुख्य रूप से लोहा और निकल है. इसके बाद सबसे अंदर की कोर ठोस लोहे और निकल की है.

वीजा-पासपोर्ट का इतिहास क्या है?

पासपोर्ट शब्द का अर्थ है पोर्ट से गुजरना. यहाँ पोर्ट का मतलब नगर के द्वार से है. यानी कि जब आप किसी शहर में प्रवेश करें तो अपना परिचय दें. माना जाता है कि इंग्लैंड के राजा हेनरी पंचम ने पहली बार ऐसे औपचारिक परिचय पत्र का आविष्कार किया, जिसे पासपोर्ट कह सकते हैं. इस प्रकार के दस्तावेज का सबसे प्राचीन विवरण सन 1414 के संसदीय अधिनियम के रूप में मिलता है. उसी समय पासपोर्ट शब्द का इस्तेमाल किया गया. उन्नीसवीं सदी में रेलवे के आविष्कार के बाद यूरोप में यात्राएं बढ़ गईं और उनकी तेज गति के कारण दस्तावेजों की जाँच मुश्किल काम हो गया तो लम्बे समय तक बगैर पासपोर्ट यात्राएं होती रहीं. पहले विश्व युद्ध तक पासपोर्ट की व्यवस्था लगभग समाप्त हो गई. विश्व युद्ध के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल उठे और उसके साथ पासपोर्ट की आधुनिक व्यवस्था का विकास हुआ.

हिब्रू साहित्य में ईसा से तकरीबन साढ़े चार सौ साल पहले का जिक्र मिलता है जब फारस के राजा ने नीहीमिया नाम के एक अधिकारी को जूडिया भेजा, जिसमें दूर-दराज के सरदारों से अनुरोध किया गया था कि उसकी यात्रा में मदद करें. मध्य युग में इस्लामी खिलाफत में केवल उन लोगों को देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करने की अनुमति थी जिनके पास ज़का और जिज़्वा की रसीद होती थी. एक तरह से यह पासपोर्ट था.

सन 1920 में लीग ऑफ नेशंस का पासपोर्ट और कस्टम की औपचारिकताओं के बाबत पेरिस सम्मेलन हुआ. इस सम्मेलन में पासपोर्ट की मानक बुकलेट डिजाइन स्वीकृत हुई. फिर 1926 और 1927 में इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुए. संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद 1963 में अंतरराष्ट्रीय यात्रा को लेकर सम्मेलन हुआ. अलबत्ता सन 1980 में जाकर अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ने मशीन रीडेबल पासपोर्ट का मानक रूप तैयार किया. हाल के वर्षों में बायोमीट्रिक्स पहचान को पासपोर्ट में शामिल किया जा रहा है. अब पासपोर्ट नागरिकता की निशानी हैं. सम्भव है कि भविष्य के पासपोर्ट स्मार्टकार्ड या किसी अन्य रूप में हों.

विदा लेते समय टाटा-बाय कहने का मतलब क्या है?

अंग्रेजी में विदाई के वक्त टाटा कहने का चलन है. यह शब्द बोली का है. इसका प्रचलन उन्नीसवीं सदी से हुआ है. ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार यह गुडबाय का नर्सरी संस्करण है. इसका इस्तेमाल पहली बार 1837 में दर्ज है. सन 1941 में बीबीसी के एक रेडियो प्रोग्राम में इस्तेमाल किया गया संक्षिप्त प्रयोग टीटीएफएन काफी लोकप्रिय हुआ था जिसका मतलब था टाटा फॉर नाउ.

डरने पर दिल की धड़कन तेज क्यों हो जाती है?

हमारा मस्तिष्क एक केन्द्रीय कम्प्यूटर की तरह शरीर के सारे कार्यों को संचालित करता है. यह काम नर्वस सिस्‍टम के मार्फत होता है. नर्वस सिस्‍टम का एक हिस्सा शरीर की साँस लेनेभोजन को पचानेपसीना निकालनेकाँपने जैसी तमाम क्रियाओं का संचालन करता रहता है. आपको उसमें कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं होती है. इसे ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्‍टम कहते हैं. इस सिस्‍टम के दो हिस्से होते हैं. सिम्पैथेटिक और पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्‍टम. जब आप कोई डरावनी चीज़ देखते हैं तब सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्‍टम हृदय की गति को बढ़ा देता है. उसका उद्देश्य शरीर के सभी अंगों तक ज्यादा रक्त पहुँचाना होता है. साथ ही यह किडनी के ऊपर एड्रेनल ग्लैंड्स से एड्रेनालाइन हार्मोन को रिलीज करता हैजिससे मसल्स को अतिरिक्त शक्ति मिलती है. यह इसलिए कि या तो आपको लड़ना है या भागना है. दोनों काम के लिए फौरी ऊर्जा मिल सके.

हमारे दिल की धड़कन की सामान्य गति क्या है?

आमतौर पर आराम की स्थिति में 60 से 80 बीपीएम यानी बीट्स पर मिनट

दुनिया का सबसे लम्बा व्यक्ति कौन है?

गिनीज़ बुक के अनुसार तुर्की का सुलतान कोसेन इस वक्त संसार का सबसे लम्बा व्यक्ति है. 10 दिस 1982 को जन्मे सुलतान की लम्बाई 251 सेमी यानी 8 फुट 3 इंच है. यह माप 8 फरवरी 2011 को ली गई थी.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

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