Saturday, October 20, 2012

200 किमी की रफ्तार तक से चलती हैं साइकिलें


लाइटनिंग एफ-40
सबसे तेज़ चलने वाली साइकिल कौन सी है, क्या स्पीड है?
सबसे तेज़ चलने वाली साइकिलें कई तरह की हो सकती हैं। मसलन खेल प्रतियोगिताओं यानी साइकिलिंग वाली साइकिलें और सड़क पर सामान्य रूप से चलने वाली साइकिलें। साइकिल वेलोड्रोम पर चलने वाली स्पोर्ट्स बाइक 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी चल सकती हैं। सड़क पर चलने वाली साइकिलों में अमेरिका की लाइटनिंग एफ-40 इस वक्त सबसे तेज गति से चलने वाली साइकिल है। यों तो स्पीड इस बात पर निर्भर करती है कि कौन चला रहा है, पर इसे 60 किलोमीटर या इससे भी तेज़ गति से चलाया जा सकता है। एक साइकिल की कीमत भारतीय रुपए में करीब साढ़े तीन लाख होगी। कुछ दूसरी साइकिलों में कार्बन एयरो, क्वेस्ट, ट्राइस्लैड और एनेटर के नाम लिए जा सकते हैं। इन पर बैठकर आप पन्द्र-बीसकिलोमीटर से लेकर तीस-चालीस किलोमीटर की यात्रा कर सकते हैं। पर अमेरिका और यूरोप के जिन देशों में ये चलती हैं, वहाँ साइकिलों को चलाने के अलग गलियारे होते हैं।  

तन्दूरी खाना बनाना कहाँ, कैसे शुरू हुआ?
तन्दूर भारत-पाकिस्तान, पश्चिमी और मध्य एशिया के देशों में सबसे ज्यादा प्रचलित है। सबसे पुराने तन्दूरों के अवशेष सिंधु घाटी की सभ्यता में मिले हैं। उसके पुराने अवशेष भी इसी इलाके में मिले हैं। स्वाभाविक है कि तन्दूरी खाना इसी इलाके में शुरू हुआ होगा। पुराने ज़माने में आग के अलाव में खाना सीधे पकाया जाता था। उस आग को घेरकर चारों ओर मिट्टी की दीवारें बनाने का विचार आया होगा। धीरे-धीरे इन दीवारों का इस्तेमाल भी होने लगा।


जुलाई महीने का नाम जुलाई क्यों पड़ा?

हम जिस कैलेंडर में जुलाई के महीने का ज़िक्र कर रहे हैं, उसे ग्रेगोरियन कैलेंडर कहते हैं। इसका एक नाम जूलियन कैलेंडर भी है। इसकी वजह है कि इसे जूलियस सीज़र ने सुधार कर लागू कराया। जूलियस सीज़र के नाम पर ही इस महीने का नाम जुलाई है। यह नाम कैसे पड़ा इसपर बात करने के पहले बता दें कि पहले रोमन कैलेंडर में दस महीने होते थे। मार्च से शुरू होकर दिसम्बर तक। उनके नाम होते थे मार्शियस, एप्रिलिस, मेईयस, जूनियस, क्विंटिलिस, सेक्स्टिलिस, सेप्टेम्बर, ऑक्टोबर, नोवेम्बर और डेसेम्बर। भारी सर्दियों वाले दो महीनों के नाम नहीं होते थे। ईसा पूर्व 700 साल पहले रोम के राजा न्यूमा पोम्पिलस ने इनके नाम जैनुआरिस और फेब्रुआरिस रख दिए। और साल की शुरूआत जैनुआरिस से कर दी। ईपू 46 में जूलियस सीज़र ने साल के महीनों को व्यवस्थित कर दिया। इसके दो साल बाद उनकी हत्या कर दी गई। उनका जन्म क्विंटिलिस महीने में हुआ था। सीज़र के उत्तराधिकारी ऑगस्टस सीज़र ने इस महीने के नाम जुलाई रख दिया। ग्यारह साल बाद जब ऑगस्टस का निधन हुआ तो उनकी याद में सेक्स्टिलिस महीने का नाम ऑगस्ट रख दिया गया।

सुपर ह्यूमन किसे कहते हैं? विश्व में कितने सुपर ह्यूमन हैं?
सुपर ह्यूमन का अर्थ है जो अति-मानव या महा-मानव जो सामान्य मनुष्य से कहीं ज्यादा शक्तियों से लैस है। यह एक विशेषण है, संज्ञा नहीं। यानी कोई यह तय नहीं करता कि सुपर ह्यूमन कौन हैं। आप गौतम बुद्ध, ईसा मसीह, मुहम्मद साहब से लेकर महात्मा गांधी और मदर टेरेसा तक को सुपर ह्यूमन कह सकते हैं।
सचिन तेन्दुलकर की राज्यसभा में क्या भूमिका रहेगी?
राज्यसभा के सदस्य की जो सामान्य भूमिकाएं होती हैं, उन्हें वे भी निभाएंगे। सदन में विभिन्न विषयों पर अपनी राय देना तथा सार्वजनिक जीवन में योगदान करना वगैरह।

विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता कौन सी है?
इस विषय पर एक राय नहीं है। भारत की सिंधु घाटी की सभ्यता के अलावा मिस्र, मेसोपोटामिया, चीन, यूनान, रोम वगैरह कीप्राचीन सभ्यताएं हैं। अलबत्ता इतना ज़रूर लगता है कि सिंधु घाटी की सभ्यता दुनिया की सबसे पुराने शहरी सभ्यता है। यानी शहरों को इतने सुनियोजित ढंग से बसाने के सबसे पुराने उदाहरण वहाँ से ही मिले हैं।  

इलेक्ट्रॉनिक सिटी ऑफ इंडिया किसे कहा जाता है और क्यों?
सामान्यतः बेंगलुरु और हैदराबाद को कहते हैं। यों पुणे और नोएडा को भी कहा जा सकताहै।

स्कूली शिक्षा में ऐसा क्या पढ़ाया जा सकता है जिससे बच्चों का गुस्सा कम हो?
पहले यह देखना होगा कि बच्चों में गुस्सा किस बात से है। स्कूली शिक्षा उन्हें बेहतर नागरिक बनाने के लिए होती है, पर कई बार स्कूल में अध्यापकों के व्यवहार से वे खुश नहीं होते। या घर से काफी दूर स्कूल होने के कारण आने-जाने की दिक्कतों के कारण उनमें चिड़चिड़ापन आ जाता है। बच्चों का मन कोमल होता है। उन्हें प्रेम और दोस्ताना तरीके से समझाना ही उचित होता है।

शादी की परम्परा कहाँ, कैसे शुरू हुई?
विवाह नाम की संस्था लिखित तथा ज्ञात इतिहास के पहले की है। यह संस्था अपने आप अचानक किसी दिन शुरू नहीं हुई होगी, इसका विकास हुआ होगा। इसके साथ कुछ दूसरी संस्थाओं का विकास भी हुआ होगा। यानी राज्य, व्यक्तिगत सम्पत्ति, समाज और धर्म वगैरह। आदिम अवस्था में बच्चों की देखभाल एक स्तर तक माताएं करती होंगी। फिर जनजातीय या कबाइली समाजों में सामूहिक परिवार रहे होंगे। आज भी कई मातृ-प्रधान समुदाय मिलते हैं, जिनमें बच्चों की पहचान माँ से होती है। बहरहाल व्यक्तिगत सम्पत्ति के कारण विरासत के मामले भी उठे होंगे। विवाह के नियम धर्म ने बनाए और उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी राज्य ने ली। यह सब सभ्यताओं के जन्म लेने के पहले हो गया होगा। 
एफएम गोल्ज के कार्यक्रम बारिश सवालों की में शामिल

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