Sunday, February 7, 2016

क्या कुछ लोगों को मच्छर ज्यादा काटते हैं? ऐसा क्यों?

हाँ ऐसा देखा गया है कि मच्छर कुछ लोगों के प्रति ज्यादा आकर्षित होते हैं। वैज्ञानिक 300 से 400 ऐसी गंधों को खोज रहे हैं जो हमारे शरीर से निकलती हैं और जिनके प्रति मच्छर आकर्षित होते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया है कि मच्छरों के सिर या उनके बदन पर बने एंटेना जैसे अंगों पर ऐसे प्रोटीन होते हैं जो मनुष्य की त्वचा से निकलने वाले कुछ खास रसायनों या गंध के प्रति ज्यादा आकर्षित होते हैं। ये रसायन हमारे शरीर की स्वाभाविक क्रिया के कारण बनते हैं, पर ये मच्छरों के लिए ऐसे नियॉन साइन जैसा काम करते हैं जो अंधेरे में भी चमकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारी साँस से निकलने वाली कार्बन डाई ऑस्काइड, शरीर के तापमान, गर्भवती स्त्रियों, नशे का सेवन करने वालों और रक्त के प्रति भी मच्छर आकर्षित होते हैं। रक्त के अलग-अलग वर्गों से निकलने वाली गंध भी अलग-अलग होती है। गर्भवती स्त्रियाँ सामान्य स्त्री की तुलना में ज्यादा कार्बन डाई ऑक्साइड साँस से छोड़ती हैं। इसके कारण मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं। इस प्रकार के अध्ययन अभी चल ही रहे हैं। 

प्रॉक्सी युद्ध क्या होता है?

प्रॉक्सी माने किसी के बदले काम करना। मुख्तारी, किसी का प्रतिनिधित्व। वह चाहे वोट देना हो या युद्ध लड़ना। दूसरे के कंधे पर बंदूक रखकर लड़ना या लड़ाना। यह युद्ध दो गुटों के बीच हो सकता है। या एक किसी का प्रॉक्सी युद्ध दूसरे से लड़ा जाए।

ब्रॉडबैंड के ज़रिए इंटरनेट कैसे काम करता है?

ब्रॉडबैंड से आशय इंटरनेट ट्रांसमिशन की बैंडविड्थ से है। यानी एक स्थान से दूसरे स्थान तक डेटा भेजने की ऊँची दर। शुरू में इंटरनेट 56 किलोबिट्स प्रति सेकंड की दर से काम करने वाली डायल-अप टेलीफोन लाइन से चलता था। जबकि जबकि ब्रॉडबैंड तकनीक टेलीफोन के उपयोग को छेड़े बगैर इस दर से कई गुना ज्यादा प्रदान करती हैं। हमारे देश में मोटे तौर पर 256 किलोबिट्स से ज्यादा की दर ब्रॉडबैंड के दायरे में आती है, पर अमेरिका में 768 किलोबिट्स प्रति सेकंड या उससे अधिक की दर को ब्रॉडबैंड कहते हैं। यो जैसे-जैसे तेज सेवाएं बढ़ रहीं है ब्रॉडबैंड की परिभाषा बदल रही है। मोटे तौर पर इसका मतलब है ऊँची स्पीड पर इंटरनेट का संचालन। आज किसी भी देश के आर्थिक विकास को उस देश में उपलब्ध ब्रॉडबैंड की स्पीड से भी आँका जाता है।

बर्गर की शुरूआत कब, कहाँ और कैसे हुई?

कहा जाता है कि सन 1904 में सेंट लुई के वर्ल्ड फेयर में पहली बार हैम्बर्गर नज़र आया। पर यह खाद्य पदार्थ उसके पहले से दुनिया में मौजूद था। अठारहवीं सदी में जर्मनी के प्रसिद्ध बंदरगाह से गुजरने वाले नाविक हैम्बर्ग स्टीक लाते थे। इसमें कई तरह के गोश्त के कीमे की परतें होतीं थी। दरअसल बर्गर का नाम ही उस हैम्बर्गर पर पड़ा है। इसके बारे में कुछ कहानियाँ और है। कहते हैं कि किसी के दिमाग में आया कि गोश्त को ब्रैड के दो पीसों के बीच रखकर खाया जाए तो आसानी होगी। और देखते ही देखते यह लोकप्रिय हो गया। सैंडविच और पैटी जैसी इस चीज़ में अलग-अलग किस्म के स्वाद भी पैदा किए जा सकते थे। अमेरिका की ह्वाइट कैसल हैम्बर्गर चेन को इसे लोकप्रिय बनाने का श्रेय जाता है। ह्वाइट कैसल के अनुसार जर्मनी के ओटो क्लॉस ने 1881 में हैम्बर्गर का आविष्कार किया। पर उनके अलावा भी चार्ली नेग्रीन, तुईस लासेन और ऑस्कर वैबर बिल्बी जैसे नाम भी हैं, जिन्हें इसका आविष्कारक माना जाता है। बहरहाल आज के फास्टफूड के ज़माने में इसका आविष्कार सहज था। हमारे देश में वैजीटेबल बर्गर की तमाम प्रजातियाँ विकसित हुईं हैं। मैक्डॉनल्ड का आलू टिक्की बर्गर भारतीय आविष्कार ही माना जाएगा।

फॉरेस्ट हिल नामक स्टेडियम किस खेल से सम्बंधित है?

फॉरेस्ट हिल न्यूयॉर्क सिटी के क्वींस बोरो का इलाका है। वहाँ है फॉरेस्ट हिल टेनिस स्टेडियम। विश्व प्रसिद्ध वेस्टसाइड टेनिस क्लब के पास अनेक स्टेडियम हैं उनमें यह भी एक है। सन 1923 में बना यह स्टेडियम कुछ साल पहले तक खस्ताहाल हो गया था। सन 1975 तक यहाँ अमेरिकी ओपन टेनिस प्रतियोगिता होती थी। हाल में इस स्टेडियम का जीर्णोद्धार किया गया है और अब यहाँ संगीत कार्यक्रम होने लगे हैं।

राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर में प्रकाशित

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