Monday, October 9, 2017

आजाद हिंद फौज का राष्ट्रगान क्या था?

सन 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने जर्मनी और जापान के समर्थन से दक्षिण पूर्व एशिया में ‘आर्ज़ी हुकूमत-ए-आज़ाद हिंद’ यानी स्वतंत्र भारत की कार्यवाहक सरकार की स्थापना की थी। इस सरकार का राष्ट्रगान भी रवीन्द्रनाथ ठाकुर के जन,गण मन की ध्वनि पर आधारित, पर हिंदी में था। इसे ‘शुभ सुख चैन’ गान कहा जाता है। इसे कैप्टेन आबिद अली ने लिखा था और इसकी संगीत रचना राम सिंह ने की थी। इसका पहला छंद इस प्रकार था:-
शुभ सुख चैन की बरखा बरसे , भारत भाग है जागा/पंजाब, सिंध, गुजरात, मराठा, द्राविड़ उत्कल बंगा/चंचल सागर, विंध्य, हिमालय, नीला जमुना गंगा/तेरे नित गुण गाएँ, तुझसे जीवन पाएँ/हर तन पाए आशा/सूरज बन कर जग पर चमके, भारत नाम सुभागा/जय हो! जय हो! जय हो! जय जय जय जय हो!


विश्व जनसंख्या दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व जनसंख्या दिवस हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जनसंख्या सम्बंधित समस्याओं पर वैश्विक चेतना जगाना है। यह 1987 से मनाया जा रहा है। 11 जुलाई, 1987 को विश्व की जनसंख्या 5 अरब को पार कर गई थी। तब संयुक्त राष्ट्र ने जनसंख्या वृद्धि को लेकर दुनिया भर में जागरूकता फैलाने का निश्चय किया। पहला विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 1990 को 90 देशों में मनाया गया। इसके बाद दिसंबर 1990 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव 45/216  पास करके हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का फैसला किया।

ओलिंपिक खेलों में भाग लेने के लिए क्या कोई आयु सीमा भी है?


ओलिंपिक चार्टर के अनुसार कोई आयु सीमा नहीं है। अलबत्ता अलग-अलग खेल संघों ने अपनी तरफ से आयु सीमाएं तय कर रखी हैं। मसलन जिम्नास्टिक्स में 16 साल के कम आयु के प्रतियोगी भाग नहीं ले सकते। सन 2016 के रियो ओलिंपिक में नेपाल की तैराक गौरिका सिंह ने 13 वर्ष की आयु में ओलिंपिक प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया। वे रियो में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी थीं। ओलिंपिक खेलों के इतिहास में सबसे उम्रदराज प्रतिस्पर्धी थे स्वीडन के ऑस्कर स्वॉन, जिन्होंने 1920 की शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। उस वक्त उनकी उम्र थी 72 साल 281 दिन। रियो ओलिंपिक में उज्बेकिस्तान जिम्नास्ट ओक्साना चुसोवितीना सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी थीं। उनकी उम्र थी 41 वर्ष। वे सन 1992 के ओलिंपिक से लगातार भाग ले रहीं थीं।


अगस्त क्रांति का मतलब क्या है?

सन 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ को हम अगस्त क्रांति के नाम से जानते हैं। अगस्त क्रांति आंदोलन की शुरूआत 9 अगस्त 1942 को हुई थी।  द्वितीय विश्व युद्ध में समर्थन लेने के बावजूद जब अंग्रेज़ भारत को स्वतंत्र करने को तैयार नहीं हुए तो महात्मा गांधी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के रूप में आजादी की अंतिम जंग का ऐलान कर दिया। इसकी शुरूआत 8 अगस्त को ही मुम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान में हो गई थी, जहाँ गांधी जी ने अंग्रेजो भारत छोड़ो का ऐलान कर दिया था। उसी रात गांधी समेत तमाम बड़े नेताओं की गिरफ्तारी हो गई। अगले दिन 9 अगस्त को देशभर में आंदोलन शुरू हो गया। 9 अगस्त को ही मुम्बई के उसी मैदान में अरुणा आसफ अली ने तिरंगा फहराया, इसलिए 9 अगस्त के दिन को अगस्त क्रांति दिवस के रूप में जाना जाता है। बाद में मुम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान का नाम अगस्त क्रांति मैदान रख दिया गया।

राष्ट्रपति भवन कब बना था?
नई दिल्ली को राजधानी बनाने का फैसला 1911 में होने के बाद नए निर्माण कार्य शुरू हुए। नए वायसरॉय भवन का काम सन1912 में शुरू हुआ और वह 1929 में बनकर तैयार हुआ। यही वायसरॉय भवन 1947 के बाद राष्ट्रपति भवन कहलाया।



राजस्थान पत्रिका के नॉलेज कॉर्नर के 13 अगस्त 2017 के अंक में प्रकाशित

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