Thursday, April 28, 2016

छठी इंद्रिय या सिक्स्थ सेंस के क्या मायने हैं? क्या जानवरों में भी ऐसी अनुभूति होती है?

सिक्स्थ सेंस के कई अर्थ होते हैं. एक अर्थ है व्यक्ति की शारीरिक संतुलन सामर्थ्य. पर आपका आशय व्यक्ति की मानसिक शक्ति से है. किसी चीज़ की अनुभूति शारीरिक अंगों से न होकर मानसिक अनुभूति. पूर्वाभास, टेलीपैथी जैसे कई नाम इसे दिए जाते हैं. इसे अतीन्द्रिय अनुभूति भी कहते हैं. इसे यह नाम जर्मन मनोविज्ञानी रुडॉल्फ टिशनर ने दिया और ड्यूक विश्वविद्यालय के मनोविज्ञानी जेबी राइनर ने चलाया. बहुत लोगों की मान्यता है कि इस दृश्य जगत से परे भी एक लोक है. इस अनुभूति का सम्बन्ध उस लोक से जोड़ते हैं. इसे परामनोविज्ञान का नाम देकर इसका अध्ययन भी करते हैं. कुछ लोग ऐसी शक्तियाँ पास होने का दावा करते हैं. कुछ लोग भविष्य में होने वाली बातों को देख सकने की क्षमता का दावा करते हैं. कई बार सामान्य लोगों को भी अच्छी या बातों का पूर्वाभास हो जाता है. कुछ लोग जमीन पर कान लगाकर बता देते हैं कि नीचे पानी है या नहीं. है तो कितनी गहराई पर है.

मनुष्यों के अलावा अन्य प्राणियों में ऐसी अनुभूति होती है या नहीं ऐसा तभी कहा जा सकता है जब कोई प्राणी ऐसा दावा करे. अलबत्ता पशु-पक्षियों, मछलियों, कीड़ों, चींटियों और कई बार वनस्पतियों के व्यवहार से लोग अनुमान लगाते हैं कि कुछ होने वाला है. बाढ़, आँधी-पानी, भूकम्प और सुनामी की पूर्व जानकारी पक्षियों के व्यवहार से लगती है. कुछ पक्षियों में दिशा ज्ञान जबर्दस्त होता है. वे मौसम बदलने पर एक जगह से दूसरी जगह की हजारों मील की यात्रा करते हैं.

अमेरिका के एक अस्पताल में विचरण करने वाले बिल्ले के बारे में दावा किया गया कि उसे मरीज के मरने का आभास हो जाता है. न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसन ने जुलाई 2007 के अंक में रोड आयलैंड के स्टीयर हाउस नर्सिंग एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में विचरण करने वाले ऑस्कर नाम के इस बिल्ले के बारे में जानकारी दी गई कि यह बिल्ला जिस मरीज के बिस्तरे के नीचे डेरा जमाता है उसकी मौत हो जाती है. कम से कम 25 मरीजों के साथ ऐसा हुआ. उसकी इस ख्याति पर लोगों ने उसे अपने कमरे में घुसने से रोकना शुरू किया. इसपर वह गुर्रा कर और शोर मचाकर अपने गुस्से का इज़हार भी करता था. इसी तरह भूकम्प के पहले चींटियों का निकलना, चूहों का भागना जैसी बातें हैं. इन बातों का तार्किक विवेचन यहाँ सम्भव नहीं है.

इन दिनों चर्चित ड्रोन हमलों से क्या तात्पर्य है?

ड्रोन छोटे-छोटे विमान होते हैं, जो सुदूर नियंत्रण से चलते हैं. यानी इनमें चालक नहीं होते. इन्हें चालक रहित विमान कह सकते हैं. कुछ विमान दूर नियंत्रित होते हैं और कुछ के कम्प्यूटर में मिशन पर जाने से पहले इस प्रकार के निर्देश दर्ज किए जाते हैं कि वे यात्रा मार्ग और काम पूरा करके फिर वहीं वापस लौट आते हैं. ड्रोन इस प्रकार पायलट रहित विमान हैं. ये विमान हथियार लेकर भी जाते हैं और टोही उड़ान पर भी जाते हैं. इनमें कैमरे लगे होते हैं.

आप इन दिनों जिन ड्रोन हमलों के बारे में सुनते हैं वे पाकिस्तान पश्चिमी सीमांत पर तालिबान और अल कायदा के खिलाफ अमेरिकी कारवाई है. सीआईए की स्पेशल एक्टिविटीज डिवीजन इसकी देख-रेख करती है. आमतौर पर एमक्यू1-प्रिडेटर और एमक्यू9-रीपर विमान इन हमलों में शामिल हो रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान सरकार इन हमलों का निन्दा करती है, पर पाकिस्तान के शम्सी एयरफील्ड से ये ड्रोन उड़ान भरते हैं. इन विमानों का नियंत्रण अमेरिका के नेवादा स्थित क्रीच एयरफोर्स बेस से होता है.

बॉडी मास इंडेक्स क्या होता है? आदर्श बीएमआई 20.85 ही क्यों माना जाता है?

बॉडी मास इंडेक्स या बीएमआई व्यक्ति की ऊँचाई और वजन के संतुलन को बताता है. यह सिर्फ इस बात का संकेत देता है कि व्यक्ति का वजन कम या ज्यादा तो नहीं. इस संकेतक का आविष्कार बेल्जियम के वैज्ञानिक एडॉल्फ केटेलेट ने सन 1830 से 1850 के बीच कभी किया. उनके नाम पर इसे केटेलेट इंडेक्स भी कहते हैं. इसे निकालने का आसान तरीका है व्यक्ति अपने वजन को अपनी ऊँचाई के वर्ग मीटर से भाग दे तो जो प्राप्त होगा वह उसका बीएमआई है. आमतौर पर यह इंडेक्स 18.5 से 25 के बीच रहना चाहिए. 25 से ऊपर का अर्थ है व्यक्ति का वज़न ज्यादा है और 18.5 से कम का अर्थ है वज़न कम है. आपने जो संख्या लिखी है वह इन दो के बीच की संख्या है, इसलिए आदर्श है.

ड्रैगन क्या है? यह वास्तविक है या काल्पनिक?
ड्रैगन काल्पनिक प्राणी है. ज्यादातर सभी प्राचीन सभ्यताओं में ड्रैगन जैसे विशाल सर्प, अजगर या डायनोसौर जैसे प्राणी की परिकल्पना मिलती है. ड्रैगन शब्द लैटिन के ड्रैको से बना है. साँप, अजगर जैसे चकत्तेदार खाल वाले, मगरमच्छ और घोड़े जैसे मुख और छिपकली जैसे पैर वाले प्राणी की परिकल्पना यूरोप के अलावा चीनी, जापानी, फारसी और संस्कृत साहित्य में भी मिलती है. यूरोप के ड्रैगन के शरीर में चमगादड़ जैसे डैने भी होते हैं. इधर डायनोसौर जैसे शरीर वाले ड्रैगनों की तस्वीरों और खिलौनों की बाढ़ आई है. कुछ वास्तविकताओं और कुछ कल्पनाशीलता से बना ड्रैगन सम्भवतः: दुनिया का सबसे लोकप्रिय पात्र है.

प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

No comments:

Post a Comment